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Date: 2020-12-14 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

राज्य में निवेश को बढ़ावा देने हेतु सरकार द्वारा निर्धारित विभिन्न नीतियों के अन्तर्गत संचालित योजनाओं में इन्सेन्टिव के रूप में एस.जी.एस.टी. की प्रतिपूर्ति की सुविधा हेतु मानक परिचालन प्रक्रिया (स्टैण्डर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर) (एस0ओ0पी0) के सम्बन्ध में निर्गत शासनादेश संख्या-1395/77-6-2020-5(एम)/2017 टी.सी.-2 दिनांक 12.6.2020 में संशोधन के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

ज़रूर, यहाँ अनुरोधित संरचना का उपयोग करते हुए दिए गए नीति पाठ का सारांश है: **कार्यकारी सारांश:** यह दस्तावेज़ 14 दिसंबर, 2020 को जारी किया गया एक ज्ञापन है जिसमें एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में संशोधन किया गया है, जैसा कि निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित विभिन्न नीतियों के तहत योजनाओं के तहत प्रोत्साहन के रूप में प्रदान किया गया है। ये संशोधन उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति 2017 और पूर्ववर्ती बुनियादी ढांचा और औद्योगिक निवेश नीति 2012 दोनों को प्रभावित करते हैं। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** *एसओपी परिशिष्ट-1 में बदलाव:* * एसओपी के परिशिष्ट-1 के खंड 8, 9 और खंड-(III) हटा दिए गए हैं। *एसजीएसटी प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन के लिए संशोधित आवश्यकताएँ:* * एसओपी को जारी करने से पहले की अवधि के लिए प्रस्तुत और आगामी एसजीएसटी प्रतिपूर्ति आवेदनों के लिए, एसओपी के खंड 2(बी) के तहत निर्धारित कंपनी के वैधानिक लेखा परीक्षकों द्वारा वितरकों के स्तर से की गई अंतरराज्यीय अनुवर्ती बिक्री से संबंधित प्रमाण पत्र के बजाय एक हलफनामा अब कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (निदेशक स्तर से नीचे नहीं) द्वारा प्राप्त किया जाएगा। फिर संशोधित परिशिष्ट-1 (खंड 8, 9 और खंड-(III) को हटाकर) वैधानिक लेखा परीक्षकों द्वारा प्रमाणित किया जाएगा। * एसओपी के खंड 2(ई) के प्रपत्र संख्या-4 पर उल्लिखित घोषणा पत्र के स्थान पर, कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (निदेशक स्तर से नीचे नहीं) से एक हलफनामा (अंतरराज्यीय अनुवर्ती बिक्री उत्पादों के संबंध में) प्रस्तुत किया जाएगा, जिसका प्रारूप नोडल एजेंसी द्वारा निर्धारित किया जाएगा। *ट्रेडिंग गतिविधियों के लिए स्पष्टीकरण:* * ट्रेडिंग के मामले में, कंपनी को अपने मुख्य उत्पादों की ट्रेडिंग गतिविधियों के लिए एक अलग जीएसटीआईएन संख्या प्राप्त करना अनिवार्य है। हालांकि, बाई-प्रोडक्ट, स्क्रैप, गैर-उपयोग की जाने वाली मशीनरी आदि की बिक्री, जो कि मुख्य उत्पाद से अलग है, के लिए अलग पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी। *पहले से दी गई सुविधाओं पर स्पष्टीकरण:* * एसओपी के घोषणा पत्र से पहले दी गई सुविधाओं (पैन इंडिया प्वाइंट और वैट/सीएसटी/जीएसटी में निहित राज्य सरकार के हिस्से के सापेक्ष प्रतिपूर्ति के लिए गणना) से संबंधित मंत्रिपरिषद ने 12.05.2016 के शासनादेश के प्रावधानों को निरस्त नहीं किया जाएगा। इस प्रकार इकाइयां शासनादेश 12.05.2016 द्वारा पैन इंडिया के खंड के अंतर्गत अनुमोदित सुविधा के लिए पहले की तरह पात्र रहेंगी। *अलग पंजीकरण प्राप्त करने के लिए कंपनियों के लिए समय सीमा:* * शासनादेश 12.06.2020 द्वारा जारी एसओपी के खंड 2(सी) के तहत अलग पंजीकरण प्राप्त करने के लिए कंपनियों को प्रश्नगत विषय पर जानकारी देने की तारीख से 30 दिनों के बजाय 90 दिनों का समय दिया जाएगा। * जो कंपनियां 90 दिनों की समय सीमा में भी अलग पंजीकरण प्राप्त नहीं कर पाती हैं, उनके मामलों में वाणिज्य कर विभाग से एक रिपोर्ट का अनुरोध किया जाएगा और औद्योगिक विकास विभाग को निर्णय के लिए संदर्भित किया जाएगा। *भविष्य के संशोधन:* * यदि शासनादेश 12.06.2020 द्वारा जारी एसओपी में भविष्य में किसी संशोधन की आवश्यकता होती है, तो प्रशासनिक विभाग, राज्य कर विभाग और वित्त विभाग के परामर्श के बाद मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किया गया है। **प्रभाव विश्लेषण:** **हितधारक:** उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव **प्रभाव:** उन्हें राज्य में एसजीएसटी प्रतिपूर्ति प्रसंस्करण के लिए अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के बारे में सूचित किया जाता है। **आवश्यक कार्रवाई:** इस संशोधन के अनुसार एसजीएसटी प्रतिपूर्ति आवेदनों के प्रसंस्करण को सुनिश्चित करें। **हितधारक:** उत्तर प्रदेश के मंडल आयुक्त/जिलाधिकारी **प्रभाव:** उन्हें राज्य में एसजीएसटी प्रतिपूर्ति प्रसंस्करण के लिए अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के बारे में सूचित किया जाता है। **आवश्यक कार्रवाई:** इस संशोधन के अनुसार एसजीएसटी प्रतिपूर्ति आवेदनों के प्रसंस्करण को सुनिश्चित करें। **हितधारक:** प्रबंध निदेशक, पिकप/उ.प्र. वित्तीय निगम **प्रभाव:** उन्हें राज्य में एसजीएसटी प्रतिपूर्ति प्रसंस्करण के लिए अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के बारे में सूचित किया जाता है। **आवश्यक कार्रवाई:** इस संशोधन के अनुसार एसजीएसटी प्रतिपूर्ति आवेदनों के प्रसंस्करण को सुनिश्चित करें। **हितधारक:** इनवेस्ट यू.पी. के मुख्य कार्यपालक अधिकारी **प्रभाव:** उन्हें इस शासनादेश को इनवेस्ट यू.पी. की वेब-साइट पर अपलोड करने और सरकार को 150 प्रतियां उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। **आवश्यक कार्रवाई:** शासनादेश को इनवेस्ट यू.पी. की वेब-साइट पर अपलोड करें और सरकार को 150 प्रतियां उपलब्ध कराएं। **हितधारक:** आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर **प्रभाव:** उन्हें एसजीएसटी प्रतिपूर्ति प्रसंस्करण के लिए अद्यतन एसओपी के बारे में सूचित किया गया है। **आवश्यक कार्रवाई:** कोई नहीं, सूचना के लिए। **हितधारक:** निदेशक, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उ.प्र. शासन **प्रभाव:** उन्हें एसजीएसटी प्रतिपूर्ति प्रसंस्करण के लिए अद्यतन एसओपी के बारे में सूचित किया गया है। **आवश्यक कार्रवाई:** कोई नहीं, सूचना के लिए। **हितधारक:** सभी अनुभाग, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग, उ.प्र. शासन **प्रभाव:** उन्हें एसजीएसटी प्रतिपूर्ति प्रसंस्करण के लिए अद्यतन एसओपी के बारे में सूचित किया गया है। **आवश्यक कार्रवाई:** कोई नहीं, सूचना के लिए। **हितधारक:** वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1/वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-6 **प्रभाव:** उन्हें एसजीएसटी प्रतिपूर्ति प्रसंस्करण के लिए अद्यतन एसओपी के बारे में सूचित किया गया है। **आवश्यक कार्रवाई:** कोई नहीं, सूचना के लिए। **हितधारक:** नियोजन अनुभाग-1 **प्रभाव:** उन्हें एसजीएसटी प्रतिपूर्ति प्रसंस्करण के लिए अद्यतन एसओपी के बारे में सूचित किया गया है। **आवश्यक कार्रवाई:** कोई नहीं, सूचना के लिए।

Key Entities Referenced

उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017: राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीति उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश नीति-2012: पूर्वगामी अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति एस.जी.एस.टी. की प्रतिपूर्ति की सुविधा हेतु मानक परिचालन प्रक्रिया (स्टैण्डर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर) (एस0ओ0पी0): संचालित योजनाओं में इन्सेन्टिव के रूप में एस.जी.एस.टी. की प्रतिपूर्ति की सुविधा के लिए एसओपी शासनादेश दिनांक 12.05.2016: मा० मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित शासनादेश (पैन इण्डिया बिन्दु एवं वैट/सी.एस.टी./जी.एस.टी. में निहित प्रदेश सरकार के अंश के सापेक्ष प्रतिपूर्ति हेतु आगणन) से सम्बन्धित शासनादेश संख्या-1395/77-6-2020-5(एम)/2017टी.सी.-2, दिनांक 12.06.2020: एसओपी के निर्धारण के सम्बन्ध में निर्गत शासनादेश जिसको आंशिक रूप से संशोधित किया जा रहा है
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संख्या- 39/2020/ 3955/77-6-2020-6(एम)/208 प्रेषक, आलोक कुमार, अपर मुख्य सचिव, उ0प्र0 शासन। सेवा में, ।.. समस्त अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। 2. समस्त मण्डलायुक्त/जिलाधिकारी, उत्तर प्रदेश। 3. प्रबन्ध निदेशक, पिकप/उ0प्र0 वित्तीय निगम। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 4 दिसम्बर, 2020 विषयः- राज्य में निवेश को बढ़ावा देने हेतु सरकार द्वारा निर्धारित विभिन्न नीतियों के अन्तर्गत संचालित योजनाओं में ged के रूप में एस.जी.एस.टी. की प्रतिपूर्ति की सुविधा हेतु मानक परिचालन प्रक्रिया (स्टैण्डर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर) (एस0ओएपी0) के सम्बन्ध में निर्गत शासनादेश संख्या-395/77-6-2020-5(एम)/207 टी.सी.-2 दिनांक 2.6.2020 में संशोधन के संबंध में। महोदय, उपर्युक्त विषय के संबंध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-207 के अन्तर्गत राज्य में निवेश को बढ़ावा देने हेतु सरकार द्वारा निर्धारित विभिन्न नीतियों एवं पूर्वगामी अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश sid-20:2 के अन्तर्गत संचालित योजनाओं में इन्सेन्टिव के रूप में एस.जी.एस.टी. की प्रतिपूर्ति की सुविधा हेतु मानक परिचालन प्रक्रिया (स्टैण्डर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर) के निर्धारण के सम्बन्ध में निर्गत शासनादेश संख्या- 395/77-6-2020-5(एम)/2077टी.सी.-2, दिनांक 2.06.2020 को निम्नवत्‌ संशोधित किये जाने का निर्णय लिया गया है:- (>) एस.ओ.पी. के. अपेंडिक्स-। के fag संख्या-8, 9 Ud प्रस्तर-0ा) को हटाया जाता है। एस.ओ.पी. से सम्बन्धित शासनादेश के प्रख्यापन से पूर्व की अवधि हेतु प्रस्तुत एवं आगामी एस.जी.एस.टी. की प्रतिपूर्ति के आवेदनों के सम्बन्ध में एस.ओ.पी. के प्रस्तर 2(ई) के प्रपत्र संख्या-5 हेतु एस.ओ.पी. के प्रस्तर 2(बी) में प्राविधानित कम्पनी के स्टेच्युटरी आडीटर्स का डिस्ट्रीब्यूटर्स के स्तर से की गयी अन्तरप्रान्तीय अनुवर्ती विक्रीत उत्पाद से सम्बन्धित प्रमाण पत्र के स्थान पर कम्पनी के प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (जो निदेशक स्तर का हो) से एक ऐफिडेविट प्राप्त कर लिया जाये। ASTER कम्पनी द्वारा पुनरीक्षित अपेंडिक्स-। (बिन्दु संख्या-8, 9 एवं प्रस्तर-) को हटाकर) स्टेच्युटरी आडीटर्स से प्रमाणित कराकर उपलब्ध कराया जायेगा। एस.ओ.पी. के UR 2(ई) के प्रपत्र संख्या-4 पर इंगित घोषणा पत्र के स्थान पर कम्पनी के I- Fe शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in & सत्यापित की जा सकती है |प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (जो निदेशक ER का हो) द्वारा एक एफिडेविट (अन्तरप्रान्तीय अनुवर्ती विक्रीत उत्पाद के सम्बन्ध में) उपलब्ध कराया जायेगा, जिसका प्रारूप नोडल एजेन्सी द्वारा निर्धारित किया जायेगा। ट्रेडिंग की दशा में कम्पनी को मुख्य उत्पादों की ट्रेडिंग गतिविधियों हेतु पृथक (Xd) जी0एस0टी0आई0एन0 संख्या प्राप्त करना अनिवार्य होगा परन्तु बाई-प्रोडक्ट, wy, निष्प्रयोजित मशीनरी आदि के विक्रय, जो कि मुख्य उत्पाद से इतर है, की ट्रेडिंग गतिविधि हेतु पृथक रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नही होगी। एस.ओ.पी. शासनादेश प्रख्यापन के पूर्व में इकाई को दी गयी सुविधाओं ("पैन इण्डिया बिन्दु (ग) एवं वैट/सी.एस.टी./जी.एस.टी. में निहित प्रदेश सरकार के अंश के सापेक्ष प्रतिपूर्ति हेतु आगणन) से सम्बन्धित Ho मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित शासनादेश दिनांक 2.05.20i6 के प्राविधानों को अवक्रमित नहीं कर सकता है। इस प्रकार ईकाईयों को शासनादेश दिनांक |2.05.2076 द्वारा पैन इण्डिया के प्रस्तर के अन्तर्गत अनुमोदित सुविधा पूर्ववत्‌ ste रहेगी। शासनादेश दिनांक 72.06.2020 द्वारा निर्गत एस0ओए0पी0 के प्रस्तर-2(सी) के अन्तर्गत कम्पनियों को पृथक रजिस्ट्रेशन प्राप्त करने हेतु VAT विषयक सूचना दिए जाने की तिथि से 30 दिन के स्थान पर 90 दिन का समय प्रदान किया जाए। कम्पनियों द्वारा 90 दिन की समय सीमा में भी पृथक रजिस्ट्रेशन प्राप्त न कर पाने की दशा में ऐसे प्रकरणों पर वाणिज्य कर विभाग से आख्या प्राप्त कर औद्योगिक विकास विभाग को निर्णय हेतु सन्दर्भित किया जायेगा। शासनादेश दिनांक 72.06.2020 द्वारा निर्गत एस.ओ.पी. में यदि भविष्य में किसी संशोधन की (5) आवश्यकता पड़ती है, तो उसके संबंध में प्रशासकीय विभाग, राज्य कर विभाग एवं वित्त विभाग का परामर्श प्राप्त करते हुए मा0 मुख्यमंत्री जी 2 को अधिकृत किया गया है। उक्त शासनादेश GRAM-395/77-6-2020-5(GH)/20 7c a.-2, दिनांक 72.06.2020 को इस सीमा तक संशोधित समझा जाए ए | उक्त शासनादेश के शेष प्राविधान यथावत रहेंगे। कृपया उपरोक्तानुसार कार्यवाही सुनिश्चित कराने का कष्ट करें। भवदीय, आलोक कुमार अपर मुख्य सचिव। PS -39/2020/3955()/77-6-2020-6(TH)/208, dle alp- प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित: - महालेखाकार, उ0प्र0, प्रयागराज। . अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री, उ0प्र0 शासन। 2. स्टाफ आफिसर, मुख्य सचिव, उ0प्र0 शासन। 3. - . यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अतः: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in & सत्यापित की जा सकती है |= ० 9 एप 9 मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इनवेस्ट यू0पी0, को इस अनुरोध के साथ प्रेषित कि कृपया इनवेस्ट यू0पी0 की वेब-साइट पर अपलोड कराते हुए 50 प्रतियां शासन को उपलब्ध कराने का कष्ट करें। आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर । छा निदेशक, सूचना Ud जनसम्पर्क विभाग, उ0प्र0 शासन। समस्त अनुभाग, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन। वित्त/आय-व्ययक)अनुभाग-/वित्त/आय-व्ययक) अनुभाग-6 नियोजन अनुभाग-। 0. गार्ड फाइल। आज्ञा से, रजनी Grd पाण्डेय अनु सचिव। I- Fe शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in & सत्यापित की जा सकती है |

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