Date: 2023-10-11Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना का पी0पी0पी0 मोड के अंतर्गत क्रियान्वयन भारत सरकार द्वारा निर्माण कार्यों से संबन्धित जी0एस0टी0 की दरों में अभिवृद्धि किए जाने के फलस्वरूप परियोजना के ग्रुप-1/2/3 एवं 4 के कन्सेशनेयरों को यूपीडा द्वारा देय धनराशि के संबंध में।
**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के कार्यान्वयन के लिए यूपीडा को धन की मंजूरी से संबंधित है। उत्तर प्रदेश सरकार ने सैद्धांतिक रूप से यूपीडा को भारत सरकार द्वारा जीएसटी दरों में वृद्धि के कारण रियायत अवधि के दौरान रियायतकारों के अतिरिक्त वित्तीय बोझ को पूरा करने के लिए धन प्रदान करने की मंजूरी दे दी है, जो 18 जुलाई 2022 से प्रभावी हुई थी। 11 अक्टूबर 2023 का पत्र इस अनुमोदन और यूपीडा द्वारा कार्रवाई किए जाने की प्रक्रिया की पुष्टि करता है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
* **जीएसटी दर परिवर्तन अनुमोदन:**
* सरकार सैद्धांतिक रूप से रियायत समझौते ("आर्टिकिल 41: चेंज इन लॉ") के तहत गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए रियायतकारों को अतिरिक्त वित्तीय बोझ के लिए क्षतिपूर्ति करने के लिए यूपीडा के पक्ष में सहमत है, जो जीएसटी दरों में बदलाव के कारण है।
* यह क्षतिपूर्ति रियायत अवधि के दौरान यूपीडा द्वारा वार्षिक आधार पर प्रदान की जाएगी, जिसमें निर्माण के 03 वर्ष शामिल हैं।
* **वित्तीय व्यवस्था:**
* यूपीडा के पास अपनी कोई आय नहीं होने के कारण, इस अतिरिक्त व्यय के लिए आवश्यक धनराशि राज्य सरकार से वार्षिक बजट आवंटन के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
* वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रभारों के दावों का भुगतान वास्तविक व्यय के आधार पर किया जाएगा, जिसके लिए यूपीडा चालू वित्तीय वर्ष (2023-24) में सरकारी बजट में प्रावधान का अनुरोध करेगा।
* बाद के वर्षों में, देय राशि का आकलन रियायतकर्ताओं से प्राप्त लेखा वर्ष के आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा और वार्षिक बजट प्रावधान सामान्य बजट प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त किए जाएंगे।
* संपूर्ण 30-वर्ष की रियायत अवधि के लिए वार्षिक बजट प्रावधान के लिए आहरण यूपीडा द्वारा त्रैमासिक आधार पर किया जाएगा, ताकि रियायतकर्ताओं को समय पर भुगतान किया जा सके।
* **अतिरिक्त विचार:**
* यदि यूपीडा को परियोजना से कोई आय प्राप्त होती है, तो इसका उपयोग रियायत अवधि के दौरान सरकारी बजट के माध्यम से प्रदान किए गए समकक्ष राशि को कम करने के लिए किया जा सकता है, जिसका उपयोग शॉर्टफॉल की स्थिति में किया जा सकता है।
* यूपीडा को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भुगतान के लिए रियायतकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत कर चालान 18 जुलाई 2022 के बाद जारी किए गए हों।
* यूपीडा को रियायतकर्ताओं को जारी पत्रों में स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि "चेंज इन लॉ" खंड रियायतकर्ताओं के अधिकारों और दायित्वों को बदल नहीं सकता है।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**हितधारक:** यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण)
**प्रभाव:** परियोजना रियायतकारों को धन उपलब्ध कराएं।
**आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करें कि जीएसटी दरों में वृद्धि के कारण रियायत अवधि के दौरान रियायतकारों के अतिरिक्त वित्तीय बोझ को पूरा करने के लिए राज्य सरकार से वार्षिक बजट के माध्यम से धनराशि का अनुरोध किया गया है।
यह सुनिश्चित किया जाए कि जारी किए गए चालान 18 जुलाई 2022 के बाद के हों।
इस शासनादेश का अनुपालन सुनिश्चित करें।
**हितधारक:** गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना रियायतकर्ता (ग्रुप-i, ii,iii एवं iv)
**प्रभाव:** सरकारी अधिसूचना का अनुपालन सुनिश्चित करें।
**आवश्यक कार्रवाई:** धन का अनुरोध करते समय यह सुनिश्चित करें कि भुगतान के लिए प्रस्तुत कर चालान 18 जुलाई 2022 के बाद जारी किए गए हों।
यूपीडा को जारी अनुरोध पत्रों में उल्लेख किया जाना चाहिए कि "चेंज इन लॉ" खंड रियायतकर्ताओं के अधिकारों और दायित्वों को बदल नहीं सकता है।
**हितधारक:** उत्तर प्रदेश सरकार
**प्रभाव:** परियोजना को निधि प्रदान करें।
**आवश्यक कार्रवाई:** रियायत अवधि के दौरान जीएसटी दरों में वृद्धि के कारण रियायतकर्ताओं के अतिरिक्त वित्तीय बोझ को पूरा करने के लिए यूपीडा के वार्षिक बजट के माध्यम से धनराशि प्रदान करें।
**हितधारक:** वित्त विभाग, यूपी सरकार
**प्रभाव:** बजट में धन का वितरण
**आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करें कि यूपीडा को धन दिया गया है।
Key Entities Referenced
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार, इस सरकारी आदेश का जारीकर्ता।
यूपीडा (UPIDA): उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के कन्सेशनेयरों को भुगतान का प्रबंधन करने के लिए अधिकृत।
गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना: उत्तर प्रदेश में एक पीपीपी (PPP) परियोजना, इस नीति का विषय।
भारत सरकार: भारत सरकार, जी.एस.टी. दरों में बदलाव के लिए जिम्मेदार है जिससे कन्सेशनेयरों को वित्तीय भार बढ़ गया है।
जी.एस.टी.: वस्तु एवं सेवा कर (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स), जिसकी दरों में बदलाव से गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के कन्सेशनेयरों के लिए वित्तीय निहितार्थ हुए हैं।
AkA-65/2023/778/77-3-23-900A/2
प्रेषक,
अनिल कुमार सागर,
प्रमुख सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
मुख्य कार्यपालक अधिकारी,
यूपीडा, पर्यटन भवन,
गोमतीनगर, लखनऊ।
औद्योगिक विकास अनुभाग-3 लखनऊ:दिनांक" चिअक्ट्रबर, 2023
विषय:-उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना का. Oats के अंतर्गत
क्रियान्वयन:भारत सरकार द्वारा निर्माण कार्यों से संबन्धित swede की दरों में अभिवृद्धि
किए जाने के फलस्वरूप परियोजना के ग्रुपण, ii, ii एवं MH Beat को यूपीडा द्वारा
देय धनराशि के संबंध मैं।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक अपने पत्र संख्या-26(/29७७/यूपीडा (AHO) दिनांक 20.07.2023 एवं
पत्र संख्या-4025/236/यूपीडा/23/तक0 दिक्षाकु९2०09.2023 का कृपया संदर्भ ग्रहण करें।
2. इस सम्बन्ध में सम्यक विद्यारोपसबत निम्नलिखित निर्णय लिये गये है-
(\). गंगा एक्सप्रेसवे परियोजुन्ना a aR got के पी. पी. पी. मोड में निर्माण के संबंध में
तीस वर्ष की कन्सेश्न, अवधि के दौरान भारत सरकार aan जी.एस.टी. की पूर्व में
प्रचलित दर aia *को दिनांक 8 जुलाई 2022 A प्रभावी i8 प्रतिशत तक
बढ़ाए जानै, के HUT निर्माण अवधि में होने वाले व्यय तथा निर्माण प्रक्रिया पूर्ण होने
के पश्चाते, शेष 'कन््सेशन अवधि में संचालन गतिविधियों के संबंध में होने वाले व्यय,
दोनों# के. परिप्रेक्ष्य मैं, कन्सेशन एग्रीमेंट के “आर्टिकिल 4i: dat इन लॉ” के अंतर्गत
HOM को तीस वर्ष की कन्सेशन अवधि (जिसमें 03 वर्ष की. निर्माण अवधि
aeated है) के दौरान कन्सेशनेयरों aA होने वाले अतिरिक्त आर्थिक भार का
भुगतान यूपीडा दूवारा यथासमय वार्षिक आधार पर किए जाने हेतु शासन SANT
यूपीडा के पक्ष में सैदूधान्तिक अनुमोदन प्रदान किया जाता है।
(Il). उपरोक्त भुगतान के संबंध में यूपीडा के अपने और कोई आय के स्रोत न होने के
कारण इस हेतु आवश्यक धनराशि की व्यवस्था करने के लिए यूपीडा को शासन से
वार्षिक बजट के माध्यम से अनुदान उपलब्ध कराया जायेगा।
(Il). वित्तीय वर्ष 2022-23 के संदर्भ में दिनांक i8 जुलाई 2022 से प्रभावी जी.एस.टी. की
दर में परिवर्तन के फलस्वरूप Hatt के अतिरिक्त वित्तीय प्रभार के दावों का
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |भुगतान वास्तविक व्यय के आधार पर यूपीडा cant किया जाएगा जिसके लिए
यूपीडा के अनुरोध पर शासकीय बजट में वर्तमान वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रावधान
किया जाएगा।
(lv). आगामी वित्तीय वर्षों में विषयांतर्गत देय राशि की वास्तविक स्थिति का आंकलन
यूपीडा को कन्सेशनेयरों की ओर से संबन्धित “एकार्डटिंग ay में ही प्राप्त हो सकेगा,
अतः इस हेतु कन्सेशन की शेष अवधि के foe वार्षिक आधार पर बजट प्रावधान
यूपीडा GANT बजट की सामान्य प्रक्रिया के अंतर्गत शासन से प्राप्त किया SST
(४)... उपरोक्तानुसार 30 वर्ष की सम्पूर्ण कन्सेशन अवधि हेतु वार्षिक आधार WAY जाने
वाले वार्षिक बजट प्रावधान का आहरण यूपीडा द्वारा शासन से त्रैमासिके आधार पर
किया जाएगा ताकि तत्संबंधित भुगतान कन्सेशनेयरों को JAH अधार पर ससमय
किया जा सके।
3 उक्त के अतिरिक्त यह भी निर्णय लिया गया है कि Wea परियोजना के संबंध में
यूपीडा की कोई आय होती है तो उनके Gant किये जाने ae भैदतान के इष्टिगत शॉर्टफाल
की स्थिति उत्पन्न होने पर शॉर्टफाल की समतुल्य अुशि९षको Stara उपलब्ध कन्सेशन
पीरियड हेतु शासन द्वारा वार्षिक बजट के माध्यम F398 कराया जायेगा।
4. ue भी सुनिश्चित किया जायेगा कि कल्सैंशनेयरूद्वारा भुगतान हेतु प्रस्तुत किए गए
lA से संबन्धित Tax Invoice दिनांक 8 else 2022 या उसके बाद की तिथि में raise
किए गए हों तथा साथ ही Change in Laws, Article — 4। के लागू होने के फलस्वरूप
कन्सेशनेयर के Rights एवं 00ा8क्षाशाषमें URdda नहीं होगा। इस संबंध A यूपीडा द्वारा
कन्सेशनेयरों को जारी किए seats WI में इन बिन्दुओं का उल्लेख कर दिया जाए।
अतः इस संबंध AAA यहां कहने का निदेश हुआ है कि कृपया शासन द्वारा लिये
गये उक्त निर्णय का HMA AULA करने का कष्ट करें|
भवदीय,
(अनिल कुमार सागर)
प्रमुख सचिव
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |संख्या एवं दिनांक ada]
उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित-
() निजी सचिव, AIO मंत्री, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0|
(2)निजी सचिव, AIO राज्य मंत्री, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0|
(3)निजी सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, उ0प्र0 शासन।
(4)वित्त (व्यय नियंत्रण), अनुभाग-6, उ0प्र0 शासन।
(5)वित्त (आय-व्ययक) 4
(6) वित्त नियंत्रक यूपीडा।
(7) निदेशक, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग, उ0प्र0 प्रयागराज।
(8)गार्ड फाइल।
आजा से,
(मनोज कुमार मौर्य)
उप सचिव
- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |