ज़रूर, यहां दस्तावेज़ का सारांश दिया गया है:
**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़, उद्योग विभाग-6, उत्तर प्रदेश सरकार से, इन्वेस्ट यूपी को 15.00 करोड़ रुपये (पहली किस्त) की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में है। इस राशि का उपयोग वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इन्वेस्ट यूपी के बजट के लिए किया जाएगा। यह स्वीकृति कुछ नियमों और शर्तों के अधीन है, जिसका अनुपालन अनिवार्य है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
* **वित्तीय स्वीकृति:**
* इन्वेस्ट यूपी के लिए 15.00 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई।
* यह वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आवंटित बजट का 1/4 भाग है।
* **उपयोग और रिपोर्टिंग:**
* आवंटित राशि इन्वेस्ट यूपी को स्थानांतरित की जाएगी।
* इन्वेस्ट यूपी को उपयोगिता प्रमाण पत्र देना होगा, जिसे मुख्य कार्यकारी अधिकारी इन्वेस्ट यूपी द्वारा हस्ताक्षरित किया जाएगा, और आयुक्त और निदेशक, उद्योग लखनऊ के माध्यम से महालेखाकार, उत्तर प्रदेश, वित्त विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार और अन्य सभी संबंधितों को भेजा जाएगा।
* स्वीकृत धनराशि केवल उसी मद में खर्च की जानी चाहिए जिसके लिए यह स्वीकृत की गई है।
* व्यय निर्धारित दिशानिर्देशों और सरकारी आदेशों के अनुसार होना चाहिए।
* **शर्तें और प्रतिबंध:**
* धनराशि का आहरण तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर किया जाना चाहिए और सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही किया जाना चाहिए।
* धनराशि का आहरण एक महीने की आवश्यकता के अनुसार किया जाना चाहिए, आवश्यकता का आकलन संयुक्त आयुक्त उद्योग, लखनऊ मंडल, लखनऊ द्वारा किया जाना चाहिए।
* धनराशि का व्यय समय-समय पर वित्त विभाग द्वारा जारी सरकारी आदेशों के अधीन होगा।
* किसी भी परिस्थिति में, धनराशि को पूर्व में आहरित करके बैंक/अन्य किसी खाते में नहीं रखा जाएगा।
* स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा इन्वेस्ट यूपी द्वारा रखा जाएगा।
* **लेखा और वर्गीकरण:**
* यह व्यय वित्तीय वर्ष 2025-2026 के बजट में अनुदान संख्या-007, लेखा शीर्षक 2852801020300 "इन्वेस्ट-यू.पी." के तहत "सहायता अनुदान-सामान्य (गैर वेतन)" के नामे डाला जाएगा।
* **प्राधिकरण:**
* यह आदेश वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 27.03.2025 में प्रशासनिक विभाग को प्रदत्त अधिकारों के तहत जारी किया गया है।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**इन्वेस्ट यूपी:**
* **प्रभाव:** इन्वेस्ट यूपी को 15.00 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त होगी, जिससे वह अपनी गतिविधियों को संचालित कर सकेगा।
* **आवश्यक कार्रवाई:** इन्वेस्ट यूपी को प्राप्त धनराशि का उपयोग निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार करना होगा, उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा, और धन के उपयोग का लेखा-जोखा रखना होगा।
**आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग लखनऊ:**
* **प्रभाव:** उन्हें इन्वेस्ट यूपी से उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त होगा और महालेखाकार, वित्त विभाग और संबंधित पक्षों को भेजना होगा।
* **आवश्यक कार्रवाई:** उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि इन्वेस्ट यूपी उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करे और इसे समय पर संबंधित विभागों को भेजा जाए।
**महालेखाकार, उ0प्र0:**
* **प्रभाव:** उन्हें इन्वेस्ट यूपी से उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त होगा और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होगी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** उन्हें इन्वेस्ट यूपी द्वारा प्रस्तुत उपयोगिता प्रमाण पत्र की समीक्षा करनी होगी।
**वित्त विभाग, उ0प्र0 शासन:**
* **प्रभाव:** उन्हें इन्वेस्ट यूपी से उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त होगा और धन के उपयोग का निरीक्षण करना होगा।
* **आवश्यक कार्रवाई:** उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि इन्वेस्ट यूपी द्वारा प्रस्तुत उपयोगिता प्रमाण पत्र सही है और धन का उपयोग उचित तरीके से किया गया है।
**संयुक्त आयुक्त उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ:**
* **प्रभाव:** उन्हें इन्वेस्ट यूपी की आवश्यकता का आकलन करना होगा।
* **आवश्यक कार्रवाई:** उन्हें इन्वेस्ट यूपी की आवश्यकता का आकलन करना होगा।
Key Entities Referenced
इन्वेस्ट यू.पी.: उत्तर प्रदेश सरकार की एक इकाई जो निवेश को आकर्षित करने और सुविधा प्रदान करने के लिए बनाई गई है। (उत्तर प्रदेश गवर्नमेंट एंटिटी क्रिएटेड टू अट्रैक्ट एंड फैसिलिटेट इन्वेस्टमेंट)
औद्योगिक विकास अनुभाग-6: उत्तर प्रदेश सरकार का औद्योगिक विकास अनुभाग। (इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट सेक्शन ऑफ उत्तर प्रदेश गवर्नमेंट)
लखनऊ मण्डल, लखनऊ: लखनऊ संभाग, लखनऊ (प्रशासनिक प्रभाग) (लखनऊ डिवीजन, लखनऊ (एडमिनिस्ट्रेटिव डिवीजन))
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार (गवर्नमेंट ऑफ उत्तर प्रदेश)
वित्त विभाग, उ.प्र. शासन: उत्तर प्रदेश सरकार का वित्त विभाग। (फाइनेंस डिपार्टमेंट ऑफ उत्तर प्रदेश गवर्नमेंट)
WEAT-36/2025/754/77-6-2025-6002(099)/8/202/556882
प्रेषक,
पीयूष वर्मा,
विशेष सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
संयुक्त आयुक्त,
उद्योग,
लखनऊ मण्डल, लखनऊ।|
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 24-042025
विषय:- इन्वेस्ट यू0पी0 हेतु &.5.00 करोड़ (प्रथम किश्त) की वित्तीय स्वीकृति के सम्बन्ध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक sedte यू0पी0 के पत्र संख्या-इन्वेस्ट यूपी/47/बजट/ 2025-26 दिनांक
04.04.2025 द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में इन्वेस्ट यू0पी0 हेतु प्राविधानित
बजट धनराशि BO 60.00 करोड़ (रूपया साठ करोड़ मात्र) के सापेक्ष प्राविधिनित का /4 भाग, जो
कि रू0 5,00,00,000.00(रूपये पन्द्रह करोड़ मात्र) है, की प्रथम किश्त के रूप में वित्तीय स्वीकृति
निर्गत किये जाने का अनुरोध किया गया है।
2- 3a सम्बन्ध मैं मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-
व्ययक में अनुदान संख्या-07 के अन्तर्गत लेखाशीर्षक 2852-उद्योग-80-सामान्य-02-औद्योगिक
उत्पादकता-03 "इन्वेस्ट यू0पी0"-20-सहायता अनुदान-सामान्य(गैर-वेतन) मद मैं प्राविधािनित धनराशि
रू.60.00 करोड़ (रूपया साठ करोड़ मात्र) के सापेक्ष BO 5.00 करोड़ (रूपये Goose करोड़ मात्र) की
प्रथम किश्त के रूप में आपके निर्वतन पर रखने हेतु निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन
वित्तीय स्वीकृति निर्गत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
नियम व शर्तें/प्रतिबन्धों
l. उक्त धनराशि को आहरित कर इन्वेस्ट यू0पी0 को उपलब्ध कराया जाएगा जिसका उपयोगिता
प्रमाण पत्र निर्धारित प्रारूप पर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इन्वेस्ट यू0पी0 द्वारा हस्ताक्षरित
कर आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग लखनऊ के माध्यम से महालेखाकार उ0प्र0 तथा वित्त विभाग
उ0प्र0 शासन Ud समस्त संबंधितों को तत्काल उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद मैं किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृत किया गया है।
3. धनराशि का आहरण नियमानुसार सक्षम स्तर के अनुमोदनोपरान्त किया जाएगा एवं वित्त आय-
व्ययक अनुभाग-। के कार्यालय AMT दिनांक 27.03.2025 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा
जारी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
4. स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही समस्त
औपचारिकताएं पूर्ण होने के उपरान्त किया जाएगा।
5. स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का
आंकलन संयुक्त आयुक्त उद्योग, लखनऊ मण्डल लखनऊ द्वारा किया जाएगा।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |6. स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्त विभाग cant समय-समय पर निर्गत शासनादेशों की शर्तों/
प्रतिबन्धों के अधीन किया जाएगा।
7. किसी परिस्थिति मे धनराशि को पूर्व आहरित करके एकमुश्त बैंक/अन्य किसी खाते में नहीं रखा
जाएगा।
8. स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा इन्वेस्ट यू0पी0 दूवारा रखा जाएगा।
3- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 5,00,00,000 (रुपये yeas करोड़ मात्र) को चालू वित्तीय
वर्ष 2025-2026 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या-007 लेखा शीर्षक 2852804020300 "इन्वेस्ट-
यू.पी." मानक मद 20 सहायता अनुदान-सामान्य (गैर वेतन) के नामे डाला जायेगा।
4- यह आदेश वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय AM संख्या- 6/2025/sl--352/ea-
2025-23/2025 दिनांक 27.03.2025 में प्रशासकीय विभाग को उक्तवत प्रतिनिधानित अधिकार के
अंतर्गत निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
पीयूष वर्मा
विशेष सचिव।
संख्या-36/2025/754()/77-6-2025-6002(099)/8/202/ 556882 तद्दिनांक।
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
l. महालेखाकार(लेखा एवं हकदारी) प्रथम/ दवितीय, उ0प्र0 प्रयागराज।
2. मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ।
3. निजी सचिव, अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन
विभाग, उ0प्र0 शासन।
4. नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट सिस्टम, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन।
5. आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर।
6. मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इन्वेस्ट यू0पी0 के पत्र संख्या-इन्वेस्ट यूपी/47/बजट/ 2025-26
दिनांक 04.04.2025 के क्रम में अग्रेतर आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित।
7. निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
8. वित्त(आय-व्ययक)अनुभाग-/4
9. वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
0. नियोजन अनुभाग-4/4
47. औद्योगिक विकास अनुभाग-2
2. गार्ड फाइल।
आज्ञा से,
रामध्यान रावत
उप सचिव।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |