Date: 2024-02-14Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
उ0प्र0 औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017 के अन्तर्गत औद्योगिक इकाईयों को स्टाम्प शुल्क प्रतिपूर्ति से संबंधित लम्बित प्रकरणों के संबंध में।
**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़, दिनांक 14 फरवरी, 2024 को जारी किया गया एक परिपत्र है जो उत्तर प्रदेश (यूपी) औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017 के तहत औद्योगिक इकाइयों को स्टाम्प शुल्क की प्रतिपूर्ति से जुड़े लंबित मामलों से संबंधित है। यह पत्र 1 जुलाई 2022 के पूर्ववर्ती आदेश को वापस लेने की सूचना देता है। इसका उद्देश्य राज्य में व्यापार के अनुकूल वातावरण के लिए प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
* **पृष्ठभूमि और उद्देश्य:**
* पत्र में उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017 के अंतर्गत औद्योगिक इकाइयों को स्टाम्प शुल्क की प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया का उल्लेख है।
* इसका उद्देश्य प्रक्रियाओं को सरल बनाकर, समयबद्ध अनुमोदन करके राज्य में अनुकूल व्यापारिक माहौल बनाना है।
* यह नीति औद्योगिक सेवाओं, स्वीकृतियों, अनुमोदनों और लाइसेंसों से संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं की नियमित समीक्षा पर जोर देती है, ताकि उन्हें तर्कसंगत बनाया जा सके।
* **शामिल पहल:**
* स्व-प्रमाणीकरण, अनुमानित अनुमोदन और तृतीय पक्ष प्रमाणीकरण प्रावधानों का कार्यान्वयन।
* समयबद्ध ढंग से स्वीकृति प्रदान करने पर ध्यान देना।
* **आदेश को वापस लेना:**
* यूपी औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017 की भावना के अनुरूप, 1 जुलाई 2022 के क्रम संख्या 29/2022/1684/77-6-2022-2(बजट)/2018 के सरकारी आदेश (जीओ) को वापस लेने का निर्णय।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**प्रमुख हितधारक:**
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उद्योग विभाग, इन्वेस्ट यूपी, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, जिला स्तर के अधिकारी, औद्योगिक इकाइयाँ।
**सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग:**
* **प्रभाव:** नीति के कार्यान्वयन और स्टाम्प शुल्क प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया में बदलाव से प्रभावित।
* **आवश्यक कार्रवाई:** संबंधित नीति में परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए स्टाम्प शुल्क प्रतिपूर्ति प्रक्रिया को अपडेट और व्यवस्थित करना।
**उद्योग विभाग:**
* **प्रभाव:** औद्योगिक इकाइयों के अनुमोदन और सुविधा के लिए प्रक्रियाओं के कार्यान्वयन और संशोधन में भूमिका निभाता है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** उद्योगों के साथ संवाद स्थापित करना और औद्योगिक इकाइयों के लिए नीति परिवर्तन के कार्यान्वयन का समर्थन करना।
**इन्वेस्ट यूपी:**
* **प्रभाव:** राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और औद्योगिक विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए जिम्मेदार है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** उत्तर प्रदेश में व्यापार और निवेश की संभावनाओं के बारे में संभावित निवेशकों को सूचित करना।
**स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग:**
* **प्रभाव:** स्टाम्प शुल्क के संग्रह और प्रबंधन से संबंधित है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** निरस्त आदेश के अनुसार स्टाम्प शुल्क प्रतिपूर्ति प्रक्रियाओं को अपडेट करना और नए निर्देशों का पालन करना।
**जिला स्तर के अधिकारी:**
* **प्रभाव:** अपने संबंधित जिलों में नीति के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार हैं।
* **आवश्यक कार्रवाई:** जिला स्तर पर नीति के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना।
**औद्योगिक इकाइयाँ:**
* **प्रभाव:** स्टाम्प शुल्क प्रतिपूर्ति प्रक्रिया में बदलाव से सीधे प्रभावित।
* **आवश्यक कार्रवाई:** स्टाम्प शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए संशोधित दिशानिर्देशों से खुद को परिचित करना और तदनुसार अपनी प्रक्रियाओं को समायोजित करना।
Key Entities Referenced
उ0प्र0 औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017: उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017 जो औद्योगिक इकाइयों के लिए स्टाम्प शुल्क प्रतिपूर्ति से संबंधित है।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6: औद्योगिक विकास अनुभाग-6, उत्तर प्रदेश सरकार।
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार का सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग।
संख्या-7/2024/442/77-6-24-6002(002)/4/2023 (C No: 77536! )
अनिल कुमार सागर,
प्रमुख सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
अपर मुख्य सचिव,
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग,
उत्तर प्रदेश शासन।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक i4 फरवरी, 2024
विषय- उ0प्र0 औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन alfa-20(7 के अन्तर्गत औद्योगिक
इकाईयों को स्टाम्प शुल्क प्रतिपूर्ति से संबंधित लम्वबित प्रकरणों के संबंध में।
महोदय,
कृपया. उपर्युक्त विषयक शासन के GF AGaAM-29/2022/(684/77-6-2022-
2(बजट)/208, दिनांक 0। जुलाई, 2022 का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके द्वारा
उ0प्र0 औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन aAia-20I7 के अन्तर्गत औद्योगिक
इकाईयों को स्टाम्प शुल्क प्रतिपूर्ति के संबंध में प्रक्रिया का निर्धारण किया गया है।
2- ईज ऑफ seq बिजनेस की अवधारणा के इृष्टिगत उ0प्र0 औद्योगिक निवेश एवं
रोजगार प्रोत्साहन alfa-2077 का उददेश्य प्रक्रियाओं का सरलीकरण, सर्वोत्तम समयबदूध
मानदण्डों के अनुरूप स्वीकृति एवं अनुक्रियाशील सुविधा सेवाएं सुनिश्चित करके राज्य में
अनुकूल व्यापार सहायक वातावरण बनाना है।
उ0प्र0 औद्योगिक निवेश vd रोजगार प्रोत्साहन afa-207 के weat-6. में
wider है. कि उ0प्र0 सरकार औद्योगिक सेवाओं/ स्वीकृतियों/अनुमोदनों/अनुमतियों/
लाइसेन्सों से संबंधित अपनी गतिविधियों, नियमों, आवेदन पत्रों एवं प्रक्रियाओं की नियमित
समीक्षा करने का विचार रखती है एवं यथासम्भव वर्तमान विनियामक व्यवस्था के अनुसार
उन्हें तर्क संगत बनाया जायेगा अथवा समाप्त किया. जायेगा। स्वाप्रमाणन, अनुमानित
अनुमोदन तथा तृतीय पक्ष प्रमाणीकरण से संबंधित प्राविधानों को लागू किया जायेगा। शीघ्र
एवं समयबदूध स्वीकृति प्रदान करना इस नीति के मुख्य उद्देश्यों में से एक है। प्रदेश
सरकार इस लक्ष्य. FF प्राप्ति. हेतु औद्योगिक सेवाओं/स्वीकृतियों/अनुमोदनों/
अनुमतियों/लाइसेन्सों A संबंधित अपने Heat, नियमों, आवेदन पत्रों एवं प्रक्रियाओं की
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |नियमित समीक्षा करने का विचार रखती है एवं जहां भी सम्भव हो सर्वोत्तम मानदण्ड के
सापेक्ष विद्यमान समय सीमा निर्धारित की जायेगी। समयबदूध ढंग से निस्तारण सुनिश्चित
करने के लिए सभी विभाग, जिला स्तर के अधिकारियों को आवश्यक अधिकार प्रदान किए
जायेंगे।
3- ... उपर्युक्तानुसार उ0प्र0 औद्योगिक निवेश vd रोजगार प्रोत्साहन नीति-207 की
भावना के अनुरूप सम्यक विचारोपरान्त शासनादेश संख्या-29/2022/4684/77-6-2022-
2(बजट)/208, दिनांक 0। जुलाई, 2022 को वापस/निरस्त किये जाने का निर्णय लिया गया
है।
4- अत: इस संबंध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि शासनादेश संख्या-
29/2022/684/77-6-2022-2(बजट)/208, दिनांक 07 जुलाई, 2022 को एतदद्वारा श्री
राज्यपाल निरस्त किये जाने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।
अनिल कुमार सागर
प्रमुख सचिव।
संख्या एवं दिनांक तदैव।
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित-
|. निजी सचिव, प्रमुख सचिव, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन।
2. मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इन्वेस्ट YOu!
3. आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर ।
4. प्रबंध निदेशक, पिकप।
5. गार्ड फाइल।|
आज्ञा से,
मनोज कुमार मौर्य
संयुक्त सचिव।|
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |