Home India सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग जनपद बिजनौर में मण्डावर राजवाहा के कि0मी0 0.000 से कि0मी0 17...
Date: 2026-01-29 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

जनपद बिजनौर में मण्डावर राजवाहा के कि0मी0 0.000 से कि0मी0 17.395 (शीर्ष से टेल) तक पुनर्स्थापना व सीमांकन कार्य की परियोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति ।

Issued by सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग · सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**Executive Summary** This document outlines the administrative and financial approval for the project of rehabilitating and demarcating the Mandawar Rajwaha in Bijnor district, from km 0.000 to km 17.395. The project's financial approval is for ₹358.15 lakhs, with an initial release of ₹1.75 crore (₹17,500,000) in the current financial year 2025-26. Compliance with financial regulations and timely completion of the project are emphasized. **Key Points / Main Content** * **Project Approval & Funding** * Administrative and financial approval granted for the rehabilitation and demarcation of Mandawar Rajwaha in Bijnor district. * Total project cost approved: ₹358.15 lakhs. * Initial financial release for FY 2025-26: ₹1.75 crore (₹17,500,000) from grant number 94, Head of Account 4700-19-051-10-14-24. * **Conditions and Restrictions** * Technical sanction must be obtained at the competent level before commencing the project. * The Chief Engineer is responsible for the specifications, standards, and quality of the project. * Funds to be withdrawn based on work progress and not to be kept in bank/deposit accounts. * Compliance with financial approval guidelines issued by the Finance Department. * Expenditure to align with financial regulations and austerity measures. * Funds should be used for the work it is approved, and irregularities will be the department's responsibility. * Compliance with Uttar Pradesh Budget Manual conditions and financial propriety standards. * Obtain legal and environmental clearances before commencing construction work. * The allocated funds should be used in the same financial year. * Submit utilization certificates to the government in the prescribed format. * Follow the conditions imposed in the departmental technical committee meeting. * Follow the guidelines issued by Finance (Accounts) Section-2 regarding the financial management related to percentage charges, construction cost and financial sanction. * Establishment expenditure should be deposited relative to the approved or allotted amount. * 1% labor cess will be deposited to labor department. * The Chief Engineer and Head of Department should ensure that the proposed works are not already approved or covered under any other scheme/program. * Audited accounts and expenditure details should be submitted to the Finance Department and Government monthly on a specified form. **Impact Analysis** **Chief Engineer/Head of Department** * **Impact:** Responsible for project execution, quality assurance, obtaining clearances, and adherence to financial regulations. * **Action Required:** Ensure compliance with all conditions, obtain technical sanction, oversee project execution, and provide regular updates. **Finance Department** * **Impact:** Responsible for overseeing financial compliance. * **Action Required:** No specific action in document. **Other Departments/Stakeholders** * **Impact:** Various departments are listed for information and necessary action, including the Accountant General, Project Engineer, and Treasury Officer. * **Action Required:** Ensure coordination, compliance with regulations, and timely completion of tasks related to their respective areas.

Key Entities Referenced

Uttar Pradesh Irrigation and Water Resources Department: Primary department responsible for the project implementation. Janpad Bijnor: Location where the Mandawar Rajwaha restoration and demarcation project will take place. Mandawar Rajwaha: The specific canal being restored and demarcated, from km 0.000 to km 17.395. Financial Rules Collection, Part-6, Chapter-12, Paragraph 318: Financial regulation outlining requirements for technical approval of projects. Finance Department Circular 6/2025/B-1-352/Ten-2025-231/2025 dated March 27, 2025: Guidelines related to the issuance of financial sanctions that must be followed.
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संख्या-75/2026/6297/25-27-सिं ०-4-004-09-4864423 रमा Bled वर्मा, संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन | सेवा में, प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, Soyo, लखनऊ | सिंचाई एवं जल संसाधन अनुभाग-4 लखनऊ: दिनांक 29-0-2026 विषय: जनपद बिजनौर में मण्डावर राजवाहा के कि0मी0 0.000 से कि0मी0 7.395 (शीर्ष से eet) तक पुनर्स्थापना व सीमांकन कार्य की परियोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति | महोदय, उपयुक्त विषयक प्रमुख अभियन्ता (परियोजना), सिंचाई एवं sel सँंसाथज्न बिभाग, Soyo, लखनऊ के पत्र संख्या-894/734/परि०/कैम्प/बजट, दिनांक 28.44.2025 के प्रस्ताब केश्क्रम७में मुझे यह कहने का fade हुआ है कि “जनपद बिजनौर में मण्डावर राजवाहा के कि0मी0 0.000 से कि0मी७,47.395 (शीर्ष से ca) तक पुनर्स्थापना व सीमांकन कार्य की परियोजना ” की लागत धनराशि Bo 358.45 ara ch प्रशासकीय एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-94 के लेखाशीर्षक-4700-49:054-40-44-24 के अन्तर्गत उक्‍त परियोजना हेतु प्राविधानित धनराशि रू० 7,75,00,000 ( रुपये एक “करोड़ पषचहत्तर लाख मात्र) को प्रथम किश्त के रूप मेँ चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में परियोजना के कार्यों परे व्यय करने हेतु अवमुक्त किये जाने के लिए निम्नलिखित शर्तों /प्रतिबन्धों के अधीन श्री राज्यपाल सहर्ष वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हैं :- नियम व शर्ते £ प्रतिबन्ध 4. प्रश्नगत परियोजना के. कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय नियम संग्रह भाग -6 के अध्याय - ॥2 के VEN - 3॥8 में वर्णित्ञ व्यबस्था Higa प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य wa कर ली जायेगी तथा सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्रास होने के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। 2. परियोजना db steata सम्मिलत्रित कार्यों की विशिष्टियाँ, मानक/गुणवत्ता का दायित्व सम्बन्धित मुख्य अभियन्ता का होगा। उनके द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि कार्य निर्धारित समय-सीमा के अन्तर्गत गुणवत्ता के AA पूर्ण कर लिए जाएं। 3. स्वीकृत धनराशि एकमुश्त न आहरित कर कार्य की आवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय की जायगी तथा आहररित धनराशि बैंक/डिपाजिट खाते में नहीं रखी जायेगी। 4. feet विभाग के कार्यात्रय AT संख्या: 6/2025/al--352/GA-2025-23/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 में वित्तीय स्वीकृतियां निर्गत किये जाने के सम्बन्ध में दिए गये दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये तथा वित्तीय हस्तपुस्तिकाओं के सुसंगत प्राविधानों एवं समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जाएगा। 5. स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिका के सुसंगत प्राविधानो, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शामनादेशों के अनुरूप किया जायेगा तथा मितव्ययिता के सम्बन्ध में वित्त विभाग द्वारा समय-समय पर निर्गत शासनादेशों में निहित प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।विभाग द्वारा प्रश्नगत धनराशि जिस कार्य / मद A स्वीकृत की जा रही है उसका व्यय प्रत्येक दशा में उसी कार्य / मद में किया जायेगा, अन्यथा की स्थिति में किसी प्रकार की अनियमितता के लिए इसका समस्त उत्तरदायित्व विभाग का होगा। विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश बजट मैनुअल के we-i2 में दी गयी शर्तों की पूर्ति तथा वित्तीय औचित्य के मानकों (स्टैण्डडर्स आफ फाइनेन्शियल्र प्रोप्राइटी) का अनुपालन भी सुनिश्चित किया जायेगा। विभाग द्वारा वैधानिक आपत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लियरेंस सक्षम स्तर से प्राप्ति करके ही. परियोजना निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि का उपभोग इसी वितीय वर्ष में कर लिया जाय AM कार्य सम्पादन के अनुरूप उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रत्येक दशा में शासन को निर्धारित प्रारूप uy उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाय। विभागीय तकनीकी समिति की बैठक में ल्रगायी गयी शर्तों का विभाग द्वाराष्षूर्ण रूप से अनुपालन सुनिश्रित 40. कराया जाएगा | प्रायोजना पर AAs को निर्माण के समय सुनिश्चित किए जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यदायी संस्था» विभाग का होगा। l. परियोजनान्तर्गत सेन्टेज चार्जेज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण _लागत तथा वित्तीय स्वीकृति से सम्बन्धित वित्तीय प्रबन्धन के सम्बन्ध में वित्त (लेखा) अनुभाग*श के शासनादेश AeA-0i/2023/T-2-60/ca- 2023-7(4)/75 दिनांक i7.05.2023 तथा शासनादेश संख्या-02/ 2023/ए-2-66/दस-2023-7(4) /75 दिनांक 9.05.2023 में निहित विशा-न्निर्देशों केअनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। 2. परियोजनान्तर्गत अधिष्ठान व्यय की धनेशाशि समय-समय पर स्वीकृत / आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष जमा की जायेगी। अधिष्ठान व्यय वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश AO-V-2-23/qa-20I- 7(4)/75 दिनांक 25/00,20i. के साथ पठित शासनादेश AKA-V-2-606/aH-20I4-7(4)/ 75, दिनांक ॥। नवम्बर, 204 द्वारा जारी विस्तृत दिशा निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी | I3. । प्रतिशत लेबर Se Hr धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का भुगतान किया जायेगा। प्रायोज॑नान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति (इप्लीकेसी) को रोकने की दृष्टि से प्रमुख अभियन्ता एवं 4. विभागाध्यक्ष, द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना / कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य योजना#»कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। 5. कार्य पूर्ण होने पर कार्य के सम्परीक्षित लेखे तथा प्रश्नगत परियोजना हेतु अवमुक्त की गयी धनराशि के व्यय का विवरण निर्धारित प्रपत्र बीएएम0-8 पर वित्त विभाग एवं शासन को प्रतिमाह निश्चित रूप से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा। यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।2- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये ,75,00,000 (रुपये एक करोड़ पचहत्तर लाख मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 094 लेखा शीर्षक 4700i9050i4 सम्बद्ध कार्य मानक मद 24 वृहत निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा। 3- यह आदेश वित्त (आय - व्ययक ) अनुभाग - के कार्यालय ज्ञाप संख्या - 6/2025/a-7-352/ea-2025- 23/2025, दिनाँक- 27-मार्च, 2025 में प्रशासकीय विभाग को shad प्रतिनिधानित अधिकार के अंतर्गत निर्गत किये जा रहे है। भवदीय, TA Gied वर्मा संयुक्त सचिव | AeCAT-75()/2026/629P/25-27-Rie-4-00/ -CN-864423, तद्दिनांक प्रतिल्रिपि-निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित: - 4- महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी प्रथम»द्वितीय), 50प्र0, प्रयागराज। 2- महालेखाकार (लेखा परीक्षा) प्रथम»द्वितीय, उ0प्र0, प्रयागराज] 3- प्रमुख अभियन्‍ता (परियोजना),सिंचाई विभाग, 50प्र0, लखनऊ। 4- मुख्य अभियन्ता (बजट), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, 50प्रे0, लखनऊ | 5- मुख्य अभियमन्ता, (पूर्वीगंगा), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, 50प्र0, मुरादाबाद | 6- वित्त नियंत्रक, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग्ठ0प्र0, लंखनऊ। 7- वरिष्ठ मुख्य कोषाधिकारी, बिजनौर, SOU! 8- अनु सचिव (लेखा), सिंचाई एवं जल्न्‍#संसाधेज्ञ विभाग, 50प्र0। 9- वित्त व्यय नियंत्रण अनुभाग-8 40- नियोजन अनुभाग-3 44-. सिंचाई एवं Sa संसाथज्ञ अन्ुभोग-9 42-. गाई Weal आज्ञा से, रमेश चन्द्र अनु सचिव | I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।

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