**Executive Summary:**
This document details the implementation of the Swami Vivekananda Youth Empowerment Scheme for free distribution of tablets/smartphones to students in Uttar Pradesh. The scheme, initiated as a pilot in FY 2021-22, aims to empower youth with technology. This will continue for the next 5 years (including FY 2022-23) . The document outlines operational guidelines, responsibilities, and financial provisions for FY 2022-23.
**Key Points / Main Content:**
* **Scheme Overview:**
* The Swami Vivekananda Youth Empowerment Scheme provides free tablets/smartphones to students in Uttar Pradesh to enhance their technical capabilities.
* The scheme will be implemented for the next 5 years.
* Building upon the 2021-22 pilot project, the government aims to distribute 20 million tablets or smartphones under the scheme.
* Infosys's "Springboard" platform will be provided free of charge to students for digital empowerment and skill development.
* **Financial Provisions:**
* INR 1500 crore budget has been allocated for FY 2022-23.
* Additional efforts will be made to secure about INR 1000 crore through non-budgetary sources, requiring CM approval.
* **Beneficiary Selection:**
* The beneficiary selection criteria will be similar to the pilot project in FY 2021-22, with no age or income limits.
* Students registered in educational institutions in UP, whether residents of UP or not, are eligible.
* Students from the 2021-22 academic year who didn't receive devices will be prioritized in FY 2022-23.
* Institutions will identify beneficiaries, ensuring they haven't received devices under other state government schemes (excluding school education).
* **Implementation and Monitoring:**
* UP DESCO is designated as the nodal agency for procurement and portal management.
* A web portal ("DigiShakti Web Portal") created during the pilot project will be used for the scheme's implementation.
* Technical Expert Committee to determine specifications for smartphones/tablets and review bids.
* Bid Evaluation Committee will test and approve the specifications that the Technical Expert Committee has approved.
* Project Monitoring and Evaluation Committee will oversee implementation and address any issues.
* A District-Level Committee chaired by the District Magistrate will oversee implementation at the district level.
**Impact Analysis:**
**Stakeholder:** Students in Uttar Pradesh
* **Impact:** Technical empowerment through access to tablets/smartphones and digital skills development via the Springboard platform.
* **Action Required:** Register on the designated portal and collect the device as per the institution's distribution plan.
**Stakeholder:** Educational Institutions and Heads of Departments
* **Impact:** Required to identify beneficiaries, oversee distribution, and ensure proper use of devices.
* **Action Required:** Form a committee for scheme implementation, collect and upload student data, and manage device distribution.
**Stakeholder:** UP DESCO (Nodal Agency)
* **Impact:** Responsible for procurement, portal maintenance, tender management, and coordination with stakeholders.
* **Action Required:** Maintain the web portal, manage the tender process, coordinate with suppliers, and ensure timely delivery of devices.
**Stakeholder:** Technical Expert Committee
* **Impact:** Determine specifications for smartphones/tablets and review bids.
* **Action Required:** Define technical specifications, prepare bid documents, and perform technical and financial testing of bids.
**Stakeholder:** District Administration (District Magistrate)
* **Impact:** Oversee implementation at the district level and ensure smooth distribution.
* **Action Required:** Form a district-level committee, collect beneficiary data, and coordinate with suppliers and institutions.
Key Entities Referenced
Swami Vivekananda Youth Empowerment Scheme: A scheme by the Uttar Pradesh government to empower youth with technology through free distribution of tablets/smartphones.
Uttar Pradesh: The state where the scheme is being implemented.
Department of Infrastructure and Industrial Development: The primary department in charge of the implementation and oversight of the scheme
DigiShakti Web Portal: Web portal created for the execution of the Swami Vivekananda Youth Empowerment Scheme, which is used to facilitate the scheme implementation
Uttar Pradesh Development Systems Corporation Ltd (UPDESCO): Nodal agency nominated for procurement of tablets/smartphones under the scheme.
GeaI-_4/2022/975/77--2022-56/202
प्रेषक,
अरविन्द कुमार,
अपर मुख्य सचिव,
उ0प्र0शासन।
सेवा मैं,
l- Fat अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, उ0प्र0 शासन।
2- ... समस्त मण्डलायुक्त/जिलाधिकारी, उत्तर प्रदेश।
3- .. प्रबन्ध निदेशक, यू0पी0 डेस्को, गोमती नगर, लखनऊ।
औद्योगिक विकास अनुभाग- लखनऊ: दिनांक. 8. जुलाई, 2022
विषय- स्वामी विवेकानन्द युवा सशकक््तीकरण ' योजना के अन्तर्गत नि:शुल्क
टेबलेट/स्मार्टफोन वितरण के संबंध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयांकित योजना के, संबंध .मैं' अवगत कराना है कि प्रदेश के युवाओं को
तकनीकी रूप से सशक्त किए जानें 'हेते४प्रदेश सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 202-22 में
पायलट प्रोजेक्ट के रूप Aue के युवाओं को तकनीकी सशकक््तीकरण हेतु
टेबलेट/स्मार्टफोन वितरण «योर्जनां” लागू की गई, जिसके क्रम में औद्योगिक विकास
अनुभाग-। के शासनादेश संख्यो- (502/77--202 दिनांक 06.0.202। cart विस्तृत
दिशा-निर्देश निर्गते किए TU] उक्त पायलट योजना के अन्तर्गत लगभग 04 माह की
अवधि में (2.32 लाख *टेबलेट/स्मार्टफोन क्रय कर विभिन्न जनपदों को उपलब्ध कराए
गए जिनैकी वितरण मा0 जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विभिन्न जनपदों में कराया
गया|..उकत . योजना से युवाओं में अच्छा संदेश गया, जिसके उत्साही एवं अच्छे परिणाम
सामने, ओए। इसी HA A लोक कल्याण संकल्प पत्र 2022 मैं स्वामी विवेकानन्द युवा
PUFA योजना के अन्तर्गत 2.00 करोड टेबलेट अथवा स्मार्टफोन का नि:शुल्क
वितरण किए जाने का संकल्प लिया गया है।
l- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अतः इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |2-.. राज्य सरकार का उद्देश्य उक्त योजना के अन्तर्गत युवाओं को टेबलेट/स्मार्टफोन
का न सिर्फ निःशुल्क वितरण करना है बल्कि उनको शैक्षिक पाठ्यक्रमों को सफलतापूर्वक
पूर्ण करने एवं तदोपरान्त विभिन्न शासकीय/गैर शासकीय तथा स्वावलम्बन की योजनाओं
मैं भी इसका सदुपयोग कर सेवारत/व्यवसायरत करने में सहायक होना है। इस संबंध में
मे. इन्फोसिस दूवारा युवा वर्ग के डिजिटल सशकक््तीकरण एवं स्किल डेवलपमिन्ट के
उददेश्य से सीएसआर ऐक्टीविटी के अन्तर्गत “स्प्रिंगबोर्ड” प्लेटफार्म उत्तर प्रदेश. सरकार
को निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें छात्र-छात्राओं के उपयोगार्थ लगभग
2,000 कोर्सेज़/प्रोग्राम्स निःशुल्क उपलब्ध हैं। “स्प्रिंगबोर्ड” प्लेटफार्म" को *क्रियान्वित किये
जाने के उददेश्य से इन्फोसिस एवं नोडल संस्था यूपीडेस्को के मध्य एक एमओयू भी
हस्ताक्षरित किया गया है। एमओयू के अनुसार प्रारम्भ मैं <ड्से९प्लेटफार्म को पायलट के
रूप में दस जनपदों- वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागरौज़/#*मेरठ, बरेली, लखनऊ, आगरा,
sells, गोण्डा एवं मिर्जापुर के चयनित संस्थानों HANIA से क्रियान्वित कराया जा
रहा है। इसे चरणबदूध ढंग से अन्य AAI AM, विस्तारित किया जायेगा। वितरित
डिवाइसेस का अधिकाधिक प्रयोग छात्रोपयोगी.. केन्टेन्ट की डिलीवरी के लिए हो सके,
