Date: 2026-01-28Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
जनपद बुलन्द शहर में नरौरा बैराज पर स्थित निरीक्षण भवन नं0-1, 2 एवं 3 के पुनरोद्धार कार्य की परियोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सम्बन्ध में।
ज़रूर, यहाँ अनुरोधित संरचना का उपयोग करके नीति पाठ का सारांश दिया गया है:
**कार्यकारी सारांश**
यह दस्तावेज़ बुलन्दशहर जिले में नरौरा बैराज पर स्थित निरीक्षण भवन संख्या 1, 2 और 3 के पुनरोद्धार परियोजना के लिए प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी प्रदान करता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 60 लाख रुपये की राशि आवंटित की गई है, जिसके तहत परियोजना के कार्यों को कुछ नियमों और शर्तों के अधीन किया जाएगा। यह आदेश वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में अनुदान संख्या 94 लेखा शीर्षक 4700970511014 से संबंधित है।
**मुख्य बातें**
* **सामान्य शर्तें:**
* परियोजना शुरू होने से पहले सक्षम स्तर से तकनीकी मंजूरी प्राप्त की जानी चाहिए और वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6 के अध्याय-12 के प्रस्तर-318 के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जायेगी तथा सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात् ही कार्य प्रारम्भ किया जायेगा।
* स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्य के लिए किया जाना चाहिए। अनियमितताओं के लिए प्रमुख अभियन्ता और विभागाध्यक्ष जिम्मेदार होंगे।
* आहरित धनराशि को बैंक/डाकघर/पीएल/डिपॉजिट खाते में जमा नहीं किया जाना चाहिए।
* लागू कानूनों और विनियमों के अनुसार सभी आवश्यक वैधानिक अनापत्तियां और पर्यावरणीय स्वीकृतियां प्राप्त की जानी चाहिए।
* व्यय वित्त समिति द्वारा लगाई गई शर्तों का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए।
* विभाग अधिष्ठान व्यय की धनराशि समय-समय पर स्वीकृत / आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष जमा की जायेगी।
* **वित्तीय प्रतिबद्धताएं:**
* परियोजना के लिए कुल अनुमानित लागत 173.10 लाख रुपये है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 60 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।
* धनराशि को एकमुश्त नहीं निकाला जाना चाहिए बल्कि जरूरत के अनुसार निकाला जाना चाहिए।
* **अन्य अपेक्षाएँ:**
* श्रम विभाग को 1% श्रम उपकर का भुगतान किया जाना चाहिए।
* विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि यह कार्य पहले से किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अन्तर्गत स्वीकृत नहीं है।
* प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति (डुप्लीकेसी) को रोकने की दृष्टि से प्रायोजना की स्वीकृति से पूर्व विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना/ कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य योजना/ कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है।
**प्रभाव विश्लेषण**
**प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र0, लखनऊ।**
* **प्रभाव:** वे परियोजना को लागू करने और शर्तों का पालन करने के लिए जिम्मेदार हैं।
* **आवश्यक कार्रवाई:** परियोजना के कार्यान्वयन की निगरानी करें, सभी शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करें और आवश्यक कानूनी मंजूरियां प्राप्त करें।
**वित्त नियंत्रक, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र0, लखनऊ।**
* **प्रभाव:** वित्त नियंत्रक परियोजना के खर्च के संबंध में सरकारी आदेशों और नियमों के अनुपालन की निगरानी करेंगे।
* **आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करें कि निधि का उपयोग नियमों के अनुसार किया जाता है।
Key Entities Referenced
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र०: उत्तर प्रदेश का सिंचाई और जल संसाधन विभाग, जो परियोजना के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार है।
नरौरा बैराज: बुलंदशहर जिले में स्थित नरौरा बैराज, जहां निरीक्षण भवनों का पुनरोद्धार किया जाना है।
वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6: वित्तीय हस्तपुस्तिका का खंड-6 जो परियोजनाओं की वित्तीय व्यवस्था के लिए दिशा निर्देश प्रदान करता है।
शासनादेश संख्या-ए-2-23/ दस-2011-17(4)/ 75, दिनांक 25.01.2011: अधिष्ठान व्यय से संबंधित दिशा निर्देश।
बुलन्दशहर: जनपद जहाँ नरौरा बैराज स्थित है और जहाँ परियोजना संचालित है।
संख्या-36/ 2026/ 00॥ 39/ 26-27-FH-9-2 भवन/ 26
प्रेषक,
राजीव कुमार वत्स,
संयुक्त सचिव,
उ0प्र0 शासन।
सेवा में,
प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष,
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग,
30U0, लखनऊ।
सिंचाई एवं जल संसाधन अनुभाग-9 लखनऊ: दिनांक 28 जनवरी, 2026
विषय:- जनपद बुलन्दशहर A नरौरा बैराज पर स्थित निरीक्षण भवन ao-4, 2 एवं 3 के Y की
परियोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सम्बन्ध में।
महोदय,
उपर्यक्त विषयक मुख्य अभियन्त्ता(अग्रिम नियोजन), सिंचाई एवं जल संसा' OW0 लखनऊ के
पत्र GeM-2457/ 223/ परियोजना/ कैम्प/ बजट, दिनांक 6.0:.2026 & wa में उ
कि जनपद बुलन्दशहर में नरौरा बैराज पर स्थित निरीक्षण भवन =0-4, 2
की अनुमोदित रू0 (73.i0 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति नि
में अनु0 सं0-94 सिंचाई विभाग (निर्माण कार्य) पूँजीलेखा पक्ष के, |
पोषित सिंचाई परियोजना हेतु एकमुश्त व्यवस्था (नई) के
रू0 60,00,000.00 (रूपये साठ लाख मात्र) परियोजना
निम्नलिखित शर्तों के
का निदेश हुआ है
az कार्य की परियोजना
चालू वित्तीय वर्ष 2025-26
-05-0-4-24 राज्य वित्त
धनराशि BO 5000.00 ara A से
व्यय वहन हेतु आपके निवर्तन पर
अधीन रखे जाने की श्री राज्यपाल | प्रदान करते हैं:-
नियम व शर्तें / प्रतिबन्धों
() प्रश्नगत कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय , खण्ड-6 के 3A- 2 UAL-38 में वर्णित
व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर Fi तकनीकी स्वीकृति अवश्य Wa कर ली जायेगी तथा सक्षम
स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त [ ही कार्य प्रारम्भ किया जायेगा।
(2) मात्राओँ को निर्माण केसमय ये जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व. कार्यदायी संस्था / विभाग का
होगा। ब
(3) प्रायोजना का निर्मा मय॑ पूर्ण करा लिया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
(4) स्वीकृत य हस्तपुस्तिकाओं के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत
शासनादेशों में F | का अनुपालन करते हुये समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जायेगा।
हु स्वीकृत प्रयोजन पर ही किया जायेगा, अन्यथा की स्थिति में किसी प्रकार की
इसका समस्त उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष का होगा।
कोषागार से एकमुश्त न आहरित कर आवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय किया जायेगा
धनराशि बैंक/ डाकघर/ पीएल/ डिपाजिट खाते में न रखी जाय।
(7) विभाग द्वारा नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेन्स सक्षम स्तर से
प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाए।
(8) प्रयोजनान्तर्गत पी0एफ0ए0डी/ व्यय वित्त समिति द्वारा लगायी गयी शर्तों का पूर्णत: अनुपालन सुनिश्चित
किया जायेगा।
(9) विभाग अधिष्ठान व्यय की धनराशि समय-समय पर स्वीकृत/ आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष जमा
की जायेगी। अधिष्ठान व्यय वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश संख्या-ए-2-23/ GA-2044-47(4)/ 75,
दिनांक 25.07.20i के साथ पठित शासनादेश AEAT-V-2- (606/ Ga-204-7(4)/ 75, दिनांक 7.7.20/4
द्वारा जारी विस्तृत दिशा निर्देशों के अनुसार कार्यवाही की जायेगी।
i- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है(i0) 4 प्रतिशत लेबर सेस की धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को sera धनराशि का भुगतान
किया जायेगा।
(i) प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति (इप्लीकेसी) को रोकने की दृष्टि से प्रायोजना की स्वीकृति से
पूर्व विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना/ कार्यक्रम के अन्तर्गत न
तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य योजना/ कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है।
((2) विभाग द्वारा वित्त (आय-व्ययक) HGHT-7 के कार्यालय AT संख्या-6/ 2025/ M-4-352/aqe-2025-
23॥ 2025 दिनांक 27.03.2025 एवं वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश संख्या-॥ 2023/ ए-2-60/ दस-
2023-7(4)/ 75, दिनांक 7.05.2023 एवं शासनादेश संख्या-2/ 2023/ ए-2-66/ GA-2023-7(4)/ 75,
दिनांक (9.05.2023 में वित्तीय स्वीकृतियां निर्गत किये जाने के सम्बन्ध में दिये गये दिशा निर्देशों का
अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
2- इस सम्बन्ध में होने वाला व्यय रूपये 60,00,000.00 (रूपये साठ लाख मात्र) को य वर्ष
2025-26 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-94-लेखा eiWep-47009705i074 सम्बद्ध कार्य म 24 वृहत्
निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा। :
3- यह आदेश वित्त (आय-व्ययक) AqHT- के कार्यालय ज्ञाप संख्या-6 -352/ दस-2025-
23॥ 2025 दिनांक 27.03.2025 में प्रशासकीय विभाग को उक््तवत् प्रतिनिधानित + के अन्तर्गत निर्गत
किये जा रहे हैं।
भवदीय,
राजीव कुमार वत्स
संयुक्त सचिव।
संख्या एवं तददिनांक।
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं
+ प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम, WO, प्रयागराज।
2- महालेखाकार (लेखा परीक्षा) प्रथम, 50
3- प्रमुख अभियन्ता(परियोजना), सिंचाई A विभाग, S000, लखनऊ।
4- मुख्य अभियन्ता (बजट)/ (HT सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र0, लखनऊ।
5- मुख्य अभियन्ता (WHIT) ye जल संसाधन विभाग, उ0प्र0, कानपुर।
6- वित्त नियंत्रक, Re विभाग, 50प्र0, लखनऊ।
7- अनु सचिव(लेखा) एवं नोडल अधिकारी, ऑन लाइन बजट आवंटन, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र0
शासन।
8- मुख्य प्रणाली संगठन)/ नोडल अधिकारी, 0७॥5 पोर्टल, सिंचाई एंव जल संसाधन विभाग,
ठ0प्र
9- दि FATT अनुभाग-8, 50प्र0शासन।
0-
आज्ञा से,
जगराम यादव
उप सचिव।
i- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है