Home India लोक निर्माण विभाग जनपद बाँदा में झांसी-मानिकपुर रेल सेक्‍शन के कि0मी0-1313/9-1...
Date: 2026-02-27 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

जनपद बाँदा में झांसी-मानिकपुर रेल सेक्‍शन के कि0मी0-1313/9-1314 में नरेनी-कालींजर मार्ग से झांसी-मिर्जापुर मार्ग को जोड़ने हेतु नये बाईपास के निर्माण में आने वाले 04 लेन रेल उपरिगामी सेतु निर्माण कार्य की पुनरीक्षित प्रशासकीय एवं वित्‍तीय स्‍वीकृति के संबंध में।

Issued by लोक निर्माण विभाग · लोक निर्माण विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**Executive Summary** This document is a government order from the Uttar Pradesh government, issued on February 27, 2026, approving the revised administrative and financial sanction for the construction of a 4-lane rail overbridge in Banda district. The project involves building a new bypass connecting Jhansi-Mirzapur road from Nareni-Kalijar Marg at km 1313/9-1314 of Jhansi-Manikpur rail section. The approved cost is Rs. 5985.34 lakh. **Key Points / Main Content** * **Project Approval:** * Revised administrative and financial sanction granted for the 4-lane rail overbridge construction in Banda district. * The project aims to connect Jhansi-Mirzapur road from Nareni-Kalijar Marg at km 1313/9-1314 of Jhansi-Manikpur rail section via a new bypass. * **Financial Details:** * The original sanctioned cost was Rs. 5161.09 lakh. * The first revised sanctioned cost was Rs. 5672.58 lakh. * The second revised sanctioned cost approved is Rs. 5985.34 lakh, including Rs. 2227.16 lakh for the main bridge (railway portion) and Rs. 3758.18 lakh for the approach road. * **Terms and Conditions:** * Technical approval must be obtained before starting the work. * Expenditure must adhere to financial regulations and government orders. * Expenditure to be made only for the sanctioned work/item. * Establishment expenses/Centage charges will be deposited according to the sanctioned amount. * Labor cess must be paid to the Labor Department as per rules. * Depreciation fund must be deposited in the relevant head of account as per rules. * Conditions imposed by the Expenditure Finance Committee to be ensured. * After the approval of the project, its DPR should be formed before technical approval is issued. * Financial approval and first installment of the project will be released on evaluated cost. Second installment will be released after revising the cost according to the tender price. **Impact Analysis** **Public Works Department (PWD), Uttar Pradesh** * **Impact:** Responsible for overseeing the project execution, ensuring adherence to financial guidelines, and coordinating with various departments. * **Action Required:** Obtain technical approval, ensure compliance with financial regulations, monitor project progress, and submit regular reports. **Chief Engineer (Bridges) Public Works Department.** * **Impact:** Responsible for proper checks to determine whether the project meets the determined standards * **Action Required:** To ensure compliance to the above stated conditions **Managing Director, UP State Bridge Corporation Ltd.** * **Impact:** Responsible for completing construction in 3 months. * **Action Required:** Complete construction in 3 months without project revisions due to time or cost overruns.

Key Entities Referenced

झांसी-मानिकपुर रेल सेक्शन: A railway section located in Banda district, Uttar Pradesh, relevant as the location of the project being approved. Banda: The district in Uttar Pradesh where the railway section is located and the infrastructure project is planned. Lok Nirman Vibhag (Public Works Department): The primary department responsible for executing the project and adhering to the rules outlined in the order.
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AA-95/2026/|/253005/2026/23-099(099)/77/2025 प्रेषक, अभय प्रताप श्रीवास्तव, अनु सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 लखनऊ। लोक निर्माण AqHT-0 लखनऊ:दिनांक: 27-02-2026 विषय:- जनपद बाँदा में झांसी-मानिकपुर रेल सेक्शन के fposto-:3:3/9-3i4 में नरेनी-कालींजर मार्ग से झांसी-मिर्जापुर मार्ग को जोड़ने हेतु नये बाईपास के निर्माण में आने वाले 04 लेन रेल उपरिगामी सेतु निर्माण कार्य की पुनरीक्षित प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के संबंध में। महोदय, उपयुक्त विषयक मुख्य अभियन्ता (सेतु), ale निर्माण विभाग, लखनऊ के WATH-I/8463/2025/ PWD-BMCoESTM/54/2025-BMC, दिनांक 6-06-2025, WaATeR-I/222492/2025/PWD-BMCoESTM/3 66/2025-BMC, दिनांक 29-07-2025, Walh-|/243696/2025/PWD-BMCoGEN/40I/2025-BMC, दिनांक 2-08-2025, पत्रांक- /255345/2025/PWD-BMCoGEN/40/2025-BMC, दिनांक 29-08-2025 Wd Ualh-94cIqUe बांदा/झांसी मानिकपुर/रेल सेक्शन के fepostO-:33/9-434/ATHA/ 2025-26, दिनांक 07-0:-2025 h संदर्भ A मुझे यह कहने का face हुआ है कि जनपद बाँदा में झांसी-मानिकपुर Ya सेक्शन के feposto-:33/9- 34 में नरेनी-कालींजर मार्ग से झांसी-मिर्जापुर मार्ग को जोड़ने हेतु नये बाईपास के निर्माण में आने वाले 04 लेन रेल उपरिगामी सेतु निर्माण कार्य की मूल स्वीकृति शासनादेश ASA-237/20i6/85(I)/23-I- 20I6-/2(9)/20I6, दिनांक 29-08-206 द्वारा रू0 576.09 लाख (जिसमें मुख्य सेतु (रेलवे भाग) की लागत BO 3060.48 लाख एवं पहुँच मार्ग अंश की लागत BO 200.6i लाख सम्मिल्नित हैं) तथा पुनरीक्षित स्वीकृति शासनादेश ALA-93/202I/783(HT0)/23-0-2020-4/2(9)/20I6, दिनांक 08-02-202 द्वारा रू0 5672.58 लाख (जिसमें मुख्य सेतु (रेलवे भाग) की लागत BO 2227.i6 लाख एवं पहुँच मार्ग अंश की लागत रू0 3445.42 लाख सम्मिल्नित है) प्रदान की गयी थी। प्रश्ततत परियोजना की लागत मेँ वृद्धि के कारण प्रश्नगत कार्य की व्यय वित्त समिति द्वारा अनुमोदित द्वितीय पुनरीक्षित लागत BO 5985.34 लाख (जिसमें मुख्य सेतु (रेलवे भाग) की लागत BO 2227.46 लाख एवं पहुंच मार्ग आदि की लागत BO 3758.8 लाख सम्मिलित है) की श्री राज्यपाल महोदय निम्नल्रेखित विवरणानुसार तथा शर्तो“प्रतिबन्धों के अधीन सहर्ष प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते है:- (धनराशि रूपये लाख में) क्र0| जनपद कार्य का विवरण मूल | पुनरीक्षित | द्वितीय का नाम लागत | लागत | पुनरीक्षित लागत | बाँदा [जनपद बाँदा में झांसी-मानिकपुर रेल सेक्शन के कि0मी0-| 5767.09 | 5672.58 | 5985.34 33/9-34 A नरेनी-कालींजर मार्ग से झांसी-मिर्जापुर मार्ग को जोड़ने हेतु नये बाईपास के निर्माण में आने वाले 04 लेन रेल उपरिगामी सेतु का निर्माण | 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |नियम व शर्ते/प्रतिबन्धों (i) Watd कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय हस्तपुस्तिका खण्ड-6 के HCA-2 के WN-38 में वर्णित व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जाय तथा सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ किया जाय। (2) प्रायोजनान्तर्गत स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्त-पुस्तिका के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जायेगा। (3) Wadd स्वीकृति जिस कार्य/मद के लिये है, उसी कार्य/मद पर प्रत्येक दशा में व्यय किया जायेगा। (4) अधिष्ठान व्यय»सेन्टेज चार्ज कीधनराशि समय-समय पर स्वीकृत/आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष जमा की जायेगी। निर्माण कार्य की लागत पर अधिष्ठान व्यय की धनराशि वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश WO-V-2-23/GH-200-7(4)/75 दिनांक 25-0i-20 के साथ पठित शासनादेश सं0-ए-2- 606/GH-20I4-7(4)/75 दिनांक ॥। नवम्बर 20I4 ERI जारी विस्तृत दिशा निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी तथा उक्त शासनादेश दिनांक 25-0-20॥ के Hoan में प्रदर्शित सम्बन्धित विभाग के प्राप्ति लेखाशीर्षक i054 सड़क तथा सेतु- 800 अन्य प्राम्तियां-0। प्रतिशतता प्रभारों की वसूली A ट्रान्सफर इन्ट्री द्वारा क्रेडिट कर जमा की जायेगी। (5) लेबर सेस की धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का नियमानुसार भुगतान किया जायेगा। (6) मूल्य ae निधि की धनराशि सुसंगत लेखाशीर्षक में नियमानुसार जमा करायी जायेगी। (7) व्यय वित्त समिति द्वारा त्रगायी गयी शर्तों का पूर्णतयः अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। (8) वित्त विभाग के शासनादेश WEAT-0/202I/aT-2-96/GH-202-0/99, दिनांक 22 मार्च,202 के अनुसार अनुमोदित प्रायोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के उपरान्त इसकी डी0पी0आर०0 गठित करने के उपरान्त ही तकनीकी स्वीकृति निर्गत की जाय। (9) वित्त विभाग के शासनादेश AO-0i/2023/N-2-60/GH-2023-7(4)/75, दिनांक i7 मई,2023 के अनुसार परियोजना की वित्तीय स्वीकृति व प्रथम किश्त मूल्यांकित लागत पर जारी की जाये, किन्तु द्वितीय किश्त जारी करने से पूर्व परियोजना की लागत को निविदा A प्राप्त मूल्य(टेण्डर Hitec) के अनुसार विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए पुनरीक्षित करा लिया जाये। परियोजना की अनुवर्ती fect पुनरीक्षित लागत के आधार पर ही जारी की जायें ताकि कार्यदायी संस्था को कार्य की वास्तविक लागत से अधिक धनराशि अवमुक्त न हो सके।यदि निविदा के बाद कार्यो की ल्रागत में कमी आती है तो बचत की धनराशि को सुसंगत वित्तीय नियमों के अन्तर्गत राजकोष में जमा किया जायेगा। (0) प्रायोजनान्तर्गत आकस्मिक व्यय मद में प्रस्तावित धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिका में अनुमन्य मर्दों पर ही नियमानुसार सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करने के उपरान्त ही किया जायेगा। (॥) प्रायोजनान्तर्गत ॥8 प्रतिशत कर दर से जी0एस0टी0 की धनराशि सम्मिलित की गयी है। विभाग का दायित्व होगा कि भारत सरकार»राज्य सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जी0एस0टी0 का भुगतान सुनिश्चित कराये। साथ ही विभाग का यह भी दायित्व होगा कि प्रायोजना के निर्माण कार्यो में वास्तविक खपत (CONSUMED) हुई मुख्य सामग्री (सीमेन्ट/स्टील»बिटुमिन इत्यादि) की मात्राओं का अनुपातिक/मानक मिलान करते हुए जी0एस0टी0 भुगतान किया जाये।जी0एस0टी0 के सम्बन्ध में वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-8 के शासनादेश संख्या-2/2022/ई-8-202/दस-2022, दिनांक ॥3 सितम्बर,2022 में निहित व्यवस्था का अनुपात्नन सुनिश्चित किया जाये। (i2) विभाग द्वारा नियमानुसार समस्त यथा आवश्यक वैधानिक अनापत्तिियों एवं पर्यावरणीय क्ल्रियरेन्स सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाय। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(3) प्रायोजना प्रस्तव/आगणन मेँ भूमि अध्याप्ति (0.879 BO) हेतु लागत BO 093.33 लाख का प्रावधान किया गया है। विभाग द्वारा समस्त विधिक पहलुओं पर आश्वस्त होते हुए न्यूनतम आवश्यकता एवं सुसंगत वित्तीय नियमों के अधीन भूमि अध्याप्ति»अधिग्रहण सुनिश्चित किया जाये। (4) प्रायोजना में यूटिलिटी शिफ्टिंग के अन्तर्गत विद्युत विभाग की विद्युत लाइन शिफ्टिंग हेतु पूर्व स्वीकृत लागत रू0 33.59 लाख को wise कर लिया गया है। इन कार्यों के क्रियान्वयन से पूर्व विभाग द्वारा अपने स्तर से यूटिल्रिटी शिफ्टिंग के प्रस्तावित कार्यो का Verification & revalidation कराते हुए कार्य कराया जाना सुनिश्चित करें एवं तद्गुसार यूटिलिटी शिफ्टिंग की लागत अनुमन्य की जायेगी। (5) प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की मात्राओं को यथावत मानते हुए दरों का परीक्षण किया गया है। मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यदायी संस्था» विभाग का होगा। (6) प्रायोजना प्रस्ताव का परीक्षण लागत आगणन मेँ प्रस्तावित विशिष्टियों एवं कार्य प्रावधानों को यथावत मानते हुए किया गया है। आर0ओ0बी0 निर्माण की लम्बाई»चौड़ाई में परिवर्तन, आर०ई०वाल एबेटमेन्ट आदि में परिवर्धन/परिवर्तन, स्वीकृत प्रायोजना के caro में परिवर्तन आदि व्यय वित्त समिति का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा। (7) प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृति (डुप्लीकेसी) को रोकने की दृष्टि से यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना»कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य योजना»कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। (48) वित्त विभाग के कार्यालय AM AeAM-6/2025/aA-I-352/GH-2025-23/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 मेँ निहित प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (i9) लोक निर्माण विभाग में सी०्सी०एल० प्रणाली समाप्त किए जाने के फल्रस्वरूप वर्क्स से सम्बन्धित बजट के ऑन लाइन आवंटन किए जाने हेतु डीग्डी०ओ० कोड आवंटन विषयक वित्त (आय-व्ययक अनुभाग- । के शासनादेश AEAI-0/2022/al--345/GH-2022, दिनांक 04-05-2022 तथा कार्यमद के व्यय को सी०सी०एल० प्रणाली से मुक्त रखते हुए सामान्य कोषागार प्रणाली से आच्छादित किए जाने के सम्बन्ध में वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के कार्यालय ज्ञाप संख्या-3/2022/ए-2-76/दस-2022 ॥0(9)/95, दिनांक 3-04-2022 में निहित व्यवस्था»शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (20) Geta चार्जेज (प्रशिक्षत प्रभार), निर्माण लागत तथा वित्तीय स्वीकृति से संबंधित वित्तीय प्रबन्धन विषयक वित्त विभाग के शासनादेश PAN-0l/ 2023 /U-2-60/GH-2023-7(4)/75, दिनांक 7.05.2023 एवं शासनादेश AAT-02/2023/U-2-66/EA-2023-7(4)/75, दिनांक 9.05.2023 में निर्धारित प्रक्रिया एवं निहित शर्तों का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित किया जाय। (2) परियोजना से सम्बन्धित समस्त तकनीकी पक्षों/तथ्यों व उनके परीक्षण/सत्यापन तथा इस परियोजना के निर्धारित मानकों के अनुरूप होने का पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग का होगा। (22) उक्त परियोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति विषयक मूल स्वीकृति सम्बन्धी शासनादेश CRAM-23/20I6/85()/23-0-20I6-/2(9)/20I6, दिनांक 29-08-20I6 तथा पुनरीक्षित स्वीकृति सम्बन्धी शासनादेश AA-93/2024/83 (3N0)/23-0-2020-4/2(9)/20I6, दिनांक 08-02-202 की शेष शर्ते व प्रतिबन्ध यथावत लागू रहेंगे। (23) प्रश्नगत परियोजना का निर्माण कार्य 03 माह के अन्दर पूर्ण कर लिया जाय तथा टाइम ओवर रन एव कास्ट ओवर रन इत्यादि के कारण प्रायोजना का पुनरीक्षण नहीं किया जायेगा। (24) उपरिलिखित सभी शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करने का दायित्व प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष “मुख्य अभियंता(सेतु)/सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग एवं प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0राज्य सेतु निगम लिमिटेड का होगा। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |2- प्रश्नगत कार्य पर होने वाला व्यय अनुदान संख्या-57 के लेखाशीर्षक-5054-सड़कों तथा सेतुओं पर पूँजीगत परिव्यय-04-जिला तथा अन्य सड़के-0।-पूल-05-रेलवे उपरिगामी सेतु-056-रेलवे उपरिगामी HUTA सेतुओं के निर्माण के uel कार्यो हेतु व्यवस्था-24-वृहत निर्माण कार्य तथा अनुदान संख्या-83 लेखाशीर्षक-5054-सड़कों तथा सेतुओं पर पूँजीगत परिव्यय-04-जिलों तथा अन्य सड़के-789- अनुसूचित जातियों के लिए विशेष घटक योजना-5-रेलवे उपरिगामी/अथोगामी सेतुओं का निर्माण(चाल्ू कार्य)-24-वृहत निर्माण कार्य के नामें डाला जायेगा। 3- यह आदेश वित्त विभाग के अशासकीय संख्या- E-8-009-X-2025-26-fealh: 26-02-2026 में प्राप्त उनकी सहमति से निर्गत किये जा रहे है। भवदीय, (अभय प्रताप श्रीवास्तव) अनु सचिव | संख्या व दिनांक तदैव Wate निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः- i- निजी सचिव, मा0 मुख्यमंत्री, 50N0 शासन। 2- निजी सचिव, मा० राज्यमंत्री, लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 शासन। 3- महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, SOU प्रयागराज 4- महालेखाकार (लेखा परीक्षा) प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज 5- सम्बन्धित मण्डलायुक्त/जिलाधिकारी | 6- मुख्य अभियन्ता (सेतु) लोक निर्माण विभाग ल्खनऊ। 7- महाप्रबन्धक संबंधित रेलवे। 8. वित्त नियंत्रक, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ। 9. सम्बन्धित मुख्य अभियन्ता, ल्रोक निर्माण विभाग। 0- मुख्य कोषाधिकारी, आदर्श कोषागार, कलक्ट्रेट, लखनऊ। ". सम्बन्धित वरिष्ठ कोषाधिकारी/कोषाधिकारी। i2- प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0 राज्य सेतु निगम लि0, लखनऊ। 3- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनु0-8/वित्त (आय-व्ययक) HAGO-I, 50प्र0 शासन 4- राज्य योजना आयोग- /2, उ0प्र0 शासन। 5- - hao अभियन्‍न्ता नियोजन/परियोजना, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ। (6- लोक निर्माण अनुभाग- /9/0/2 एवं 4. उ0प्र0 शासन। I7- नोडल अधिकारी (आनलाईन बजट एलॉटमेन्ट सिस्टम), लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 शासन। 8- गार्ड फाइल्र। आज्ञा से, (अभय प्रताप श्रीवास्तव) अनु सचिव | 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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