Date: 2026-01-29Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
सी0सी0एल0 प्रणाली समाप्त होने एवं कोषागार आधारित ऑनलाईन बजटीय प्रणाली लागू होने फलस्वरूप लोक निर्माण विभाग में कार्य पर भारित करके आई0ओ0सी0एल0 से प्राप्त धनराशि को राजकोष में जमा करने के पश्चात अनुदान सं0-58 में कृषि विपणन योजनान्तर्गत जनपद प्रयागराज के 01 स्वीकृत कार्य हेतु धनराशि के भुगतान के संबंध में।
ज़रूर। यहाँ नीति पाठ का सारांश दिया गया है:
**कार्यकारी सारांश**
यह दस्तावेज़ लोक निर्माण विभाग में सी०सी०एल० प्रणाली की समाप्ति और ट्रेजरी-आधारित ऑनलाइन बजटीय प्रणाली के कार्यान्वयन को संबोधित करता है। इसमें प्रयागराज जिले में कृषि विपणन योजना के तहत स्वीकृत एक कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग के एक प्रस्ताव को ध्यान में रखते हुए ₹7.00 लाख की धनराशि को जारी करने की स्वीकृति दी गई है। आदेश का उद्देश्य सुनिश्चित करना है कि IOCL से प्राप्त धनराशि को अनुदान सं0-58 के तहत ट्रेजरी के माध्यम से राजकोष में जमा किया जाए और 2025-26 के वित्तीय वर्ष में फिर से जारी किया जाए।
**मुख्य बातें**
*वित्तीय स्वीकृति और आवंटन*
* वर्ष 2025-26 में कृषि विपणन योजनान्तर्गत प्रयागराज जनपद में स्वीकृत एक कार्य के लिए ₹7.00 लाख की धनराशि जारी करने को स्वीकृति दी गई है।
* यह धनराशि आई०ओ०सी०एल० से वापस प्राप्त कर ट्रेजरी में जमा की गई धनराशि के समतुल्य है।
*व्यय की शर्तें*
* जारी की जा रही धनराशि का उपयोग केवल उसी कार्य के लिए किया जाना चाहिए जिस पर मूल रूप से भुगतान किया गया था, और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इस धनराशि का उपयोग किसी अन्य कार्य के लिए न किया जाए।
* धनराशि के वास्तविक उपभोग या व्यय से पहले, यह सत्यापित किया जाना चाहिए कि धनराशि को राजकोष में विधिवत रूप से जमा कर दिया गया है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि क्षेत्रीय मुख्य अभियंता से प्रमाणित प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया गया है।
* कार्य समाप्त होने के बाद, शेष धनराशि सरकारी खजाने में वापस जमा करनी होगी।
*अनुपालन और रिपोर्टिंग*
* व्यय बजट मैनुअल और वित्त विभाग के निर्देशों के अनुपालन में होना चाहिए।
* उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रयागराज में महालेखाकार कार्यालय को प्रस्तुत किए जाने हैं।
* परियोजना के संबंध में सभी प्रशासनिक और वित्तीय शर्तों का पालन किया जाना चाहिए।
*प्रणाली के परिवर्तन*
* कर्मों से संबंधित बजट के ऑनलाइन आवंटन के लिए आवश्यक डीडीओ कोड आवंटित किए जाने चाहिए।
* वित्त (लेखा) अनुभाग -2 के 13-04-2022 के कार्यालय ज्ञापन संख्या-3/2022/ए-2-76/दस-2022-10(9)/95 में निहित व्यवस्था का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
*अतिरिक्त निर्देश*
* विभाग द्वारा आई०ओ०सी०एल० से प्राप्त कर राजकोष में जमा धनराशि के चालान की प्रति महालेखाकार को प्रेषित मासिक लेखों के साथ अवश्य प्रेषित की जाए।
* यह आदेश 27 मार्च, 2025 को वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग 1 के कार्यालय ज्ञापन संख्या - 6/2025/बी-1-352/दस-2025-231/2025 के अंतर्गत निर्गत किये जा रहे है।
* वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या 058 लेखा शीर्षक 5054043371500 कृषि विपणन सुविधाओं हेतु राजस्व ग्राम/बसावटों को पक्के सम्पर्क मार्गों से जोड़ने हेतु ग्रामीण सम्पर्क मार्गों का नवनिर्माण/पुननिर्माण/मिसिंग लिंक एवं अन्य ग्रामीण मार्गों के चालू कार्यों हेतु एकमुश्त व्यवस्था मानक मद 24 वृहत् निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा।
**प्रभाव विश्लेषण**
*प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग:*
*प्रभाव:* उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि धनराशि का उपयोग कार्य के लिए किया गया है और नियामक आवश्यकताओं का अनुपालन किया गया है।
*आवश्यक कार्रवाई:* जारी धन का उपयोग करने से पहले जमा प्रमाणपत्र की समीक्षा और सत्यापन करना चाहिए।
*महालेखाकार:*
*प्रभाव:* उन्हें उपयोगिता प्रमाणपत्र और लेखा अभिलेखों की सटीकता सुनिश्चित करनी होगी।
*आवश्यक कार्रवाई:* उचित लेखा और ऑडिट करना चाहिए।
*कोषाधिकारी:*
*प्रभाव:* धन के प्रबंधन में वित्तीय नियमों का पालन करना।
*आवश्यक कार्रवाई:* स्वीकृत कार्य पर ही खर्च करना सुनिश्चित करें।
*अधिशासी अभियन्ता:*
*प्रभाव:* परियोजना के कार्यान्वयन और निधि उपयोग के लिए जिम्मेदार।
*आवश्यक कार्रवाई:* व्यय में अनुपालन और दक्षता सुनिश्चित करना चाहिए।
Key Entities Referenced
कृषि विपणन योजना: अनुदान संख्या 58 के तहत, यह योजना कृषि विपणन से संबंधित परियोजनाओं के लिए धन आवंटित करती है।
लोक निर्माण विभाग, उ०प्र०: यह विभाग उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निर्माण और रखरखाव के लिए जिम्मेदार है, और यह दस्तावेज़ में मुख्य कार्यान्वयन एजेंसी है।
जनपद प्रयागराज: यह उत्तर प्रदेश का एक जिला है जहाँ कृषि विपणन योजना के तहत एक विशेष परियोजना को इस दस्तावेज़ में निर्दिष्ट किया गया है।
कोषागार आधारित ऑनलाईन बजटीय प्रणाली: यह एक बजटीय प्रणाली है जिसे CCL प्रणाली के समाप्त होने के बाद लागू किया गया था, और जिसके परिणामस्वरूप लोक निर्माण विभाग में कार्य पर भारित करके आई०ओ०सी०एल० से प्राप्त धनराशि को राजकोष में जमा किया गया।
वित्त विभाग, उ०प्र० शासन: यह उत्तर प्रदेश सरकार का वित्त विभाग है, जिसके आदेशों और निर्देशों का पालन धन के व्यय के संबंध में किया जाना है।
PBAM-38/ 202 6/3S/220I48/2026/008-23-9099-099-23-2025
प्रेषक,
सोमनाथ,
संयुक्त सचिव,
उ0प्र0शासन।|
सेवा में,
प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष,
लोक निर्माण विभाग,
उ0प्र0 लखनऊ।
लोक निर्माण अनुभाग-9 लखनऊ : दिनांक 29 जनवरी, 2026
विषय-सी0सी0एल0 प्रणाली समाप्त होने एवं कोषागार आधारित ऑनलाईन बजटीय प्रणाली लागू होने फलस्वरूप लोक
निर्माण विभाग में कार्य पर भारित करके आई0ओ0सी0एलए0 से प्राप्त धनराशि को राजकोष में जमा करने के पश्चात
अनुदान सं0-58 में कृषि विपणन योजनान्तर्गत जनपद प्रयागराज के 0 स्वीकृत कार्य हेतु धनराशि के भुगतान के
संबंध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक मुख्य अभियंता(मु0-), लोक निर्माण विभाग, लखनऊ का पत्र सं0-7390बीजी/07बी
(आई0ओ0सी0एल0)/2025-26, दिनांक 6.09.2025 & संदर्भ में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि निम्न
विवरणानुसार अनुदान सं0-58 में कृषि विपणन योजनान्तर्गत जनपद प्रयागराज के 0 स्वीकृत कार्य हेतु अवमुक्त
धनराशि के सापेक्ष BO 7.00 लाख की धनराशि को कार्य पर भारित करते हुए आई0ओ0सी0एल0 को अग्रिम में भुगतान
किया गया था और उक्त धनराशि को कोषागार आधारित ऑनलाईन बजटीय प्रणाली लागू होने के फलस्वरूप
आई0ओ0सी0एल0 से वापस प्राप्त कर cont चालान के माध्यम से राजकोष में जमा करा दिया गया है, के समतुल्य
धनराशि रू0 7.00 लाख (रूपये सात लाख मात्र) को वित्तीय वर्ष 2025-26 में पुन: अवमुक्त किए जाने की अधोलिखित
विवरण/शर्तों के अधीन राज्यपाल महोदया सहर्ष स्वीकृति प्रदान करती हैं:- (धनराशि रू0 लाख में)
है खंण्ड/ जनपद कार्य का विवरण स्वीकृत मूल शासनादेश कार्य हेतु स्वीकृत | राजकोष में जमा
लागत धनराशि, जो ट्रेजनी | की गयी धनराशि
चालान के माध्यम | का वित्तीय वर्ष
से राजकोष में 2025-26 में
जमा की गयी | अवमुक्त धनराशि
fia {2 [3 | 4 _| 5 | 6 {7
] नि0०खण्ड-4 | खोदायपुर कमल्रा मिश्रा के
/209/343/23-9- .
(कु0मे0) घर के बगल नहर के पटरी सं.- JHOO35,
209-0।अन्य/ दिनांक
प्रयागराज | होते हुए कसिया का पुरा | 95.09 दिनांक 7.00
208टीसी,
यादव बस्ती तक सम्पर्क दिनांक 0.03.209 7.0.2023
मार्ग का निर्माण कार्य। रा
(।) स्वीकृत की जा रही धनराशि के उपभोग£व्यय से पूर्व यह सुनिश्चित किया जय कि उक्त धनराशि वास्तविक रूप से
राजकोष में जमा हो गयी है और राजकोष में जमा की गयी धनराशि उसी कार्य की है, जिस कार्य के लिए धनराशि
स्वीकृत की गयी Bl इस आशय का प्रमाण-पत्र भी सम्बन्धित आहरण वितरण अधिकारी द्वारा क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता
से प्रति हस्ताक्षरित कर प्राप्त कर लिया जाय।
(2) यह सुनिश्चित किया जाए कि ऑयल कम्पनियों से वापस ली गयी धनराशि का उपयोग केवल उन्हीं कार्य पर किया
जाए जिस कार्य पर प्रथमत: उसे भारित कर भुगतान किया गया है। किसी भी दशा में मूल कार्य के अतिरिक्त अन्य
कार्यों पर इसका व्यवर्तन नहीं किया जायेगा। कार्य पूर्ण होने पर यदि कोई धनराशि अवशेष रह जाती है तो उसे
नियमानुसार कार्य के सुसंगत प्राप्ति मद में शासन के पक्ष में कोषगार में जमा कर दी जाए।
(3) प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि का व्यय/उपयोग वित्त विभाग द्वारा निर्गत आदेशी»जापों में उल्लिखित शर्ती
के अनुसार बजट मैनुअल एवं वित्तीय हस्त पुस्तिका के नियमों, स्थाई आदेशों आदि का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित
I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |करते हुए किया जायेगा तथा किसी भी दशा में प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि से उपयोग किसी अन्य मद में नहीं
किया जायेगा।
(4) प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र/कार्यों के सपंरिक्षित लेखा निर्धारित समयावधि में
कार्यालय महालेखाकार उ0प्र0, प्रयागराज एवं शासन को उपलब्ध करा दिया जाय।
(5) अवमुक्त की जा रही धनराशि के व्यय से पूर्व उक्त परियोजना के सम्बन्ध A प्रशासयकी एवं वित्तीय स्वीकृति
विषयक शासनादेश की समस्त शर्ती एवं प्रतिवन्ध का अक्षरशः अनुपात सुनिश्चित किया जायेगा।
(6) लोक निर्माण विभाग में सी०सी०एस० प्रणाली समाप्त किए जाने के फलस्वरूप वर्क्स से सम्बन्धित बजट के ऑन
लाइन आवंटन किए जाने हेतु डीग्डी०गओ० कोड आवंटन विषयक वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग के शासनादेश संख्या-
0/2022/daI--345/a8-2022. दिनाक 04-05-2022 तथा कार्यमदों के व्यय को सी0सी0एल प्रणाली से मुक्त रखते
हुए सामान्य कोषागार प्रणाली से आच्छादित किए जाने के सम्बन्ध में वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के कार्यालय जाय संख्या-
3/2022/U-2-76/GH-2022-0(9)/95, दिनांक 3-04-2022 में निहित व्यवस्था/शती का अनुपालन सुनिचित किया
जायेगा।
(7) अवमुक्त की जा रही धनराशि का व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या-6/2025/वी-।-
352/G8-2025-23/2025, दिनांक 27-03-2025 में निहित प्राविधानों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
(8) Waa आदेश की प्रति कार्यवृत्त विषयक पत्र AwA-|/952I40/2025, दिनांक 02-05-2025 संख्या-
|/962076/2025. दिनांक 4-05-2025 की प्रति सहित प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0,
प्रयागराज (इलाहाबाद) को प्रेषित की जाय। मह्ालेखाकार को प्रेषित मासिक लेखों के साथ विभाग द्वारा आई0ओ0सी0एल0०0
से We कर राजकोष में जमा धनराशि के चालान की प्रति भी अवश्य प्रेषित की जाए।
2- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 7,00,000 ( रुपये सात लाख मात्र ) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के
आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 058 लेखा शीर्षक 505404337:500 कृषि विपणन सुविधाओं हेतु राजस्व ग्राम/बसावटों
को पक्के सम्पर्क मार्गों से जोड़ने हेतु ग्रामीण सम्पर्क मार्गों का नवनिर्माण/पुननिर्माण/मिसिंग लिंक एवं अन्य ग्रामीण
मार्गों के चालू कार्यों हेतु एकमुश्त व्यवस्था मानक मद 24 वृहत् निर्माण कार्य के aA डाला जायेगा।
3- यह आदेश वित्त (आय - व्ययक ) अनुभाग - | के कार्यालय AMT संख्या - 6/2025/a--352/aH-2025-
23/2025, दिनाँक- 27-मार्च, 2025 में प्रशासकीय विभाग को उक्तवत प्रतिनिधानित अधिकार के अंतर्गत निर्गत किये
जा रहे है।
भवदीय,
सोमनाथ
संयुक्त सचिव।
संख्या- उपरोक्त एवं aaa
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
॥- महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, 50प्र0 प्रयागराज।
2- महालेखाकार, प्रथम(निर्माण) उ0प्र0 प्रयागराज।
3- जिलाधिकारी, संबंधित जनपद।
4- मुख्य / वरिष्ठ कोषाधिकारी, संबंधित जनपद।
5- नोडल अधिकारी, बजट आवंटन प्रणाली, लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 शासन।
6- मुख्य अभियंता(मु0-) लोक निर्माण विभाग, लखनऊ।
7- वित्त नियंत्रक, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ।
8- संबंधित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग।
9- संबंधित खण्ड के अधिशासी अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग।
0- वित्त(व्यय नियंत्रण) अनुभाग-8/वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-2, उ0प्र0 शासन।
II- लोक निर्माण HqYAA-I0/IS फाइल।
आज्ञा से,
सोमनाथ
संयुक्त सचिव।
I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |