Home India सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग जाजऊ राजवाह के किमी0 4.845 से किमी0 6.883 व किमी0 10.910 से ...
Date: 2026-01-29 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

जाजऊ राजवाह के किमी0 4.845 से किमी0 6.883 व किमी0 10.910 से किमी0 11.600 तक नहर की बांयी पटरी सेवामार्ग पर खरंजा नवनिर्माण के कार्य की परियोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति।

Issued by सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग · सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**Executive Summary** This document is a government order from the Uttar Pradesh government, issued on January 29, 2026, approving the administrative and financial sanction for the project of renovating the "kharanja" (paved path) on the left bank service road of the Jajau Rajwaha canal, between specific kilometer markers. The total project cost is Rs 63.09 lakh, with an initial release of Rs 50.47 lakh for the financial year 2025-26. The order outlines various terms and conditions for the sanctioned funds' utilization. **Key Points / Main Content** * **Project Approval and Funding:** * Administrative and financial approval is granted for the "kharanja" renovation project. * The total project cost is Rs 63.09 lakh. * An initial amount of Rs 50.47 lakh is released for expenditure in the financial year 2025-26. * **Technical and Quality Control:** * Technical approval must be obtained at a competent level before commencing work. * The Chief Engineer is responsible for the specifications, standards, and quality of the work. * The work must be completed within the specified timeframe with quality assurance. * **Fund Management:** * The sanctioned amount should be withdrawn as per requirement, and not in a lump sum. * The withdrawn amount should not be kept in bank/deposit accounts. * **Compliance and Regulations:** * Financial rules, regulations, and government orders issued by the finance department must be strictly followed. * Expenditure must be incurred only for the sanctioned purpose and head. * The department will be responsible for any irregularities. * Statutory objections and environmental clearances should be obtained before starting construction. * **Reporting and Monitoring:** * Utilization certificates should be provided in the prescribed format. * The conditions put forth by the departmental technical committee must be fully complied with. * Quantity to be constructed should be ensured during the construction. * Details of expenditure on the project, in form BM-8 should be available to Finance Department & Government monthly. * **Additional Directives:** * The directives given in order no. 01/2023/ए-2-60/दस-2023-17(4)/75 Dated 17.05.2023 and order no. 02/2023/ए-2-66/दस-2023-17(4) / 75 Dated 19.05.2023 regarding percentage charges, construction cost and financial management related to financial approval should be followed. * Funds allocated for the installation should be deposited in proportion to the amount being approved/allocated from time to time. * 1% labor cess amount should be paid to Labour Department. * Chief Engineer and Head of Department should ensure to avoid duplication of work that the project should not have been sanctioned or included in any other project. * The amount of Rs 50,47,000/- will be debited against the budget head- 4700970511014. **Impact Analysis** **Key Stakeholders:** * **Chief Engineer (Project) and Irrigation and Water Resources Department, U.P., Lucknow:** * **Impact:** Responsible for overseeing project implementation and ensuring adherence to financial and technical guidelines. * **Action Required:** Ensure project starts only after technical approval, monitor quality, manage funds according to regulations, and submit required reports. * **Finance Department, Government of Uttar Pradesh:** * **Impact:** Responsible for overseeing fund disbursement and compliance with financial regulations. * **Action Required:** Monitor expenditure reports, ensure adherence to financial guidelines and audit the project accounts. * **Construction Agency/Department:** * **Impact:** Responsible for executing the "kharanja" renovation project. * **Action Required:** Ensure project starts only after technical approval, monitor quality, manage funds according to regulations, follow all guidelines, and ensure quality control. * **Local Community:** * **Impact:** Beneficiaries of the renovated "kharanja" (paved path). * **Action Required:** N/A

Key Entities Referenced

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ०प्र०, लखनऊ: Irrigation and Water Resources Department, Uttar Pradesh, Lucknow; primary department responsible for the project. जाजऊ राजवाह: Jajau Rajwah; the canal system where the construction project is to take place. वित्तीय नियम संग्रह भाग -6 के अध्याय 12 के प्रस्तर- 318: Chapter 12, Paragraph 318 of the Financial Rules Collection, Part-6; this regulates the technical approval process required before starting the project. उत्तर प्रदेश बजट मैनुअल के प्रस्तर-12: Paragraph 12 of the Uttar Pradesh Budget Manual; this specifies conditions related to financial prudence and integrity. वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या: 6/2025/बी-1-352/दस-2025-231/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025: Office Memorandum of the Finance Department regarding issuing financial approvals and directives.
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संख्या-74/2026/6557/25-27-सिं ०-4-004-400-डब्ल्यू-परि0-2025 रमा Plead वर्मा, संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन | सेवा में, प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उऊ०प्र०, लखनऊ | सिंचाई एवं जल संसाधन अनुभाग-4 लखनऊ: दिनांक 29 जनवरी, 2026 विषय: जाजऊ राजवाह के किमी0 4.845 से किमी0 6.883 व किमी0 40.940 से किमी0 44.600 तक नहर की बांयी पटरी सेवामार्ग पर खरंजा नवनिर्माण के कार्य की परियोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति। महोदय, उपर्युक्त विषयक प्रमुख अभियन्‍ता (परियोजना), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ०प्र०, लखनऊ के पत्र संख्या- 2024/2470/परियोजना / कैम्प / बजट, दिनांक 24.42.2025 के प्रस्ताव तथा सिंचाई एवं जल संसाधन अनुभाग-9 के पत्र संख्या- 374/25-27-f-9-630EUd/2I, दिनांक 08.42.2025 द्वारा स्वीकृत कार्य-योजना के क्रम में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि "जाजऊ राजवाह के किमी0 4.845 से किमी0 6.883 व किमी0 40.940 से किमी0 74.600 तक नहर की बांयी पटरी सेवामार्ग पर खरंजा नवनिर्माण के कार्य की परियोजना" लागत रू0 63.09 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-94-लेखाशीर्षक 4700-97-054-40-44-24 “राज्य वित्त पोषित नई सिंचाई परियोजना हेतु एकमुश्त व्यवस्था” में प्राविधानित बजट धनराशि रू०5000.00 ara में से उक्त परियोजना हेतु धनराशि Ko 50.47 लाख ( रुपये पचास लाख सैंतालीस हजार मात्र ) को प्रथम किश्त के रूप में चात्रू वित्तीय वर्ष 2025-26 में परियोजना के कार्यों पर व्यय करने हेतु अवमुक्त किये जाने के लिए निम्नलिखित शर्तो/प्रतिबन्धों के अधीन श्री राज्यपाल सहर्ष वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हैं :- नियम व शर्तें / प्रतिबन्ध I. प्रश्षगत परियोजना के कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय नियम संग्रह भाग -6 के अध्याय - ॥2 के प्रस्तर- 3॥8 में वर्णित व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्रास कर ली जायेगी तथा सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्रास होने के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। 2. परियोजना के अन्तर्गत सम्मिलित कार्यों की विशिष्टियाँ, मानक/गुणवत्ता का दायित्व सम्बन्धित मुख्य अभियन्ता का होगा। उनके द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि कार्य निर्धारित समय-सीमा के अन्तर्गत गुणवत्ता के साथ पूर्ण कर लिए जाएं। 3. स्वीकृत धनराशि एकमुश्त न आहरित कर कार्य की आवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय की जायगी तथा आहरित धनराशि बैंक/डिपाजिट खाते में नहीं रखी जायेगी। 4. वित्त विभाग के कार्यालय AM संख्या: 6/2025/aHl--352/GH-2025-23/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 में वित्तीय स्वीकृतियां निर्गत किये जाने के सम्बन्ध में दिए गये दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये तथा वित्तीय हस्तपुस्तिकाओं के सुसंगत प्राविधानों एवं समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जाएगा। 5, स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिका के सुसंगत प्राविधानो, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शामनादेशों के अनुरूप किया जायेगा तथा मितव्ययिता के सम्बन्ध में वित्त विभाग द्वारा समय-समय पर निर्गत शासनादेशों में निहित प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। 6. विभाग द्वारा प्रश्नगत धनराशि जिस कार्य / मद में स्वीकृत की जा रही है उसका व्यय प्रत्येक दशा में उसी कार्य / मद में किया जायेगा, अन्यथा की स्थिति में किसी प्रकार की अनियमितता के लिए इसका समस्त उत्तरदायित्व विभाग का होगा। 7. विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश बजट मैनुअल के weat-i2 A दी गयी शर्तों की पूर्ति तथा वित्तीय औचित्य के मानकों (स्टैण्डडर्स आफ फाइनैन्शियल प्रोप्राइटी) का अनुपालन भी सुनिश्चित किया जायेगा। 8. विभाग द्वारा वैधानिक आपत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लियरेंस सक्षम स्तर से प्रासि करके ही परियोजना निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जायेगा।प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि का उपभोग इसी वितीय वर्ष में कर लिया जाय तथा कार्य सम्पादन के अनुरूप उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रत्येक दशा में शासन को निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाय। विभागीय तकनीकी समिति की बैठक में त्रगायी गयी शर्तों का विभाग द्वारा पूर्ण रूप से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा | प्रायोजना पर मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किए जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यदायी संस्था» विभाग का होगा। परियोजनान्तर्गत सेन्टेज चार्जेज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण ama तथा वित्तीय स्वीकृति से सम्बन्धित वित्तीय प्रबन्धन के सम्बन्ध में वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश ALA-0l/2023/U-2-60/Ga-2023-47(4)/75 दिनांक 7.05.2023 तथा शासनादेश संख्या-02/ 2023/ए-2-66/दस-2023-77 2 (4) /75 दिनांक 9.05.2023 & निहित दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। परियोजनान्तर्गत अधिष्ठान व्यय की धनराशि समय-समय पर स्वीकृत / आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष जमा की जायेगी। अधिष्ठान व्यय वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश WO-V-2-23/qa-200-7(4)/75 दिनांक 25.0i.20I के साथ पठित शासनादेश AEA-V-2-606/Ga-20I4-7(4)/ 75, दिनांक ॥ नवम्बर, 204 द्वारा जारी विस्तृत दिशा निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी | । प्रतिशत लेबर Ge की धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का भुगतान किया जायेगा। प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति (इप्लीकेसी) को रोकने की दृष्टि से प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना / कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य योजना»कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। कार्य पूर्ण होने पर कार्य के सम्परीक्षित लेखे तथा प्रश्नगत परियोजना हेतु अवमुक्त की गयी धनराशि के व्यय का विवरण निर्धारित प्रपत्र बीएएम0-8 पर वित्त विभाग एवं शासन को प्रतिमाह निश्चित रूप से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा। इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 50,47,000 ( रुपये पचास लाख सैंतालीस हजार मात्र ) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 094 लेखा शीर्षक 4700970544044 सम्बद्ध कार्य मानक मद 24 ged निर्माण कार्य के aa डाला जायेगा। 3- यह आदेश वित्त (आय - व्ययक ) अनुभाग - ॥ के कार्यालय AT संख्या - 6/2025/dl--352/4a-2025-23/2025, दिनाँक- 27-मार्च, 2025 में प्रशासकीय विभाग को उक्तवत प्रतिनिधानित अधिकार के अंतर्गत निर्गत किये जा रहे है। भवदीय, रमा कान्‍त वर्मा संयुक्त सचिव | ECAT-74/2026/655P/25-27-To-4-004 -00-SerY-UhR0-2025, तद्दिनांक प्रतिल्षेपि-निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित: - महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी प्रथम»द्वितीय), उ0प्र0, प्रयागराज। महालेखाकार (लेखा परीक्षा) प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0, प्रयागराज | प्रमुख अभियन्ता (GRO एवं नियो0), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, SOW, लखनऊ। प्रमुख sea (परियोजना), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र0, लखनऊ | मुख्य अभियन्ता (बजट), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, 50प्र0, लखनऊ। मुख्य अभियन्ता (अग्रिम नियोजन), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, 50प्र0, लखनऊ। मुख्य अभियन्ता स्तर- (पश्चिम), मेरठ/मुख्य अभियन्ता (यमुना), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, ओखला। मुख्य/वरिष्ठ कोषाधिकारी, आगरा, SWo| वित्त नियंत्रक, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र0, लखनऊ। वित्त व्यय नियंत्रण अनुभाग-8/ नियोजन अनुभाग-3/सिंचाई एवं जल संसाधन अनुभाग-9 नोडल अधिकारी /अनुसचिव (लेखा),सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग,50प्र0 शासन,लखनऊ।| गार्ड फाईलत। आज़ा से, रमेश चन्द्र अनु सचिव |

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