इसके लिए यथासमय अन्य शासकीय «एवं 'गैरे शासकीय संस्थाओं से भी सहयोग लिया
जायेगा।
3-.. इस संबंध में शासनदुर्वारा 'सम्यक विचारोपरान्त निम्नवत निर्णय लिये गये हैं-
(|) Ue योजना आर्गीमी 05 वर्षों के लिए लागू की जा रही है।
(2) पायलट... aster के. अन्तर्गत वित्तीय. वर्ष 202-22 में अनुबन्धित
औपूर्तिकर्ताओं से अवशेष 5,38,0(7 उपकरणों की आपूर्ति आरम्भ किए जाने तथा
उक्त, पैर होने वाले अनुमानित व्यय लगभग BO 673 करोड़ का वहन वर्तमान
वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट से किया जाना है। इसके अतिरिक्त अनुबन्धित
मात्रा में निविदा के प्राविधानों के अनुसार 25 प्रतिशत अतिरिक्त आपूर्ति के
सम्बन्ध में यथासमय सक्षम स्तर से निर्णय होने पर उस पर होने वाले व्यय का
वहन भी वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट से किया जाएगा।
l- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अतः इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |(3) लाभार्थियों का चयन :
. आगामी 05 वर्षों के लिए प्रस्तुत योजना मैं भी पायलट योजना वर्ष 202-22 के
अनुसार ही लाभार्थी वर्ग सम्मिलित किया जायेगा। यह उल्लेखनीय है कि लाभार्थी
वर्ग में न तो कोई आयु सीमा निर्धारित है और न ही आय सीमा। «जो. भी. छात्र
उत्तर प्रदेश मैं उक्त शिक्षण प्रशिक्षण संस्थाओं A पंजीकृत होंगे, A चाहे४प्रदेश के
हों अथवा प्रदेश के बाहर के, उन्हें डिवाइस वितरण किया जायेगा. 202-22 में
लागू पायलट योजना की भांति लाभार्थी वर्ग में अन्य वर्ग के 'युवाओं *को भी समय
समय पर सम्मिलित करने एवं किस लाभार्थी वर्ग को .टेबैलेट«प्रदान किया जाना
है, किसे स्मार्टफोन प्रदान किया जाना है तथा स्मार्टफोन/टेबलेट के वितरण हेतु
लाभार्थी वर्ग की प्राथमिकता का निर्धारण *किये९ जानें हेतु AO मुख्यमंत्री जी
अधिकृत हैं।
. यहां यह उल्लेखनीय है कि वर्ष 2027222.A Gouna के अन्तिम वर्ष में पोर्टल
पर पंजीकृत अध्ययनरत छात्रों की संख्या के आधार पर डिवाइसेस उपलब्ध न होने
के कारण सभी छात्रों को डिवाइसेस / उपलब्ध नहीं करायी जा सकीं हैं। अतः
डिजीशक्ति पोर्टल पर पंजीकृत पाठ्यक्रम के अन्तिम वर्ष (202-22) A
अध्ययनरत रहे ऐसे seat वर्तमान A उत्तीर्ण हो चुके हैं तथा जिनको
डिवाइसेज का वित्तरण fasta वर्ष नहीं किया जा सका है, उन्हें भी डिवाइसेज का
वितरण प्राथमिर्कता के आधार पर इस वर्ष (वित्तीय वर्ष 2022-23) में किया जाना
है।
. लाभार्थियों का चिन्हांकन प्रदेश के सम्बन्धित विभागों के अधीनस्थ संस्थानों,
विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, इन्जीनियरिंग/चिकित्सा, पॉल्लीटेक्निक, कौशल
विका्सें' मिशन, आई.टी.आई. आदि A अध्ययनरत/पंजीकृत तथा प्रशिक्षणरत छात्र-
छात्राओं से सम्बन्धित संस्थानों के प्रमुखों के सहयोग से, सम्बन्धित विभागाध्यक्ष
के माध्यम से, सम्बन्धित विभाग द्वारा किया जाएगा। सम्बन्धित विभाग द्वारा
विभागाध्यक्ष के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विचाराधीन योजना के
अन्तर्गत लाभान्वित किये जाने वाले युवाओं को राज्य सरकार की अन्य किसी
योजना (स्कूली शिक्षा को छोड़कर) के अन्तर्गत स्मार्टफोन/टेबलेट प्राप्त न हुए हों।
l- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अतः इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |संकलित किये जाने वाले समस्त डाटा को पोर्टल पर अपलोड किये जाने, पुष्टिकृत
किये. जाने एवं उसकी शुद्धता सुनिश्चित किये जाने का सम्पूर्ण दायित्व
सम्बन्धित विभाग/विभागाध्यक्ष तथा सम्बन्धित संस्था प्रमुख का होगा।
योजनान्तर्गत निर्मित डिजीशक्ति पोर्टल को पुन: अपडेशन के लिए खोल दिया
जायेगा तथा उपरोक्त व्यवस्था के अनुसार लाभार्थी वर्ग के पंजीकरण «की. /कौर्यवाही
की जायेगी।
(4) योजना क्रियान्वयन हेतु वेब पोर्टलः
वित्तीय वर्ष 202-22 में लागू की गई पायलट योजना H सुचारूं क्रियान्वयन हेतु
“डिजीशक्ति वेब पोर्टल” सृजित किया गया है। उक्त पोर्टल HYAMS वर्तमान योजना के
क्रियान्वयन हेतु भी किया जाना है। इस पोर्टल में निंमन*द्यवस्थायें की गयी हैं :-
. विभिन्न विभागों के अन्तर्गत लक्षित तथा Sea संस्थावार, कक्षावार, विषयवार
अध्ययनरत छात्रों की संख्या।
2. अध्ययनरत छात्रों के सम्बन्ध में Aaa wa पर सम्पूर्ण विवरण।
संस्था को आवंटित टेबलेट/स्मार्ट९फीन* के आपूर्तिकर्ता cant किये गये डिस्पैच
तथा संस्था द्वारा प्राप्ति Bese GOT जानकारी।
अध्ययनरत छात्रों को....टेबलेट/स्मार्ट फोन के वितरण तथा उसकी प्राप्ति एवं
सत्यापन की सम्पूर्ण*«जानकोरी।
पोर्टल al fated Sale प्राधिकृत अधिकारियों/छात्र-छात्राओं द्वारा Vesa करने
के लिए यूजर आईएंडी0/पासवर्ड का प्राविधान।
6. जनपद.स्तर प्र आपूर्तिकर्ता संस्था द्वारा स्थापित सेवा केन्द्रों का विवरण।
7. ae अवधि के दौरान टेबलेट/स्मार्ट फोन के संचालन एवं अनुरक्षण के सम्बन्ध
मैप्राप्ते शिकायतों के प्रबन्धन एवं निस्तारण AY व्यवस्था।
संस्था स्तर से वितरण हेतु नामित नोडल अधिकारी/समिति का विवरण।
अन्य सुसंगत विवरण जिसे योजना के सुचारू क्रियान्वयन हेतु आवश्यक समझा
जाए।
l- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अतः इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |(5) स्मार्ट फोन/टेबलेट के क्रय के सम्बन्ध में कार्ययोजनाः
|. टेबलेट/स्मार्टफोन के क्रय तथा पोर्टल के निर्माण एवं उसके संचालन के लिए पूर्व
की भांति यूपी डेस्को को नोडल एजेन्सी नामित किया जाता है।
2. प्रत्येक वित्तीय वर्ष में पोर्टल के संचालन तथा अन्य प्रशासनिक व्यय कै. लिए
नोडल एजेन्सी को योजना अवधि में रू0-7.50 करोड की धनराशि प्रशासकीये- व्यय
के मद में तथा योजना के सुचारू रूप से कियान्वयन तथा faa ' के लिए
जनपद/अन्य विभागों/अन्य संस्थाओं के स्तर पर धनराशि *ऋ0-7.50 करोड
सम्बन्धित जिला स्तर/अन्य विभागों/अन्य सस्थाओं .कें *स्तर पर योजना के
क्रियान्वयन हेतु प्राविधिनित Al जाएगी। इस सीमो. के अन्तर्गत विभिन्न
संस्थाओं/जनपदों हेतु अनुमन्य सीमाओं का/*निर्धारण अपर मुख्य सचिव,
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन के स्तर पर गठित
समिति दूवारा किया जायेगा।
3. स्मार्ट फोन/टेबलेट क्रय जैम पोर्टल. के माध्यम से किया जाएगा तथा इसकी
विशिष्टियों का निर्धारण करते, PHA इस सम्बन्ध A Meity adel समय-समय
पर तद्विषयक निर्गत विशिष्थियों क्रा संज्ञान लिया जायेगा।
4. टेबलेट/स्मार्ट फोन का...क्रयन्चचूँकि अधिक मात्रा A किया जाना है अतः Tas के
उपरान्त प्राप्त न्यूनतम HA मूल्य पर आवश्यकतानुसार एक से अधिक dest को
आपूर्ति हेतु निर्यमालुसारं आबदूध किया किया जाएगा जिससे आपूर्ति एवं वितरण
समय से हो. सके।
(6) तकनीकी विशेषज्ञ समिति का गठन एवं दायित्व
स्मार्टफोन्से/टेबलेट्स की विशिष्टियों के निर्धारण fas डाक्यूमेन्टस की तैयारी तथा
प्राप्त fast के तकनीकी एवं वित्तीय परीक्षण हेतु सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक
विकास विभाग की अध्यक्षता मैं एक समिति का गठन किया जायेगा जिसके सदस्य
सचिव एम0डी0, यूपीडेस्को होंगे। इस समिति में विशेष सचिव आई0टी0 एवं इले0 विभाग
उ0प्र0 शासन, आई.आई.टी. कानपुर, सेन्टर फॉर इ-गवर्नेन्स, स्टेट ई-मिशन टीम,
एकेटीयू, एनआइईसी, वित्त विभाग तथा न्याय विभाग के प्रतिनिधि होंगे। यह समिति
l- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अतः इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |स्मार्टफोन्स/टेबलेट्स हेतु सर्वथा उपयुक्त विशिष्टियों का चयन कर fas अभिलेखों की
संस्तुति करेगी तथा fas मूल्यांकन समिति का अनुमोदन प्राप्त कर Wt fas की कार्यवाही
सम्पादित करते हुए अपनी संस्तुतियाँ पुनः fas मूल्यांकन समिति को प्रेषित करेगी।
सक्षम स्तर से fas अभिलेखों का अनुमोदन प्राप्त होने तथा यूपीडेस्को दूवारा जेम के
माध्यम से fas आमंत्रण के उपरान्त प्राप्त fast का तकनीकी एवं fara परीक्षण कर
अपनी संस्तुतियाँ बिड मूल्यांकन समिति को प्रेषित करेगी।
(7) fas मूल्यांकन समिति का गठन एवं दायित्व
पूर्व की भांति अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक «विकास विभाग की
अध्यक्षता A fas मूल्यांकन समिति का गठन किया जायेंगा।<इसके सदस्य सचिव
एम0डी0, यूपीडेस्को होंगे। इस समिति मैं न्याय, वित्ता«नियोजन, एनआईसी एवं अन्य
सम्बन्धित विभागों के अधिकारी जो विशेष सचिव (स्तरसे अन्यून स्तर के हों, नामित
किये जाएंगे। यह समिति तकनीकी विशेषज्ञ समिति, दूवारा प्राप्त fas डाक्यूमेन्टस का
परीक्षण कर fas आमंत्रित करने पर अनुमोदन प्रदान करेगी। प्री fas के आधार पर
तकनीकी विशेषज्ञ समिति की संस्तुतियों९कें,उपरान्त अन्तिम fas डाक्यूमेन्ट्स पर AIO
मंत्रि-परिषद के अनुमोदन हेतु अपनी स्तुति प्रेषित करेगी। बिड प्राप्त होने पर तकनीकी
विशेषज्ञ समिति की संस्तुतियों, के*उपरान्त उनका परीक्षण करते हुए आपूर्ति संस्था के
चयन के सम्बन्ध में AO #मंत्रिपपरिषद के अनुमोदन हेतु अपनी संस्तुति प्रेषित करेगी।
(8) परियोजना अनुश्रवर्ण एवं मूल्यांकन समिति का गठन एवं दायित्व
पूर्व की. भांति, मुख्य सचिव, उ0प्र0 शासन के स्तर पर एक समिति का गठन
किया siete जो विभिन्न विभागों/उनके अधीनस्थ संस्थाओं तथा जनपद स्तरीय
अधिकशस्यों A समन्वय कर योजना को समय से लागू कराने में आ रही बाधाओं का
निराकरण सुनिश्चित करायेगी तथा नीतिगत संशोधनों/निर्णयों हेतु अपनी संस्तुतियां प्रदान
करेंगी। इस समिति के सदस्य सचिव- अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक
विकास विभाग, उ0प्र0 शासन होंगे।
(9) नामित नोडल संस्था के दायित्वः-
l- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अतः इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |योजना के क्रियान्वयन हेतु बनाए गए वेब पोर्टल का अनुरक्षण तथा संचालन
सुनिश्चित कराना।
2. तकनीकी विशेषज्ञ समिति तथा शासन स्तरीय समितियों को आवश्यक सहयोग
प्रदान HX |
3. जेम पोर्टल के माध्यम से cust आमंत्रित करना।
प्री बिड मीटिंग आयोजित कराना।
5. तकनीकी विशेषज्ञ समितियों के अनुसार फाइनल fas डाक्यूमेन्ट Aa कराकर
शासन को प्रेषित कराना।
6. शासन से अनुमोदन प्राप्त होने पर चयनित आपूर्तिकर्ता को एले.ओ.आई. निर्गत
करना।
7. चयनित आपूर्तिकर्ता को साथ अनुबन्ध करना।
8. अनुबन्ध का क्रियान्वयन कराना।
9. यह सुनिश्चित करना कि आपूर्तिकर्ता. माँग,” के अनुसार स्मार्टफोन्स/टैबलेट्स
ससमय लक्षित संस्थाओं को पहुँचाएं।
0. प्री-डिस्पैच इन्स्पेक्शन तथा पोस्टडिस्पैच इन्स्पेक्शन सुनिश्चित कराना।
4. आपूर्तिकर्ता के माध्यम से जनिपदबार सर्विस सेन्टर स्थापित कराया जाना।
2. शासन के अनुमोदन के «उपरोक्त प्री-लोडेड कन्टेन्ट्स आपूर्तिकर्ता को उपलब्ध
कराया जाना एवं. Bed कार्य जो शासन स्तर से समय समय पर योजना के
क्रियान्वयन के लिए 'दिये जाएं उनका अनुपालन सुनिश्चित कराया जाना।
3. समस्त staat पूर्ण कराकर आपूर्तिकर्ता संस्था को भुगतान सुनिश्चित
Xe |
4. _सँमस्त९अभिलेखों का रखरखाव तथा लेखा परीक्षा सुनिश्चित कराना।
(0) * जनपद स्तरीय समिति का गठन एवं उसके दायित्वः
m- जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता मैं योजना का क्रियान्वयन एवं
अनुश्रवण के लिए निम्न समिति का गठन किया जायेगाः-
. जिलाधिकारी अध्यक्ष
2. मुख्य विकास अधिकारी सदस्य
l- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अतः इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |3. सम्बन्धित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी सदस्य
4. जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सदस्य
5. वरिष्ठ कोषाधिकारी/कोषाधिकारी सदस्य
6. जिलाधिकारी द्वारा नामित अपर जिलाधिकारी सदस्य/सचिव
अभ्युक्ति- जिलाधिकारी यदि ae तो अपने विवेक से आवश्यकतानुसार अन्य
अधिकारियों के साथ-साथ विषय-विशेषज्ञ तथा कतिपय संस्थाओं के wat
को भी उक्त समिति में आमंत्रित कर सकते हैं।
उक्त जनपद स्तरीय समिति द्वारा निम्न कार्य किये जायेंगेः-
ख-
. चिन्हित संस्थाओं के लाभार्थियों की सूची निर्धारित प्रारूँ९पर ससमय संकलित
कराया जाना।
. आपूर्तिकर्ता तथा नोडल एजेंसी से समन्वय Hwa से आपूर्ति सुनिश्चित करना।
. जनपद में किस क्रम मैं स्मार्टफोन्स/टेबलेट्स an, वितरण होना है, की रूपरेखा
बनाना वितरण मैं यह सुनिश्चित कियो-: जाना fe सम्बन्धित संस्था मैं सभी पात्र
लाभार्थियों को स्मार्टफोन्स/टेबलेट्स«को. वितरण सुगमतापूर्वक एवं पारदर्शिता के
साथ एक साथ हो।
. यह सुनिश्चित करना कि संबंधित संस्थानों के स्तर पर वितरण के संबंध मैं
आवश्यक अभिलेख संरक्षित*करें लिये गये हैं अथवा नहीं।
संस्थाओं में टेबैलेट/स्मार्ट *फोन का वितरण AO प्रभारी मंत्री/मा0 सांसद/मा0
विधायक की 'छर्पस्थित्ति मैं सुनिश्चित कराया जाना।
शासन Gal समयँ समय पर दिये जाने वाले निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित
कराना;
. विज्लैरित. किए जाने वाले टेबलेट/स्मार्ट फोन के पोस्ट डिस्पैच इन्स्पेक्शन का कार्य
प्रोथमिंकताीं पर सुनिश्चित tall |
() लाभार्थी संस्था के प्राचार्य/प्रमुख के दायित्वः-
. योजना के क्रियान्वयन हेतु संस्था स्तर पर समिति का गठन एवं नोडल अधिकारी
की तैनाती।
l- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अतः इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |2. यह सुनिश्चित करना कि योजनान्तर्गत सभी लाभार्थियों का. सही-सही डेटाबेस
निर्धारित पोर्टल पर समय से अपलोड हो जाय।
3. आपूर्तिकर्ता संस्था से आपूर्ति प्राप्त कर उसके स्टोरेज तथा वितरण की व्यवस्था
करना।
4. संस्था स्तर पर वितरण हेतु प्राप्त टेबलेट/स्मार्ट फोन को सुरक्षित रखा Ste एवं
शासन के निर्देशानुसार वितरण की व्यवस्था कराना।
5. वितरण से संबंधित आवश्यक अभिलेखों का रखरखाव सुनिश्चित करना।
6. उपलब्ध कराये जा रहे टेबलेट/स्मार्ट फोन के माध्यम से शिक्षण/प्रशिक्षण कार्य से
सम्बन्धित स्थानीय डिजिटल कन्टेन्ट तैयार कराना तथा. “क्लोत्र-छात्राओं को उपलब्ध
कराना।
7. जिलाधिकारी/शासन को वांछित सहयोग प्रदान *करना।
(2) सम्बन्धित विभागों के दायित्वः
t. लाभार्थियों के डेटाबेस की फीडिंग योजना हेतु निर्मित वेब पोर्टल पर कराया जाना
एवं सम्पूर्ण डेटाबेस की शुद्धता gars .रंखना |
2. विभागीय स्तर पर अधीनस्थ» सेंस्थाओं के माध्यम से योजना को क्रियान्वित
कराया जाना एवं नियम्रितन्कनुंश्रवण करना।
3. समयान्तर्गत शॉौसकीय ' योजनाओं एवं शिक्षण, प्रशिक्षण A सम्बन्धित अन्य
relevant digital content को डिजिटली तैयार कर उपलब्ध कराया जाना।
4. लाभार्थियों का ६ वितरित टेबलेट/स्मार्ट फोन के शिक्षण/शिक्षणोत्तर उपयोग को
व्यापक, बनायें, जाने हेतु सतत् प्रयास करना।
5. योजनान्तर्गत जनपद स्तर पर प्राप्त टेबलेट/स्मार्ट फोन के वितरण से पूर्व उन्हें
सेकबन्धित संस्थाओं में सुरक्षित रखे जाने की व्यवस्था एवं निर्दिष्ट वितरण
प्रक्रिया के अधीन अधीनस्थ संस्थाओं के माध्यम से वितरण कराया जाना।
(3) सूचना विभाग का दायित्वः
टेबलेट/मोबाइल के माध्यम से राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी
छात्र/छात्राओं को हो सके इसके लिए यह आवश्यक है कि विभिन्न विभागों से समन्वय
करते हुए उनकी योजनाओं के बारे में डिजिटल कान्टेन्ट्स तैयार कराकर टेबलेट/मोबाइल
l- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अतः इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |के माध्यम से उन्हें उपलब्ध कराया जाये। सूचना विभाग द्वारा विभिन्न विभागों/संस्थाओं
से समन्वय कर उनकी प्रचलित योजनाओं के बारे में कान्टेन्ट तैयार कराते हुए उपलब्ध
कराये जाने की व्यवस्था की जायेगी। सूचना विभाग का यह भी दायित्व होगा कि वह
समय समय पर प्राप्त डिजिटल कान्टेन्ट्स को अनवरत रूप से अपडेट भी करेंगे।
(4) प्रदेश के युवाओं के तकनीकी सशक्तिकरण हेतु टेबलेट एवं स्मार्टफोन वितरण के
लिए स्वामी विवेकानन्द युवा सशकक््तीकरण योजना वर्तमान वित्तीय वर्ष 2022-23 ated
आगामी 05 वर्षों के लिए लागू की जाती है। समय-समय पर भविष्य A आने वाली
cadena कठिनाईयों के निराकरण हेतु योजनान्तर्गत किसी भी प्रकार *के* संशोधन हेतु
AIO मुख्यमंत्री जी अधिकृत हैं।
(5) अनुमानित वित्तीय उपाशय एवं बजटीय प्रावधान :
t. प्रदेश के. युवाओं के तकनीकी सशकक््तीकरण**हेतु. स्वामी विवेकानन्द युवा
सशकक््तीकरण योजना के लिए वर्ष 2022-2023 लिए अनुपूरक अनुदानों की
मांग के. माध्यम से. राजस्व लेखोशीर्ष# “2852-उद्योग-07-दूर संचार तथा
इलेक्ट्रानिक उद्योग-202-इलेक्ट्रानिक्स-800*अन्य व्यय-04-स्वामी विवेकानन्द युवा
सशकक््तीकरण योजना-0407-टेबलेट/स्मार्टफोन का वितरण-42-अन्य व्यय” मद में
रु 500 करोड़ का बजट Wide उपलब्ध कराया गया है।
. योजनान्तर्गत प्राविधानित ४बज्टे के अतिरिक्त गैरबजटीय माध्यमों यथा विभिन्न
संस्थाओं, विश्वविद्यालयों cafe सामाजिक उत्तरदायित्व (कार्पोरट सोशल
रिस्पान्सिबिलटी40.39२.) के माध्यम से इस वित्तीय वर्ष में लगभग रू0
000.00 करोड वित्तीय संसाधन के रूप में जुटाने का प्रयास किया जायेगा। इस
पर यथासेमय, AO मुख्यमंत्री जी के स्तर से अनुमोदन प्राप्त करते हुए निर्देश
जौरी किए जाएंगें।
4- इस संबंध A मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि कृपया शासन aa लिये गये
उक्त *निर्णयों का अनुपालन समस्त संबंधित से तत्परतापूर्वक सुनिश्चित कराने का कष्ट
करें।
भवदीय,
(अरविन्द कुमार)
अपर मुख्य सचिव
l- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अतः इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |UeA-_(7/2022/975(4)/77-7-2022, तददिनांक।
on oar wh
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित-
= स्टाफ आफीसर, मुख्य सचिव, उ0प्र0 शासन।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, उ0प्र0 शासन।
कृषि उत्पादन आयुक्त
९9
7.
2.
3.
4.
Tea, उ0प्र0 शासन।
महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय, उ0प्र0, लखनऊ।
महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय, उ0प्र0, स्वास्थ्य भवन, «लेखनऊ।
निदेशक, उच्च शिक्षा, उ0प्र0, इलाहाबाद।
निदेशक, प्राविधिक शिक्षा, उ0प्र0, विकास नगर, कानपुर।
निदेशक, प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय, उ0प्र0, Te गोविन्द सिंह मार्ग,
लखनऊ |
मिशन निदेशक, कौशल विकास मिशन, उ0प्र0, लखंनऊ।
निदेशक, दिव्यांगजन सशकक््तीकरण निदेशालय, SOW, i0qr तल, इन्दिरा भवन,
लखनऊ |
निदेशक, प्रशासन एवं विकास/#*पशुपालन विभाग, उ0प्र0, गोकरन नाथ रोड,
डालीगंज, लखनऊ।
निदेशक, कृषि निदेशालयः<उं0प्र0, कृषि भवन, मदन मोहन मालवीय मार्ग,
लखनऊ |
सचिव, 3040 स्टेंट भेडिकल एण्ड एलाईड फेकल्टी, 5 सर्वपल्ली मार्ग, माल एवेन्यु,
लखनऊ |
गार्ड फाइले।
आज्ञा से,
(रजनी कान्त पाण्डेय)
अनुसचिव
l- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अतः इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |