Official Gazette Notification Text
Official TranscriptACAM-56/2026/ |/225937/2026/ 23-099(099)/366/2025 प्रेषक, अभय प्रताप श्रीवास्तव, अनु सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 लखनऊ। लोक निर्माण अनुभाग-।_ लखनऊ: दिनांक 04-02-2026 विषय:- जनपद कानपुर देहात में पश्चिम इलाहाबाद शाखा नहर सेवा मार्ग (अ0जि0मा0) के चैनेज 39.00 से चैनेज 60.00 तक (लम्बाई 27.00 कि0मी0) का चौड़ीकरण एवं सुद्ृढ़ीकरण...
ACAM-56/2026/ |/225937/2026/ 23-099(099)/366/2025 प्रेषक, अभय प्रताप श्रीवास्तव, अनु सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 लखनऊ। लोक निर्माण अनुभाग-।_ लखनऊ: दिनांक 04-02-2026 विषय:- जनपद कानपुर देहात में पश्चिम इलाहाबाद शाखा नहर सेवा मार्ग (अ0जि0मा0) के चैनेज 39.00 से चैनेज 60.00 तक (लम्बाई 27.00 कि0मी0) का चौड़ीकरण एवं सुद्ृढ़ीकरण कार्य की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सम्बन्ध में। महोदय, उपयुक्त विषयक मुख्य अभियन्ता (HO-l) लोक निर्माण विभाग, लखनऊ के पत्र संख्या-2400नि» I20-OIfA0/ 2025-26, दिनांक 3-09-2025 के सन्दर्भ में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि प्रमुख/अन्य जिला मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढीकरण के नये कार्यों हेतु एकमुश्त व्यवस्था योजनान्तर्गत जनपद कानपुर देहात में पश्चिम इलाहाबाद शाखा नहर सेवा मार्ग (अ0जि0मा0) के चैनेज 39.00 से चैनेज 60.00 तक (लम्बाई 27.00 कि0मी0) का चौड़ीकरण एवं सुद्ृढ़्ीकरण कार्य की 05 वर्षीय अनुरक्षण सहित व्यय वित्त समिति द्वारा अनुमोदित लागत BO 4958.70 लाख (रूपये उन्चास करोड़ अट्ठावन लाख सत्तर हजार मात्र) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए लागत के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2025-26 A कुल BO 735.54 लाख (रूपये सत्रह करोड़ पैतीस लाख चौव्वन हजार मात्र) व्यय हेतु निम्नलिखित विवरणानुसार तथा शर्तों/प्रतिबन्धों सहित अवमुक्त किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है:- (धनराशि रूपये as में) क्र0 |जनपद का कार्य का विवरण लागत अवमुक्त धनराशि नाम/खण्ड अनु0-58 | अनु0-83 | योग है कानपुर जनपद कानपुर देहात में पश्चिम & देहात शाखा नहर सेवा मार्ग (अ0जि0मा0) के चैनेज momo [29-00 से चैनेज 60.00 तक (लम्बाई 2.00| 4958.70 | 4367.43 | ३8.44. | 4735.54 कि0मी0) का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य | नियम शर्ते “प्रतिबन्धों I- प्रश्नगत कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6 के अध्याय-2 के WER-38 में वर्णित व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जाय तथा सक्षम ER से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ किया जाय। 2- प्रायोजनान्तर्गत विभाग द्वारा सर्वप्रथम भूमि अधिग्रहण एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण किया जाये तदोपरान्त ही मार्ग का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जाये। ३- प्रयोजनान्तर्गत स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्त-पुस्तिका के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जायेगा। 4- स्वीकृत धनराशि कार्य की आवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय की जायेगी तथा आहरित धनराशि बैंक/डाकघर में नहीं रखी जायेगी। प्रश्नगत स्वीकृति जिस कार्य/मद के लिये है, उसी कार्य/मद पर व्यय प्रत्येक दशा में किया जायेगा। 5- अधिष्ठान व्यय की धनराशि समय-समय पर स्वीकृत/आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष जमा की जायेगी। निर्माण कार्य की लागत पर अधिष्ठान व्यय की धनराशि वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |WO-U-2-23/EH-200-7(4)/75 दिनांक 25-0:-20il के साथ पठित शासनादेश WO-v-2-:606/aa- 20I4-7(4)/75 दिनांक ॥ नवम्बर 20॥4 द्वारा जारी विस्तृत दिशा निर्देशों केअनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी तथा उक्त शासनादेश दिनांक 25-0:-20l के संलग्नक में प्रदर्शित सम्बन्धित विभाग के प्राप्ति लेखाशीर्षक 054-USh तथा सेतु-800-अन्य प्राम्तियां-0। प्रतिशतता प्रभारों की वसूली में AAA इन्ट्री द्वारा क्रेडिट कर जमा की जायेगी। 6- लेबर सेस की धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का नियमानुसार भुगतान किया जायेगा। 7- मूल्य ह्वास निधि की धनराशि सुसंगत लेखाशीर्षक में नियमानुसार जमा करायी जायेगी। 8- व्यय वित्त समिति द्वारा त्रगायी गयी शर्तो का पूर्णतय: अनुपात्रन सुनिश्चित करेंगे। 9- वित्त विभाग के शासनादेश ALA-I0/202/al-2-96/GH-202-0/99, दिनांक 22 मार्च, 202 के अनुसार अनुमोदित प्रायोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के उपरान्त इसकी डी0पी0आर०0 गठित करने के उपरान्त ही तकनीकी स्वीकृति निर्गत की जाय। यदि इस प्रक्रिया में यह परिलक्षित होता है कि प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सापेक्ष तकनीकी स्वीकृति की लागत 0 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो रही है, तो प्रायोजना का पुनरीक्षित आगणन गठन करते हुए 03 माह के भीतर पुनरीक्षित आगणन पर व्यय वित्त समिति का अनुमोदन प्राप्त किया जाय, अन्यथा की स्थिति में पुनरीक्षित प्रायोजना पर व्यय वित्त समिति द्वारा विचार नहीं किया जायेगा। 0- वित्त विभाग के शासनादेश AA-0l/2023/U-2-60/GA-2023-7(4)/75, दिनांक 7 मई,2023 के अनुसार परियोजना की वित्तीय स्वीकृति व प्रथम किश्त मूल्यांकित aid पर जारी की जाये, fed द्वितीय किश्त जारी करने से पूर्व परियोजना की लागत को निविदा में प्राप्त मूल्य (टेण्डर HC) के अनुसार विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए पुनरीक्षित करा लिया जाये। परियोजना की अनुवर्ती किश्तें पुनरीक्षित लागत के आधार पर ही जारी की जायें ताकि कार्यदायी संस्था को कार्य की वास्तविक लागत से अधिक धनराशि अवमुक्त न हो सके। यदि निविदा के बाद कार्यो की लागत में कमी आती है तो बचत की धनराशि को सुसंगत वित्तीय नियमों के अन्तर्गत राजकोष में जमा किया जाये। ॥- प्रायोजना प्रस्ताव/आगणन में आकस्तिक व्यय मद में प्रस्तावित धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिका में अनुमन्य मर्दों पर ही नियमानुसार सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करने के उपरान्त ही किया जायेगा। i2- प्रायोजना प्रस्ताव में 2.50 प्रतिशत की दर से मेन्टीनेन्स चार्ज अनुमन्य किया गया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा समस्त मार्गों के अनुबन्धों में 05 वर्षी अनुरक्षण हेतु भुगतान प्रक्रिया कामानकीकरण से सम्बन्धित लोक निर्माण विभाग के पत्र संख्या-3689सी-ओ0पी0एम0आर0सी0/मूल 23-24, दिनांक 7-02- 2024 में दी गयी म्दों&व्यवस्थानुसार मेन्टीनेन्स तथा मेन्टीनेन्स चार्ज पर जी0एस0टी0 का नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित किया जायेगा। I3- प्रायोजनान्तर्गत 8 प्रतिशत की दर से जी0एस0टी0 की धनराशि सम्मिल्रित की गयी है। विभाग का दायित्व होगा कि भारत सरकार»राज्य सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जी0एस0टी0 का भुगतान सुनिश्चित किया जाये। साथ ही विभाग का यह भी दायित्व होगा कि प्रायोजना के निर्माण कार्यो मैं वास्तविक खपत (CPNSUMED) हुई मुख्य सामग्री (सीमेन्ट व स्टील, Me, बिटुमिन इत्यादि) की मात्राओं का अनुपातिक/मानक मिलान करते हुए जी0एस0टी0 भुगतान किया जाये। जी0एस0टी0 के सम्बन्ध में विभाग के शासनादेश संख्या-2/2022/ई-8-202/दस-2022, दिनांक 3-09-2022 में निहित व्यवस्था का अनुपालन सुनिश्चित किया जाय। 4- प्रायोजनान्तर्गत विद्युत विभाग की यूटिल्िटी शिफ्टिंग हेतु BO 28.3! लाख, वन विभाग की यूटिल्रिटी शिफ्टिंग हेतु FO 63.28 लाख एवं जल निगम हेतु FO 30.72 लाख की लागत सम्मिलत्रित की गयी है। विभाग द्वारा यूटिल्रिटी शिफ्टिंग से सम्बन्धित कार्यो Hi Verification & revalidation Fda करते हुए न्यूनतम आवश्यकता एवं वास्तविक व्यय के आधार पर सुनिश्चित किया जाय। I5- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित मार्ग की afta चौड़ाई एवं फारमेशन चौड़ाई इत्यादि तथा पक्के स्ट्रक््चर्स यथा पुल, पुलिया, ड्रेन एवं रोड सेफ्टी इत्यादित का निर्माण आई0आर०0सी0/विभागीय के सुसंगत मानकों
(Standards) के अनुसार कराये जाने का उत्तरदायित्व विभाग»कार्यदायी संस्था का होगा। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(6- प्रायोजना प्रस्ताव/आगणन में पुल“पुत्रियों का इक्सटेंशन तथा नाला-नाली आदि का निर्माण का प्राविधान किया गया है। भविष्य में मार्ग के चौड़ीकरण की सम्भावना के दष्टिगत मार्ग के संरेखण में आने वाले पक्के TFA (पुलपुलिया“नाली इत्यादि) का निर्माण आई0आर०0सी0/विभागकीय मानकों में पूर्व निर्धारित फारमेशन fase (चौड़ाई) के अनुसार ही कराया जाये। I7- नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक आपत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेन्स सक्षम स्तर से प्रास करने के उपरान्त ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाय। I8- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यो की मात्राओं को यथावत मानते हुए लागत का परीक्षण किया गया है। मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यदायी संस्था/विभाग का होगा। I9- प्रस्ताव का परीक्षण लागत आगणन में प्रस्तावित विशिष्टियों एवं कार्य प्राविधानों कोयथावत मानते हुये किया गया है। मार्ग निर्माण की लम्बाई»चौड़ाई में परिवर्तन, प्रस्तावित क्रस्ट डिजाइन A संशोधन, स्वीकृत प्रायोजना के FH में परिवर्तन आदि व्यय वित्त समिति का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा। 20- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्य की द्विरावृत्ति (इप्लकेसी) को रोकने की दृष्टि से प्रायोजना की तकनीकी स्वीकृति से पूर्व कार्यदायी संस्था/विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना#»कार्यक्रम के अंतर्गत न तो स्वीकृत है और न ही वर्तमान में किसी अन्य योजना»कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। 2- परियोजना पूर्ण होने में विल्रम्ब की स्थिति उत्पन्न होने अथवा परियोजना की लागत में वृद्धि की दशा में इसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, ल्रोक निर्माण विभाग एवं मुख्य अभियन्ता (A0-i) एवं सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता का होगा तथा भविष्य A aie परियोजना की लागत में वृद्धि होती है तो ऐसी दशा में लागत में बढोत्तरी की कुल धनराशि की वसूली सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता आदि के वेतन से की जायेगी। 22- परियोजना से सम्बन्धित समस्त तकनीकी पक्षों/तथ्यों व उनके परीक्षण “सत्यापन तथा इस परियोजना के निर्धारित मानकों के अनुरूप होने का पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग का होगा। 23- प्रायोजना का निर्माण कार्य i8 माह के अन्दर पूर्ण कर लिया जाय तथा टाइम ओवर रन एवं कास्ट ओवर रन इत्यादि के कारण प्रायोजना का पुनरीक्षण नहीं किया जायेगा। 24- परियोजना की लागत व समय सीमा में बढोत्तरी न हो, इस हेतु परियोजना के निर्माण कार्य की साप्ताहिक समीक्षा सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता द्वारा एवं माह में कम से कम एक बार समीक्षा विभागाध्यक्ष, ल्रोक निर्माण विभाग के स्तर पर सुनिश्चित की जायेगी। 25- वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप PeAl-6/2025/al--352/GH-2025-23/2025, दिनांक 27-03- 2025 मेँ निहित प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। 26- लोक निर्माण विभाग में सी0सी0एल0 प्रणाली समाप्त किए जाने के फलस्वरूप वर्क्स से सम्बन्धित बजट के ऑन लाइन आवंटन किए जाने हेतु डी0डी0ओ0 कोड आवंटन विषयक वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- lh शासनादेश AEA-0/2022/a-I-345/EH-2022, दिनांक 04-05-2022 तथा कार्यमदों के व्यय को सी0सी0एल0 प्रणाली से मुक्त रखते हुए सामान्य कोषागार प्रणाली से आच्छादित किए जाने के सम्बन्ध में वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के कार्यालय AM AA-3/2022/V-2-76/GA-2022-0(9)/95, दिनांक 3- 04-2022 में निहित व्यवस्था/शर्तों का अनुपात्नन सुनिश्चित किया जायेगा। 27- Peta चार्जेज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण ल्रागत तथा वित्तीय स्वीकृति से सम्बन्धित वित्तीय प्रबंधन विषयक वित्त विभाग के शासनादेश संख्या-0।/2023/ए-2-60/दस-2023-7(4)/75, दिनांक 7-05-2023 एवं शासनादेश AEAT-02 /2023/U-2-66/GA-2023-7(4)/75, दिनांक 9-05-2023 A निर्धारित प्रक्रिया एवं निहित शर्तों का अक्षरश: अनुपालपन सुनिश्चित किया जायेगा। 28- उपरित्रेखित सभी शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करने का दायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, cite निर्माण विभाग एवं मुख्य अभियन्ता (HO-i) एवं सम्बन्धित क्षैत्रीय मुख्य अभियन्ता का होगा। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |29- प्रश्तगत परियोजना को सी0एम0आई0एस0 पोर्टल पर पंजीकृत कर दिया गया है, जिसका पंजीकरण GAT-20250000302763 है। 2- इस सम्बन्ध में होने वाला व्यय () रूपये 73,67,43,000 (रूपये तेरह करोड़ सरसठ लाख तैतालिस हजार मात्र) को ae वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या0 58 लेखा शीर्षक 505403337328 प्रमुख/अन्य fol मार्गों के उच्चीकरण के नये कार्यो हेतु एकमुश्त व्यवस्था मानक मद 24 qed निर्माण कार्य (2) रूपये 3,68,4,000 (रूपये तीन करोड़ अड़सठ लाख ग्यारह हजार मात्र) को Uy वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या 083 लेखा शीर्षक 5054037890500 राज्य प्रमुख/अन्य जिला मार्गों के नये कार्यों हेतु एकमुश्त व्यवस्था मानक मद 24 Jed निर्माण कार्य के aA डाला जायेगा। 3- यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न संख्या-5-8-832-%-2025-26-दिनांक: 28-0-2026 A प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है। भवदीय, (अभय प्रताप श्रीवास्तव) अनु सचिव। संख्या व दिनांक तदैव Wate निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित: - i- निजी सचिव, Alo मुख्यमंत्री, SOUO शासन। 2- निजी सचिव, मा0 राज्यमंत्री, लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 शासन। 3- महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम»द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज। 4- महालेखाकार (लेखा-परीक्षा) प्रथम»द्वितीय, 50प्र0 प्रयागराज। 5- सम्बन्धित मण्डलायुक्त “जिलाधिकारी। 6- मुख्य Hea (HO-i) लोक निर्माण विभाग लखनऊ। 7- वित्त नियंत्रक, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ। 8- सम्बन्धित मुख्य अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग। 9- सम्बन्धित वरिष्ठ कोषाधिकारी/कोषाधिकारी। 0- संबंधित अधिशासी अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग। ॥- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनु0-8/वित्त (आय-व्ययक) अनु0-, 50प्र0 शासन। I2- राज्य योजना ST-/2, उ0प्र0 शासन। 3- अधीक्षण अभियन्ता नियोजन /परियोजना, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ। I4- लोक निर्माण HqaT-/9/0/2 एवं 4, उ0प्र0 शासन। 5- नोडल अधिकारी (आनलाईन बजट एल्रॉटमेन्ट सिस्टम), लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 शासन। 6- गार्ड फाइल्र। आज्ञा से, (अभय प्रताप श्रीवास्तव) अनु सचिव। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |