Date: 2023-12-14Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
डिफेन्स इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर लखनऊ नोड के अन्तर्गत जनपद लखनऊ के ग्राम भटगांव तहसील सरोजनीनगर में 03 नग गेटों के निर्माण का कार्य की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के संबध में।
**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी एक शासनादेश है, जो डिफेन्स इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर लखनऊ नोड के अन्तर्गत जनपद लखनऊ के ग्राम भटगांव तहसील सरोजनीनगर में 03 नग गेटों के निर्माण के लिए 182.22 लाख रुपये की अनुमानित लागत में से 145.77 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है। यह अनुमोदन वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*अनुमोदन और वित्तीय विवरण:*
- डिफेन्स इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर लखनऊ नोड के अन्तर्गत ग्राम भटगांव, तहसील सरोजनीनगर में 03 नग गेटों के निर्माण के लिए 145.77 लाख रुपये स्वीकृत।
- परियोजना की कुल लागत 182.22 लाख रुपये है, जिसके विरुद्ध यह धन आवंटित किया गया है।
*शर्तें और प्रतिबंध:*
- परियोजना शुरू करने से पहले वित्तीय पुस्तिका के अनुसार तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य।
- निर्माण कार्य यू०पी०आई०डी०ए० की जिम्मेदारी है और इसे समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना चाहिए।
- वित्तीय नियमों, दिशा-निर्देशों और सरकारी आदेशों का अनुपालन अनिवार्य।
- स्वीकृत धनराशि को केवल उसी कार्य के लिए खर्च करना है जिसके लिए उसे आवंटित किया गया है।
- कार्य शुरू करने से पहले सभी आवश्यक वैधानिक और पर्यावरणीय अनापत्तियाँ प्राप्त की जानी चाहिए।
- परियोजना के भीतर विभिन्न कार्यमदों में माल और सेवा कर (जी०एस०टी०) का दोहराव नहीं होना चाहिए।
- यदि परियोजना के दायरे में कोई भी परिवर्तन आवश्यक हो तो सरकार से पूर्व अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य।
- यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रस्तावित कार्य किसी अन्य योजना के तहत स्वीकृत या प्रस्तावित न हो।
*व्यय और लेखा:*
- धनराशि को अनुमोदित प्रक्रियाओं के अनुसार निकाला जाना चाहिए।
- स्वीकृत धनराशि के व्यय में वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-1 के कार्यालय ज्ञाप संख्या सं0-2/2023/बी-1-227/दस-2023-231/2023 दिनांक 17.03.2023 द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
- किए गए व्यय के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट) समय पर जमा करना होगा।
*जीएसटी*:
- परियोजना के तहत 18% जीएसटी स्वीकार्य है। जीएसटी की राशि का भुगतान वास्तविक आधार पर किया जाना चाहिए।
*अन्य महत्वपूर्ण बिंदु:*
- सुनिश्चित करें कि इस कार्य के लिए पहले किसी भी स्रोत से धन स्वीकृत नहीं किया गया है।
- श्रम विभाग को लेबर सेस का भुगतान किया जाएगा।
- मूल्यह्रास कोष को प्रासंगिक लेखा शीर्ष में जमा किया जाना चाहिए।
- 30प्र0 इण्डस्ट्रियल एरिया डेवलपमेन्ट एक्ट 1976 के प्रावधानों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**हितधारक:** यू०पी०आई०डी०ए० (यूपीडा), निर्माण एजेंसियां, सरकार, लेखा परीक्षा विभाग, राजस्व विभाग, वित्तीय सांख्यिकीय निदेशालय
**यू०पी०आई०डी०ए० (यूपीडा):**
**प्रभाव:**
- परियोजना के निर्माण, पर्यवेक्षण और समय पर पूरा होने के लिए उत्तरदायी।
- वित्तीय और नियामक आवश्यकताओं का अनुपालन सुनिश्चित करना।
**आवश्यक कार्रवाई:**
- स्वीकृत धन का कुशलतापूर्वक और पारदर्शी तरीके से उपयोग करें।
- समय पर परियोजना पूरी करने के लिए एक समय-सीमा स्थापित करें।
- तकनीकी और कानूनी आवश्यकताएँ पूरी करें।
**निर्माण एजेंसियां:**
**प्रभाव:**
- गुणवत्ता मानकों और विशिष्टताओं के अनुरूप गेटों का निर्माण करना।
- निर्माण गतिविधियों को समय पर पूरा करना।
**आवश्यक कार्रवाई:**
- निर्माण शुरू करने से पहले प्रासंगिक मंजूरी प्राप्त करना।
- यू०पी०आई०डी०ए० (यूपीडा) के साथ समन्वय करना और नियमित अपडेट प्रदान करना।
- सुनिश्चित करें कि निर्माण गुणवत्ता मानकों के अनुसार है।
**सरकार:**
**प्रभाव:**
- परियोजना के लिए वित्तीय स्वीकृति और नीतिगत दिशा-निर्देश प्रदान करना।
- परियोजना के कार्यान्वयन की निगरानी करना।
**आवश्यक कार्रवाई:**
- धन का वितरण सुनिश्चित करें और परियोजना की प्रगति की निगरानी करें।
- प्रासंगिक विभागों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें।
**लेखा परीक्षा विभाग:**
**प्रभाव:**
- वित्तीय लेनदेन का ऑडिट करें और धन का उचित उपयोग सुनिश्चित करें।
**आवश्यक कार्रवाई:**
- परियोजना से संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड का नियमित ऑडिट करें।
- वित्तीय अनियमितताओं के मामले में रिपोर्ट करें।
**राजस्व विभाग:**
**प्रभाव:**
- परियोजना के लिए भूमि आवंटन की सुविधा प्रदान करना और अन्य संबंधित राजस्व मुद्दों को हल करना।
**आवश्यक कार्रवाई:**
- भूमि आवंटन से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों को प्राप्त करना।
- परियोजना कार्यान्वयन में सहायता करना।
**वित्तीय सांख्यिकीय निदेशालय:**
**प्रभाव:**
- परियोजना के वित्तीय पहलुओं पर डेटा प्रदान करना।
**आवश्यक कार्रवाई:**
- परियोजना के लिए प्रासंगिक वित्तीय डेटा प्रदान करें।
Key Entities Referenced
डिफेन्स इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर लखनऊ नोड: जनपद लखनऊ के ग्राम भटगांव तहसील सरोजनीनगर में 03 नग गेटों के निर्माण कार्य से संबंधित।
यूपीडा: मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीडा को सम्बोधित पत्र।
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार के अनु सचिव द्वारा जारी आदेश।
लखनऊ: डिफेन्स इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर लखनऊ नोड के अंतर्गत आने वाला जनपद।
वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-1: धनराशि के व्यय के संबंध में कार्यालय ज्ञाप का संदर्भ।
संख्या-87/2023//448339/2023/00-77-3002-003-7-2023
प्रेषक,
शैलेन्द्र कुमार,
अनु सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
मुख्य कार्यपालक अधिकारी,
यूपीडा, पर्यटन भवन,
गोमती नगर लखनऊ।
औद्योगिक विकास अनुभाग-3 लखनऊ : eaie.4/72/2023
विषय:- डिफेन्स इण्डस्ट्रियन कॉरिडोर लखनऊ als के अन्तर्गत जनपदलखनऊ के ग्राम
भटगांव तहसील सरोजनीनगर में 03 नग गेटों के निर्माण: को. कार्य की प्रशासकीय एवं
वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक अपर मुख्य ada अधिकारी, यूपीडा के. पत्रांक
4549/2976/यूपीडा/2023 दिनांक 6.0.2023. एवं पत्राक 5446/2976/यूपीडा/2023 दिनांक
08.2.2023 के सन्दर्भ में मुझे यह/कहने. का निदेश हुआ है कि डिफेन्स इण्डस्ट्रियल
कॉरिडोर लखनऊ Als के अन्तर्गत Gade लखनऊ की तहसील सरोजनीनगर के ग्राम
भटगांव में 03 नग गेटों के AAPM हेतु लागत BO (82.22 लाख की प्रशासकीय एवं
वित्तीय स्वीकृति valerate gE "वित्तीय वर्ष 2023-24 में व्यय हेतु लागत के सापेक्ष रू0
445.77. लाख (Uy Uh ats पैतालिस लाख सहत्तर हजार मात्र) निम्नलिखित
विवरणानुसार तथा शर्तों/प्रतिबन्धों सहित अवमुक्त किये जाने की श्री राज्यपाल Tet
स्वीकृति प्रदान ALA है:-
(धनराशि रू0 लाख में)
जनपद कार्य का नाम स्वीकृत अवमुक्त
लागत धनराशि
लखनऊ | डिफेन्स इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर लखनऊ als के 82.22 45.77
अन्तर्गत जनपद लखनऊ के ग्राम भटगांव तहसील
सरोजनीनगर में 03 नग गेटों के निर्माण का कार्य
_____- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है ।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |नियम व शर्तें / प्रतिबन्धों
I- प्रश्नगत कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6 के अध्याय-2 के
प्रस्तर-38 में वर्णित व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति
अवश्य प्राप्त कर ली जाय तथा सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही
कार्य प्रारम्भ किया जाय।
2- कार्य की विशिष्टियां, मानक व गुणवत्ता की जिम्मेदारी यूपीडा की होगी। प्रायोजना का
निर्माण कार्य ससमय पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित किया जाये।
3- स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्त-पुस्तिका के सुसंगत प्राविधानों, समय्-समये४ पर
शासन GANT निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जायेगा।
4- स्वीकृत धनराशि कार्य की आवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय की जयिंगी तथा आहरित
धनराशि बैंक/डाकघर में नहीं रखी जायेगी। प्रश्नगत स्वीकृति जिस कर्य/म्देस््के लिये है, उसी
कार्य/मद पर प्रत्येक दशा में व्यय किया जायेगा।
5- यह सुनिश्चित किया जाय कि स्वीकृत किये जा रहे इस, कोर्य हेतु पूर्व में राज्य सरकार
अथवा किसी अन्य स्रोत से धनराशि स्वीकृत नहीं की ८गयी ova न ही यह कार्य किसी
Hey कार्य योजना में सम्मिलित है।
6- लेबर सेस की धनराशि इस शर्त के अधीन. ale) कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का
नियमानुसार भुगतान किया जायेगा।
7- मूल्य हास निधि की धनराशि qaqa ्लेंखाशीर्षक में नियमानुसार जमा करायी जायेगी।
8 यूपीडा cant नियमानुसार समस्ते६ आवश्यक वैधानिक अनापत्तियों एवं. पर्यावरणीय
क्लियरेन्स सक्षम स्तर से प्राप्त करके४हीं निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाय।
9- प्रायोजनान्तर्गत 8 Ufa जी0एएस0टी0 की धनराशि अनुमन्य कर दी गयी है।
प्रायोनान्तसर्गत जी0एस0टी0 की धनराशि वास्ताविक रूप से जितनी देय होगी उतनी ही
भुगतान की जायेगी। BST दूवारा अपने स्तर से सुनिश्चित किया जाय कि प्रायोजनान्तर्गीत
विभिन्न कार्यमदों में. जी0एस0टी0 सम्मिलित न हो।
0- प्रायोजनान्तेर्गति प्रस्तावित कार्यों की मात्राओं को यथावत मानते हुए मात्र दरों का
परीक्षण किया. गया है। मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण
उत्तरेद्ायित्वँ कार्यदायी संस्था/विभाग का होगा।
WI- प्रस्ताव का परीक्षण लागत आगणन में प्रस्तावित विशिष्टियों एवं कार्य प्रावधानों को
यथावत मानते हुए किया गया है। प्रायोजना के स्कोप मैं परिवर्तन आदि शासन का पूर्व
अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा।
2- प्रस्तावित कार्यों की दविरावृत्ति (डृप्लीकेसी) को रोकने की इृष्टि से प्रायोजना की स्वीकृति
से पूर्व यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के
अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम में प्रस्तावित है।
3- धनराशि का आहरण सक्षम स्तर के अनुमोदनोपरान्त नियमानुसार किया जायेगा तथा
_____- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है ।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |स्वीकृत धनराशि के व्यय में वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय AT संख्या सं0-
2/2023/al--227/48-2023-23/2023 दिनांक 77.03.2023 दूवारा जारी दिशा निर्देशों का
पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
4- प्रश्नगत परियोजना का कार्य ससमय पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाय ताकि भविष्य
में कास्ट ओवर रन Ud टाईम ओवर रन की स्थिति न उत्पन्न होने पाये।
|5-उ0प्र0 इण्डस्ट्रियबन एरिया डेवलपमेन्ट एक्ट 976 के प्राविधानों का पूर्णतया अनुपालन
सुनिश्चित किया जायेगा।
|6-स्वीकृत धनराशि का उपयोग उसी प्रयोजन के लिए किया जायेगा जिसके लिएँ धनराशि
स्वीकृत की जा रही है।
7-आहरित धनराशि के सापेक्ष उपयोगिता प्रमाण-पत्र यथासमय शासन ,को९उँपलब्ध कराया
जायेगा।
2- 3a संबंध A होने वाला व्यय रुपये 7,45,77,000 ( रुपये«एक wus पैंतालीस लाख
सतहत्तर हजार मात्र ) को चालू वित्तीय वर्ष 20232024 के, औओयश्ब्ययक मे अनुदान संख्या
007 लेखा शीर्षक 5054033370800 बुन्देलखखण्ड एक्सप्रेस -*वे के साथ डिफेन्स कॉरीडोर
परियोजना मानक मद 24 वृहत् निर्माण कार्य के नामे*डाल्ला जायेगा।
3- यह आदेश वित्त (आय - व्ययक ) अनुभाग९- | के कार्यालय AT संख्या - 2/2023/बी--
227/दस-2023-23/2023, दिनांक- 47-मार्च,. 2023 A प्रशासकीय विभाग को उक्तवत
प्रतिनिधानित अधिकार के अंतर्गत festa Thats रहे है।
भवदीय,
(शैलेन्द्र कुमार),
अनु सचिव।
संख्या एवं दिनांक aad!
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
Tero सचिव, AIO मंत्रीजी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन।
2. निजी सचिव, मा0 राज्य मंत्री जी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0
शासन।
3. महालेखाकार, (लेखा परीक्षा) प्रथम/दृवितीय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ/प्रयागराज।
4. महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, उत्तर प्रदेश प्रयागराज।
5. मुख्य/वरिष्ठ कोषाधिकारी,कोषागार, जवाहर भवन, लखनऊ।
6. निदेशक, वित्तीय सांख्यिकीय निदेशालय, जवाहर भवन लखनऊ।
7.निदेशक, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग, उ0प्र0 प्रयागराज।
_____- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है ।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |8. वित्त (व्यकय-नियंत्रण) अनुभाग-6/औद्योगिक विकास अनुभाग-2
9.वित्त नियंत्रक, यूपीडा, पर्यटन भवन,गोमती नगर लखनऊ।
0. वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-
7.a Wiser
आजा से,
(शैलेन्ट्र्कुमार),
अनु सैचिव।
_____- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है ।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |