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Date: 2026-02-04 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पूर्ववर्ती एम0एस0डी0पी0) के अन्‍तर्गत जनपद मुजफ्फरनगर के विकास खण्‍ड मीरापुर दलपत में राजकीय आई0टी0आई0 के निर्माण कार्य (सिविल कार्य) हेतु अवशेष धनराशि एस0एन0ए0 खातें से आहरित किये जाने की अनुमति प्रदान किये जाने के सम्‍बन्‍ध में।

Issued by अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण विभाग · अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

ज़रूर, नीचे अनुरोधित सारांश दिया गया है: **कार्यकारी सारांश** यह दस्तावेज़, दिनांक 4 फरवरी, 2026 को जारी किया गया एक शासनादेश है, जो उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण और वक्फ अनुभाग-1 द्वारा जारी किया गया है। इसमें प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत मुजफ्फरनगर जिले के मीरापुर दलपत विकास खंड में राजकीय आईटीआई के सिविल कार्य निर्माण के लिए SNA खाते से 29.01 लाख रुपये की धनराशि निकालने की अनुमति दी गई है। यह मंजूरी संबंधित अनुरोध और पूर्व में जारी किए गए विभिन्न शासनादेशों पर आधारित है। **मुख्य बातें** * **परियोजना मंजूरी**: * मुजफ्फरनगर जिले के मीरापुर दलपत विकास खंड में राजकीय आईटीआई के निर्माण के लिए परियोजना को मंजूरी। * परियोजना की कुल लागत 1186.72 लाख रुपये है, जिसमें सिविल कार्य के लिए 948.72 लाख रुपये की राशि स्वीकृत है। * **वित्तीय स्वीकृति**: * एसएनए पूल फंड से 29.01 लाख रुपये निकालने की मंजूरी। * यह राशि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा पहले जारी किए गए योगदानों को पूरा करती है। * **आवंटित धनराशि की स्वीकृति और रिलीज**: * भारत सरकार द्वारा इकाई लागत 1186.72 लाख रुपये मंजूर की गई है। * पहला किस्त का केंद्र शेयर 356.02 लाख रुपये और राज्य का हिस्सा 237.345 लाख रुपये जारी किया गया। * दूसरे किस्त का केंद्र शेयर 356.02 लाख रुपये और राज्य का हिस्सा 59.34 लाख रुपये जारी किया गया। * **शर्तें और प्रतिबंध**: * यह धनराशि राज्य सरकार के एसएनए से निकाली जाएगी और निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण के निपटान में रखी जाएगी। * यह सुनिश्चित करना कि वित्त विभाग के प्रासंगिक शासनादेशों का अनुपालन किया जाए। * राज्य के धन की निकासी और व्यय से पहले, यह सुनिश्चित करना होगा कि मिलान करने वाला केंद्र का शेयर उपलब्ध है। * विशिष्ट दिशा-निर्देशों के अनुसार धन की निकासी और उपयोग को सुनिश्चित करना, जैसे कि वित्तीय नियमों का पालन करना, केंद्र सरकार के नियमों और दिशानिर्देशों का अनुपालन करना और स्वीकृत धनराशि को लागत से अधिक नहीं होने देना। **प्रभाव विश्लेषण** **हितधारक:** अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय, कार्यदायी संस्था (उत्तर प्रदेश वक्फ विकास निगम लि0), मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी/जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय (भारत सरकार), वित्त विभाग (उत्तर प्रदेश सरकार) * **प्रभाव:** अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय द्वारा उल्लिखित शर्तों के अनुसार धन का उपयोग सुनिश्चित करना। उत्तर प्रदेश वक्फ विकास निगम लि0 परियोजना को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करता है। मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी/जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी परियोजना की प्रगति का समन्वय और निगरानी करते हैं। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को समय-समय पर परियोजना की प्रगति रिपोर्ट प्राप्त होती है। वित्त विभाग को वित्तीय प्रक्रियाओं का अनुपालन सुनिश्चित करना होता है। * **आवश्यक कार्रवाई:** अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय द्वारा यह सुनिश्चित किया जाए कि धन की निकासी और व्यय शासनादेश में उल्लिखित शर्तों के अनुसार हो। उत्तर प्रदेश वक्फ विकास निगम लि0 समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करना चाहिए। मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी/जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी परियोजना की निगरानी और समन्वय करें। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय प्रगति की निगरानी और परियोजना के अनुपालन का आकलन करें। वित्त विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी वित्तीय दिशानिर्देशों का पालन किया जाए।

Key Entities Referenced

प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके): अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे को बेहतर बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा कार्यान्वित एक योजना। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार: भारत में अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित मामलों के लिए जिम्मेदार मंत्रालय। अल्पसंख्यक कल्याण, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग, अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण के लिए जिम्मेदार है। मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश का एक जिला जहाँ पीएमजेवीके के तहत एक आईटीआई निर्माण परियोजना स्थित है। समेकित राज्य एजेंसी (एसएनए): राज्य सरकार द्वारा नामित एजेंसी जो केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए धन प्राप्त करने और वितरित करने के लिए जिम्मेदार है।
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संख्या-02/2026/03/52-4-2026-04(एम0एस0डी0पी0)/2049-2042943 अरविन्द कुमार गिरि, अनु सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण, उत्तर प्रदेश, Stee raul भवन, लखनऊ | अल्पसंख्यक कल्याण एवं AFH ATAT-4 लखनऊ : feats. 04 फरवरी, 2026 विषय-प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पूर्ववर्ती एम.एस.डी.पी.) के अन्तर्गत जनपद मुजफ्फरनगर के विकास खण्ड मीरापुर दलपत में राजकीय आई0टी0आई0, के निर्माण कार्य (सिविल कार्य) हेतु अवशेष धनराशि एस.एन.ए. खातें से आहरित किये जाने की अनुमति प्रदान किये जाने के सम्बन्ध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक अपने पत्र सं.-3549/अँ.सैं.क.नि./पी.एम.जे.वी.के./एस.एन.ए./(575852) दिनांक 07.07.2026 का कृपया सन्दर्भ ग्रहण करें, जिसके द्वारा विषयांकित परियोजना की अनुमोदित लागत So (86.72 लाख में स्रिविल कार्य हेतु स्वीकृत धनराशि रू० 948.72 लाख के सापेक्ष अवशेष धनराशि Bo 29.04 (लाख .के भुगतान की स्वीकृति/अनुमति योजना के एस ०एन०ए० पूल फण्ड में रक्षित धनराशि से जारी किये जाने का अनुरोध किया गया है। 2. उल्लेखनीय है कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा परियोजना की इकाई लागत Bo ((86.72 (लाख (अनुमोदित करते हुए अपने पत्र AeIAT-73/4/2078-wHOTAOStOM70- एम0ओ0एम0ए0७0 दिनांक (7.(2.2048 are प्रथम किश्त केन्द्रांश की धनराशि Bo 356.02 लाख aad कीषश्गयी$ जिसके क्रम में प्रथम किश्त केन्द्रांश की धनराशि रू० 356.02 लाख शासनादेश संख्या<5/2049/342/52-4-2049-4(एम0एस0डी0पी0)/2049 दिनांक 07.03.20i9 द्वारा एवं राज्यांश की धनराशि Bo 237.345 लाख शासनादेश AeAT-25/209/65/52--209- A(THOTAOSTONTO)/I9 दिनांक 74.06.2079 द्वारा तथा अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र संख्या-3/4/2048-एम0एस0डी0पी0-एम0ओ0एम0ए0 दिनांक 3.03.2024 द्वारा द्वितीय किश्त केन्द्रांश की धनराशि रू० 356.02 लाख अवमुक्‍क्त की गयी, जिसके क्रम में द्वितीय किश्त राज्यांश की धनराशि रू० 59.34 लाख शासनादेश संख्या-98/2022/4092/52-4-2022-O4(THOTHOSTONO)/9 दिनांक 09.42.2022 द्वारा, Heater AT धनराशि Bo 89.00 लाख शासनादेश AEAT-29/2022/284/52-7-2022-40(WHOUAOSTONIO/9 दिनांक 27.42.2022 एवं राज्यांश की धनराशि रू० (78.005 लाख शासनादेश संख्या-55/2023/547/52-4-2023- I(TtOWHOSOSTO*FO)/2023 दिनांक 22.05.2023 अर्थात कुल धनराशि Bo 99.77 लाख (प्रथम किश्त + द्वितीय किश्त) पूर्व में अवमुक्त की जा चुकी है। 3. इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत जनपद मुजफ्फरनगर के विकास खण्ड मीरापुर दलपत में राजकीय आई०टी०आई० के त्तिर्माण कार्य हेतु भारत सरकार द्वारा अनुमोदित लागत रू० ((86.72 लाख में सिविल कार्य हेतु.स्वीकृत धनराशि Bo 948.72 लाख के सापेक्ष अवशेष (रू० 948.72 लाख - Bo 9(9.7 लाख) धनराशि Bo 29.0i लाख (रूपये Gerda लाख एक हजार मात्र) चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में निम्न विवरणानुसार SNA पूल फण्ड से आहरित किये जाने के बिन्दु पर स्वीकृति/अनुमति प्रदान किये जाने हेतु At राज्यापाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है:- (धनराशि रू० लाख में) क्र्सं।)। जनपद परियोजना कार्यदायी | यूनिट |भा0स0 द्वारा।सिविल wrt] परियोजना | सिविल कार्य के सापेक्ष अवमुक्त संस्था अनुमोदित ped स्वीकृत | हेतु अब तक | हेतु प्रस्तावित अवशेष धनराशि लागत >| धनराशि | निर्गत कुल | के. रा. कुल धनराशि (के.+रा.) ] 2 3 | 46. 5 a 7 8 po 0 4 4 | मुजफ्फरनगर वमेंि कराासज कखीण्यड आमीईर०ाटपुीर० दआलईप०त/| SOशKवOिक बाकसक् ‍्फ 4 | 86.72 | 948.72 | 949.74 | 29.0 000 29.0 का निर्माण निगमे लि0 योग 4 86.72 | 948.72 | 99.7 29.0' | 0.00 29.0 4. अवमुक्त धन्तराशि!का उपभोग निम्नलिखित शर्तों/प्रतिबन्धों के अधीन किया जायेगा :- (4)-0 Sart TN राज्य सरकार SNA से आहरित कर व्यय किये जाने हेतु निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण के निर्वतन पर रखी जायेगी। (2)-) वित्त विभाग के शासनादेश दिनांक 27.03.2025, 9.06.2024, 04.03.2024, 49.09.2023 एवं 7.03.2023 में दिये गये दिशा निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (3)- प्रश्नगत राज्यांश की धनराशि के आहरण एवं व्यय के पूर्व यह सुनिश्चित किया जायेगा कि तत्सम्बन्धी मैचिंग केन्दांश अवमुक्त है। (4)- प्रश्नगत धनराशि के आहरण एवं व्यय के पूर्व यह सुनिश्चित किया जायेगा कि पूर्व निर्गत किया गया राज्यांश कोषागार से आहरित नहीं किया गया है। (5)- प्रश्नगत योजनान्तर्गत केन्द्रांश उपलब्ध है, यह सुनिश्चित किये जाने के उपरान्त ही धनराशि का कोषागार से आहरण किया जायेगा।(6)- प्रश्नगत योजना पर राज्य सरकार एवं भारत सरकार के सक्षम स्तर का अनुमोदन प्राप्त है, यह सुनिश्चित किया जायेगा। (7)- प्रश्नगत परियोजना हेतु स्वीकृत धनराशि के व्यय में वित्तीय नियमों का पालन किया जायेगा तथा केन्द्र सरकार द्वारा इस वित्त पोषित योजना के सम्बन्ध में लगाई गयी शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (8)- अवमुक्‍क्त धनराशि निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण, उ.प्र. लखनऊ द्वारा उपरोक्त तालिका के कॉलम-4 में अंकित कार्यदायी संस्था को हस्तान्तरित की जायेगी। कार्य को अनुमोदित लागत से निर्धारित समयावधि में गुणवत्ता एवं मानक के अनुसार पूर्ण किया जायेगा। यादि Sa As में कोई वृद्धि होती है तो अतिरिक्त धनराशि नहीं दी जायेगी एवं भविष्य में कोई भी 'पुनरीक्षित आंगणन किसी भी दशा में अनुमन्य नहीं होगा। (9)- प्रश्नरत धनराशि के आहरण एवं व्यय के दौरान योजना विषयक, गाइड लाइन्स का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (0)- यह सुनिश्चित कर लिया जाय कि प्रायोजना का सक्षम, स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही कार्य कराया जायेगा। कार्य की गुणवत्ता, Ary एवं विशिष्टियों की जिम्मेदारी निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण, उ.प्र. की होगी। (44)- निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण द्वारा. यह सुनिश्चित कर लिया जाय कि प्रश्नगत कार्य किसी अन्य कार्ययोजना में सम्मिलित नही हैं तेथा*इस हेतु पूर्व में राज्य सरकार अथवा किसी अन्य स्रोत से धनराशि स्वीकृत नही की WAS TAT प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति न हों। (42)- वित्तीय स्वीकृति का आदेश बजट्प्राविधान के सापेक्ष अवशेष धनराशि की उपलब्धता की स्थिति में ही निर्गत किया ज़ायेगा। (3)- पूर्व में निर्गत शासनादेशों में उल्लिखित शर्तो का अनुपालन अनिवार्यत: सुनिश्चित किया जायेगा। (4)-कार्यदायी संस्था द्वारा आगणन में अनुमोदित सीमा तक ही सेंटेज चार्ज लिया जायेगा। (5)- आगणन में वर्णित लेबर सेस की कुल धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त AAU का भुगतान किया जायेगा। (46)-ल्‍परियोजना की लागत में टाइम ओवर रन/कास्ट ओवर रन न हो। अतः इस संबंध में Tet srr निर्गत दिशा निर्देश एवं बजट मैनुअल के प्रस्तर-242 में दिये गये निर्देशों का कडाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (47)- यह अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जायेगा कि कार्यो की गुणवत्ता उच्चकोटि की हो तथा समय-समय पर सम्पादित कराये जा रहे निर्माण कार्यो की मानीटरिंग भी किया जायेगा। (8)- स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिका के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जायेगा।(9)- प्रश्नगत स्वीकृति मानक के संबंध में उपलब्ध करायी गयी सूचना के आधार पर दी जा रही है, यदि मानक के संबंध में कोई सूचना गलत पायी जाती है तो इसका उत्तरदायित्व निदेशालय का होगा। (20)- प्रश्नगत धनराशि के आहरण एवं व्यय के दौरान योजना से सम्बन्धित भारत सरकार की गाइडलाइन्स का अनुपालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जायेगा। (24)- केन्द्रपोषित योजनाओं के अन्तर्गत विगत वित्तीय वर्ष की अवशेष धनराशि के वर्तमान वित्तीय वर्ष में व्यय के सम्बन्ध में व्यय विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वाराब्ऑफिस मेमोरेन्डम AEAT-|/(33)/PFMS/2022 दिनांक 20 मई, 2022 द्वारा निर्गत दिशौरनिर्देश का अनुपालन किया जायेगा। (22)- योजनान्तर्गत बाटआउट्स आइटम्स की श्रेणी से आच्छादित कार्यों हेतु क्रार्यदायी संस्था को कोईभी सेन्‍्टेज चार्ज देय नहीं होगा | (23)- प्रश्नगत निर्माण कार्य हेतु कार्यदायी संस्था को अवमुक्त Ah es Avy धनराशि को वित्त विभाग के शासनादेश दिनांक 27.03.2025, 9.06.2024, 04.03.2024, 9.09.2023 एवं 47.03.2023 में उल्लिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों अधीज्ञ आवश्यक धनराशि कोषागार से आहरण कर कार्य की आवश्यकता के अनुसार कार्यदायी संस्था को उपलब्ध करायी जाय। (24)- कार्यदायी संस्था द्वारा निर्माण स्थल पर Tare तैयार किया जायेगा, जिस पर योजना के स्वीकृत होने की तिथि, पूर्ण होने की/तिथि,&लागत, वित्त पोषण के स्रोत तथा लक्ष्य प्राप्त करने की तिथि आदि का अंकन Thar STAT (25)- अनुदान ग्राही द्वारा योज़नान्तर्गत॑ अवमुक्त की जा रही धनराशि का एक पृथक खाता मेन्टेन किया जायेगा। अवमुक्त धत्तराशि पर यदि कार्यदायी संस्था द्वारा ब्याज अर्जित किया गया है तो उसकी वेसूली, निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण, उ.प्र. लखनऊ द्वारा करके उसे राजकोष में ज़मा'कराया जायेगा | (26)- TAH ATTY के व्यय के उपरान्त जिलाधिकारी से हस्तान्तरित उपभोग प्रमाण-पत्र, त्रैमासिक प्रगति, रिपोर्ट तथा निर्माण कार्य के फोटोग्राफ्स की सूची की दो-दो प्रतियां निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण, उ.प्र. को उपलब्ध करायी जायेंगी। तदोपरान्त निदेशक, अल्पसंख्यक HATH, उ.प्र. लखनऊ द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित उपभोग प्रमाण-पत्र व उक्त अन्य अभिलेख शासन की उपलब्ध कराये जायेंगे। 5. यह आदेश वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 27.03.2025, 79.06.2024, 04.03.2024, 9.09.2023 एवं 77.03.2023 H प्रदत्त दिशा-निर्देशों के अनुसार जारी किया जा रहा है। भवदीय, (अरविन्द कुमार गिरि) अनु सचिव।aeqT-03(4)/ataa--2026-ate are | प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- l. महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) उत्तर प्रदेश, इलाहाबाद। 2. महालेखाकार, (लेखा परीक्षा) प्रथम एवं द्वितीय उ.प्र., इलाहाबाद। 3. बजट अधिकारी, वित्त विभाग, उ. प्र. शासन। 4, अवर सचिव, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय भारत सरकार sd: तल, पं. दीनदयाल अन्त्योदय भवन, सी.जी.ओ. काम्पलेक्स लोधी रोड, नई दिल्‍ली। अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव सम्बन्धित विभाग को इस आशय 9. से प्रेषित किश्प्रश्नगत परियोजना के निर्माण हेतु निर्धारित मानकों का अनुपालन करने एवं Tae निर्माण सुनिश्चित करने के सम्बन्ध में अपने स्तर से भी यथावश्यक कार्यवाही, सुनिश्चित कराने हेतु सम्बन्धित अधिकारी को यथावश्यक निर्देश देने का कष्ट करें। निजी सचिव, मा. मंत्री, अल्पसंख्यक कल्याण एवं हज को मा. मंत्री जी के अवलोकनार्थ। निजी सचिव, प्रमुख सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण एवं are बिभाग को प्रमुख सचिव महोदया अवलोकना के अवलोकनार्रथ्थ। उपरोक्त तालिका के कॉलम-4 में अंकित कार्यदायी संस्था के निदेशक/प्रबन्ध निदेशक को इस आशय से प्रेषित कि प्रश्तनतत परियोजना के/निर्माण' कार्य समयान्तर्गत/गुणवत्तापूर्ण सुनिश्चित करने का PTS Hel निदेशक, सम्बन्धित विभाग। 40. मुख्य कोषाधिकारी, जवाहर भवन, लेखनऊ। 7. जिलाधिकारी/जिला अल्पसंख्यकथ्कल्याण अधिकारी, मुजफ्फरनगर। 2. वित्त (आय-व्ययक)»अनुभाग- को तीन स्वच्छ प्रति तथा वित्त-ई-4 को O7 प्रति। 3. लेखाधिकारी/वेब),अधिकारी, अल्पसंखयक कल्याण निदेशालय, लखनऊ को इस आशय से प्रेषित कि उपरोक्त स्वीकृति अल्पसंखयक कल्याण विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करने का कष्ट करें। 44. गार्ड फाइल। आज्ञा से, (अरविन्द कुमार गिरि) अनु सचिव।

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