ज़रूर, यहां अनुरोधित प्रारूप में सारांश दिया गया है:
**कार्यकारी सारांश**
दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संशोधन) अधिनियम, 2016 है, जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 में और संशोधन करना है। यह संशोधन राज्य में औद्योगिक विकास को सुगम बनाना चाहता है, विशेष रूप से समर्पित माल गलियारे से जुड़े क्षेत्रों में। अधिनियम 21 मार्च 2016 को राज्यपाल द्वारा स्वीकृत किया गया था और 22 मार्च 2016 को प्रकाशित किया गया है।
**मुख्य बातें**
* **परिभाषा संशोधन:**
* "मार्ग" की परिभाषा में पुलों, ओवरपासों और भूमिगत रास्तों को शामिल करने के लिए स्पष्ट किया गया है।
* "टाउन रिफ्यूज" शब्द को स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा, परिवहन और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे को शामिल करने के लिए विस्तारित किया गया है।
* नई परिभाषाएं जोड़ी गईं: "भवन", "कंपनी", "विकास", "आर्थिक गतिविधि", "औद्योगिक टाउनशिप", "अवसंरचना परियोजना", "साइट", "विशेष निवेश क्षेत्र" और "इकाई" यह स्पष्टता और विशिष्टता प्रदान करता है।
* **औद्योगिक क्षेत्र का पदनाम:**
* राज्य सरकार को अधिसूचना द्वारा औद्योगिक क्षेत्र घोषित करने और प्राधिकरण नियुक्त करने का अधिकार दिया गया है।
* राज्य सरकार औद्योगिक विकास क्षेत्र के भीतर या बाहर स्थित क्षेत्रों को विशेष निवेश क्षेत्र घोषित कर सकती है।
* **प्राधिकरण शक्तियां:**
* प्राधिकरण के पास नगरपालिका सेवाएं और सुविधाएं प्रदान करने, प्लॉट आवंटित करने, भवनों के निर्माण को विनियमित करने और मास्टर प्लान के अनुसार किसी विशिष्ट उद्देश्य के लिए विशिष्ट साइटों को नामित करने की शक्तियां हैं।
* प्राधिकरण को सुनियोजित विकास करने के लिए पूर्ण या आंशिक रूप से राज्य और केंद्र सरकारों के स्वामित्व वाली कंपनियों का गठन करने की अनुमति दी गई है।
* **शुल्क और कर:**
* प्राधिकरण को विशेष निवेश क्षेत्र या औद्योगिक विकास क्षेत्र में विकास योजनाओं के परिणामस्वरूप संपत्ति के मूल्य में वृद्धि के लिए सुधार शुल्क लगाने का अधिकार है।
* प्राधिकरण आगंतुकों से टोल वसूल सकता है और राज्य सरकार टोल भुगतान से छूट दे सकती है।
* **स्टैम्प शुल्क वृद्धि:** औद्योगिक विकास क्षेत्र में अचल संपत्ति के हस्तांतरण पर स्टाम्प शुल्क में 2% तक की वृद्धि की जाएगी।
* **अन्य संशोधन:** भवन निर्माण या मरम्मत के लिए समय-सीमा, अधिनियम के तहत बकाया राशि के लिए शुल्क, अधिकारियों को बाधा डालने के लिए दंड, प्रयोक्ता शुल्क और अधिकारियों को भूमि के संबंध में कुछ विशिष्ट कार्य करने के लिए सशक्त करना शामिल हैं।
* **औद्योगिक टाउनशिप:** राज्यपाल अधिसूचना के माध्यम से किसी विशेष निवेश क्षेत्र या औद्योगिक विकास क्षेत्र के एक हिस्से को एक औद्योगिक टाउनशिप के रूप में नामित कर सकता है।
**प्रभाव विश्लेषण**
* **औद्योगिक विकास प्राधिकरण:**
* **प्रभाव:** अधिनियम क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने के लिए विस्तारित अधिकार और जिम्मेदारियां प्रदान करता है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** विस्तारित जिम्मेदारियों का निर्वहन करने और नए प्रावधानों के अनुरूप अपने संचालन को संरेखित करने के लिए आंतरिक प्रक्रियाएं स्थापित करना।
