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Date: 2018-08-09 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

राज्य सरकार के नियत्रंणाधीन सार्वजनिक उपक्रमों/निगमों द्वारा शासकीय प्रत्याभूति के विरूद्ध जारी बन्ध पत्रों के संबंध में मा. उच्चो न्यायालय के आदेश के अनुपालन में ऋण देयता हेतु रू0 25.00 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश** यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम (यूपीएफसी) को ब्याज मुक्त ऋण के रूप में ₹25.00 करोड़ की धनराशि प्रदान करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की मंज़ूरी का प्रतिनिधित्व करता है। यह स्वीकृति रिट याचिका संख्या-1760(एमबी)/2011 (सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ ट्रस्टीज़ एम्प्लॉइज़ प्रोविडेंट फ़ंड बनाम उत्तर प्रदेश सरकार और अन्य) के अनुपालन में यूपीएफसी की प्रत्याभूतित ऋण देयताओं को निपटाने के लिए है, जैसा कि उच्च न्यायालय द्वारा निर्देशित किया गया है। यह आदेश वित्त विभाग की मंजूरी से जारी किया गया है, जैसा कि 8 अगस्त, 2018 के पत्रांक संख्या बी-4-81/दस-2018 के सरकारी नोट से पता चलता है। **मुख्य बातें** * **धनराशि स्वीकृति और आवंटन:** * यूपीएफसी को ₹25.00 करोड़ की राशि दी गई है। * यूपीएफसी द्वारा इस राशि का उपयोग रिट याचिका संख्या 1760(एमबी)/2011 के लिए ऋण देयताओं के निपटान के लिए किया जाना चाहिए। * उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम स्वीकृत राशि निकालकर उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को उपलब्ध कराएगा। * प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा हस्ताक्षरित उपयोगिता प्रमाणपत्र वित्त विभाग/औद्योगिक विकास विभाग को उपलब्ध कराया जाना है। * **वित्तीय शर्तें और बजट:** * यह ऋण सहायता वित्तीय वर्ष 2018-2019 के बजट में वित्त विभाग की अनुदान संख्या 61 के तहत, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों/निगमों/स्वायत्तशासी संस्थाओं के वित्तीय पुनर्गठन के लिए ऋण सहायता शीर्षक के तहत उपलब्ध है। * इस राशि को ब्याज मुक्त ऋण के रूप में दिया जाएगा। * इस ऋण का पुनर्भुगतान अधिकतम 7 वर्षों में किया जाना है, जिसमें गुण-दोष के आधार पर 2 वर्ष की मोहलत अवधि शामिल है। * **भुगतान प्रोटोकॉल:** * उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम संबंधित बांडधारकों को चेक/आरटीजीएस (इलेक्ट्रॉनिक) के माध्यम से देय राशि का भुगतान करेगा। **प्रभाव विश्लेषण** **हितधारक:** उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम (यूपीएफसी) **प्रभाव:** यूपीएफसी रिट याचिका संख्या-1760(एमबी)/2011 को संबोधित करते हुए अपनी बकाया ऋण देयताओं का निपटान करने में सक्षम होगा। **आवश्यक कार्रवाई:** उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को यह सुनिश्चित करना होगा कि फंड का उपयोग केवल निर्दिष्ट उद्देश्य के लिए किया गया है, संबंधित बांड धारकों को देय राशि का भुगतान किया जाए, उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा किए जाएं और ऋण पुनर्भुगतान शर्तों का पालन किया जाए। **हितधारक:** उत्तर प्रदेश सरकार (वित्त विभाग और औद्योगिक विकास विभाग) **प्रभाव:** सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि यूपीएफसी उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में अपनी ऋण देयताओं का निपटान करे। **आवश्यक कार्रवाई:** वित्त विभाग को बजट आवंटन की निगरानी करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यूपीएफसी सरकार द्वारा प्रदान की गई धनराशि का उपयोग करता है और औद्योगिक विकास विभाग को उपयोगिता प्रमाणपत्र के साथ-साथ प्रगति की निगरानी करनी चाहिए। **हितधारक:** बांडधारक (सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ ट्रस्टीज़ एम्प्लॉइज़ प्रोविडेंट फ़ंड) **प्रभाव:** बांड धारकों को यूपीएफसी से अपने बकाया ऋण का भुगतान प्राप्त होगा। **आवश्यक कार्रवाई:** देय राशि प्राप्त करें।

Key Entities Referenced

उच्च न्यायालय: उच्च न्यायालय के 22-02-2011 के आदेश के अनुपालन में ऋण देयता का निपटान उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम: प्रत्याभूतित ऋण देयताओं के निपटारे के लिए धनराशि प्राप्त करने वाला निगम रिट याचिका संख्या-1760(एमबी)/2011(सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज इम्प्लाईज प्रॉविडेन्ट फण्ड बनाम उत्तर प्रदेश सरकार एवं अन्य): रिट याचिका जिसके संबंध में न्यायालय का आदेश दिया गया है। उत्तर प्रदेश शासन: सरकारी प्राधिकरण जो स्वीकृति जारी कर रहा है औद्योगिक विकास अनुभाग-6: शासनादेश जारी करने वाला अनुभाग
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GeA:28/20 8/XE-84/77-6-8-8(Ssey)/2074 8/2078/Xc-84/77-6-8-8(Seed)/2074 प्रेषक, अंकित कुमार अग्रवाल, विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ: दिनांक 09 अगस्त, 208 विषय- राज्य सरकार के नियत्रंणाधीन सार्वजनिक उपक्रमों/निगमों दूवारा शासकीय प्रत्याभूति के विरूदूध जारी seer पत्रों के संबंध में मा. उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में ऋण देयता हेतु BO 25.00 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति। महोदय, उपर्युक्त विषयक ARCS प्रबन्धक]| तकनीकी, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम के पत्र संख्या- 43/fate/erata0/208-49 दिनांक (2-07-20i8 के संदर्भ में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि Re याचिका संख्या-4760(एमबी)/207(सेन्ट्रल ss ऑफ ट्रस्टीज इम्प्लाईज प्रॉविडेन्ट फण्ड बनाम उत्तर प्रदेश सरकार एवं अन्य) में मा0 उच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 22-02-20i के अनुपालनार्थ उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम की प्रत्याभूतित ऋण देयता के निपटारे के लिए धनराशि रू. 25.00 करोड़ (रूपये पचीस करोड़ मात्र) का ब्याज रहित ऋण उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम के पक्ष में निम्नलिखित शर्तों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- (|) उक्त धनराशि आहरित कर उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को उपलब्ध करायी जाएगी। प्रबन्ध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित उपयोगिता प्रमाण पत्र वित्त विभाग/ औद्योगिक विकास विभाग को उपलब्ध कराया जायेगा। (2) प्रस्तावित ऋण सहायता वर्ष 208-9 के बजट A वित्त विभाग की अनुदान संख्या 64 के लेखा शीर्षक-6075-विविध सामान्य सेवाओं के लिए-कर्ज-800-अन्य कर्ज-03 सार्वजनिक उपक्रमों/निगमों/स्वायत्‌तशासी संस्थाओं के वित्तीय पुनर्गठन के लिए ऋण सहायता-30- निवेश/ऋण के ATA डाला जायेगा। (3) उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम दूवारा उक्त स्वीकृत धनराशि का उपयोग Re याचिका संख्या-।760(एमबी)/20(सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज इम्प्लाईज प्रॉँविडेन्ट फण्ड बनाम I- US शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |-2- उत्तर प्रदेश सरकार एवं अन्य) में AO उच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 22-02-20 के अनुपालन में उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम की प्रत्याभूतित ऋण देयताओं के निपटारे के लिए ही किया जायेगा। (4) उत्तर Yer वित्तीय निगम द्वारा सम्बन्धित st पत्र धारकों को चेक/आर.टी.जी.एस. (इलेक्ट्रानिक) माध्यम से देयताओं सम्बन्धित धनराशि भुगतान किया जाएगा। (5) यह धनराशि/वित्तीय सहायता ब्याज रहित ऋण के रूप में उपलब्ध करायी जायेगी। ऋण की वापसी अधिकतम 7(सात) वर्षों में की जायेगी, जिसमें 2 वर्ष का मॉरिटोरियम भी गुण दोष के आधार पर दिया जा सकता है। (6) यह... आदेश. faca विभाग... के... अशासकीय ... संख्या-बी-4-8/दस-208 दिनांक 8 अगस्त, 20i8 में प्राप्त उनकी सहमति से जारी किए जा रहे है। भवदीय, (अंकित कुमार अग्रवाल) विषेश सचिव AGAM:28/208/RE-84()/77-6-8-8(Ssez/20 laa eaten प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रषित- |- .... महालेखाकार, उ.प्र., इलाहाबाद। 2- मुख्य कोषाधिकारी, HTT | 3- ... प्रबन्ध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम कानपुर। 4- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय परियोजना, जवाहर भवन, लखनऊ। 5- .... वित्त (आय-व्यय) अनुभाग-4/4 6-.... वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 7-.... नियोजन अनुभाग-4/4 8-... औद्योगिक विकास अनुभाग-2 9- गार्ड फाइल हेतु आज्ञा से, (अंकित कुमार अग्रवाल) विषेश सचिव I- US शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |

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