ज़रूर, यहाँ अनुरोधित प्रारूप में सारांश दिया गया है:
**कार्यकारी सारांश**
यह दस्तावेज़ आज़मगढ़ जिले के कंधरापुर पुलिस स्टेशन में प्रशासनिक भवन के निर्माण के लिए अतिरिक्त धन जारी करने का अनुरोध करता है। यह पत्र विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन से अपर पुलिस महानिदेशक, मुख्यालय को संबोधित है, जो 28 फरवरी 2026 को लिखा गया था, जो परियोजना की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए 4,55,01,000/- रुपये जारी करने की मंजूरी देता है, जिसे 31 मार्च, 2026 तक उपयोग करने की समय सीमा के साथ वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदान किया गया था।
**मुख्य बातें**
* **धन जारी करने की स्वीकृति:** आज़मगढ़ के कंधरापुर पुलिस स्टेशन में प्रशासनिक भवन के निर्माण के लिए 4,55,01,000/- रुपये जारी करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
* **शर्तें और प्रतिबंध:**
* निर्माण कार्य के लिए नामित कार्यदायी संस्था से कार्य निर्धारित समय सीमा में उत्कृष्ट श्रेणी की गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण कराया जाए तथा कार्यदायी संस्था द्वारा किसी भी दशा में कार्यों की लागत में कोई पुनरीक्षण न किए जाने के संबंध में अनुबन्ध अनिवार्य रूप से निष्पादित करा लिया जाय।
* उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक अनापत्तियाँ एवं पर्यावरणीय क्लीयरेन्स सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाय ।
* प्रायोजना का निर्माण कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व मानचित्रों को आवश्यकतानुरूप पुलिस मुख्यालय द्वारा स्थानीय विकास प्राधिकरण/सक्षम लोकल अथारिटी से स्वीकृत कराया जायेगा।
* प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति (डुप्लीकेसी) को रोकने की दृष्टि से पुलिस मुख्यालय द्वारा यह सुनिश्चित कर लिया जाय कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है।
* उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रायोजनान्तर्गत कोई उल्लेखनीय परिवर्तन जैसे-नये कार्य बढ़ाना, प्रस्तावित कार्यों के आकार/क्षेत्रफल में वृद्धि एवं अन्य उच्च विशिष्टियां इस्तेमाल करना इत्यादि पर सक्षम स्तर का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नही किया जायेगा। प्रश्नगत कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व प्रायोजना पर सक्षम स्तर का अनुमोदन प्राप्त करने के उपरान्त ही कार्य कराया जाएगा।
* **अनुपालन और उपयोग:** जारी किए गए धन का उपयोग 31 मार्च, 2026 तक किया जाना है, जिसमें वित्तीय नियमावली और राज्य सरकार के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना है।
**प्रभाव विश्लेषण**
* **उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय:**
* **प्रभाव:** निधियों का प्राप्तकर्ता और कंधरापुर पुलिस स्टेशन में प्रशासनिक भवन के निर्माण के लिए जिम्मेदार है। निर्माण परियोजना के उचित निष्पादन की निगरानी के लिए जिम्मेदार।
* **आवश्यक कार्रवाई:** परियोजना के क्रियान्वयन की देखरेख करना, कानूनी आवश्यकताओं का अनुपालन सुनिश्चित करना और वित्तीय नियमावली का पालन करना।
* **कार्यकारी एजेंसी:**
* **प्रभाव:** प्रशासनिक भवन के निर्माण के लिए जिम्मेदार।
* **आवश्यक कार्रवाई:** उच्च मानकों को बनाए रखते हुए सहमत समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य को पूरा करें।
* **वित्त विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार:**
* **प्रभाव:** धन आवंटन और वित्तीय अनुपालन।
* **आवश्यक कार्रवाई:** परियोजनाओं के लिए धन के व्यय की निगरानी करें। यह सुनिश्चित करें कि खर्च बजट नियमों के अनुरूप है।
* **लेखा महानियंत्रक (लेखा और हकदारी), प्रथम/द्वितीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज और लेखा महानियंत्रक (लेखा परीक्षा), प्रथम/द्वितीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज :**
* **प्रभाव:** लेनदेन की पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करते हुए वित्तीय अभिलेखों की जांच के लिए जिम्मेदार।
* **आवश्यक कार्रवाई:** खर्चों को मान्य करें और यह सुनिश्चित करें कि वे दिशानिर्देशों के अनुरूप हैं।
* **अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0 पुलिस आवास निगम, लि0, लखनऊ:**
* **प्रभाव:** कार्यदायी संस्था और निर्माण कार्यों के प्रबंधन के लिए उत्तरदायी
* **आवश्यक कार्रवाई:** निर्माण का उचित प्रबंध करना।
* **संबंधित जिलाधिकारी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक :**
* **प्रभाव:** स्थानीय कानूनी अनुपालन सुनिश्चित करने में शामिल।
* **आवश्यक कार्रवाई:** परियोजना के कार्यान्वयन का समर्थन और निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि स्थानीय नियमों का पालन किया जाए।
Key Entities Referenced
उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय: उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय, जो प्रशासनिक भवन निर्माण कार्य के लिए धनराशि अवमुक्त करने के संबंध में निर्णय लेने में शामिल मुख्य इकाई है।
जनपद आजमगढ़: उत्तर प्रदेश का एक जिला, जहां कन्धरापुर थाने के प्रशासनिक भवन का निर्माण होना है।
थाना कन्धरापुर: आजमगढ़ जिले में स्थित एक पुलिस स्टेशन जहां प्रशासनिक भवन का निर्माण किया जाना है।
शासनादेश: सरकार द्वारा जारी आदेश, जो परियोजना के लिए धन आवंटित करता है और नियम और शर्तों को बताता है।
उ0प्र0 पुलिस आवास निगम: उत्तर प्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड, नामित कार्यदायी संस्था जो निर्माण परियोजना को अंजाम देगी।
FeAT-23/2026/I/254023/2026/002-CN-852530-6-7099-903-2024
प्रेषक,
अन्नावि दिनेशकुमार,
विशेष सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन ।
सेवा में,
अपर पुलिस महानिदेशक, मुख्यालय
उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय,
लखनऊ |
गृह (पुलिस) अनुभाग-7 लखनऊ : दिनांक 28-02-2026
विषय:- जनपद आजमगढ़ के थाना कन्धरापुर में प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य हेतु अवशेष धनराशि अवमुक्त किये जाने के
सम्बन्ध में ।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय के पत्र संख्या-ग्यारह-403-205, दिनांक 26.02.2026 के संबंध में मुझे
यह कहने का निदेश हुआ है कि जनपद आजमगढ़ के थाना कन्धरापुर में प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य हेतु शासनादेश संख्या-
385/2025/-/004-सीएन-4852530-6-7099-903-2024, दिनांक 6.05.2025 द्वारा धनराशि रू0 948.46 लाख की
शासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सापेक्ष धनराशि रू0 474.08 लाख व्यय हेतु अवमुक्त किया गया है, जिसके सापेक्ष कार्यदायी
संस्था को सम्पूर्ण भुगतान कर दिया गया। प्रश्नगत निर्माण कार्य की निरन्तरता बनाये रखने हेतु उपलब्ध कराये गये उपयोगिता
प्रमाण-पत्र एवं गुणवत्ता प्रमाण पत्र के आधार पर निविदा/अनुबन्ध की लागत धनराशि रू0 929.09 लाख में से कार्यदायी संस्था
को भुगतान की गयी धनराशि रू0 474.08 लाख को समायोजित करते हुए वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल
अवशेष धनराशि रू0 4,55,0 ,O000/-( रुपये चार करोड़ पचपन लाख एक हजार मात्र) व्यय हेतु अवमुक्त किये जाने की सहर्ष
स्वीकृति श्री राज्यपाल महोदय निम्न शर्तों के अधीन प्रदान करते है
नियम व शर्ते/प्रतिबन्धों-
q. निर्माण कार्यों हेतु नामित कार्यदायी संस्था से उत्कृष्ट श्रेणी की गुणवत्ता के साथ कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराये जाने
तथा कार्यदायी संस्था द्वारा किसी भी दशा में कार्यों की लागत में कोई पुनरीक्षण न किये जाने के संबंध में अनुबन्ध अनिवार्य रूप
से निष्पादित करा लिया जाय ।
2. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक अनापत्तियाँ एवं पर्यावरणीय क्लीयरेन्स सक्षम स्तर से
प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाय |
3. प्रायोजना का निर्माण कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व मानचित्रों को आवश्यकतानुरूप पुलिस मुख्यालय द्वारा स्थानीय विकास
प्राधिकरण/सक्षम लोकल अथारिटी से स्वीकृत कराया जायेगा।
4. प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति (डुप्लीकेसी) को रोकने की दृष्टि से पुलिस मुख्यालय द्वारा यह सुनिश्चित कर
लिया जाय कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य
योजना/कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है |
5. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रायोजनान्तर्गत कोई उल्लेखनीय परिवर्तन जैसे-नये कार्य बढ़ाना, प्रस्तावित कार्यों के
आकारक्षेत्रफल में वृद्धि एवं अन्य उच्च विशिष्टियां इस्तेमाल करना इत्यादि पर सक्षम स्तर का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नही
किया जायेगा। प्रश्नगत कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व प्रायोजना पर सक्षम स्तर का अनुमोदन प्राप्त करने के उपरान्त ही कार्य कराया
जाएगा।
6. पुलिस मुख्यालय द्वारा यह सुनिश्चित कराया जायेगा कि कार्य निर्धारित समय सीमा अवधि में ही पूर्ण कराया जाय।
परियोजना के क्रियान्वयन में टाइम ओवर रन/कास्ट ओवर रन को नियंत्रित करने हेतु वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4 के
शासनादेश दिनांक 27.06.2077 का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।
7. स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिकाओं के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के
अनुरूप किया जायेगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता/आडिट आपत्ति हेतु उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय उत्तरदायी होंगे।
8. प्रश्नरत धनराशि जिस कार्य/मद के लिए स्वीकृत की जा रही है, उसका व्यय प्रत्येक दशा में उसी कार्य/मद में किया जाय।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |9. आगणन में वर्णित लेबर सेस की कुल धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का भुगतान किया
जायेगा।
0. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय/कार्यदायी संस्था द्वारा उपकरणों का क्रय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम अनुभाग-2 के शासनादेश
दिनांक 23.08.20i7 में दी गयी व्यवस्था के माध्यम से किया जाएगा।
7. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- के कार्यालय ज्ञाप संख्या-6/2025/बी-4-352/दस-2025-
23/2025, दिनांक 27.03.2025 में fated व्यवस्था के अन्तर्गत कार्यदायी संस्था को धनराशि अवमुक्त की जायेगी। SOTO
पुलिस मुख्यालय द्वारा इस बात का ध्यान रखा जायेगा कि कार्यदायी संस्था के पास कार्य की आवश्यकता से अधिक धनराशि न
at |
42. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा यह सुनिश्चित कर लिया जायेगा कि प्रश्नगत कार्य किसी अन्य कार्ययोजना में सम्मिलित नही है
तथा इस हेतु पूर्व मे किसी अन्य योजना/स्त्रोत से धनराशि स्वीकृत नही की गयी है। यह भी सुनिश्चित करेगें कि प्रस्तावित कार्यों
की द्विरावृत्ति नही हो रही है।
43. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा वित्तीय हस्तपुस्तिका खण्ड-6 के अध्याय-42 के WeAL-3.8 में वर्णित व्यवस्थानुसार प्रयोजना
का सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही कार्य कराया जायेगा। कार्य की गुणवत्ता, मानक एवं विशिष्टियों की
जिम्मेदारी उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय की होगी |
|4. कार्यदायी संस्था को आगणन में अनुमोदित सीमा तक ही सेंटेज देय होगा |
5. जी0एस0टी0 की धनराशि नियमानुसार देय होगी | SOTO पुलिस मुख्यालय द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि
प्रायोजनान्तर्गत विभिन्न कार्यमदों में जी0एस0टी0 सम्मिलित न हों |
6. स्वीकृत धनराशि को आहरित कर बैंक/डाकघर/पी0एल0ए0/डिपाजिट खाते में नही रखा जायेगा |
I7. कार्य की विशिष्टियां, मानक व गुणवत्ता की जिम्मेदारी उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय की होगी। प्रायोजना का निर्माण कार्य
ससमय पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित किया जाय।
8. स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिका से सुसंगत, प्राविधानों, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के
अनुरूप किया जायेगा।
49. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा सेंटेज चार्जेज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण लागत तथा वित्तीय स्वीकृतियों से संबंधित वित्तीय
प्रबन्धन के संबंध में वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के नवीनतम शासनादेश संख्या-0/2023/ए-2-60/दस-2023-47(4)/75 दिनांक
7.05.2023 एवं शासनादेश संख्या-02/2023/ए-2-66/दस-2023-47(4)/75 दिनांक 79.05.2023 का अनुपालन सुनिश्चित
किया जायेगा।
20. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रश्नगत प्रायोजना की भौतिक प्रगति, धनराशि अवमुक्त तथा सी0एम0आई0एस0 पोर्टल पर
दर्ज किये जाने आदि के संबंध में नियोजन AAT के शासनादेश दिनांक 07.06.2022 में निहित प्रतिबन्धों का अनुपालन
सुनिश्चित किया जायेगा।
2. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा स्वीकृत धनराशि का उपयोग दिनांक 37.03.2026 तक कर लिया जायेगा।
2- इस संबंध में होने वाला व्यय STA 4,55,0,000 ( रुपये चार करोड़ पचपन लाख एक हजार मात्र ) को चालू वित्तीय वर्ष
2025-26 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 026 लेखा शीर्षक 4055002070600 पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों का
निर्माण मानक मद 24 वृहत् निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा।
3- यह आदेश वित्त (आय - व्ययक ) अनुभाग - ( के कार्यालय ज्ञाप संख्या - 6/2025/at--352/ea-2025-23/2025,
दिनाँक- 27-मार्च, 2025 में प्रशासकीय विभाग को उक्तवत प्रतिनिधानित अधिकार के अंतर्गत निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
अन्नावि दिनेशकुमार
विशेष सचिव ।
AeAT-23/2026/|/254023/2026/002-CN-7852530-6-7099-903-2024 WeAT-23/2026///254023/2026/002-CN-852530-6-7099-903-2024, Tq दिनाक। दिनांक।
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
. महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी), प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज |
2. महालेखाकार (लेखा परीक्षा), प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज |
3. पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |4. अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0 पुलिस आवास निगम, लि0, लखनऊ |
5. संबंधित जिलाधिकारी/वबरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक |
6. वित्त नियंत्रक, उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय, लखनऊ |
7. निदेशक, वित्तीय एवं सांख्यकीय निदेशालय जवाहर भवन लखनऊ।
8. मुख्य /वरिष्ठ कोषाधिकारी जवाहर भवन लखनऊ।
9. संबंधित मुख्य /वरिष्ठ कोषाधिकारी, TOW |
40. मुख्य कोषाधिकारी, आदर्श कोषागार कलेक्ट्रेट लखनऊ।
d. वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/वित्त (व्यय-नियंत्रण) SAT ATT- 2
2. गार्ड फाइल हेतु |
आज्ञा से,
दीपक पटेल
अनुसचिव ।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |