Date: 2026-02-04Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
जनपद देवरिया में सोन्हुला रामनगर देसही देवरिया मार्ग (अ0जि0मा0) के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य (लम्बाई 8.710 किमी0) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सम्बन्ध में।
**कार्यकारी सारांश**
दस्तावेज देवरिया जिले में सोन्दुला रामनगर देसही देवरिया मार्ग (अन्य जिला मार्ग) के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य (लंबाई 8.710 किमी) के लिए 3496.43 लाख रुपये की प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 1223.75 लाख रुपये की राशि जारी की जा रही है, और राज्य के राज्यपाल ने इसके लिए अपनी स्वीकृति दे दी है। यह स्वीकृति कुछ नियमों और शर्तों के अधीन है जिनका पालन किया जाना चाहिए।
**मुख्य बातें**
* **परियोजना स्वीकृति और वित्तीय आवंटन:**
* सोन्दुला रामनगर देसही देवरिया मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 3496.43 लाख रुपये की लागत को मंजूरी दी गई।
* वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 1223.75 लाख रुपये की राशि जारी की गई है।
* **कार्य निष्पादन के लिए आवश्यक शर्तें:**
* परियोजना शुरू करने से पहले सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त की जानी चाहिए।
* निर्माण कार्य शुरू करने से पहले भूमि अधिग्रहण और यूटिलिटी शिफ्टिंग पूरी की जानी चाहिए।
* स्वीकृत धनराशि का उपयोग वित्तीय नियमावली और सरकारी आदेशों के अनुसार किया जाना चाहिए।
* निकाली गई धनराशि को बैंक/डाकघर में नहीं रखा जाना चाहिए और विशेष मदों के लिए आवंटित किया जाना चाहिए।
* अधिष्ठान व्यय की धनराशि समय-समय पर स्वीकृत/आवंटित धनराशि के सापेक्ष जमा की जानी चाहिए।
* **अनुपालन और नियामक आवश्यकताएँ:**
* जारी निर्देशों के अनुसार श्रम विभाग को श्रम उपकर का भुगतान किया जाना चाहिए।
* मूल्यह्रास निधि को प्रासंगिक शीर्ष में जमा किया जाना चाहिए।
* व्यय वित्त समिति द्वारा लगाई गई शर्तों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें।
* अनुमोदित परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की व्यवस्था सुनिश्चित करें और आवश्यकतानुसार पुनरीक्षित लागत प्राप्त करें।
* निविदा मूल्य के अनुसार परियोजना लागत को पुनरीक्षित करें और वास्तविक लागत से अधिक धनराशि जारी करने से बचें।
* यह सुनिश्चित करें कि प्रस्तावित क्रस्ट डिजाइन/क्रस्ट कम्पोजीशन प्रासंगिक मानकों के अनुरूप है।
* **विभिन्न विभागों के साथ समन्वय:**
* विद्युत विभाग के साथ यूटिलिटी शिफ्टिंग और वन विभाग के साथ वृक्षों की कटाई का समन्वय करें।
* जीएसटी का भुगतान मौजूदा नियमों के अनुसार सुनिश्चित करें।
* **उत्तरदायित्व और निगरानी:**
* प्रमुख अभियंता (विकास) और विभागाध्यक्ष लागत का अनुपालन और यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार हैं कि परियोजना पूर्व-निर्धारित मानकों के अनुसार है।
* परियोजना को सीएमआईएस पोर्टल पर पंजीकृत किया गया है।
* परियोजना का निर्माण कार्य 18 महीने के भीतर पूरा किया जाना है, और कोई लागत अधिक नहीं होनी चाहिए।
* कार्य की साप्ताहिक समीक्षा संबंधित क्षेत्रीय मुख्य अभियंता द्वारा और मासिक समीक्षा विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग द्वारा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
**प्रभाव विश्लेषण**
**हितधारक:** प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग
**प्रभाव:** उन्हें सोन्दुला रामनगर देसही देवरिया मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य की देखरेख और उसे लागू करना होगा।
**आवश्यक कार्रवाई:** वे इस परियोजना के लिए प्रदान की गई धनराशि का अनुपालन और उचित उपयोग सुनिश्चित करेंगे। वे यह भी सुनिश्चित करेंगे कि परियोजना नियमों और शर्तों का अनुपालन करती है, 18 महीने के भीतर पूरी हो जाती है, और सभी निर्माण गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किए जाते हैं।
**हितधारक:** मुख्य अभियंता (मु0-1) और संबंधित क्षेत्रीय मुख्य अभियंता
**प्रभाव:** परियोजना के क्रियान्वयन की निगरानी करना तथा यह सुनिश्चित करना कि परियोजना मानकों के अनुसार पूरी हो।
**आवश्यक कार्रवाई:** मुख्य अभियंता परियोजना लागत में होने वाली किसी भी लागत वृद्धि और परियोजना की लागत में होने वाली किसी भी वृद्धि के लिए जिम्मेदार होंगे, जो उनके वेतन से वसूली जाएगी।
**हितधारक:** वित्त विभाग
**प्रभाव:** परियोजना को मंजूरी दी और धनराशि जारी की।
**आवश्यक कार्रवाई:** व्यय को प्रासंगिक लेखा शीर्ष के नामे डाला जाना चाहिए और सरकारी आदेशों के अनुपालन में होना चाहिए।
**हितधारक:** कार्यदायी संस्थाएं
**प्रभाव:** उन्हें परियोजना को पूरा करना होगा।
**आवश्यक कार्रवाई:** कार्यदायी संस्थाएं मात्राओं को सुनिश्चित करने और निर्माण के समय लागत का परीक्षण करने और नियामक मंजूरी और पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त करने के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हैं।
Key Entities Referenced
लोक निर्माण विभाग, उ०प्र०: उत्तर प्रदेश का लोक निर्माण विभाग, जो बुनियादी ढांचे और सड़क परियोजनाओं के निर्माण और रखरखाव के लिए जिम्मेदार है।
जनपद देवरिया: उत्तर प्रदेश का एक ज़िला जहाँ प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण परियोजना स्थित है।
सोन्दुला रामनगर देसही देवरिया मार्ग (अ०जि०मा०): देवरिया जिले में सड़क का नाम जिसका चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है (8.710 किमी0)
व्यय वित्त समिति: वह समिति जिसने सड़क परियोजना की लागत को मंजूरी दी।
वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6: वित्तीय नियमों और प्रक्रियाओं को निर्धारित करने वाला एक संदर्भ दस्तावेज़ जिसका पालन सड़क परियोजना को निष्पादित करते समय किया जाना चाहिए।
EA-5 2/2026/ |/226089/ 2026/ 23-099(099)/298/2025
प्रेषक,
अभय प्रताप श्रीवास्तव,
अनु सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष,
लोक निर्माण विभाग,
उ0प्र0 लखनऊ।
लोक निर्माण अनुभाग-।_ लखनऊ: दिनांक 04-02-2026
विषय:- जनपद देवरिया में सोन््हुला रामनगर देसही देवरिया मार्ग (अ0जि0मा0) के चौड़ीकरण एवं सुद्ृद्ीकरण
कार्य (लम्बाई 8.7I0 किमी0) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सम्बन्ध में।
महोदय,
उपयुक्त विषयक मुख्य अभियन्ता (HO-i) लोक निर्माण विभाग, लखनऊ के पत्र संख्या-200नि»
35-Olf40/2025-26, दिनांक 09-09-2025 एवं पत्र AGaAl-2800f4/35-0ifA0/ 2025-26, दिनांक
I4-0-2025 के सन्दर्भ में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि प्रमुख/अन्य जिला मार्गों के चौड़ीकरण
एवं Fest के नये कार्यों हेतु एकमुश्त व्यवस्था योजनान्तर्गत जनपद देवरिया A Wesel रामनगर
देसही देवरिया मार्ग (अ0जि0मा0) के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य (लम्बाई 8.7I0 किमी0) का
चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की 05 वर्षीय अनुरक्षण सहित व्यय वित्त समिति द्वारा अनुमोदित लागत
रू0 3496.43 लाख (रूपये चौतीस करोड़ छियानबे लाख तैतात्रिस हजार मात्र) की प्रशासकीय एवं वित्तीय
स्वीकृति प्रदान करते हुए लागत के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल रू0 223.75 लाख (रूपये बारह
करोड़ ast लाख पचहत्तर हजार मात्र) व्यय हेतु निम्नलिखित विवरणानुसार तथा शर्तो/प्रतिबन्धों सहित
अवमुक्त किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है:-
(धनराशि रूपये लाख में)
क्र0 |जनपद का कार्य का विवरण लागत अवमुक्त धनराशि
नाम/खण्ड अनु0-58 | अनु0-83 | योग
है देवरिया जिनपद देवरिया A सोन््हुला रामनगर cae
नि0ख0 दिवरिया मार्ग (अ0जि0मा0) के चौड़ीकरण्
एवं सुदृढ़ीकरण कार्य (त्रम्बाई 8.7I0
किमी0) |
नियम
3496.43 964.]9 259.56 ]223.75
शर्ते प्रतिबन्धों
I- प्रश्नगत कार्य प्रारम्भ करनेसे पूर्व वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6 के अध्याय-2 के WER-38 में वर्णित
व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जाय तथा सक्षम
ER से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ किया जाय।
2- प्रायोजनान्तर्गत विभाग द्वारा सर्वप्रथम भूमि अधिग्रहण एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण किया जाये
तदोपरान्त ही मार्ग का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जाये।
३- प्रयोजनान्तर्गत स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्त-पुस्तिका के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर
शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जायेगा।
4- स्वीकृत धनराशि कार्य की आवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय की जायेगी तथा आहरित धनराशि
बैंक/डाकघर में नहीं रखी जायेगी। प्रश्नगत स्वीकृति जिस कार्य/मद के लिये है, उसी कार्य/मद पर व्यय
प्रत्येक दशा में किया जायेगा।
5- अधिष्ठान व्यय की धनराशि समय-समय पर स्वीकृत/आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष जमा की
जायेगी। निर्माण कार्य की लागत पर अधिष्ठान व्यय की धनराशि वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश
WO-U-2-23/GH-20-7(4)/75 दिनांक 25-0i-20il के साथ पठित शासनादेश AO-V-2-606/aa-
l- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |20I4-7(4)/75 दिनांक ॥ नवम्बर 20॥4 द्वारा जारी विस्तृत दिशा निर्देशों केअनुसार कार्यवाही सुनिश्चित
की जायेगी तथा उक्त शासनादेश दिनांक 25-0:-20l के संलग्नक में प्रदर्शित सम्बन्धित विभाग के प्राप्ति
लेखाशीर्षक 054-USh तथा सेतु-800-अन्य प्राम्तियां-0। प्रतिशतता प्रभारों की वसूली में AAA इन्ट्री द्वारा
क्रेडिट कर जमा की जायेगी।
6- लेबर सेस की धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का नियमानुसार
भुगतान किया जायेगा।
7- मूल्य ह्वास निधि की धनराशि सुसंगत लेखाशीर्षक में नियमानुसार जमा करायी जायेगी।
8- व्यय वित्त समिति द्वारा त्रगायी गयी शर्तो का पूर्णतय: अनुपात्रन सुनिश्चित करेंगे।
9- वित्त विभाग के शासनादेश ALA-I0/202/al-2-96/GH-202-0/99, दिनांक 22 मार्च, 202 के
अनुसार अनुमोदित प्रायोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के उपरान्त इसकी डी0पी0आर0 गठित
करने के उपरान्त ही तकनीकी स्वीकृति feta की जाय। यदि इस प्रक्रिया में यह परिलक्षित होता है कि
प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सापेक्ष तकनीकी स्वीकृति की लागत 0 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो
रही है, तो प्रायोजना का पुनरीक्षित आगणन गठन करते हुए 03 माह के भीतर पुनरीक्षित आगणन पर व्यय
वित्त समिति का अनुमोदन प्राप्त किया जाय, अन्यथा की स्थिति में पुनरीक्षित प्रायोजना पर व्यय वित्त
समिति द्वारा विचार नहीं किया जायेगा।
0- वित्त विभाग के शासनादेश AA-0l/2023/U-2-60/Ga-2023-7(4)/75, दिनांक 7 मई,2023
के अनुसार परियोजना की वित्तीय स्वीकृति व प्रथम fed मूल्यांकित लागत पर जारी की जाये, feed
द्वितीय किश्त जारी करने से पूर्व परियोजना की लागत को निविदा में प्राप्त मूल्य (टेण्डर HEC) के अनुसार
विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए पुनरीक्षित करा लिया जाये। परियोजना की अनुवर्ती किश्तें पुनरीक्षित
लागत के आधार पर ही जारी की जायें ताकि कार्यदायी संस्था को कार्य की वास्तविक लागत से अधिक
धनराशि अवमुक्त न हो सके। यदि निविदा के बाद कार्यो की ल्रागत में कमी आती है तो बचत की धनराशि
को सुसंगत वित्तीय नियमों के अन्तर्गत राजकोष में जमा किया जाये।
I- विभाग द्वारा प्रायोजना की तकनीकी स्वीकृति निर्गत करते समय पुन: यह सुनिश्चित कर लिया जायेगा
कि मार्ग की प्रस्तावित क्रस्ट डिजाइन/क्रस्ट कम्पोजीशन सुसंगत आर0आर0सी0/लोक निर्माण विभाग के
मानको के अनुरूप है।
i2- प्रायोजना प्रस्ताव में 2.50 प्रतिशत की दर से मेन्टीनेन्स चार्ज अनुमन्य किया गया है। लोक निर्माण
विभाग द्वारा समस्त मार्गों के अनुबन्धों में 05 वर्षी अनुरक्षण हेतु भुगतान प्रक्रिया कामानकीकरण से
सम्बन्धित लोक निर्माण विभाग के पत्र संख्या-3689सी-ओ0पी0एम0आर०0सी0/मूल 23-24, दिनांक
7-02-2024 A दी गयी मर्दों&व्यवस्थानुसार Aca तथा मेन््टीनेन्स चार्ज पर जी0एस0टी0 का
नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित किया जायेगा।
I3- प्रायोजनान्तर्गत 8 प्रतिशत की दर से जी0एस0टी0 की धनराशि सम्मिल्रित की गयी है। विभाग का
दायित्व होगा कि भारत सरकार»राज्य सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जी0एस0टी0 का भुगतान
सुनिश्चित किया जाये। साथ ही विभाग का यह भी दायित्व होगा कि प्रायोजना के निर्माण कार्यो मैं वास्तविक
खपत (CONSUMED) हुई मुख्य सामग्री (सीमेन्ट व स्टील, ग्रिट, बिटुमिन इत्यादि) की मात्राओं का
अनुपातिक/मानक मिलान करते हुए जी0एस0टी0 भुगतान किया जाये। जी0एस0टी0 के सम्बन्ध में विभाग
के शासनादेश संख्या-2/2022/ई-8-202/दस-2022, दिनांक 3-09-2022 में निहित व्यवस्था का अनुपालन
सुनिश्चित किया जाय।
4- प्रायोजनान्तर्गत विद्युत विभाग की यूटिलिटी शिफ्टिंग हेतु BO 47.89 लाख एवं वृक्षों के पातन व कटान
के लिये वन विभाग हेतु BO 5.45 लाख AGATA कर लागत आंकलित की गयी है। विभाग द्वारा यूटिल्रिटी
शिफ्टिंग से सम्बन्धित कार्यो का Verification & revalidation कराते हुए न्यूनतम आवश्यकता एवं वास्तवकि
व्यय के आधार पर सुनिश्चित किया जाये।
I5- प्रायोजना प्रस्ताव/आगणन में प्रस्तावित कनन््टीजेन्सी मद में प्रावधानित धनराशि का व्यय सक्षम स्तर
के अनुमोदन के उपरान्त वित्तीय हस्तपुस्तिका मेँ उल्लिखित कार्यमर्दों में ही किया जायेगा।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |6- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित मार्ग की afta चौड़ाई एवं फारमेशन चौड़ाई इत्यादि तथा पक्के स्ट्रक््चर्स
यथा पुल, पुलिया, ड्रेन एवं रोड सेफ्टी इत्यादित का निर्माण आई0आर०0सी0/विभागीय के सुसंगत मानकों
(Standards) के अनुसार कराये जाने का उत्तरदायित्व विभाग»कार्यदायी संस्था का होगा।
I7- प्रायोजना प्रस्ताव में भूमि अधिग्रहण (.56 है0) की ल्रागत BO 473.20 लाख अनुमन्य की गयी है।
विभाग द्वारा न्यूनतम आवश्यकतानुसार सुसंगत नियमों के अधीन भूमि अधिग्रहण सुनिश्चित की जाय।
I8- प्रायोजना प्रस्ताव/आगणन में पुल“पुत्रियों का इक्सटेंशन तथा नाला-नाली आदि का निर्माण का प्राविधान
किया गया है। भविष्य में मार्ग के चौड़ीकरण की सम्भावना के दृष्टिगत मार्ग के संरेखण में आने वाले पक्के
TFA (पुलपुलिया“नाली इत्यादि) का निर्माण आई0आर०0सी0/विभागकीय मानकों में पूर्व निर्धारित
फारमेशन fase (चौड़ाई) के अनुसार ही कराया जाये।
9- नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक आपत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेन्स सक्षम स्तर से प्रास करने
के उपरान्त ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाय।
20- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यो की मात्राओं को यथावत मानते हुए लागत का परीक्षण किया गया है।
मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यदायी संस्था»विभाग का होगा।
2I- प्रस्ताव का परीक्षण लागत आगणन में प्रस्तावित विशिष्टियों एवं कार्य प्राविधानों कोयथावत मानते हुये
किया गया है। मार्ग निर्माण की लम्बाई»चौड़ाई में परिवर्तन, प्रस्तावित क्रस्ट डिजाइन में संशोधन, स्वीकृत
प्रायोजना के FH में परिवर्तन आदि व्यय वित्त समिति का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया
जायेगा।
22- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्य की द्विरावृत्ति (Stat) को रोकने की दृष्टि से प्रायोजना की तकनीकी
स्वीकृति से पूर्व कार्यदायी संस्था/विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य
योजना#»कार्यक्रम के अंतर्गत न तो स्वीकृत है और न ही वर्तमान में किसी अन्य योजना»कार्यक्रम में
आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है।
23- परियोजना पूर्ण होने में वित्नम्ब की स्थिति उत्पन्न होने अथवा परियोजना की लागत में वृद्धि की दशा
में इसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग एवं मुख्य
अभियन्ता (HO-i) एवं सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता का होगा तथा भविष्य में यदि परियोजना की
लागत में वृद्धि होती है तो ऐसी दशा में लागत में बढोत्तरी की कुल धनराशि की वसूली सम्बन्धित क्षेत्रीय
मुख्य अभियन्ता आदि के वेतन से की जायेगी।
24- परियोजना से सम्बन्धित समस्त तकनीकी पक्षों/तथ्यों व उनके परीक्षण “सत्यापन तथा इस परियोजना
के निर्धारित मानकों के अनुरूप होने का पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष,
लोक निर्माण विभाग का होगा।
25- प्रायोजना का निर्माण कार्य i8 माह के अन्दर पूर्ण कर लिया जाय तथा टाइम ओवर रन एवं कास्ट
ओवर रन इत्यादि के कारण प्रायोजना का पुनरीक्षण नहीं किया जायेगा।
26- परियोजना की लागत व समय सीमा में बढोत्तरी न हो, इस हेतु परियोजना के निर्माण कार्य की
साप्ताहिक समीक्षा सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता द्वारा एवं माह में कम से कम एक बार समीक्षा
विभागाध्यक्ष, ater निर्माण विभाग के स्तर पर सुनिश्चित की जायेगी।
27- वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप AAl-6/2025/aM--352/GH-2025-23:/2025, दिनांक 27-03-
2025 मेँ निहित प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
28- लोक निर्माण विभाग में सी0सी0एल0 प्रणाली समाप्त किए जाने के फल्रस्वरूप वर्क्स से सम्बन्धित
बजट के ऑन लाइन आवंटन किए जाने हेतु डी0डी0ओ0 कोड आवंटन विषयक वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-
। के शासनादेश संख्या-ग0/2022/बी--345/दस-2022, दिनांक 04-05-2022 तथा कार्यमदों के व्यय को
सी0सी0एल0 प्रणाली से मुक्त रखते हुए सामान्य कोषागार प्रणाली से आच्छादित किए जाने के सम्बन्ध में
वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के कार्यालय ज्ञाप AKA-3/2022/V-2-76/GA-2022-0(9)/95, दिनांक 3-
04-2022 में निहित व्यवस्था/शर्तों का अनुपात्नन सुनिश्चित किया जायेगा।
29- Peta चार्जेज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण aed तथा वित्तीय स्वीकृति से सम्बन्धित वित्तीय प्रबंधन
विषयक वित्त विभाग के शासनादेश AKAT-0l/ 2023/U-2-60/GA-2023-7(4)/75, दिनांक 7-05-2023
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |एवं शासनादेश AEAI-02 /2023/U-2-66/GH-2023-7(4)/75, दिनांक 9-05-2023 A निर्धारित प्रक्रिया
एवं निहित शर्तों का अक्षरश: अनुपालपन सुनिश्चित किया जायेगा।
30- उपरिलिखित सभी शर्तों का अनुपात्नन सुनिश्चित करने का दायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं
विभागाध्यक्ष, cite निर्माण विभाग एवं मुख्य अभियन्ता (HO-i) एवं सम्बन्धित क्षैत्रीय मुख्य अभियन्ता
का होगा।
3I- Wad परियोजना को सी0एम0आई0एस0० पोर्टल पर पंजीकृत कर दिया गया है, जिसका पंजीकरण
EEA-20250000302766 है।
2- इस सम्बन्ध में होने वाला व्यय (॥) रूपये 9,७64,9,000 (रूपये नौ करोड़ चौसठ लाख उन्नीस हजार
मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या0 58 लेखा शीर्षक ५05403337328
प्रमुख/अन्य जिला मार्गों के उच्चीकरण के नये कार्यो हेतु Chard व्यवस्था मानक मद 24 Jed निर्माण
कार्य (2) रूपये 2,59,56,000 (रूपये दो करोड़ उनसठ लाख छप्पन हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष
2025-26 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या 083 लेखा शीर्षक 5054037890500 राज्य प्रमुख/अन्य जिला
मार्गों के नये कार्यो हेतु एकमुश्त व्यवस्था मानक मद 24 Jed निर्माण कार्य के AA डाला जायेगा।
3- यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न संख्या-5-8-835-%-2025-26-दिनांक: 28-0-2026 A प्राप्त वित्त
विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
(अभय प्रताप श्रीवास्तव)
अनु सचिव।
संख्या व दिनांक तदैव
Wate निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
i- निजी सचिव, Alo मुख्यमंत्री, SOUO शासन।
2- निजी सचिव, मा0 राज्यमंत्री, लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 शासन।
3- महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम»द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज।
4- महालेखाकार (लेखा-परीक्षा) प्रथम»द्वितीय, 50प्र0 प्रयागराज।
5- सम्बन्धित मण्डलायुक्त “जिलाधिकारी।
6- मुख्य अभियन्ता (HO-i) लोक निर्माण विभाग लखनऊ।
7- वित्त नियंत्रक, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ।
8- सम्बन्धित मुख्य अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग।
9- सम्बन्धित वरिष्ठ कोषाधिकारी/कोषाधिकारी।
0- संबंधित अधिशासी अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग।
॥- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनु0-8/वित्त (आय-व्ययक) 3eJO-i, 50प्र0 शासन।
I2- राज्य योजना आयोग-4/2, उ0प्र0 शासन।
3- अधीक्षण अभियन्ता नियोजन/परियोजना, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ।
I4- लोक निर्माण HqHT-/9/I0/2 एवं 4, उ0प्र0 शासन।
5- नोडल अधिकारी (आनलाईन बजट एल्रॉटमेन्ट सिस्टम), लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 शासन।
6- गार्ड फाइल्र।
आज्ञा से,
(अभय प्रताप श्रीवास्तव)
अनु सचिव।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |