Home India लोक निर्माण विभाग जनपद झांसी में दबोह-पुंछ-गुरसरांय-टीकमगढ़ मार्ग के कि0मी0 9....
Date: 2026-01-08 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

जनपद झांसी में दबोह-पुंछ-गुरसरांय-टीकमगढ़ मार्ग के कि0मी0 9.00 एवं 10.00 में समथर कस्‍बे में बाईपास निर्माण कार्य (लम्‍बाई 2.250 कि0मी0) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सम्‍बन्‍ध में।

Issued by लोक निर्माण विभाग · लोक निर्माण विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**Executive Summary** This document details the administrative and financial approval for the construction of a bypass in Samthar town, Jhansi district, Uttar Pradesh. The project, located on the Daboh-Punch-Gursarai-Tikamgarh road, aims to alleviate traffic congestion in the town. The approval includes a total project cost of ₹989.16 Lakh, with ₹494.58 Lakh released for the fiscal year 2025-26. The document also outlines specific conditions and requirements for project execution. **Key Points / Main Content** **Project Approval and Funding** * Administrative and financial approval granted for the construction of a bypass in Samthar town, Jhansi. * Total project cost approved is ₹989.16 Lakh, including five years of maintenance. * ₹494.58 Lakh released for expenditure in the fiscal year 2025-26. **Conditions and Requirements** * Technical sanction must be obtained at a competent level before commencing the work, following Financial Handbook, Volume-6, Chapter-12, Paragraph-318. * Expenditure to be in accordance with the Financial Handbook and government orders. * Funds should be withdrawn and spent according to the work's requirements, not kept in banks/post offices. * Overhead expenses/contingency charges to be deposited against the allotted fund from time to time. * Adherence to government orders issued on 25.01.2011 and 11.11.2014 regarding financial guidelines. * Ensuring all utility shifting is verified and revalidated before implementation to avoid future issues; no additional funds for utility shifting in the future. **Project Execution** * Project construction must be completed within 12 months, with no time or cost overruns. * A complete government land title is to be ensured. * Private agricultural land can only be used if farmers consent. * Ensure project design adheres to all standards before approval release. * Compliance with office memorandum number-6/2025/B-1-352/DAS-2025-231/2025, dated 27-03-2025 must be ensured. **GST and Material Consumption** * Project cost includes 18% GST. * GST payment to be done by doing proportional matching/standard matching of quantities of main material consumed. **Approvals and Clearances** * All necessary legal clearances and environmental clearances must be obtained from competent authorities. * The project's quantities are approved based on existing rates. **Duplicates and Overlaps** * Before technical approval, it is to be ensured that this work is not approved under any other scheme. **Impact Analysis** **Chief Engineer (Development) and Head of Department, Public Works Department** * **Impact:** Responsible for ensuring compliance with all conditions and requirements outlined in the document. Also responsible in case there are any project delays. * **Action Required:** Oversee project implementation, ensure adherence to financial guidelines, and obtain necessary clearances before commencing work. **Executive Engineer, Construction Division-3, Jhansi** * **Impact:** Responsible for project implementation and financial management at the district level. * **Action Required:** Obtain technical sanction, ensure compliance with financial guidelines, and oversee project execution within the stipulated timeframe. **Finance Controller, Public Works Department, Lucknow** * **Impact:** Responsible for the financial oversight of the project. * **Action Required:** Ensure funds are allocated and utilized according to the approved budget and financial regulations.

Key Entities Referenced

लोक निर्माण विभाग: The primary department responsible for the construction and maintenance of public works, specifically roads, in Uttar Pradesh. जनपद झांसी: The district in Uttar Pradesh where the bypass construction is planned. दबोह-पुंछ-गुरसरांय-टीकमगढ़ मार्ग: The specific road in Jhansi district where the bypass construction is planned. समथर: The town where the bypass is to be constructed. वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6 के अध्याय-12: Financial handbook whose provision must be followed before commencing work
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PEA-2/2026//9975/2026/23-099(099)/500/2025 प्रेषक, अभय प्रताप श्रीवास्तव, अनु सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 लखनऊ। लोक निर्माण AqHT-04 लखनऊ : fal _08-0:-2026 विषय:- जनपद झांसी में दबोह-पुंछ-गुरसरांय-टीकमगढ़ मार्ग केकि0मी0 9.00 एवं 0.00 A समथर कस्बे में बाईपास निर्माण कार्य (लम्बाई 2.250 कि0मी0) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सम्बन्ध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक मुख्य अभियन्ता (40-), लोक निर्माण विभाग, लखनऊ के Ualh-2887780/24-OfA0/ 2025-26 दिनांक I7-0-2025 के Wah में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि शहरों के बाईपास/रिंग रोड/फ्लाई ओवर के निर्माण के नये कार्य योजनान्तर्गत जनपद झांसी में दबोह-पुंछ-गुरसरांय-टीकमगढ़ मार्ग के कि0मी0 9.00 एवं 0.00 में समथर कस्बे A बाईपास निर्माण कार्य (लम्बाई 2.250 कि0मी0) की 05 वर्षीय अनुरक्षण सहित विभागीय व्यय वित्त समिति द्वारा अनुमोदित लागत रू0 989.I6 लाख (रूपये at करोड़ नवासी लाख सोलह हजार मात्र) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुये लागत के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल BO 494.58 लाख (रूपये चार करोड़ चौरानबे लाख अट्ठावन हजार मात्र) व्यय हेतु निम्नलिखित विवरणानुसार तथा शर्तो/प्रतिबन्धों सहित अवमुक्त किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है:- (धनराशि रूपये लाख में) क्र0 | जनपद» कार्य का विवरण स्वीकृत | अवमुक्त सं0 | खण्ड का लागत | धनराशि नाम ] 2 3 4 | | नि0ख0-3 जनपद झांसी A दबोह-पुंछ-गुरसरांय-टीकमगढ़ मार्ग a 989.l6 | 494.58 sit = कि0मी0 9.00 एवं 40.00 में समथर कस्बे में बाईपास निर्माण| कार्य (लम्बाई 2.250 कि0मी0)। नियम व शर्ते/प्रतिबन्धों () प्रश्नगत कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6 के HCAY-72 के प्रस्तर- 3॥8 में वर्णित व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जाय तथा सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ किया जाय। (2) स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्त-पुस्तिका के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जायेगा। (3) स्वीकृत धनराशि एकमुश्त न आहरित कर कार्य की आवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय की जायेगी तथा आहरित धनराशि बैंक/डाकघर में न रखी जाय। प्रश्नगत स्वीकृति जिस कार्य/मद के लिए है उसी कार्य/मद पर व्यय प्रत्येक दशा में किया जायेगा। (4) अधिष्ठान व्यय/सेन्टेज चार्ज की धनराशि समय-समय पर स्वीकृत आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष ही जमा की जायेगी। निर्माण कार्य की अवशेष लागत पर अधिष्ठान व्यय कीधनराशि वित्त (लेखा)) अनुभाग-2 के शासनादेश AO-V-2-23/GH-20i-37(4)/75 दिनांक 25.0i.20 के साथ पठित के शासनादेश AO-V-2-4606 /GH-20I4-7(4)/75 दिनांक 9.4.20I4 द्वारा जारी विस्तृत दिशा निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी तथा sed शासनादेश दिनांक 25.0:.20l के संत्रग्नक में प्रदर्शित संबंधित विभाग के प्रामि लेखाशीर्षक में CIA इन्ट्री दवारा क्रेडिट किया जायेगा। लेखाशीर्षक "054 सड़क तथा सेतु-800-अन्य प्राम्तियाँ- 0 प्रतिशतता प्रभारों की वसूली में जमा की जायेगी। (5) परियोजनान्तर्गत सुनियोजित विकास, सुरक्षा, सौन्दर्यीकरण अथवा किन्‍्हीं अन्य विशिष्ट कारणों से पूर्व में कराये गये निर्माण का ध्वस्तीकरण आवश्यक एवं अपरिहार्य होने पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही लोक निर्माण अनुभाग-5, उ0प्रएशशासन के शासनादेश संख्या-58/2023/993/23-5-23- 50(40)ईजी/08, दिनांक 2-09-2023 में उल्लिखित व्यवस्थानुसार सुनिश्चित की जायेगी। (6) कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व यह सुनिश्चित कर fora जाये कि परियोजना के अन्तर्गत प्रस्तावित कार्य विभागीय नियमों /मानकों के अनुरूप कराया जाय। (7) परियोजना निर्माण कार्यो हेतु जो भूमि प्रयुक्त की जायेगी, उसका पूर्णत: सरकारी/लोक निर्माण विभाग के स्वामित्व में होना सुनिश्चित किया जायेगा। (8) परियोजनान्तर्गत निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार से किसानों की निजी कृषि भूमि का उपयोग उनकी सहमति प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा। प्रस्तावित निर्माण कार्य हेतु स्वीकृति भूमि उपयोग के संबंध में किसानों की सहमति प्राप्त करने के बाद ही निर्गत की जायेगी। भूमि लोक निर्माण विभाग के पक्ष में करने की जिम्मेदारी संबंधित अधिशासी अभियन्ता की होगी। अगर भविष्य में भूमि संबंधी कोई देयता सृजित होती है तो उसके लिए संबंधित अधिशासी अभियंता को जिम्मेदार मानते हुए उनसे भू राजस्व की भॉति रिकवरी भी सुनिश्चित की जायेगी। (9) प्रायोजनान्तर्गत भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता की दशा में भूमि अधिग्रहण की अनुमन्य व स्वीकृति संबंधित क्षेत्रीय मुख्य अभियंता द्वारा संगत व प्रभावी नियमों के अन्तर्गत सुनिश्चित की जायेगी। (i0) परियोजना से संबंधित कार्य हेतु निर्धारित समस्त मानकों को पूर्ण करती है, यह सुनिश्चित करने के उपरान्त ही स्वीकृति festa की जायें। (4) प्रायोजना का निर्माण कार्य i2 माह में पूर्ण किया जाय तथा टाइम ओवर रन एवं कास्ट ओवर रन इत्यादि के कारण प्रायोजना का पुनरीक्षण नहीं किया जायेगा। (i2) लेबर सेस की धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि नियमानुसार भुगतान किया जायेगी। (43) मूल्य ae निधि की धनराशि सुसंगत लेखाशीर्षक में नियमानुसार जमा करायी जायेगी। (4) यूटिलिटी शिफ्टिंग होने की स्थिति में कार्य इस प्रकार सुनिश्चित किया जायेगा कि भविष्य में मार्ग के चौड़ीकरण व अन्य संबंधित कार्यो A व्यवधान उत्पन्न न हो तथा यूटिलिटी शिफ्टिंग की पुन: आवश्यकता न हो। यूटिलिटी शिफ्टिंग के कार्यो के क्रियान्वयन से पूर्व लोक निर्माण विभाग द्वारा अपने स्तर से यूटिलिटी शिफ्टिंग के प्रस्तावित Hal HT verification & Revalidation कराते हुए कार्य कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा। यूटिल्रिटी शिफ्टिंग संबंधी कार्यो हेतु भविष्य में कोई भी धनराशि देय नहीं होगी। (i5) प्रायोजनान्तर्गत विद्युत विभाग से संबंधित यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य कराये जाने से पूर्व विद्युत विभाग से सक्षम स्तर से अनुमोदित विस्तृत आगणन प्राप्त कर लिया जाये तथा विद्युत विभाग की यूटिल्रिटी शिफ्टिंग हेतु एन0एच0ए0आई0 के मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये। यदि भविष्य में seq मार्ग के चौड़ीकरण आदि की प्रक्रिया में विद्युत पोलों की शिफ्टिंग की दोबारा आवश्यकता पड़ती है तो उनकी लागत की वसूली/रिकवरी संबंधित अधिशासी अभियंता के वेतन/पेंशन से अवश्य की जायेगी। (6) प्रायोजनान्तर्गत 8 प्रतिशत कर दर से जी0एस0टी0 की धनराशि सम्मिलित की गयी है। विभाग का दायित्व होगा कि ANA सरकार»राज्य सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जी0एस0टी0 का भुगतान सुनिश्चित कराये। साथ ही विभाग का यह भी दायित्व होगा कि प्रायोजनाके निर्माण कार्यों में वास्तविक खपत (CONSUMED) हुई मुख्य सामग्री (सीमेन्ट/स्टील/बिटुमिन इत्यादि) की मात्राओं का अनुपातिक/मानक मिलान करते हुए जी0एस0टी0 भुगतान किया जाये। (i7) विभाग द्वारा नियमानुसार समस्त यथा आवश्यक वैधानिक अनापत्तियों एवं पर्यावरणीय क्लियरेन्स नियमानुसार सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जायेगा, जिसका उत्तरदायितव कार्यदायी संस्था का होगा। (8) प्रयोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की मात्राओं को यथावत मानते हुये मात्र दरों के आधार पर परियोजना की स्वीकृति प्रदान की जा रही है। मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यदायी संस्था/विभाग का होगा। (9) प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित विशिष्टियों एवं कार्य प्राविधानों को यथावत मानते हुए लागत का आंकलन किया गया है। उक्त Al निर्माण कार्य में कोई उल्लेखनीय परिवर्तन जैसे- नये कार्यो आदि का प्राविधान करना, मार्ग की लम्बाई/चौड़ाई /क्रस्ट डिजाइन में परिवर्तन, अन्य उच्च विशिष्टियां इस्तेमाल करना, स्वीकृत प्रायोजना के स्कोप में परिवर्तन आदि विभागीय व्यय वित्त समिति का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा। (20) प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति (इप्लीकेसी) को रोकने की दृष्टि से प्रायोजना की तकनीकी स्वीकृति से पूर्व विभाग/कार्यदायी संस्था द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना#कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य योजना#/कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। (2:) विभागीय व्यय वित्त समिति द्वारा त्रगायी गयी शर्तों का पूर्णता अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (22) परियोजना पूर्ण होने में विल्म्ब की स्थिति उत्पन्न होने अथवा भविष्य में परियोजना की लागत में वृद्धि की दशा में इसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, मुख्य अभियंता(मु0-), लो0नि0वि0 व संबंधित क्षेत्रीय मुख्य अभियंता का होगा ऐसी दशा में लागत में बढ़ोत्तरी की कुल धनराशि की वसूली संबंधित क्षेत्रीय मुख्य अभियंताओं आदि के वेतन से भूराजस्व की भाँति की जायेगी। (23) वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप AEAl-6/2025/a--352/Ga-2025-23/2025, दिनांक 27-03-2025 में निहित प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (24) कार्य प्रारम्भ कराये जाने से पूर्व यथावश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र संबंधित विभागों/संस्थाओं से प्राप्त कर लिया जाये। (25) सेन्‍्टेज चार्जेज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण त्रागत तथा वित्तीय स्वीकृति से संबंधित वित्तीय प्रबंधन विषयक वित्त विभाग के शासनादेश AA-0l/2023/U-2-60/GH-2023-7(4)/75, दिनांक 7.05.2023 एवं शासनादेश AGAl-02/2023/U-2-66/Ga-2023-7(4)/75, दिनांक 9.05.2023 A निर्धारित प्रक्रिया एवं निहित शर्तों का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (26) वित्त विभाग के शासनादेश AEA-0l/2023/U-2-60/aa-2023-7(4)/75, दिनांक 7 मई,2023 के अनुसार परियोजना की वित्तीय स्वीकृति व प्रथम किश्त मूल्यांकित लागत पर जारी की जाये, किन्तु द्वितीय किश्त जारी करने से पूर्व परियोजना की लागत को निविदा में प्राप्त मूल्य (टेण्डर IEC) के अनुसार विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए पुनरीक्षित करा लिया जाये। परियोजना की अनुवर्ती किश्तें पुनरीक्षित लागत के आधार पर ही जारी की जायें ताकि कार्यदायी संस्था को कार्य की वास्तविक लागत से अधिक धनराशि अवमुक्त न हो सके। यदि निविदा के बाद कार्यो की लागत में कमी आती है तो बचत की धनराशि को सुसंगत वित्तीय नियमों के अन्तर्गत राजकोष में जमा किया जाये। (27) वित्त विभाग के शासनादेश WEAT-0/202/al-2-96/GH-22-0/99, दिनांक 22 मार्च, 202। के अनुसार अनुमोदित प्रायोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के उपरान्त इसकी डी0पी0आर0 गठित करने के उपरान्त ही तकनीकी स्वीकृति निर्गत की जाय। यदि इस प्रक्रिया में यह परिलक्षित होता है कि प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सापेक्ष तकनीकी स्वीकृति की लागत ॥0 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो रही है, तो प्रायोजना का पुनरीक्षित आगणन गठन करते हुए 03 माह के भीतर पुनरीक्षित आगणन पर विभागीय व्यय वित्त समिति का अनुमोदन प्राप्तकिया जाय, अन्यथा की स्थिति में पुनरीक्षित प्रायोजना पर विभागीय व्यय वित्त समिति द्वारा विचार नहीं किया जायेगा। (28) उपरिलिखित सभी शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करने का दायित्व प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, मुख्य अभियंता(मु0-) एवं संबंधित क्षेत्रीय मुख्य अभियंता का होगा। (29) प्रश्तगत परियोजना को सी0एम0आई0एस0 पोर्टल पर पंजीकृत कर दिया गया है, जिसका पंजीकरण AEAT-20250000302732 है। 2- इस संबंध में होने वाला व्यय रूपये 4,94,58,000 (रूपये चार करोड़ चौरानबे लाख अट्ठावन हजार मात्र) को चात्रू वित्तीय वर्ष 2025-2026 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-58 के लेखाशीर्षक-5054033378500 शहरों के बाईपास/रिंग रोड/फ्लाई ओवर के निर्माण के नये कार्यो की व्यवस्था मानक मद 24 वृहत निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा। 3- यह आदेश कम्प्यूटर द्वारा उत्पन्न संख्या-5-8-739-%-2025-26, दिनांक O2-0:-2026 में प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है। भवदीय, (अभय प्रताप श्रीवास्तव) अनु सचिव। संख्या व दिनांक तदैव प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- - निजी सचिव, मा0 मुख्यमंत्री जी, उत्तर प्रदेश शासन। 2- निजी सचिव, मा० राज्यमंत्री, लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 शासन। 3- महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, 50प्र0 प्रयागराज। 4- महालेखाकार (लेखा-परीक्षा) प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज | 5- संबंधित मण्डलायुक्त/जिलाधिकारी। 6- वित्त नियंत्रक, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ । 7-.. मुख्य अभियन्ता (HO-)/(A_), लोक निर्माण विभाग, लखनऊ। 8- संबंधित मुख्य अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग। 9- संबंधित वरिष्ठ कोषाधिकारी/कोषाधिकारी | 0- संबंधित अधिशासी अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग। W- वित्त व्यय (नियंत्रण) अनु0-8/वित्त आय-व्ययक AGO-i, उ0प्र0 शासन| I2- राज्य योजना आयोग- /2, उ0प्र0 शासन | 33- अधीक्षण अभियन्ता नियोजन/परियोजना, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ। 4- लोक निर्माण HGHT-7/9/0/2 एवं 74, उ0प्र0 शासन | 5- नोडल अधिकारी (ऑन लाईन बजट एलॉटमेन्ट सिस्टम), लो0नि0वि0, उ0प्र0 शासन| 6- गार्ड फाइल। आज्ञा से, (अभय प्रताप श्रीवास्तव) अनु सचिव।

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