Date: 2024-06-13Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
गंगा एक्सवप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ) में जी0एस0टी0 के अतिरिक्तय 06 प्रतिशत व्याय भार के दृष्टिगत विकासकर्ताओं को प्रतिपूर्ति हेतु धनराशि के आवंटन के सम्बन्ध में।
ज़रूर, यहां सारांश दिया गया है:
**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ) में माल और सेवा कर (जीएसटी) की अतिरिक्त 6% लागत के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही के लिए डेवलपर्स को प्रतिपूर्ति के लिए 5000.00 लाख रुपये जारी करने के लिए प्राधिकरण का प्रतिनिधित्व करता है। भारत सरकार ने 18 जुलाई, 2022 को जीएसटी की दर 12% से बढ़ाकर 18% कर दी है। इसके चलते इस परियोजना में जीएसटी की लागत बढ़ गई। यह स्वीकृति विभिन्न नियमों और शर्तों के अधीन है, जिसे दस्तावेज़ में उल्लिखित किया गया है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
* **धन आवंटन:**
* गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ) में जीएसटी में अतिरिक्त 6% के व्यय के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही के लिए विकासकर्ताओं को प्रतिपूर्ति के लिए 5000.00 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
* **नियम और शर्तें:**
* यूपीडा को इस स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल तत्काल आवश्यकता के अनुसार ही करना चाहिए।
* धनराशि का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए किया जाना चाहिए जिसके लिए उसे स्वीकृत किया गया था।
* यूपीडा को लेखा नियंत्रक कार्यालय और सरकार को उपयोग प्रमाण पत्र और लेखा परीक्षा रिपोर्ट जमा करनी होगी।
* धनराशि का आहरण सक्षम स्तर से अनुमोदन के बाद नियमों के अनुसार किया जाना चाहिए और वित्त (आय व्यय) अनुभाग-1 से जारी निर्देशों का पूरी तरह से पालन करना होगा।
* आवंटित धनराशि का उपयोग किसी अन्य कार्य के लिए नहीं किया जाना चाहिए और वित्तीय नियमों और स्थायी आदेशों का पालन किया जाना चाहिए।
* धनराशि पर प्राप्त कोई भी ब्याज सरकारी खजाने में जमा किया जाना चाहिए।
* यूपीडा को यह सुनिश्चित करना होगा कि कंसेशनर्स द्वारा प्रस्तुत दावे से संबंधित कर चालान 18 जुलाई, 2022 या उसके बाद की तारीख में उठाए गए हैं और 'लॉ में बदलाव' के तहत आर्टिकल 41 का पालन किया गया है।
* किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए यूपीडा जिम्मेदार होगा।
* इस व्यय को अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 5054033371700 गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में जीएसटी के अतिरिक्त प्रतिशत व्ययभार के दृष्टिगत विकासकर्ताओं को प्रतिपूर्ति हेतु मानक मद 24 वृहत् निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा।
* यह आदेश वित्त (आय व्ययक ) अनुभाग 1 के कार्यालय ज्ञाप संख्या 1/2024/बी-1-294/दस-2024-231/2024, दिनाँक 04-मार्च, 2024 के अनुसार जारी किया गया है।
**प्रभाव विश्लेषण:**
* **यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण):**
* **प्रभाव:** आवंटित धनराशि का कुशलतापूर्वक और प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने, धन का उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्य के लिए करने और सभी शर्तों और नियमों का पालन करने के लिए जिम्मेदार है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करें कि धन का आहरण और उपयोग दिशानिर्देशों के अनुसार हो, समय पर रिपोर्ट जमा करें और किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए जिम्मेदार हो।
* **गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के विकासकर्ता:**
* **प्रभाव:** बढ़ी हुई जीएसटी लागत के लिए प्रतिपूर्ति प्राप्त होगी, जिससे परियोजना की वित्तीय व्यवहार्यता में मदद मिलेगी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** उचित कर चालान और दावों के साथ यूपीडा के साथ समन्वय करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी दस्तावेज आवश्यकताओं को पूरा किया जाए।
* **वित्त विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार:**
* **प्रभाव:** परियोजना के लिए धन के आवंटन और व्यय की देखरेख करता है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** परियोजना के लिए फंड की उपलब्धता सुनिश्चित करता है और वित्तीय नियमों और विनियमों का अनुपालन करता है।
Key Entities Referenced
गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ): गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना, जिसके विकासकर्ताओं को जीएसटी की दर में वृद्धि के कारण अतिरिक्त व्यय भार की प्रतिपूर्ति की जा रही है।
यूपीडा: उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, जो धन के वितरण और उपयोग के लिए जिम्मेदार है।
आर्टिकल 41 Change in Law: गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के निष्पादित अनुबन्ध में संदर्भित प्रावधान, जो जीएसटी में परिवर्तन के कारण विकासकर्ताओं को प्रतिपूर्ति की अनुमति देता है।
औद्योगिक विकास अनुभाग-3: उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग जो इस मामले को संभाल रहा है।
जीएसटी: वस्तु एवं सेवा कर, जिसकी दर में बदलाव के कारण गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में अतिरिक्त व्यय हुआ और विकासकर्ताओं को प्रतिपूर्ति की आवश्यकता पड़ी।