* **निवेशक और औद्योगिक इकाइयां:**
* **प्रभाव:** अधिनियम द्वारा निर्धारित स्पष्ट परिभाषाओं, बढ़ी हुई सुविधाओं और प्रक्रियाओं से लाभान्वित हों।
* **आवश्यक कार्रवाई:** क्षेत्र में निवेश और संचालन के अवसरों के लिए अधिनियम के निहितार्थों को समझना।
* **संपत्ति के स्वामी:**
* **प्रभाव:** सुधार शुल्क के अधीन हो सकते हैं, लेकिन बुनियादी ढांचे में सुधार और विकास के कारण संपत्ति मूल्यों में वृद्धि से लाभान्वित हो सकते हैं।
* **आवश्यक कार्रवाई:** देय किसी भी सुधार शुल्क से अवगत रहें और उनका समय पर भुगतान करने के लिए तैयार रहें।
* **राज्य सरकार:**
* **प्रभाव:** औद्योगिक विकास और राजस्व सृजन में वृद्धि के लिए तैयार है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन की निगरानी करें और आवश्यक अधिसूचनाएँ जारी करें, विशेष रूप से टोल दरें और स्टाम्प शुल्क वृद्धि के संबंध में।
Key Entities Referenced
उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संशोधन) अधिनियम, 2016: उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 में संशोधन करने के लिए 2016 का अधिनियम।
उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976: उत्तर प्रदेश राज्य में कुछ क्षेत्रों को औद्योगिक और शहरी क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए बनाया गया अधिनियम।
औद्योगिक टाउनशिप: भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 थ के तहत अधिसूचित क्षेत्र।
विशेष निवेश क्षेत्र: अधिसूचना द्वारा राज्य सरकार द्वारा घोषित एक नामित क्षेत्र।
भारत का संविधान: भारत का सर्वोच्च कानून, जिसमें औद्योगिक टाउनशिप और अन्य प्रासंगिक प्रावधानों से संबंधित अनुच्छेद शामिल हैं।
कम-संख्या-77
सरकारी गजट, उत्तर प्रदेश
S.J. बडा:
असाधारण
विधायी परिशिष्ट
ArT, खण्ड (क)
(उत्तर प्रदेश अधिनियम
लखनऊ, मंगलवार, 22 मार्च, 2096
चैत्र 2. 939 शक AR
उत्पर प्रदेस सासन
विधायी sepa
संख्या 590/ 79 दि--6: (क-२-206.
लखनऊ, 22. मार्च, 206
fee Sl
Fafa
we का संविधान” के अनुच्छेद 200 के ante राज्यपाल mele ने उतार प्रदेश a Ba Reet
(eer) विधेयक, 206 पर दिनांक 2 मार्च, 206 को अनुमति प्रदान की और वह उतार प्रदेश अधिनियम
संख्या 90 सन् 2006 के रूप में सर्वसाधारण की सूचनार्थ इस अधिसूचना द्वार प्रकाशित किया जाता है।
उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संशोधन) अधिनियम, 206
(उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 40 सन 206)
जैसा उत्तर प्रदेश विधान मण्डल द्वार पारित हुआ]
उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, sare का अग्रतर संशोधन करने
के लिए
अधिनियम
sare गणराज्य के सड़सठवें वर्ष में निम्नलिखित अधिनियम बनाया जाता है:
tome अधिनियम उतार प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संशोधन) अधिनियम, 206 ee बम
कहा artउत्तर प्रदेश असाधारण गज़द, 22 सरल, 206
2
उत्तर प्रवेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, rove, जिसे. आगे मूल अधिनियम
er प्रदेश
अधिनियम कहा गया है. की धारा 2 मैं...
संख्या 6 सन (a) खण्ड (@)
970 की (एक) शब्द “मार्ग” के स्थान we शब्द “art, पुल, AREA सेतु,
ut 2 का
safes पारम्थ” रख दिये जायेंगे
संशोधन
(2) सबब "een Res के स्थान: ge mE “स्वास्थ्य संबंधी
सुविधाएं, शिक्षा, Reset प्रबंधन, Ga, पावर Rw ene ars
ave कमैक्टिविटी- और गैस पाइप लाइन” रख दिये जायेगे
(व खण्ड है) के पश्चात् निम्नलिखित es बढ़ा दिया जायेगा, ef
fea) 'मवन' मैं कोई संरचना या निर्माण या उसका भाग सम्मिलित
है जो किसी आयासीय, वाणिज्यिक, संस्थागत, औद्योगिक या किसी अन्य
प्रयोजन के लिए उपयोग मैं लाया जा रहा है था उपयोग में लाये जाने के
योग्य है और उस पर कब्जा है या कब्जा किये जाने योग्य है”
(ep खण्ड (0) के पश्चात् निम्नलिखित खण्ड बढ़ा दिये जायेंगे, अर्थात.
(ia) ered का तात्पर्य, इस अधिनियम के प्रयोजन के लिए
कम्पनी . अधितियन, . 03. के अपीन Praha किसी. कम्पनी. या. इसके
साविधिक उपान्तरण से है जिसमें: सपूर्ण दंत अंशपूंजी oe या. atic
रूप से राज्य सरकार द्वार धृत हैं या अंशरत: राज्य सरकार द्वारा और alee:
केन्द्र सरकार द्वार चूत है ;
ra) 'विकास' का इसके व्याकरणिक Arenal संहित तात्पर्य है
किसी भूमि या भवन पर किसी ini क्रियाकलाप को करना जिसमें कोई
परिवर्तन भी है जो वित्लीय व्ययों के कारण हुआ है. और जिससे दर योग्य
मूल्यों में वृद्धि हो सकती है और इसमें gene भी है;
(१-४ आर्थिक क्रियाकलाप' में औद्योगिक, पिनिमाण, वाणिज्यिक,
वित्तीय, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, लाजिस्टिक, परिवहन, पर्यटन, आतिध्य TAR,
स्वास्थ्य, आवास, मनोरंजन, शोध और विकास, शिक्षा और प्रशिक्षण, सूचना
और संचार, weary और परामर्स, सुविधाओं के विकास और ore से
जुड़ी गतिविधियां और सेवायें और ऐसे अन्य आर्थिक क्रियाकलाप हैं जिन्हें
राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष् करें;
(घी खण्ड (थी) के पश्चात निम्नलिखित खण्ड बढ़ा दिये जायेंगे, अति.
ुध-) 'जचोगिक टाउमशिप' का तात्पर्य भारत का संविधान के
अनुच्छेद 26 के खण्ड () के परनुक के अधीन. राज्यपाल... द्वारा,
अधिसूषना ara इस रूप में विनि्िष्ट औद्योगिक: टाउनशिप से है;
(e-2) अवसंरचना परियोजना का तात्पर्य किसी परियोजना से है
जिसे ऐसी अवसंरधना, सुख-साधन, सुविधाओं या सेवाओं से है, जो विशेष
निवेश क्षे्र या औद्योगिक विकास क्षेत्र के सुगम और उत्कृष्ट कार्यो के लिए
cal हों, के विकास के लिए लिया गया है था लिया जाना हैं;
(ढ) खण्ड (ड) के पश्चात निम्नलिखित खण्ड बढ़ा दिये जायेंगे, अर्थात
(et) 'स्थल' का तात्पर्य किसी भूमि या भवन या aN के FP
aaa
(6-2) विशेष निवेश क्षेत्र का तात्पर्य ore उ की ET (की के
अधीन राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना द्वारा इस रूप में घोषित क्षेत्र से है;उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 22 मार्च, 2006
(व) खण्ड (व) के परचात निम्गलिखित खण्ड बढ़ा दिये जायेगे, अर्थात:
(+) इकाई' का तात्पर्य औद्योगिक पिकास a ar विशेष निवेश
क्षेत्र में किसी आर्थिक कार्यकलाप को चलाने के प्रयोजन से किसी व्यक्ति
दा स्थापित किसी इकाई या उपकम से है;
(2-2) 'उपभोकता प्रभार का तात्पर्य प्राधिकरण या प्राधिकरण द्वारा
sagt किसी अन्य इकाई ene ati प्रभारों से है”।
3-मूल अधिनियम की धारा 3 मैं..
(को) उपधारा G) के स्थान पर निम्नलिखित va रख दी. जायेगी,
“00 राज्य सरकार अधिसूचना द्वार, किसी क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र के रूप
मैं, किसी औद्योगिक विकास क्षेत्र के लिए प्राधिकारी घोषित कर सकती है, जिसे
(ित्र का नामी) औद्योगिक विकास प्राधिकरण' कहा जायेगा।
= (4-8) राज्य सरकार किसी क्षेत्र को, उसकी भौगोलिक सीमाओं का अवधारण
करते हुए. जो औद्योगिक विकास क्षेत्र के
9 3 का seh
भीतर या बाहर पढ़ती et या ae: भीतर
था aie बाहर पढ़ती हो, अधिसूचना द्वारा विशेष निवेश क्षेत्र के रूप मैं घोषित कर
सकती है और रो क्षेत्र के संबंध में इस अधिनियम के प्रयोजन को पूरा करने के
लिए उपधारा |!) के अधीन गठित प्राधिकरण को सशक्त कर सकती है। विशेष
निवेश क्षेत्र को ऐसे नाम से जलाना जाएगा जैसा राज्य सरकार APE करे
(2) game) में शब्द “सरकार के सचिव” और शब्द "संयुक्त सचिव
जहां कहीं आये हों के स्थान पर शब्द "सरकार के प्रमुख सचिव” और शब्द “विशेष
सचिव” कमरा: प्रतिस्थापित किया जाबेगा.
4-मूल अधिनियम की घारा 6 मैं. बाल 6 का eh
(की उपयारा (2) में खंड (ड) (वी) (0) और (न) के स्थान पर निम्नलिखित
खंड रख दिये. जायेंगे, अर्थातु-
@) attr सेवाओं और सुविधाओं की व्यवस्था करना;
(2) औद्योगिक, याणिज्यिक या आवासीय प्रयोजनों के लिए प्लाट का
from या. weet द्वारा या अन्य प्रकार से आवंटन और अंतरण करना एवं
मास्टर प्लान कै अनुसार ऐसी अन्य भूमि का प्रयोग करना;
(छ मास्टर प्लान के अनुखार भवनों के परिनिर्गाण और उद्योगों की.
स्थापना एवं भूमि के प्रयोग को विनियमितत करना; और
(न) मास्टर प्लान के अनुसार उस प्रयोजन को अर्थात् ऐसे क्षेत्र मं
औद्योगिक या वाणिज्यिक था आयासीय प्रयोजन या किसी अन्य विनिर्दिष्
प्रयोजन को निर्धारित करना जिसके लिए किसी विशिष्ट स्थल या प्लाट का
उपयोग किया जायेगा।'
(व) उपधारा 2) के ware निम्नलिखित उप are बढ़ा दी जायेंगी
अर्थात
(2) औद्योगिक विकास क्षेत्र के भीतर सुनियोजित विकास कं के
लिए था प्रापा करने के प्रयोजन के लिए प्राधिकरण या तो पूर्णतः vated
बाली था अंशतः प्राधिकरण द्वारा और अंशत: राज्य सरकार द्वारा और sleet
केन्द्र सरकार द्वारा स्वामित्व वाली कोई कम्पनी यां एक से अधिक कम्पनी
को कम्पनी अधिनियम, 2903 के उपकंधों के अधीन निगेमित कर सकी है।
४) उपवास @) में निर्दिष्ट कम्पनी की अंश पूँजी, संगम ज्ञापन और
अनुच्छेद ज्ञापन ऐसे होंगे जैसे प्राधिकरण द्वारा शमय-समय पर अनुमोदित
किये eeउत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 22 मार्च, 2086 परन्तु यह
ra # का संशोधन
ad पार 0-क तथा
a8 का बढावा
a ee re गजल अर दया और oe eee बह की
जाय वहां अंश पूंजी इस उपधारा के अधीन संगम a और अनुच्छेद ज्ञापन राज्य सरकार
द्वारा अनु )मो दि उत
प
बक ाि रय ाा 8ज )ा न का
े
हो अग धा ी।
न बनायी गयीं ora ऐसे ge को करेगी जैसे इसे
संगम ज्ञ 6ा )पन जद ह्व ाा ंर o प्A रा धिज का रय ण। की राय में विशेष निवेश Ba aL औदशिक विकार a मै
प्राधिकरण धारा ener की गयी किसी विकास योजना के परिणाम स्वरूप उस HH
किसी evar का मूल्य, ot विकास द्वारा लाभान्वित हुआ हो, बढ़ गया दो या बढ़ने की
संभावना हो, वहाँ विकास के निष्पादन के परिणाम स्वरूप सम्पत्ति को मूल्य में वृद्धि के संबंध
म॑ सम्पत्ति के स्वागी या aA RBM रखने वाले किसी व्यक्ति पर सुधार प्रभार TE
करने के रल निए प ब् हरा ध किक िर ण सह रक कद ाा रर दह ्ो वग ाा र:
eae बाली, किसी शूमि के संबंध में कोई सुधार
प्रभार उद रप्र नही त य न हह ीं औ रकि य का ि ज जा हय ाे ंग ा: सरकार की कोई भूमि सरकार हर! पट्टा मर या लाइसेंस
के रूप में किसी व्यक्ति की दी गयी हो, चाहें उस पर कोई भवन स्थित हो या न हो, वहा
बह इस उपचार के अधीन सुधार प्रभार के अधीन होगी |
sor अधिनियम की चारा 9 में, उपचार @) Favs (झ) के wea
िम्वलिखित खण्ड बढ़ा दियां जायेगा, see
tay ऐसी समय-सीमा जिसके भीतर कोई फिवन wear जाना सा विद्यमान
वन में seer, विस्तार या जपरान्तरण किया जाना अपेक्षित होगा; पूरा किया
जायेगा और इसके पश्चात भवन के निर्माण या won, sere, विस्तार या
'उपानारण के पूरा होने की सूचना शराधिकरण में दर्श करायी जायेगी और उससे
पूर्णता का प्रमाण-पत्र et किया जायेगा”
eae अधिनियम की धारा १ के पश्चात निःगलिखित eR! बढ़ायी जायेगी,
weet
टोल आदि उदग्रहण करने की शक्ति —
4p औद्योगिक विकास क्षेत्र के भीतर ऐसे es विश्राम स्थलों (किसी
sia और ऐतिहासिक eee सहित के पहुंच सागों और अन्य सुख साधनों के
उपयोग के लिए प्राधिकरण आगंतुकों से ऐसी दरों और ऐसी रीति से जैसी राज्य
सरकार द्वारा अधिसूंचित की जाय, फ्थकर उदप्रहीत और संप्रही करने के लिए
हकदार प हो ुगा : बह कि राज्य सरकार अधिसूचना द्वार टोल के भुगतान से age
के किसी भी वर्ग को छूट प्रदान कर सकती हैं और ऐसा कोई दिवस नियत कर
सकती है जिस पर टौल नहीं लिया OT”
ee tn 0t ) औदस् ्ट या ोग् गप ि कश ु वल ि् कक ाक रा क् षेS त्र T अथE वM ा व— िशेष निवेश ea या उसके किसी भाग के
तर, eh मी स्थिति हो, स्थित अंवल सम्पत्ति के हस्तानारण पिलेख पर भारतीय Ze
न Baि aय nम , कर े. so उo सo द a्व fार tा eअ ,ध िर जो िप सि कत े e सनm ्दर् भ शु मेल ं ्क c eमै nं, ज अै धस िा न िर या मज् य केस र अक धा ीर न अ शध ुि लय ्कू वन ऑा ग णद िा तस
किया है, (gक )ी उध कन ्तर ा पश ृदि
्ध
िr सेr
प्
रउ ास
श
क से
म
सम ्ु तल् य
स
ंप ग्र
रह
,द ो
आ
नप ु् षरत ंि गशं ित
क
त mक
e
lक ी
क
ीg h
कट
ौo तA
ी
ज का ेय े cगी e।
a यदि
कोई हो, और जैसा समय-समय पर राज्य सरकार RT ce अपधारित किया जाय, को
or सरकार द्वारा अधिसूचित उपयुक्त लेखा-शीर्षक या निधि में हस्तानरित किया जायेगा
और विनियोजित किया जावेगा।उत्तर प्रदेश असाधारण ate, 22 मार्च, 2096
Ft अधिनियम की धारा 6m) के पश्चात निम्नलिखित धारा बढ़ा दी जायेगी... नई नस (रच का
डक ea जाला
१2 (a) राज्यपाल अधिशूथना द्वार, भारत का संविधान के अनुकद-23-थ.
के अधीन विशेष निवेश क्षेत्र या औद्योगिक विकास क्षेत्र के सम्पूर्ण कषत्र था इसके
किसी भाग को एक औद्योगिक टाउनशिप के रूप में विनिदिष्ट कर सकते हैं।
2) उत्तर प्रदेश अधिनियम vet किसी प्रतिकूल बात के होते हुए भी, भारत
का संविधान के अनुच्छेद. 243-थ के खण्ड () के परनुक के अधीन जहां कोई विशेष निवेश
am औद्योगिक विकास Qa था उसका कोई भाग औद्योगिक टाउनशिप के रूप में
विरनिदिष्ट है. वहां ऐसा औद्योगिक eres ar उसका भाग, नगर पालिका क्षेत्र में
सम्मिलित हो. अधिसूथना के दिनांक से ऐसे नगर पालिका क्षेत्र रो अपवर्जित हो जायेगा और
ऐसे क्षेत्र के संबंध में समस्त शक्तियों का प्रयोग और कृत्यों का निष्पादन प्राधिकरण द्वारा
किया जायेगा।
उबष्टीकरणः पद “नगर पालिका” का वहीं अर्थ होगा जो भारत का संविधान के
भाग नौ या माग नौ-क में इसके लिए समनुदेशित है।”
ह-मूल अधिनियम की धारा 03 में शब्द' अध्यासी इस अधिनियम के अधीन उदप्रहीत SHH का
किसी फीस या कर का भुगतान करने में कोई व्यतिक्रम करता है” के स्थान पर शब्द, पं
aa) इस अधिनियम के अपीन guts किसी फीस या कर कीं किसी धनराशि के
'मुगलान करने में कोई व्यतिक्रम करता हैं” रख दिये जायेंगे।
99 अधिनियम की धारा १3 के पश्चात् निम्नलिखित are बढ़ा दी जावेगी, . नई ore 'उक का
ates ora at
“asp ore r9# अधीन प्राधिकरण को देव कोई धनराशि सम्पत्ति पर
प्रभार होगी और उसे भू-राजस्व के बकाये के कप में वसूल किया जा सकेगा या.
उतर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, ss (अधिनियम संख्या 2. सन !क58) की
बाराओं $09, 504, 506, 507, 508, soe. 570, siz, 53 और si4 के अधीन
'उपबंधित रीति से सम्पत्ति! की कुर्की और विक्रय करके वरूल किया जा सकेगा, और
उक्त अधिनियम के ऐसे उपबंध किसी प्राधिकरण के देवों की क्यूली के लिए यथा
आवश्यक परिवर्तन सहित उसी प्रकार लागू होने जैसे ये किसी नगर मिगम को देय
कर की कसूली मैं लागू होते हैं तथापि wa अधिनियम की पूर्वक धाराओं में “नगर
आयुक्त” “निगम अधिकारी और निगम” को किये गये संदर्भ के अर्थ क्रमश: “मुख्य
'कार्ययालक अधिकारी” और “प्राधिकरण” के संदर्भ में लगाये जायेगे:
eq यह कि वसूली के एक से अधिक तरीके एक साथ आरम्भ या जारी
a tty"
tongs अधिनियम की धारा १5 मैं शब्द “पांच हजार रूपये” के स्थान पर शब्द पार ७5 का
coh
“पचास हजार रूपये” रख दिये जायेंगे।
9s अधिनियम की eT te में खण्ड (ग) के पश्चात निम्नलिखित खण्ड बढ़ा. ETE का
et
दिये जायेंगे, अर्थात
0-2) भूमि के मध्य परत ar खोदना a करना;
(2) चाहारदीवारी बनाना या निर्माण की निर्दिष्ट रेखा बनाना;
(१-3) ऐसी सतह, चाहारदीवारी और चिन्ह बनाकर और खाई काटकर रेखा
(१-५) यह सुनिश्क्ति करना कि क्या किसी भूमि को नक्शा के अनुसार और
अनुमति में वर्णित rear) ote शर्तों के अनुसार विकसित किया जा रहा है. या
विकसित किया गया है।'उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 22 मार्च, 2006
6
पद पूल Pan को बार 76 के परसात निःमलिखित धाशाएं बढ़ा वी. जायेगी,
eon कर कब
sal
se-n(y) किसी व्यक्ति को, जो धारा 36 के अवीन प्राधिकृत किसी व्यक्ति को
नस उतने शस्त “किसी भूमि पर था भवन मे प्रवेश करने में बाधा डालता है कारावास
कर आस रन. से; जो छह माह तक हो सकता हैं या जुर्गना जो पांच हजार
जसदरि रे. खत तक हो सका t या दोनों से वर्ड किया it)
seh) मुख्य कार्यवालक अधिकारी था इस निमित उनके द्वारा प्राधिकत
Se gan ent जब ऐसा प्रतीत से कि किसे विशिष्ट विकास योजना
मै मगर की इतनी, wafer प्रगति होगी कि प्रयोकता प्रभार की धनराशि
Write huis की जाय तो ye andar अधिकारी या इस
‘Patent उसके द्वारा प्राधिकुत अधिकारी इस निमित्ता आदेश पवार घोषित करेगा! fe
प्रयोकता प्रभार का निर्धारण करने के प्रयोजन से योजना का निष्पादन पूर्ण किया.
हुआ समय जायेगा और सम्पत्ति के स्वामी या उसमें हित रखने वाले व्यक्ति को
लिखित रूप से नौटिस देगा कि नोटिस में उल्लिखित सम्पत्ति के संबंध में प्रेयोक्ता
प्रमार की धनराशि का निर्धारण किया जाना प्रस्तावित है।
2) मुख्य कार्यपालक अधिकारी या इस, निमिता उसके द्वारा प्राथिकृत अधिकारी,
संबंधित व्यक्ति द्वारा देय प्रयोकता- प्रभार की चनराशि का, ऐसे व्यक्ति को आपत्तियां दाखिल
करने और मौखिक सुनवाई के लिए सुनवाई का अवसर देने के पर्वत निर्धारित करेंगा।
(५ उपधारा (2) के अधीन पारित निर्धारण के आदेश से म्यचिते कोई व्यक्ति ऐसे
निर्धारण की लिखित नोटिस के दिनांक से नन््ने दिन के भीतर मुख्य कार्यपालक अधिकारी
या इस निमित्त' उसके द्वारा sp अधिकारी को लिखिल रूप में घोषणा eve सूचिति
करेगा कि वहं निर्धोर्ण को स्वीकार करता हैं या इस पर आपत्ति करता हैं।
4 जहां झपबारा (2) के अधीन पारित निर्धारण के आदेश को संबंधित व्यक्ति द्वारा
faite अवधि के भीतर satan wat को स्वीकार कर लिया जाय वहाँ ऐसा निर्धारण
अन्तिम होगा और संबंधित व्यक्ति निर्धारण आदेश में पिनिर्दिष्ट अपधि के भीतर प्रयोकता
प्रभार का भुगलान करेगा।
(6) यदि संबंधित व्यक्ति उपर (2) के अधीन पारित निर्धारण, आदेश पर आपसति
करता हैं तों संबंधित व्यक्ति उपधास (2) के अधीन पारित आदेश निधरिण की प्राप्त के नने
दिनों के भीतर अपीलीये प्राधिकारी के समक्ष अपील दाखिल कर संकता है और अपीलीय
प्राधिकारी अपील की प्राप्ति के दिनांक से छह माह के भीतर अपील का निस्तारण करेगा।
अपीलीय प्राधिकारी द्वारा पारित आदेश अंतिम होगा।
6) राज्य सरकार के प्रमुख ate से अनिम्न पंक्ति के किसी अधिकारी की
अपीलीय प्राधिकारी के रूप में नाभनिर्दिष्ट कर सकती है।
|) इस अधिनियम के अधीन उदप्रहीत प्रयोक्ता प्रभार किश्तों की ऐसी संख्या a
देय होगा, जैसा इस निमित्त बनायी गयीं विनियमावली में नियत किया जाथ।
(68) प्रयोकता प्रभार का कोई भी बकांया भू-राजस्व के बकायें के रूप में Ate
होगा और ऐसी सम्पत्ति पर प्रभार के रूप में होगा।
3-इस अधिनियम के उपबंध ura उतार प्रदेश के किसी अधिनियम में
see किसी प्रतिकूल बात के होते हुए भी प्रभावी होंगे।उत्तर प्रदेश असाधारण ore 22 मार्च, 2008 2
उद्देश्य और कारण
‘sore प्रदेश ऑध्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियंभ, sere (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 6. सन् 872) का
'अधिनियमन उत्तर प्रदेश राज्य में कंतिययं क्रो का औदोगिक और पौर क्षेत्र के रूप में और राज्य में अन्य Be oh
ऑद्योगिक और पौर क्षेत्र के रुप में विकास करने के लिए किया गया है। भारत सरकार द्वार ग्रेटर नोएडा तथा
जवाहर लाल नैहरू पोर्ट, मुंबई के मध्य १283. फिमी0 लम्बी et he कॉरिडोर विकसित की जा रही है।
डेडीकंटेड Ge कोरिडौर के दौनों ओर Rested इण्डस्ट्रयल RAY विकसित किया जाना प्रस्तावित है.
जिसमें राज्य सरकार ra 7 निवेश a era ऑचोगिक क्षेत्र विकसित किये जाने हैं। निवेश क्षे्र के विकास से
उत्तर प्रदेश मैं औदयोगिकीकरण को बढ़ावा मिलने के साथ- साथ रूपये 57000 करोड़ का निवेश होने का अनुमान:
fot em aman i बा का जय है, जिसके लिए उक्त परियोजना के विकास
हेतु विशेष निवेश क्षेत्र की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है। इसके अतिरिका. औद्योगिक Aa स्थित किसी अल
सम्धर्ति के हस्तान्तरण विलेख पर दी afer के अतिरिका स्टास्प Yow का GREE किया जाना प्रस्तावित है।
Foe शुल्क: के रूप मैं बसूल की, गयी बनराशि का ayy .ऑधोगिक, वाणिज्यिक, _संस्थागत एवं नगरीय
ance विकास 'के लिए किया S| अत, यह ewe किया गया है कि पूर्वक प्रयोजन Eq उक्त
अधिनियम रन संशोधन किया जाये।
cree उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास संशोधन] विधेयक 2906 पुर स्थापित किया जाता हैं।
आजा से,
अब्दुल शाहिद,
प्रमुख सचिव।