Date: 2026-02-28Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
जनपद बुलन्दशहर में खुर्जा-पहासू-छतारी मार्ग (राज्य मार्ग सं0-63) के चैनेज 0.000 से 34.665 तक में चौड़ीकरण एवं सुदृढीकरण कार्य (लम्बाई 34.665 किमी0) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सम्बन्ध में।
**Executive Summary**
This document details the administrative and financial approval for the widening and strengthening of the Khurja-Pahasu-Chhatari road (State Highway 63) in Bulandshahr district, Uttar Pradesh, from chainage 0.000 to 34.665 km, spanning a length of 34.665 km. The total approved cost for the project is ₹10831.22 lakh, with ₹3790.93 lakh allocated for the financial year 2025-26. The project is slated for completion within 18 months.
**Key Points / Main Content**
* **Project Approval and Funding**
* Administrative and financial approval granted for widening and strengthening of Khurja-Pahasu-Chhatari road.
* Total approved cost: ₹10831.22 lakh (inclusive of 5-year maintenance).
* Allocation for FY 2025-26: ₹3790.93 lakh.
* **Conditions and Restrictions**
* Technical approval from competent authority must be obtained before commencing work.
* Land acquisition and utility shifting to be completed before starting road construction.
* Expenditure must adhere to financial regulations and government orders.
* Allocated funds to be used strictly for the designated work/item.
* Labor cess to be paid to the Labor Department.
* Depreciation fund to be deposited as per rules.
* Strict adherence to conditions set by the Expenditure Finance Committee.
* DPR to be formed after administrative and financial approval and then technical approval to be issued
* Compliance with GST regulations.
* **Technical and Design Aspects**
* Department to ensure alignment and crust design of the road adhere to IRC/PWD standards.
* Detailed estimate for utility shifting to be approved by department and NHAIs standards to be followed.
* Construction of road safety elements to comply with IRC/departmental standards.
* **Project Management and Oversight**
* Project activities should not duplicate any existing or planned projects.
* Chief Engineer to conduct weekly review and Head of Department to conduct monthly review.
* Project must be registered on CMIS portal.
* Project to be completed in 18 months.
* **Financial Provisions**
* GST component included in project cost; compliance with government regulations for GST payment is mandatory.
* Maintenance charges of 2.50% are allowed, subject to proper procedures.
**Impact Analysis**
**Key Stakeholders:**
* **Principal Engineer (Development) and Head of Department, Public Works Department**
**Impact:**
* Responsible for ensuring all conditions are met, monitoring project progress, and adherence to technical standards.
**Action Required:**
* Ensure compliance with all conditions, obtain technical approval, expedite land acquisition and utility shifting, conduct regular reviews, and ensure project completion within 18 months.
**Impact:**
* Overall responsibility for the project including quality of project, safety and standards. In case of failure and negligence, responsible for recovery of project costs.
**Action Required:**
* Ensure compliance with all conditions, obtain technical approval, expedite land acquisition and utility shifting, conduct regular reviews, and ensure project completion within 18 months.
* **Chief Engineer (Zone-1), Public Works Department**
**Impact:**
* Compliance with all above provisions is to be ensured by the Chief Engineer
**Action Required:**
* Ensure compliance with all conditions, obtain technical approval, expedite land acquisition and utility shifting, conduct regular reviews, and ensure project completion within 18 months.
* **Related Superintending Engineer**
**Impact:**
* Compliance with all above provisions is to be ensured by the Superintending Engineer
**Action Required:**
* Ensure compliance with all conditions, obtain technical approval, expedite land acquisition and utility shifting, conduct regular reviews, and ensure project completion within 18 months.
Key Entities Referenced
लोक निर्माण विभाग: The Public Works Department, the primary administrative body overseeing the project.
खुर्जा-पहासू-छतारी मार्ग (राज्य मार्ग सं0-63): The road section in Bulandshahr being widened and strengthened (State Highway 63), from chainage 0.000 to 34.665.
व्यय वित्त समिति: The Expenditure Finance Committee, which approved the project's costs.
जनपद बुलन्दशहर: Bulandshahr district, the location of the road project.
वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6: Financial Handbook, Volume-6, Chapter-12, Section-318, which contains regulations for project expenditure.
GA-97/ 2026/ |/(25500I/ 2026/23-099(099)/425/2025
प्रेषक,
अभय प्रताप श्रीवास्तव,
अनु सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष,
लोक निर्माण विभाग,
उ0प्र0 लखनऊ।
लोक निर्माण अनुभाग-_ लखनऊ: दिनांक 28-02-2026
विषय:- जनपद बुलन्दशहर में खुर्जा-पहासू-छतारी मार्ग (राज्य मार्ग सं0-63) के चैनेज 0.000 से 34.665
तक में चौड़ीकरण एवं सुद्ददीकरण कार्य (लम्बाई 34.665 किमी0) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के
सम्बन्ध में।
महोदय,
उपयुक्त विषयक मुख्य Hea (HO-i) लोक निर्माण विभाग, लखनऊ के पत्र AwAl-2779
T0/67-OIf40/25-26, दिनांक O8-i0-2025 एवं पत्र AwAl-35427A0/4-0ifA0/25-26, दिनांक
28-!-2025 के सन्दर्भ में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि राज्य राजमार्गो के चौड़ीकरण एवं सुद्ृद्दीकरण
के नये कार्यो हेतु एकमुश्त व्यवस्था योजनान्तर्गत जनपद बुलन्दशहर में खुजी-पहासू-छतारी मार्ग (राज्य
मार्ग सं0-63) के चैनेज 0.000 से 34.665 तक में चौड़ीकरण एवं सुद्ृढीकरण कार्य (लम्बाई 34.665
किमी0) की 05 वर्षीय अनुरक्षण सहित व्यय वित्त समिति द्वारा अनुमोदित लागत रू0 0837.22 लाख
(रूपये एक अरब आठ करोड़ इकत्तीस लाख बाईस हजार मात्र) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान
करते हुए लागत के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल BO 3790.93 लाख (रूपये सैतीस करोड़ नब्बे
लाख तिरानबे हजार मात्र) व्यय हेतु निम्नलिखित विवरणानुसार तथा शर्तो“प्रतिबन्धों सहित अवमुक्त किये
जाने की श्री राज्यपात्र सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है:-
(धनराशि रूपये लाख में)
क्र0 |जनपद का कार्य का विवरण लागत अवमुक्त धनराशि
नाम/खःणड अनु0-58 | अनु0-83 | योग
: बुलन्दशहर |जनपद बुलन्दशहर में खुर्जा-पहासू-छतारी म
नि0ख0 ((राज्य मार्ग Ho-63) के चैनेज 0.000 से
34.665 तक A चौड़ीकरण एवं सुद्दढीकरण्
कार्य (लम्बाई 34.665 किमी0) |
नियम
083.22 | 2986.87 804.06 3790.93
शर्ते /प्रतिबन्धों
I- प्रश्नगत कार्य प्रारम्भ करनेसे पूर्व वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6 के अध्याय-2 के WEN-38 में वर्णित
व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जाय तथा सक्षम
ER से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ किया जाय।
2- प्रायोजनान्तर्गत विभाग द्वारा सर्वप्रथम भूमि अधिग्रहण एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण किया जाये
तदोपरान्त ही मार्ग का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जाये।
l- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |३- प्रयोजनान्तर्गत स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्त-पुस्तिका के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर
शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जायेगा।
4- स्वीकृत धनराशि कार्य की आवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय की जायेगी तथा आहरित धनराशि
बैंक/डाकघर में नहीं रखी जायेगी। प्रश्नगत स्वीकृति जिस कार्य/मद के लिये है, उसी कार्य/मद पर व्यय
प्रत्येक दशा में किया जायेगा।
5- अधिष्ठान व्यय की धनराशि समय-समय पर स्वीकृत/आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष जमा की
जायेगी। निर्माण कार्य की लागत पर अधिष्ठान व्यय की धनराशि वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश
WO-U-2-23/EH-200-7(4)/75 दिनांक 25-0-20il के साथ पठित शासनादेश WO-v-2-:606/aa-
20I4-7(4)/75 दिनांक ॥ नवम्बर 20॥4 द्वारा जारी विस्तृत दिशा निर्देशों केअनुसार कार्यवाही सुनिश्चित
की जायेगी तथा उक्त शासनादेश दिनांक 25-0:-20l के संलग्नक में प्रदर्शित सम्बन्धित विभाग के प्राप्ति
लेखाशीर्षक 054-8Sh तथा सेतु-800-अन्य प्राप्तियां-0। प्रतिशतता प्रभारों की वसूली में AAMT इन्ट्री द्वारा
क्रेडिट कर जमा की जायेगी।
6- लेबर सेस की धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का नियमानुसार
भुगतान किया जायेगा।
7- मूल्य ae निधि की धनराशि सुसंगत लेखाशीर्षक में नियमानुसार जमा करायी जायेगी।
8- व्यय वित्त समिति द्वारा त्रगायी गयी शर्तो का पूर्णतय: अनुपात्रन सुनिश्चित करेंगे।
9- वित्त विभाग के शासनादेश AEA-0/ 202/a-2-96/EH-202-0/99, दिनांक 22 मार्च, 202 के
अनुसार अनुमोदित प्रायोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के उपरान्त इसकी डी0पी0आर०0 गठित
करने के उपरान्त ही तकनीकी स्वीकृति निर्गत की जाय। यदि इस प्रक्रिया में यह परिल्क्षित होता है कि
प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सापेक्ष तकनीकी स्वीकृति की लागत ॥0 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो
रही है, तो प्रायोजना का पुनरीक्षित आगणन गठन करते हुए 03 माह के भीतर पुनरीक्षित आगणन पर व्यय
वित्त समिति का अनुमोदन प्राप्त किया जाय, अन्यथा की स्थिति में पुनरीक्षित प्रायोजना पर व्यय वित्त
समिति द्वारा विचार नहीं किया जायेगा।
0- वित्त विभाग के शासनादेश AKA-0/2023/U-2-60/GH-2023-7(4)/75, दिनांक 7 मई, 2023
के अनुसार परियोजना की वित्तीय स्वीकृति व प्रथम fed मूल्यांकित लागत पर जारी की जाये, fed
द्वितीय किश्त जारी करने से पूर्व परियोजना की लागत को निविदा में प्राप्त मूल्य (टेण्डर HEC) के अनुसार
विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए पुनरीक्षित करा लिया जाये। परियोजना की अनुवर्ती किश्तें पुनरीक्षित
लागत के आधार पर ही जारी की जायें ताकि कार्यदायी संस्था को कार्य की वास्तविक लागत से अधिक
धनराशि अवमुक्त न हो सके। यदि निविदा के बाद कार्यो की लागत में कमी आती है तो बचत की धनराशि
को सुसंगत वित्तीय नियमों के अन्तर्गत राजकोष में जमा किया जाये।
I- प्रायोजना प्रस्ताव/आगणन में आकस्तिक व्यय मद में प्रस्तावित धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिका
में अनुमन्य मर्दों पर ही नियमानुसार सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करने के उपरान्त ही किया जायेगा।
i2- प्रायोजनान्तर्गत 8 प्रतिशत की दर से जी0एस0टी0 की धनराशि सम्मिल्रित की गयी है। विभाग का
दायित्व होगा कि भारत सरकार»राज्य सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जी0एस0टी0 का भुगतान
सुनिश्चित किया जाये। साथ ही विभाग का यह भी दायित्व होगा कि प्रायोजना के निर्माण कार्यो मैं वास्तविक
खपत (CONSUMED) हुई मुख्य सामग्री (सीमेन्ट व स्टील, ग्रिट, बिटुमिन इत्यादि) की मात्राओं का
अनुपातिक/मानक मिलान करते हुए जी0एस0टी0 भुगतान किया जाये। जी0एस0टी0 के सम्बन्ध में विभाग
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |के शासनादेश संख्या-2/2022/ई-8-202/दस-2022, दिनांक 3-09-2022 में निहित व्यवस्था का अनुपालन
सुनिश्चित किया जाय।
i3- प्रायोजना प्रस्ताव में 2.50 प्रतिशत की दर से मेन्टीनेन्स चार्ज अनुमन्य किया गया है। लोक निर्माण
विभाग द्वारा समस्त मार्गों के अनुबन्धों में 05 वर्षीय अनुरक्षण हेतु भुगतान प्रक्रिया का मानकीकरण से
सम्बन्धित लोक निर्माण विभाग के पत्र संख्या-3689सी-ओ0पी0एम0आर0सी0/मूल 23-24, दिनांक
I7-02-2024 में दी गयी म्दों»व्यवस्थानुसार मेन्टीनेन्स तथा मेन्टीनेन्स चार्ज पर जी0एस0टी0 का
नियमानुसार भुगतान विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा।
4- विभाग द्वारा प्रायोजना की तकनीकी स्वीकृति निर्गत करते समय यह सुनिश्चित किया जाय कि मार्ग
की प्रस्तावित क्रस्ट डिजाइन/क्रस्ट कम्पोजीशन सुसंगत आई0आर०0सी0/लोक निर्माण विभाग के मानक के
अनुरूप है।
iS- प्रायोजना मेँ यूटिलिटी शिफ्टिंग के अन्तर्गत विद्युत विभाग हेतु BO 344.37 लाख एवं वन विभाग
हेतु रू0 82.86 लाख की धनराशि सम्मिलित करते हुए लगात का आंकलन किया गया है। इन कार्यो के
क्रियान्वयन से पूर्व lp निर्माण विभाग के सक्षम Tas अनुमोदित विस्तृत आगणन के अनुसार विभाग
द्वारा अपने स्तर से प्रस्तावित HAT HT verification & revalidation कराते हुए कार्य कराया जाना सुनिश्चित
करें एवं AGAR यूटिलिटी शिफ्टिंग की लागत अनुमन्य की जायेगी। साथ ही यूटिलिटी शिफ्टिंग करने हैतु
एन0एच0ए0आई0 के मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये। यूटिल्रिटी शिफ्टिंग का कार्य इस प्रकार
सुनिश्चित किया जाय कि भविष्य में मार्ग के चौड़ीकरण एवं व्यवधान उत्पन्न न हो तथा यूटिलिटी शिफ्टिंग
की Ya: आवश्यकता न हो।
I6- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित मार्ग की afta चौड़ाई एवं फारमेशन चौड़ाई इत्यादि तथा पक्के स्ट्रक्चर्स
यथा पुल, पुलिया, ड्रेन एवं रोड सेफ्टी इत्यादित का निर्माण आई0आर०0सी0/विभागीय के सुसंगत मानकों
(Standards) के अनुसार कराये जाने का उत्तरदायित्व विभाग»कार्यदायी संस्था का होगा।
7- प्रायोजना प्रस्ताव/आगणन मेँ पुल्र/पुत्रियों का इक्सरटेंशन तथा नाल्रा-नाली आदि का निर्माण का
प्राविधान किया गया है। भविष्य में मार्ग के चौडीकरण की सम्भावना के दृष्टिगत माग के संरेखण में आने
वाले पक्के स्ट्रक्चर (पुल/पुलिया»नाली इत्यादि) का निर्माण आई0आर०सी0/विभागीय मानकों में पूर्व
निर्धारित फारमेशन fase (चौड़ाई) के अनुसार ही कराया जाये।
i8- नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक आपत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेन्स सक्षम स्तर से We करने
के उपरान्त ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाय।
I9- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यो की मात्राओं को यथावत मानते हुए लागत का परीक्षण किया गया है।
मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यदायी संस्था/विभाग का होगा।
20- प्रस्ताव का परीक्षण लागत आगणन में प्रस्तावित विशिष्टियों एवं कार्य प्राविधानों को यथावत मानते हुये
किया गया है। मार्ग निर्माण की लम्बाई»चौड़ाई में परिवर्तन, प्रस्तावित क्रस्ट डिजाइन में संशोधन, स्वीकृत
प्रायोजना के FH में परिवर्तन आदि व्यय वित्त समिति का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया
जायेगा।
2I- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्य की द्विरावृत्ति (इप्लकेसी) को रोकने की दृष्टि से प्रायोजना की तकनीकी
स्वीकृति से पूर्व कार्यदायी संस्था/विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य
योजना#»कार्यक्रम के अंतर्गत न तो स्वीकृत है और न ही वर्तमान में किसी अन्य योजना»कार्यक्रम में
आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |22- परियोजना पूर्ण होने में वित्नम्ब की स्थिति उत्पन्न होने अथवा परियोजना की लागत में वृद्धि की दशा
में इसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, ल्रोक निर्माण विभाग एवं मुख्य
अभियन्ता (A0-i) एवं सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता का होगा तथा भविष्य A aie परियोजना की
लागत में वृद्धि होती है तो ऐसी दशा मेँ लागत मेँ बढोत्तरी की कुल धनराशि की वसूली सम्बन्धित क्षेत्रीय
मुख्य अभियन्ता आदि के वेतन से की जायेगी।
23- परियोजना से सम्बन्धित समस्त तकनीकी पक्षों/तथ्यों व उनके परीक्षण “सत्यापन तथा इस परियोजना
के निर्धारित मानकों के अनुरूप होने का पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष,
लोक निर्माण विभाग का होगा।
24- प्रायोजना का निर्माण कार्य i8 माह के अन्दर पूर्ण कर लिया जाय तथा टाइम ओवर रन एवं कास्ट
ओवर रन इत्यादि के कारण प्रायोजना का पुनरीक्षण नहीं किया जायेगा।
25- परियोजना की लागत व समय सीमा में बढोत्तरी न हो, इस हेतु परियोजना के निर्माण कार्य की
साप्ताहिक समीक्षा सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता द्वारा एवं माह में कम से कम एक बार समीक्षा
विभागाध्यक्ष, ल्रोक निर्माण विभाग के स्तर पर सुनिश्चित की जायेगी।
26- वित्त विभाग के कार्यालय AM AwAN-6/2025/a-I-352/GH-2025-23/2025, दिनांक
27-03-2025 में निहित प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
27- लोक निर्माण विभाग में सी0सी0एल0 प्रणाली समाप्त किए जाने के फलस्वरूप वर्क्स से सम्बन्धित
बजट के ऑन लाइन आवंटन किए जाने हेतु डी0डी0ओ0 कोड आवंटन विषयक वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-
। के शासनादेश संख्या-ग0/2022/बी--345/दस-2022, दिनांक 04-05-2022 तथा कार्यमदों के व्यय को
सी0सी0एल0 प्रणाली से मुक्त रखते हुए सामान्य कोषागार प्रणाली से आच्छादित किए जाने के सम्बन्ध में
वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के कार्यात्रय ज्ञाप AGA-3/2022/U-2-76/GH-2022-0(9)/95, दिनांक
3-04-2022 में निहित व्यवस्था»शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
28- सेन््टेज चार्जेज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण aed तथा वित्तीय स्वीकृति से सम्बन्धित वित्तीय प्रबंधन
विषयक वित्त विभाग के शासनादेश AEAT-0l/ 202 3/V-2-60/GH-2023-7(4)/75, दिनांक 7-05-2023
एवं शासनादेश WEAM-02 /2023/V-2-66/GH-2023-I7(4)/75, दिनांक 9-05-2023 में निर्धारित प्रक्रिया
एवं निहित शर्तों का अक्षरश: अनुपालपन सुनिश्चित किया जायेगा।
29- उपरित्रिेखित सभी शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करने का दायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं
विभागाध्यक्ष, cite निर्माण विभाग एवं मुख्य अभियन्ता (HO-i) एवं सम्बन्धित क्षैत्रीय मुख्य अभियन्ता
का होगा।
30- प्रश्तगत परियोजना को सी0एम0आई0एस0 पोर्टल पर पंजीकृत कर दिया गया है, जिसका पंजीकरण
TA-20260000300045 है।
2- इस सम्बन्ध में होने वाला व्यय रूपये BO 29,86,87,000 (रूपये Sede करोड़ छियासी लाख
सत्तासी हजार मात्र) को चालत्रू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या-58 लेखा शीर्षक
5054033370306 राज्य मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुद्ृढ़ीकरण के नये कार्यो हेतु एकमुश्त व्यवस्था मानक
मद 24 वृहत निर्माण कार्य (2) BO 8,04,06,000 (रूपये आठ करोड़ चार लाख छ: हजार मात्र) को चालू
वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-83 लेखा शीर्षक 5054037890600 राज्य मार्गों
के चौडीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के नये कार्यो हेतु एकमुश्त व्यवस्था मानक मद 24 वृहत निर्माण कार्य के
नामे डाला जायेगा।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |3- यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न संख्या-7-8-927-%-2025-26-दिनांक: 6-02-2026 में प्राप्त वित्त
विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
(अभय प्रताप श्रीवास्तव)
अनु सचिव।
संख्या व दिनांक तदैव
Wate निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
i- निजी सचिव, Alo मुख्यमंत्री, SOUO शासन।
2- निजी सचिव, AlO राज्यमंत्री, लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 शासन।
3- महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज।
4- महालेखाकार (लेखा-परीक्षा) प्रथम“द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज।
5- सम्बन्धित मण्डलायुक्त “जिलाधिकारी।
6- मुख्य अभियन्ता (HO-i) लोक निर्माण विभाग लखनऊ।
7- वित्त नियंत्रक, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ।
8- सम्बन्धित मुख्य अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग।
9- सम्बन्धित वरिष्ठ कोषाधिकारी/कोषाधिकारी।
0- संबंधित अधिशासी अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग।
॥- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनु0-8/वित्त (आय-व्ययक) 3eJO-i, 50प्र0 शासन।
2- राज्य योजना HRNT-/2, उ0प्र0 शासन।
3- अधीक्षण अभियन्ता नियोजन/परियोजना, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ।
I4- लोक निर्माण HqHT-/9/I0/2 एवं i4, उ0प्र0 शासन।
5- नोडल अधिकारी (आनलाईन बजट एल्रॉटमेन्ट सिस्टम), लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 शासन।
6- गार्ड फाइल्र।
आज्ञा से,
(अभय प्रताप श्रीवास्तव)
अनु सचिव।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |