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Date: 2025-07-08 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

उ0प्र0 औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्‍साहन नीति 2022 के अन्‍तर्गत प्रदेश में अल्‍ट्रा मेगा श्रेणी के औद्यो‍िगिक इकाईयों हेतु केस टू केस आधार पर कस्‍टमाइज्‍ड प्रोत्‍साहन पैकेज अनुमन्‍य किये जाने के संबंध में ।

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Executive Summary & Key Takeaways

ज़रूर, यहाँ अनुरोधित संरचना में नीति दस्तावेज़ का सारांश दिया गया है: **कार्यकारी सारांश:** यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मेसर्स सेल सोलर पी6 प्रा०लि० को उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत कस्टमाइज्ड प्रोत्साहन पैकेज प्रदान करने की मंजूरी के बारे में है। यह स्वीकृति 8 जुलाई, 2025 को जारी की गई थी, जिसके अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करने के लिए इस परियोजना का समर्थन कर रही है और राज्य के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मदद कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार 8253 करोड़ रुपये की अनुमानित निवेश राशि के साथ 5 गीगावाट के सौर सेल और मॉड्यूल विनिर्माण इकाई के लिए विशेष प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** *परियोजना विवरण:* - कंपनी: मेसर्स सेल सोलर पी6 प्रा०लि० - स्थान: गौतम बुद्ध नगर में यीडा - निवेश: 8,253.00 करोड़ रुपये - भूमि का क्षेत्रफल: यीडा द्वारा आवंटित 200 एकड़ - श्रेणी: केस-टू-केस - उत्पाद: 5 गीगावाट सौर सेल और 5 गीगावाट मॉड्यूल विनिर्माण, और 100 मेगावाट की कैप्टिव नवीकरणीय ऊर्जा विद्युत संयंत्र की स्थापना *वित्तीय प्रोत्साहन:* - भूमि लागत पर सब्सिडी: सौर सेल और मॉड्यूल के निर्माण के लिए उपयोग की जाने वाली भूमि के हिस्से के लिए भूमि लागत पर 75% सब्सिडी। - स्टाम्प शुल्क में छूट: यीडा द्वारा (कैप्टिव सौर संयंत्र के निर्माण के लिए) आवंटित भूमि के लिए स्टाम्प शुल्क में 100% छूट, समकक्ष राशि की बैंक गारंटी प्रस्तुत करने पर। - विकास शुल्क: उस क्षेत्र में शुल्क लागू नहीं होने के कारण भूमि विकास शुल्क में कोई छूट नहीं है। - पूंजीगत सब्सिडी: संयंत्र और मशीनरी, भवन, कैप्टिव बिजली संयंत्र और भूमि सहित पात्र पूंजीगत निवेश (ईसीआई) पर 30% पूंजीगत सब्सिडी के साथ-साथ 12% बूस्टर। - बिजली शुल्क छूट: 10 वर्षों की अवधि के लिए बिजली शुल्क में कोई छूट नहीं है। - RE बिजली पर बैंकिंग और व्हीलिंग शुल्क: व्हीलिंग शुल्क पर 100% छूट, जो कि वर्तमान यूपीईआरसी मानदंडों के अनुसार केवल 50% है। *गैर-वित्तीय प्रोत्साहन:* - भूमि आवश्यकता: यीडा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में 200 एकड़ भूमि की आवश्यकता। - भू-आच्छादन: औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सेटबैक नियमों के तहत 75% भू-आच्छादन की अनुमति। - क्लस्टर निवेश: आवेदक द्वारा निजी भूमि पर बुंदेलखंड क्षेत्र में कैप्टिव सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जाएगा। *अन्य प्रोत्साहन:* - यीडा द्वारा 80-90 मेगावाट बिजली परियोजना स्थल तक पहुंचाई जाएगी। - कैप्टिव नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्र की क्षमता को वर्तमान यूपीईआरसी मानदंडों के अनुसार अनुबंधित मांग के 125% तक होने की अनुमति। *अन्य आवश्यकताएं:* - पानी की आवश्यकता: 14-15 मेगा लीटर प्रतिदिन। **प्रभाव विश्लेषण:** **हितधारक:** मेसर्स सेल सोलर पी6 प्रा०लि० *प्रभाव:* उ0प्र0 औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत 8253 करोड़ रुपये के निवेश के लिए विभिन्न प्रोत्साहन और रियायतें प्राप्त होंगी। *आवश्यक कार्रवाई:* लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत होने की प्रतीक्षा करें और वाणिज्यिक संचालन प्रारंभ होने के बाद ही वित्तीय प्रोत्साहन प्राप्त करें। **हितधारक:** इन्वेस्ट यूपी *प्रभाव:* कस्टमाइज्ड प्रोत्साहन पैकेज की अनुमति देने के लिए समन्वय और सुविधा प्रदान करने की आवश्यकता है। *आवश्यक कार्रवाई:* मेसर्स सेल सोलर पी6 प्रा०लि० को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करें और समय पर परियोजना क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। **हितधारक:** उत्तर प्रदेश सरकार *प्रभाव:* राज्य की अर्थव्यवस्था का विकास, रोजगार सृजन और टिकाऊ विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। *आवश्यक कार्रवाई:* परियोजना की प्रगति की निगरानी करें और समय पर आवश्यक सहायता प्रदान करें।

Key Entities Referenced

उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022: अल्ट्रा मेगा श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों के लिए कस्टमाइज्ड प्रोत्साहन पैकेज को मंज़ूरी देने से संबंधित एक नीति। मेसर्स सेल सोलर पी6 प्रा०लि०: एक कंपनी जो उत्तर प्रदेश में 5 गीगावाट के सौर सेल और मॉड्यूल विनिर्माण और 100 मेगावाट के कैप्टिव आरई विद्युत संयंत्र की स्थापना का प्रस्ताव कर रही है, जिसके लिए कस्टमाइज्ड प्रोत्साहन की मांग की गई है। यीडा (यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण): एक प्राधिकरण जो परियोजना को भूमि आवंटित कर रहा है और प्रोत्साहन प्रदान करने में शामिल है। केस-टू-केस आधार: बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं को दिए जा रहे विशेष प्रोत्साहन के लिए एक दृष्टिकोण। यूपीईआरसी (उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग): एक नियामक निकाय जिसका उल्लेख आरई संयंत्र की अनुमति के संदर्भ में किया गया है।
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AEAT-5/2025/360/77-6-25-04 (HA-E-HA/IEPP-2022)/2024 आलोक कुमार, प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इन्वेस्ट यू0पी0| औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 08 जुलाई, 2025 विषयः उ0प्र0 औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के अन्तर्गत प्रदेश A अल्ट्रा मेगा श्रेणी के औद्योगिक इकाईयों हेतु केस-टू-केस आधार पर कस्टमाइज्ड प्रोत्साहन पैकेज अनुमन्य किये जाने के संबंध मैं। महोदय, कृपया उपर्युक्त विषयक अपने पत्र संख्या-।7/इन्वेस्ट YOUO/HLECIOdT बैठक/2024-25, दिनांक 02.04.2025 का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके दूवारा उ0प्र0 औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के प्रस्तर-2.4 के अन्तर्गत प्रदेश में विशेष महत्व की अल्ट्रा मेगा श्रेणी A मेसर्स सेल सोलर Te WOO द्वारा प्रस्तावित परियोजना के क्रम में केस-टू-केस आधार पर आवेदित कस्टमाइज्ड प्रोत्साहन पैकेज अनुमन्य किये जाने का अनुरोध किया गया है। 2- उपलब्ध कराये गये प्रस्ताव का संक्षिप्त विवरण निम्नवत है- कंपनी/स्थानकक्षेत्र निवेश भूमि का stare Aft उत्पाद (दि करोड़) एव श्रेणी मेसर्स सेल सोलर पी6। 8,253.00 200 एकड़ asl] केस-टू-केस 05 गीगावाट के सौर सेल व 05 प्राघलि0, यी द्वारा वंटि गीगावाट मॉइयूल विनिर्माण एवं (गौतमबुदूधनगर) की जाएगी। 00५४४/ का कैप्टिव आरई विद्यु संयंत्र की स्थापना। 3- ... प्रश्नगत परियोजना उत्तर प्रदेश में सौर मॉइयूल विनिर्माण इकाई विकसित करने की परियोजना राज्य की अर्थव्यवस्था को ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु रणनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण है। परियोजना का अनुमानित निवेश ₹8253 करोड़ से अधिक है, जिसमैं हजारों की संख्या में प्रत्यक्ष रोजगार सम्भावित है। यह परियोजना हरित ऊर्जा की सहायता से 5 गीगावाट की क्षमता वाले सौर मॉइयूल्स के विनिर्माण हेतु है। परियोजना की स्थापना एवं क्रियान्वयन से आयात निर्भरता को कम करने, औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने, रोजगार सृजन, उन्नति प्रोद्योगिकी, नीति लक्ष्यों के साथ संरेखित करने तथा निर्यात को प्रोत्साहित करने आदि लाभ प्राप्त होंगे। परियोजना भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के अनुरूप है तथा हरित ऊर्जा उपकरणों के आयात पर देश की निर्भरता को कम करने एवं सीओपी-28 दुबई में निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |4- उपर्युक्तानुसार मेसर्स सेल सोलर WE प्रा0लि0 cant प्रस्तावित परियोजना की रणनीतिक महत्ता के इृष्टिगत उ0प्र0 औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 एवं तदनुक्रम A निर्गत शासनादेश EEA -2/2023/307/77-6-2023-2(WA)/2022 दिनांक 4.04.2023 में वर्णित प्राविधान तथा शासनादेश संख्या-722/77-6-2025/6099 /225/2023/7657 दिनांक 6.04.2025 gant fata कार्यवृत्त में अभिलिखित मत/शर्तों/प्रतिबन्धों के अधीन एतद्द्वारा श्री राज्यपाल केस-टू-केस आधार पर निम्नवत विशेष कस्टमाइज्ड प्रोत्साहन पैकेज अनुमन्य करते हुए लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत किये जाने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं- - a विवरण शासन CAN अनुमन्य कस्टमाइज्ड प्रोत्साहन पैकेज T. सुविष के अधीन अनुमन्य वित्तीय प्रोत्साहन/ सुविधायें/पैकेज t {2 3 4 ce वित्तीय प्रोत्साहन .. भूमि... कीभूमि की लागत पर 75% सब्सिडी सौर सेल एवं मॉइयूल के निर्माण हेतु उपयोग की प जाने वात्री भूमि के हिस्से पर वास्तविक भूमि पब्सिडी आवंटन लागत के अनुसार 75% फ्रंट एंड भूमि सब्सिडी की संस्तुति की जाती है, न कि सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना हेतु आवश्यक भूमि पर। फ्रंट-एंड भूमि सब्सिडी के साथ ऐसा भूमि आवंटन यूपी एफडीआई/एफसीआई/ फॉर्च्यून 500 नीति- 2023 A निर्धारित दंड प्राविधानों के अधीन होगा। 2. FY Monkey शुल्क में 00% छूट औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति - में छूट 2022 के अंतर्गत Ferro विभाग के प्राविधानों के अनुसार समतुल्य राशि की बैंक गारंटी प्रस्तुत करने पर यीडा aan (कैप्टिव सौर संयंत्र के विनिर्माण हेतु) आवंटित भूमि पर स्टांप शुल्क में (00% छूट की संस्तुति की जाती है। 3. BA fanrayi5 वर्ष की अवधि हेतु भूमियिमुना.... एक्सप्रेसवे... औद्योगिक... विकास शुल्क विकास शुल्क में छूट प्राधिकरण द्वारा इस प्रकार का कोई शुल्क नहीं लगाया जा रहे हैं। इसके आधार पर किसी भी प्रकार के शुल्क लागू नहीं किए जाने की स्थिति A इस प्रकार के छूट की आवश्यकता नहीं होने की संस्तुति की जाती है। A. पूंजी संयंत्र एवं मशीनरी, भवन, कैप्टिवापात्र पूंजीगत निवेश (ईसीआई) पर 30% पूंजीगत N पब्सिडी पावर प्लांट, भूमि, अन्य उपयोगॉसब्सिडी के साथ-साथ 72% बूस्टर (वास्तविक I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |एवं विविध अचल संपत्तियों ate लागत के आधार पर लागू) की 5 समान वार्षिक अन्य निर्माण लागत के कु किस्तों में संस्तुति की जाती है, जिसमें औद्योगिक निवेश पर 42% (30% Fess +निवेश एवं. रोजगार प्रोत्साहन नीति- 2022 के 2% बूस्टर) पूंजीगत सब्सिडी 5मानदंडों के अनुसार जीसीएम लागू किया जाएगा। वर्ष की अवधि में समान वार्षिक यहां, पूंजी सब्सिडी की गणना हेतु पात्र पूंजीगत किस्तों में वितरित की जाएगी। निवेश में भूमि की लागत सम्मिलित नहीं की जाएगी, क्योंकि फ्रंट-एंड भूमि सब्सिडी अलग से ली जा रही है, एवं कैप्टिव सोलर प्लांट हेतु भूमि पर कोई भूमि सब्सिडी अपेक्षित नहीं है। dl. पाठ A FA i5 वर्ष की अवधि हेतु बैंकिंग एवंइसे केवल वर्तमान यूपीईआरसी मानदंडों के अनुसार व्हीलिंग शुल्क पर 00% Bel ही प्रदान करने की संस्तुति की जाती है, एवं आवेदक को निम्नलिखित के बारे में सूचित किया गया है, जैसा कि यूपीपीसीएल द्वारा सूचित किया U2|wT गया है कि- (क) उत्तर प्रदेश सौर नीति - 2022 के अनुसार, तकनीकी व्यवहार्यता एवं यूपीईआरसी विनियमों के अनुपालन के अधीन, उत्तर प्रदेश के भीतर स्थित सौर संयंत्र के कैप्टिव उपयोग हेतु व्हीलिंग शुल्क पर 50% की छूट की अनुमति है। (ख) नवीकरणीय Sal उत्पादन बिजल्री संयंत्रों को निम्नलिखित शर्तों के अधीन बिजली बैंक की अनुमति दी जा सकती है: - बैंकिंग शुल्क बैंक की गई ऊर्जा का 2% होगा, जबकि सौर एवं पवन ऊर्जा के लिए यह बैंक की गई Dal का 6% होगा एवं निकासी से पहले इसे बैंक की गई ऊर्जा के सापेक्ष समायोजित किया जाएगा। - यूपीपीसीएल के नियमों/प्राविधानों के आलोक में आवेदक को निर्दिष्ट प्रोत्साहनों के अतिरिक्त किसी भी अतिरिक्त प्रोत्साहन हेतु यूपीईआरसी के समक्ष याचिका दायर की जा सकती है। क्ट्रिसिर्ट |0 वर्ष की ate ऐसी किसी छूट की संस्तुति नहीं की गई है। ड्यूटी में छूट हेतु इलेक्ट्रिसिटी इयूटी मैं 00%यूपीपीसीएल के पत्र दिनांक 9.03.2025 मैं उल्लेख किया गया था कि इलेक्ट्रिसिटी इयूटी द्वारा उत्तर छूट - यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |प्रदेश सरकार को राजस्व प्राप्त होता है; अत: इस संबंध में अंतिम निर्णय विद्युत सुरक्षा निदेशालय, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लिया जाना उचित होगा। गैर-वित्तीय प्रोत्साहन भूमि की यीडा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में 200 यीडा क्षेत्र मैं स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट वश्यकता एकड़ भूमि की आवश्यकता के फेज-2 एवं 3 हेतु भूमि अधिग्रहण की दर 4,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर घोषित की गई है। जेवर एयरपोर्ट हेतु घोषित भूमि की यही दर प्राधिकरण के विभिन्‍न Geet में क्रय हेतु लागू की गई ZI प्राधिकरण के अन्य Aree हेतु घोषित 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की यही दर लागू किए जाने के संबंध मैं उद्योग विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कार्यवाही की जा रही है। (ख). अनुमानित औसत भूमि दर 0,42। रुपये प्रति वर्ग मीटर होगी जो आवंटन के समय लागू दरों के अनुसार परिवर्तन के अधीन है। साथ ही विकास शुल्क, भूमि अधिग्रहण शुल्क आदि उपरोक्त दरों में सम्मिलित हैं एवं कोई अन्य विकास शुल्क अलग से नहीं लिया जाएगा। यीडा बोर्ड द्वारा स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत अधिग्रहण एवं दर की पुष्टि की जाएगी। साथ ही, प्राधिकरण के. औद्योगिक. सेक्टर-8, नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की पूर्वी सीमा पर रहने वाले किसान भूमि अधिग्रहण हेतु अपनी सहमति प्रदान कर dh हैं, अतः बोर्ड बैठक में प्राधिकरण द्वारा आवंटन दरों के निर्धारण के उपरांत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। यीडा द्वारा शीघ्र भूमि अधिग्रहण पूरा कर आवेदक को भूमि आवंटित की जाए। भू-आच्छादन 75% भू-आच्छादन की अनुमति। औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सेटबैक नियमों वे अंतर्गत 75% भू-आच्छादन की भी संस्तुति की जाती है। एकल निवेश के एक भाग के रूप आवेदक द्वारा निजी भूमि पर बुंदेलखंड क्षेत्र मैं व निवेश में उत्तर प्रदेश में एक ही / अलग-कैप्टिव सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जाएगा। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |अलग स्थानों पर दो या दो से कैप्टिव सोलर संयंत्र की भूमि हेतु किसी सब्सिडी F अधिक परियोजनाओं पर वि मांग नहीं की गई है। जबकि आवेदक दू्‌वारा कैप्टिव किया गया सौर संयंत्र के लिए संयंत्र एवं मशीनरी, भवन हेतु सब्सिडी की मांग की गई है। इसके लिए आवेदक द्वारा संशोधित डीपीआर, प्रारूप-2 एवं प्रारूप-3 व संशोधित परियोजना विवरण के साथ प्रस्तुत किय गया है। आवेदक को प्रोत्साहन लाभ प्रदान करने वे उद्देश्य से दोनों परियोजनाओं (विभिन्‍न स्थानों पर) को एक परियोजना के रूप में विचार करने कक संस्तुति की जाती है। ऊर्जा परियोजना... स्थल... पर 80-90यीडा द्वारा स्पष्ट किया गया कि बिजली प्रस्तावि वश्यकता मेगावाट बिजली की आवश्यकता परियोजना स्थल तक सीमा तक यीडा cant है पहुंचाई जाएगी। आवेदक को इस विषय A सूचित af किया जा चुका है। आरई संयंत्र कैप्टिव नवीकरणीय ऊर्जी संयंत्र F इसे वर्तमान यूपीईआरसी मानदंडों के अनुसार Werk क्षमता, विनिर्माण Tz करने की संस्तुति की जाती है, जो कि यूपीपीर्स की अनुबंधित मांग के. 25%GANT उनके पत्र दिनांक 79.03.2025 A adlact तक होने की अनुमति प्रदान A शर्तों के अनुसार है: जाएगी यूपीईआरसी (ओपन एक्सेस हेतु नियम एवं शर्ते) (प्रथम संशोधन) विनियम, 2024- (अ) इंडिपेंडेंट फीडर के माध्यम से is किए are वाले ओपन एक्सेस उपभोक्ता के प्रकरण में, औओप एक्सेस एवं वितरण लाइसेंसधारी से विद्युत का F आहरण 'आपूर्ति संहिता' के अंतर्गत निर्दिष्ट वोल स्तर हेतु लागू आहरण की अधिकतम सीमा तक अनुमेय होगी, जिससे ओपन एक्सेस उपभोक्ता जुड़ हुआ ol ऐसी किसी भी सीमा के उल्लंघन के ATF में नोडल एजेंसी द्वारा उचित दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी जिसमें प्रत्येक उल्लंघन हेतु तीन महीने aa ओपन एक्सेस का निलंबन सम्मिलित है। तीन न से अधिक ऐसा करने पर ओपन aaa को तब da निलंबित कर दिया जाएगा जब तक कि औओप एक्सेस उपभोक्ता आपूर्ति संहिता के अनुसार आम उपयुक्त वोल्टेज स्तर पर अपग्रेड नहीं हो जाता। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(ब) जबकि कॉमन फीडर के माध्यम से फीड किये जाने वाले ओपन एक्सेस उपभोक्ता के प्रकरण में ओपन एक्सेस एवं वितरण लाइसेंसधारी से होने a कुल आहरण की. आधिकतम सीमा, वितरण लाइसेंसधारी के साथ अनुबंधित अधिकतम क्षम तक अनुमेय होगी। इस सीमा से अधिक 2 होने पर वितरण लाइसेंसधारी cant उचित दंडात्ममव कार्रवाई की जाएगी जिसमें नोडल एजेंसी ce प्रत्येक उल्लंघन हेतु तीन महीने तक ओपन एक्सेस को निलंबित किया जायेगा। तीन बार से अधिक te करने पर ओपन Ueda को तब तक निलंबित वर दिया. जाएगा जब तक ओपन एक्सेस उपभोव आपूर्ति संहिता के अनुसार वितरण लाइसेंसधारी वे साथ अनुबंधित क्षमता को नहीं बढ़ा लेता। की _ जल जल की आवश्यकता प्रतिदिन 44-यह उपलब्ध कराया जाएगा। वश्यकता /॥45 मेगा लीटर एवं नि: शुल्क fade निर्वहन भूमि सब्सिडी एवं teu शुल्क में छूट के अतिरिक्त अन्य वित्तीय प्रोत्साहनों का वितरण वाणिज्यिक संचालन प्रारम्भ होने की तिथि के उपरान्त ही किया जाएगा। भवदीय, आलोक कुमार प्रमुख सचिव। WeaT-57/2025/360()/77-6-25-0 (a-c-HH/NEPP-2022)/20240e fear प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः- ak महालेखाकार, लेखा परीक्षा (प्रथम एवं द्वितीय) उ0प्र0, प्रयागराज। मुख्य स्टाफ ऑफिसर, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। निजी सचिव, अपर मुख्य सचिव, AIO मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन। निजी सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, उ0प्र0 weet | अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/वित्त, न्याय, नियोजन, एमएसएमई, स्टाम्प एवं. निबन्धन, राज्यकर/राजस्व/ऊर्जी/विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, उत्त्तर प्रदेश शासन। आयुक्त एवं सचिव, उ0प्र0 राजस्व परिषद, लखनऊ। 7. ... आयुक्त स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन, उ0प्र0| मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीसीडा/यूपीडा/नोएडा/ग्रेटर नोएडा/यीडा/गीडा/बीडा | WN > o> I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |9. मण्डलायुक्त/जिलाधिकारी, गाजियाबाद/झांसी | 0. प्रबंध निदेशक, पिकप। 4. नियोजन अनुभाग-/वित्त (व्यय नियंत्रण) अनुभाग-6/ वित्त (आय- व्ययक) अनुभाग-4, उत्तर प्रदेश Maat | 2. as फाइल। आज्ञा से, रामध्यान रावत उप सचिव। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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