उत्तर प्रदेश शासन
श्रम अनुभाग-2
संख्या-08/2026/।/1441676/2026-1925963
लखनऊ, ददनांक : 24-08-2026
दनयुक्ति/ दिज्ञक्ति
श्री मोहन लाल दिश्वकमा ा (एच0जे0एस0), सेिादनिृत्त दजला एिं सत्र न्यायाधीश को श्रम
न्यायालय में पीठासीन अदधकारी के पद पर उनके कायाभार ग्रहण करने की दिदि से िीन िर् ा
अििा 65 िर्ा की आय ु प्राप् ि होन,े जो भी पहले घदिि हो, िक के दलए दनयुक् ि करने ििा
पीठासीन अदधकारी, श्रम न्यायालय,...
उत्तर प्रदेश शासन श्रम अनुभाग-2 संख्या-08/2026/।/1441676/2026-1925963 लखनऊ, ददनांक : 24-08-2026 दनयुक्ति/ दिज्ञक्ति श्री मोहन लाल दिश्वकमा ा (एच0जे0एस0), सेिादनिृत्त दजला एिं सत्र न्यायाधीश को श्रम न्यायालय में पीठासीन अदधकारी के पद पर उनके कायाभार ग्रहण करने की दिदि से िीन िर् ा अििा 65 िर्ा की आय ु प्राप् ि होन,े जो भी पहले घदिि हो, िक के दलए दनयुक् ि करने ििा पीठासीन अदधकारी, श्रम न्यायालय, अयोध्या के पद पर िैनाि करने की श्री राज्य पाल महोदया सहर्ा स् िीकृ दि प्रदान करिी हैं।
2. श्री मोहन लाल दिश्वकमाा की दनयुक्ति/सेिायें उत्तर प्रदेश औद्योदगक दििाद अदधदनयम, 1947 (अदधदनयम संख् या-28 सन् 1947), के सुसंगि प्रादिधानो ंििा उत्तर प्रदेश श्रम न् यायालय एिं औद्योदगक न् यायादधकरणो ं के पीठासीन अदधकारी (दनयुक्ति एिं दनयोजन की शिें) दनयमािली, 1996 ििा इसमें समय-समय पर दकये गये संशोधनो ंमें दनदहि प्रादिधानो ंके अन्तगाि होगी। डॉ0एम0के 0 शन्मुगा सुन्दरम् प्रमुख सदचि संख्या एिं ददनांक िदैि, प्रदिदलदप दनम् नदलक्तखि को सूचनािा एिं आिश् यक कायािाही हेिु प्रेदर्ि:- 1- दिभागाध् यक्ष, औद्योदगक न् यायादधकरण एिं श्रम न् यायालय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज । 2- श्रमायुक्ि , उत्तर प्रदेश, कानपुर। 3- मण् डलायुक्ि , अयोध्या। 4- दजलादधकारी, अयोध्या। 5- महालेखाकार, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज । 6- संयुि रदजस्ट्रार (ज्यूदडदशयल)(सदिासेज), मा0 उच् च न् यायालय, इलाहाबाद । 7- रदजस्ि रार, औद्योदगक न् यायादधकरण एिं श्रम न् यायालय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज । 8- श्रम न्यायालय, अयोध्या। 9- संबंदधि कोर्ादधकारी। 10- संबंदधि अदधकारी को इस अभ्युक्ति के साि दक िे अपनी िैनािी के स्थान पर आदेश प्राि होने के ददनांक से 15 ददन के भीिर कायाभार ग्रहण करने का कष्ट करें यदद उनके द्वारा उि अिदध में कायाभार ग्रहण नही ंदकया जािा है िो यह समझा जायेगा दक िे उि पद पर कायाभार ग्रहण करने के इच्छुक नही ंहै और उनकी दनयुक्ति को दनरस्त करने की कायिा ाही की जायेगी। 1- यह शासनादेश इलेक्ट्राननकली जारी ककया गया है, अत: इस पर हस्त ाक्षर की आवश्य कता नही है । 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वबे साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत् यापपत की जा सकती है ।11- संयुि दनदेशक, मुद्रण एिं लेखन सामग्री, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को गजि के आगामी अकं में प्रकाशनािा। 12- समस्त अनुभाग, श्रम दिभाग। 13- गाडा फाइल। आज्ञा से अिनीन्द्र कु मार शुक्ल संयुि सदचि 1- यह शासनादेश इलेक्ट्राननकली जारी ककया गया है, अत: इस पर हस्त ाक्षर की आवश्य कता नही है । 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वबे साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत् यापपत की जा सकती है ।