Home India लोक निर्माण विभाग जनपद हरदोई में आंझी शाहाबाद जमुरा मार्ग (अ0जि0मा0) का चौड़ीक...
Date: 2026-02-04 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

जनपद हरदोई में आंझी शाहाबाद जमुरा मार्ग (अ0जि0मा0) का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य (लम्‍बाई 14.00 कि0मी0) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सम्‍बन्‍ध में।

Issued by लोक निर्माण विभाग · लोक निर्माण विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

ज़रूर। **कार्यकारी सारांश** यह दस्तावेज़ हरदोई जिले में आंझी शाहबाद जमरा मार्ग के चौड़ीकरण और मजबूती (14.00 किमी) के लिए प्रशासनिक और वित्तीय अनुमोदन प्रदान करता है, जिसकी अनुमानित लागत 2201.70 लाख रुपये है। परियोजना के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 1100.85 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें परियोजना को 15 महीनों में पूरा करने और राज्य के नियमों के अनुपालन से संबंधित शर्तें और प्रतिबंध भी शामिल हैं। **मुख्य बातें** * वित्तीय और प्रशासनिक अनुमोदन: * हरदोई जिले में आंझी शाहबाद जमरा मार्ग (14.00 किमी) के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दी गई। * इस परियोजना की कुल लागत 2201.70 लाख रुपये है, जिसमें 5 वर्षों का रखरखाव शामिल है। * वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 1100.85 लाख रुपये जारी किए गए हैं। * नियम और शर्तें: * परियोजना शुरू करने से पहले, सक्षम स्तर से तकनीकी मंजूरी प्राप्त की जानी चाहिए। * विभाग को विशिष्टताओं, मानकों और गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। * खर्च वित्तीय नियमावली और सरकारी निर्देशों के अनुसार होना चाहिए। * जारी किए गए धन को आवश्यकतानुसार निकाला जाना चाहिए और बैंकों में नहीं रखा जाना चाहिए। * परियोजना को 15 महीने के भीतर पूरा किया जाना चाहिए और बाद में संशोधन से बचना चाहिए। * किसी भी किसान की निजी भूमि का उपयोग नहीं किया जाएगा। * जी एस टी और व्यय: * परियोजना की लागत में 18% की दर से जी एस टी शामिल है। विभाग को जी एस टी का भुगतान सुनिश्चित करना होगा। * मुख्य सामग्रियों (सीमेंट, स्टील और बिटुमेन) की खपत के अनुपात के अनुसार जी एस टी का भुगतान किया जाना चाहिए। * यूटिलिटी शिफ्टिंग और पर्यावरणीय मंजूरी: * यूटिलिटी शिफ्टिंग (विद्युत पोल) के संबंध में, एन एच ए आई के दिशा-निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए। * परियोजना के लिए आवश्यक सभी वैधानिक अनापत्तियां और पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त करने की जिम्मेदारी विभाग की होगी। * पहले से स्वीकृत धन की गैर-अतिव्यापीता सुनिश्चित की जाए। **प्रभाव विश्लेषण** **हितधारक:** लोक निर्माण विभाग (पी डब्ल्यू डी) * प्रभाव: * परियोजना के निष्पादन और धन के उपयोग के लिए जिम्मेदार। * गुणवत्ता मानकों और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। * नियमों और शर्तों का पालन सुनिश्चित करना होगा। * आवश्यक कार्रवाई: * परियोजना शुरू करने से पहले तकनीकी मंजूरी प्राप्त करें। * वित्तीय नियमावली और सरकारी निर्देशों का पालन करें। * सभी वैधानिक अनापत्तियां और पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त करें। * परियोजना को 15 महीने के भीतर पूरा करें और बाद में संशोधन से बचें। * जी एस टी का भुगतान सुनिश्चित करें। * यूटिलिटी शिफ्टिंग और पर्यावरणीय मंजूरी के दिशा-निर्देशों का पालन करें। **हितधारक:** मुख्य अभियंता (विकास) और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख * प्रभाव: * परियोजना की समग्र निगरानी और पर्यवेक्षण के लिए जिम्मेदार। * परियोजना की लागत और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करना होगा। * नियमों और शर्तों का पालन सुनिश्चित करना होगा। * आवश्यक कार्रवाई: * परियोजना की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करें। * सुनिश्चित करें कि सभी तकनीकी पक्ष और मानदंड अनुपालन में हैं। * यदि परियोजना में विलंब या लागत में वृद्धि होती है तो पूरी जिम्मेदारी लें। **हितधारक:** सरकारी खजाना * प्रभाव: * परियोजना के लिए धन आवंटित करना। * खर्च के रिकॉर्ड का रखरखाव करना। * आवश्यक कार्रवाई: * धन का आवंटन करना। * व्यय के रिकॉर्ड का रखरखाव करना। * लेखा परीक्षा करना।

Key Entities Referenced

लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 लखनऊ: प्राथमिक विभाग जो सड़क चौड़ीकरण परियोजना की देखरेख कर रहा है। जनपद हरदोई: सड़क चौड़ीकरण परियोजना की भौगोलिक अवस्थिति। आंझी शाहाबाद जमुरा मार्ग (अ०जि०मा०): वह विशिष्ट सड़क जिस पर चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जाएगा (लंबाई 14.00 कि0मी0)। व्यय वित्त समिति: समिति जिसने 5 वर्षीय अनुरक्षण सहित 2201.70 लाख रू0 की लागत को मंजूरी दी है। उत्तर प्रदेश शासन: जारीकर्ता संस्था जो परियोजना के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान करती है।
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PCAM-55/2026/ |/226282/2026/23-099(099)/533/2025 प्रेषक, अभय प्रताप श्रीवास्तव, अनु सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 लखनऊ। लोक निर्माण अनुभाग- लखनऊ : दिनांक 04-02-2026 विषय:- जनपद हरदोई में sisi शाहाबाद जमुरा मार्ग (अ0जि०मा0) का चौड़ीकरण एवं सुहृढ़ीकरण कार्य (लम्बाई 74.00 कि0मी0) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सम्बन्ध में। महोदय, उपयुक्त विषयक मुख्य अभियन्ता (HO-i) ArH निर्माण विभाग, लखनऊ के पत्र AEA-258ITA0/ 33- OIfA0/2025-26, दिनांक 24-09-2025 Ud पत्र संख्या-3694नि0/33-0॥नि0/25-26 दिनांक I0-2-2025 के सन्दर्भ में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि प्रमुख/“अन्य जिला मार्गों के उच्चीकरण के नये कार्यो हेतु एकमुश्त व्यवस्था Weleda जनपद हरदोई A आंज्ञी शाहाबाद जमुरा मार्ग (HOfSOHTO) का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य (लम्बाई 4.00 कि0मी0) की विभागीय व्यय वित्त समिति द्वारा अनुमोदित 05 वर्षीय अनुरक्षण सहित लागत BO 220:.70 लाख (रूपये बाईस करोड़ एक लाख सत्तर हजार मात्र) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए लागत के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल BO 00.85 लाख (रूपये ग्यारह करोड़ TINA हजार मात्र) व्यय हेतु निम्नलिखित विवरणानुसार तथा शर्तो“प्रतिबन्धों सहित अवमुक्त किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैः - (धनराशि रूपये लाख में) क्र0 जनपद/ खण्ड कार्य का विवरण स्वीकृत | अवमुक्त धनराशि GO} का नाम लागत अनु0- | अनु0-| योग 58 | 83 ot 2 3 4 5 | 6 | 7 . हरदोई जनपद हरदोई में आंझी शाहाबाद जमुरा मार्ग का 220.70 | 867.36 | 233.49}I00.85 नि0ख0-4 ौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण HA (ल्रम्बाई 24.00 कि0मी0)। नियम शर्ते /प्रतिबन्धों I- Wald कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6 के HCAP-i2 के Wear-38 में वर्णित व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य We कर ली जाय तथा सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ किया जाय। 2- कार्य की विशिष्टियां, मानक व गुणवत्ता की जिम्मेदारी विभाग की होगी। प्रायोजना का निर्माण कार्य ससमय पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित किया जाये। 3- स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्त-पुस्तिका के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जायेगा। 4- स्वीकृत धनराशि कार्य की आवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय की जायेगी तथा आहरित धनराशि बैंक/डाकघर में नहीं रखी जायेगी। प्रश्नगत स्वीकृति जिस कार्य/मद के लिये है, उसी कार्य/मद पर व्यय प्रत्येक दशा में किया जायेगा। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |5- यह सुनिश्चित किया जाय कि स्वीकृत किये जा रहे इस कार्य हेतु पूर्व में राज्य सरकार अथवा किसी अन्य स्रोत से धनराशि स्वीकृत नहीं की गयी है तथा न ही यह कार्य किसी अन्य कार्य योजना में सम्मिलित है। 6- अधिष्ठान व्यय»सेन्टेज चार्जज की धनराशि समय-समय पर स्वीकृत/आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष जमा की जायेगी। निर्माण कार्य की लागत पर अधिष्ठान व्यय की धनराशि वित्त (लेखा) अनुभाग- 2 के शासनादेश AO-V-2-23/GH-20-7(4)/75 दिनांक 25-0i-20. के साथ पठित शासनादेश WO-U-2-606/GH-20I4-47(4)/75 दिनांक ॥ नवम्बर 2074 द्वारा जारी विस्तृत दिशा निर्देशों केअनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी तथा seq शासनादेश दिनांक 25-0i-20i के संलग्नक A प्रदर्शित सम्बन्धित विभाग के प्राप्ति लेखाशीर्षक 054-sh तथा सेतु-800-अन्य प्रास्तियां-0। प्रतिशतता प्रभारों की वसूली में ट्रान्सफर इन्ट्री द्वारा क्रेडिट कर जमा की जायेगी। 7- लेबर सेस की धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का नियमानुसार भुगतान किया जायेगा। 8- मूल्य हास निधि की धनराशि सुसंगत लेखाशीर्षक में नियमानुसार जमा करायी जायेगी। 9- विभागीय व्यय वित्त समिति द्वारा लगायी गयी शर्तो का पूर्णतय: अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। I0- प्रायोजनान्तर्गत 8 प्रतिशत कर दर से जी0एस0टी0 की धनराशि सम्मिलित की गयी है। विभाग का दायित्व होगा कि भारत सरकार»राज्य सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जी0एस0टी0 का भुगतान सुनिश्चित कराये। साथ ही विभाग का यह भी दायित्व होगा कि प्रायोजना के निर्माण कार्यो में वास्तविक खपत (CONSUMED) हुई मुख्य सामग्री (सीमेन्ट/स्टील“बिटुमिन इत्यादि) की मात्राओं का अनुपातिक» मानक मिलान करते हुए जी0एस0टी0 भुगतान किया जाये। i- यह सुनिश्चत किया जाय कि परियोजना में प्रस्तावित कार्य विभागीय नियमों/मानक के अन्तर्गत है। 2- प्रस्तावित निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार से किसानों की निजी भूमि का उपयोग नही किया जायेगा। i3- परियोजना को शासनादेश निर्गत होने की तिथि से Ga i5 माह में पूर्ण करना तथा भविष्य में परियोजना का पुनरीक्षण न किया जाना सुनिश्चित किया जायेगा। 4- प्रायोजना प्रस्ताव/आगणन A यूटिलिटी शिफ्टिंग के संबंध में विभाग द्वारा यूटिलिटी शिफ्टिंग से संबंधित कार्यो HT Verification & Revalidation स्वयं करते हुए सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त कर न्यूनतम आवश्यकता एवं वास्तविक व्यय के आधार पर सुनिश्चित किया जाय। i5- विद्युत पोल से संबंधित यूटिल्रिटी शिफ्टिंग के सम्बन्ध में यह सुनिश्चित किया जाय कि जिस प्रकार एन0एच0ए0आई0 द्वारा निर्मित मार्ग परियोजनाओं में किया जाता है, उसी प्रकार मार्ग पर स्थित विद्युत पोल को मार्ग के अन्तिम GN/Tha पर स्थापित किया जाये, जिससे भविष्य में seq मार्ग के चौडीकरण आदि की प्रक्रिया में कोई बाधा उत्पन्न न हो। यदि भविष्य में उक्त मार्ग के चौडीकरण आदि की प्रक्रिया मैं विद्युत पोल की शिफ्टिंग की दोबारा आवश्यकता पडती है तो उसकी लागत की वसूली»रिकवरी संबंधित अधिशासी अभियन्ता के वेतन/पेंशन से अवश्य की जायेगी। 6- राज्य सरकार की विभिन्‍न परियोजनाओं»योजनाओं»निर्माण के अन्तर्गत सुनियोजित विकास, सुरक्षा, सौन्दर्यीकरण अथवा किन्‍्हीं अन्य विशिष्टि कारणों से पूर्व में कराये गये निर्माण का ध्वस्तीकरण आवश्यक एवं अपरिहार्य होने पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही oH निर्माण अनुभाग-5, उ0प्र0 शासन के शासनादेश संख्या-58/2023/993/23-5-23-50(40)ईजी/08, दिनांक 2-09-2023 A उल्लिखित व्यवस्थानुसार सुनिश्चित किया जाय। i7- वित्त विभाग के शासनादेश ALA-0i/2023/-2-60/GH-2023-7(4)/75, दिनांक 7-05-2023 के अनुसार परियोजना की वित्तीय स्वीकृति व प्रथम किश्त मूल्यांकित लागत पर जारी की जा रही है किन्तु द्वितीय किश्त जारी करने से पूर्व परियोजना की लागत को निविदा में प्राप्त मूल्य (टेण्डर कास्ट) के अनुसार विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए पुनरीक्षित करा लिया जाये। परियोजना की अनुवर्ती किश्तें पुनरीक्षित लागत के आधार पर ही जारी की जाये ताकि कार्यदायी संस्था को कार्य की वास्तविक लागत से अधिक धनराशि अवमुक्त न हो सके। यदि निविदा के बाद कार्यो की ल्रागत में कमी आती है तो बचत की धनराशि को सुसंगत वित्तीय नियमों के अन्तर्गत राजकोष A जमा किया जाये। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |i8- वित्त विभाग के शासनादेश UEAN-0/202I/al-2-96/GH-22-0/99, दिनांक 22 मार्च, 202 के अनुसार अनुमोदित प्रायोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के उपरान्त इसकी डी0पी0आर0 गठित करने के उपरान्त ही तकनीकी स्वीकृति निर्गत की जाय। यदि इस प्रक्रिया में यह परिलक्षित होता है कि प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सापेक्ष तकनीकी स्वीकृति की लागत ॥0 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो रही है, तो प्रायोजना का पुनरीक्षित आगणन गठन करते हुए 03 माह के भीतर पुनरीक्षित आगणन पर विभागीय व्यय वित्त समिति का अनुमोदन प्राप्त किया जाय, अन्यथा की स्थिति में पुनरीक्षित प्रायोजना पर विभागीय व्यय वित्त समिति द्वारा विचार नहीं किया जायेगा। 9- प्रश्नगत मार्ग के निर्माण कार्य के लिए नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक अनापतियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेन्स सक्षम स्तर से We करने का उत्तरदायित्व विभाग»कार्यदायी संस्था का होगा। 20- प्रायोजना प्रस्ताव में प्रस्तावित विशिष्टियों एवं कार्य प्राविधानों के अनुसार कार्य कराया जायेगा, जिनमें कोई उल्लेखनीय परिवर्तन जैसे-नये कार्य बढाना, मार्ग की लम्बाई एवं चौडाई में परिवर्तन, प्रस्तावित wee डिजाइन में संशोधन/परिवर्तन एवं अन्य उच्च विशिष्टियाँ इस्तेमाल करना इत्यादि, विभागीय व्यय वित्त समिति का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा। 2I- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्य की द्विरावृत्ति (इप्लकेसी) को रोकने की दृष्टि से प्रायोजना की तकनीकी स्वीकृतिसे पूर्व कार्यदायी संस्था/विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना/»कार्यक्रम के अंतर्गत न तो स्वीकृत है और न ही वर्तमान में किसी अन्य योजना»कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। 22- परियोजना पूर्ण होने में वित्नम्ब की स्थिति उत्पन्न होने अथवा परियोजना की लागत में वृद्धि की दशा में इसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग एवं मुख्य अभियन्ता (HO-l) एवं सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता का होगा तथा भविष्य में यदि परियोजना की लागत में वृद्धि होती है तो ऐसी दशा में लागत में बढोत्तरी की कुल धनराशि की वसूली सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता आदि के वेतन से की जायेगी। 23- परियोजना से सम्बन्धित समस्त तकनीकी पक्षों/तथ्यों व उनके परीक्षण/सत्यापन तथा इस परियोजना के निर्धारित मानकों के अनुरूप होने का पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग का होगा। 24- परियोजना की लागत व समय सीमा मेँ बढोत्तरी न हो, इस हेतु परियोजना के निर्माण कार्य की साप्ताहिक समीक्षा सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता द्वारा एवं माह में कम से कम एक बार समीक्षा विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग के स्तर पर सुनिश्चित की जायेगी। 25- वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप AeA-6/2025/a--352/GH-2025-23:/2025, दिनांक 27-03-2025 में निहित प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। 26- लोक निर्माण विभाग में सी0सी0एल0 प्रणाली समाप्त किए जाने के फलस्वरूप वर्क्स से सम्बन्धित बजट के ऑन लाइन आवंटन किए जाने हेतु डी0हडी0ओ0 कोड आवंटन विषयक वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के शासनादेश AAT-0/2022/A--345/GH-2022, दिनांक 04-05-2022 तथा कार्यमदों के व्यय को सी0सी0एल0 प्रणाली से मुक्त रखते हुए सामान्य कोषागार प्रणाली से आच्छादित किए जाने के सम्बन्ध में वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के कार्यालय AT AEA -3/2022/V-2-76/GA-2022-0(9)/95, दिनांक 3-04-2022 में निहित व्यवस्था»शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। 27- सेन्‍्टेज चार्जेज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण लागत तथा वित्तीय स्वीकृति से सम्बन्धित वित्तीय प्रबंधन विषयक वित्त विभाग के शासनादेश AGA-04/2023/N-2-60/GH-2023-7(4)/75, दिनांक 7-05-2023 एवं शासनादेश AA-02/2023/N-2-66/EA-2023-7(4)/75, दिनांक 79-05-2023 A निर्धारित प्रक्रिया एवं निहित शर्तों का अक्षरश: अनुपालपन सुनिश्चित किया जायेगा। 28- उपरिलिखित सभी शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करने का दायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग एवं मुख्य अभियन्ता (HO-l) एवं सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता का होगा। 29- प्रश्नगत कार्य का सी0एम0आई0एसए0 पोर्टल पर पंजीकरण AEAN-20250000302758 है। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |2- इस सम्बन्ध में होने वाला व्यय (॥) रूपये 8,67,36,000 (रूपये आठ करोड़ सरसठ लाख Bed हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या0 58 लेखा शीर्षक 505403337328 प्रमुख/अन्य जिला मार्गों के उच्चीकरण के नये कार्यो हेतु एकमुश्त व्यवस्था मानक मद 24 वृहत निर्माण कार्य (2) रू0 2,33,49,000 (रूपये दो करोड़ तैतीस लाख Squid हजार मात्र) को चात्रू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या 083 लेखाशीर्षक 5054037890500 राज्य प्रमुख/अन्य जिला मार्गों के नये कार्यो हेतु एकमुश्त व्यवस्था मानक मद 24 वृहत निर्माण कार्य के aA डाला जायेगा। 3- यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न AGAI-E-8-87-X-2025-26-faaih: 28-0:-2026 A प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है। भवदीय, (अभय प्रताप श्रीवास्तव) अनु सचिव। संख्या व दिनांक तदैव। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- i- निजी सचिव, मा0 मुख्यमंत्री, 50प्र०0 शासन। 2- निजी सचिव, Alo राज्यमंत्री, लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 शासन। 3- महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज। 4- महालेखाकार (लेखा-परीक्षा) प्रथम/द्वितीय, 50प्र0 प्रयागराज। 5- सम्बन्धित मण्डलायुक्त “जिलाधिकारी। 6- मुख्य अभियन्ता (HO-i) लोक निर्माण विभाग लखनऊ। 7- वित्त नियंत्रक, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ। 8- सम्बन्धित मुख्य अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग। 9- सम्बन्धित वरिष्ठ कोषाधिकारी /कोषाधिकारी। 0- संबंधित अधिशासी अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग। ॥- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनु0-8/वित्त (आय-व्ययक) HO-I, 50प्र0 शासन। I2- राज्य योजना 3WT-/2, उ0प्र0 शासन। 3- अधीक्षण अभियन्ता नियोजन /परियोजना, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ। I4- लोक निर्माण HAGHT-/2/6/9/0/I2 एवं i4, उ0प्र0 शासन। 5- नोडल अधिकारी (आनलाईन बजट एल्रॉटमेन्ट सिस्टम), लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 शासन। 6- गार्ड फाइल। आज्ञा से, (अभय प्रताप श्रीवास्तव) अनु सचिव। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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