Date: 2026-02-28Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
जनपद बाराबंकी में भेलसर-टिकैतनगर-रामनगर-फतेहपुर मार्ग (राज्य मार्ग 127) के चैनेज 8.000 से 35.000 तक भाग में चौड़ीकरण एवं सुदृढीकरण का कार्य (लम्बाई 27.00 किमी0) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सम्बन्ध में।
**कार्यकारी सारांश**
यह दस्तावेज़ जनपद बाराबंकी में भेलसर-टिकैतनगर-रामनगर-फतेहपुर मार्ग (राज्य मार्ग 127) के चैनेज 8.000 से 35.000 तक भाग में चौड़ीकरण एवं सुदृढीकरण का कार्य (लम्बाई 27.00 किमी0) के लिए प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है। इस परियोजना को व्यय वित्त समिति द्वारा अनुमोदित किया गया है और इसकी कुल लागत 9186.76 लाख रुपये है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस परियोजना के लिए 3215.36 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। यह स्वीकृति कुछ शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन है जिनका पालन करना होगा।
**मुख्य बातें**
* **परियोजना स्वीकृति:**
* जनपद बाराबंकी में भेलसर-टिकैतनगर-रामनगर-फतेहपुर मार्ग (राज्य मार्ग 127) के चैनेज 8.000 से 35.000 तक भाग में चौड़ीकरण एवं सुदृढीकरण का कार्य (लम्बाई 27.00 किमी0) की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दी गई।
* कुल परियोजना लागत 9186.76 लाख रुपये है।
* वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल आवंटित धनराशि 3215.36 लाख रुपये है, जिसमें अनु0-58 के तहत 2533.38 लाख रुपये और अनु0-83 के तहत 681.98 लाख रुपये शामिल हैं।
* **शर्तें और प्रतिबंध:**
* कार्य शुरू करने से पहले सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य है।
* भूमि अधिग्रहण और यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य प्राथमिकता से पूरा किया जाना चाहिए।
* धनराशि का उपयोग वित्तीय नियमों और सरकारी आदेशों के अनुसार किया जाना चाहिए।
* स्वीकृत धनराशि को बैंक/डाकघर में नहीं रखा जाना चाहिए और इसे केवल स्वीकृत कार्य/मद पर ही खर्च किया जाना चाहिए।
* लेबर सेस का भुगतान श्रम विभाग को नियमानुसार किया जाना चाहिए।
* व्यय वित्त समिति द्वारा लगाई गई सभी शर्तों का पालन करना होगा।
* डी०पी०आर० का गठन करने के बाद ही तकनीकी स्वीकृति जारी की जाएगी।
* परियोजना को मूल्यांकित लागत पर वित्तीय स्वीकृति जारी की जाएगी, और बाद की किश्तें पुनरीक्षित लागत पर जारी की जाएंगी।
* कन्टिनजेन्सी मद से खर्च वित्तीय नियमों के अनुसार किया जाना चाहिए।
* जी०एस०टी० का भुगतान सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार किया जाना चाहिए।
* वास्तविक खपत हुई सामग्री का अनुपातिक/मानक मिलान करते हुए जी०एस०टी० भुगतान किया जाना चाहिए।
* यूटिलिटी शिफ्टिंग कार्यो का Verification & revalidation स्वयं करते हुए न्यूनतम आवश्यकता एवं वास्तविक व्यय के आधार पर सुनिश्चित किया जाय।
* मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यदायी संस्था/विभाग का होगा।
* 5 वर्षीय अनुरक्षण हेतु भुगतान प्रक्रिया का मानकीकरण से सम्बन्धित लोक निर्माण विभाग के पत्र संख्या-3689सी-ओ०पी०एम०आर०सी०/मूल 23-24, दिनांक 17-02-2024 में दी गयी मदों/व्यवस्था-नुसार मेन्टीनेन्स चार्ज इत्यादि पर जी०एस०टी० का नियमानुसार भुगतान विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा।
* तकनीकी स्वीकृति निर्गत के समय विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जाय कि मार्ग की प्रस्तावित क्रस्ट डिजाइन एवं क्रस्ट कम्पोजीशन सुसंगत आई०आर०सी० व लोक निर्माण विभाग के मानकों के अनुरूप है।
* यह सुनिश्चत किया जाय कि परियोजना में प्रस्तावित कार्य विभागीय नियमों/मानक के अन्तर्गत हैं।
* लेपित चौड़ाई एवं फारमेशन चौड़ाई इत्यादि पक्के स्ट्रक्चर्स का निर्माण आई०आर०सी०/विभागीय मानकों के अनुसार कराये जाने का उत्तरदायित्व विभाग/कार्यदायी संस्था का होगा।
* एक्सटेंशन तथा नाला-नाली आदि का निर्माण का प्राविधान किया गया है। भविष्य में मार्ग के चौड़ीकरण की सम्भावना के दृष्टिगत मार्ग के संरेखण में आने वाले पक्के सट्रक्चर का निर्माण आई०आर०सी०/विभागीय मानकों में पूर्व निर्धारित फारमेशन विड्थ (चौड़ाई) के अनुसार ही कराया जाय।
* 18 माह के अन्दर पूर्ण कर लिया जाये तथा टाइम ओवर रन एवं कास्ट ओवर रन इत्यादि के कारण प्रायोजना का पुनरीक्षण भविष्य में नहीं किया जायेगा।
* वैधानिक आपत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेन्स प्राप्त करने के उपरान्त ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाय।
* विशिष्टियों एवं कार्य प्राविधानों को यथावत मानते हुये लागत का आंकलन किया गया है। मार्ग निर्माण की लम्बाई/चौडाई में परिवर्तन, प्रस्तावित क्रस्ट डिजाइन में संशोधन, स्वीकृत प्रायोजना के स्कोप में परिवर्तन आदि व्यय वित्त समिति का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा।
* कार्य की द्विरावृत्ति (डुप्लीकेसी) को रोकने की दृष्टि से प्रायोजना की तकनीकी स्वीकृति से पूर्व कार्यदायी संस्था/विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अंतर्गत न तो स्वीकृत है और न ही वर्तमान में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है।
* विलम्ब की स्थिति में प्रमुख अभियन्ता, विभागाध्यक्ष, मुख्य अभियन्ता और क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता जिम्मेदार होंगे।
* तकनीकी पक्षों/तथ्यों व उनके परीक्षण/सत्यापन का उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता, विभागाध्यक्ष का होगा।
* तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही निर्माण प्रारम्भ कराया जाय।
* परियोजना की लागत व समय सीमा में बढोत्तरी न हो, इस हेतु परियोजना के निर्माण कार्य की समीक्षा सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता द्वारा एवं माह में कम से कम एक बार समीक्षा विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग के स्तर पर सुनिश्चित की जायेगी।
* वित्त विभाग के कार्यालय जाप संख्या 6/2025/बी-1-352/दस-2025-231/2025, दिनांक 27-03-2025 में निहित प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
* वर्कस से सम्बन्धित बजट के ऑनलाइन आवंटन एवं कार्यमदों के व्यय को सी०सी०एल० प्रणाली से मुक्त रखने के लिए निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जायेगा।
* सेन्टेज चार्जेज (प्रतिशत प्रभार) सम्बन्धित निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
* **पंजीकरण:**
* परियोजना को सी०एम०आई०एस० पोर्टल पर पंजीकृत कर दिया गया है, जिसका पंजीकरण संख्या-202600003100162 है।
**प्रभाव विश्लेषण**
**प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग:**
* **प्रभाव:** परियोजना के समग्र क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन के लिए उत्तरदायी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** सुनिश्चित करें कि परियोजना सभी नियमों और शर्तों का अनुपालन करती है, और काम समय पर और बजट के भीतर पूरा हो।
**मुख्य अभियन्ता (मु0-1), लोक निर्माण विभाग:**
* **प्रभाव:** परियोजना के तकनीकी पहलुओं और गुणवत्ता नियंत्रण के लिए जिम्मेदार।
* **आवश्यक कार्रवाई:** सुनिश्चित करें कि परियोजना तकनीकी मानकों का अनुपालन करती है और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निष्पादित की जाती है।
**संबंधित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता:**
* **प्रभाव:** परियोजना के दैनिक पर्यवेक्षण और प्रबंधन के लिए जिम्मेदार।
* **आवश्यक कार्रवाई:** सुनिश्चित करें कि परियोजना समय पर और बजट के भीतर पूरी हो और सभी नियमों और शर्तों का अनुपालन किया जाए।
**संबंधित अधिशासी अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग:**
* **प्रभाव:** परियोजना के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार।
* **आवश्यक कार्रवाई:** परियोजना को समय पर पूरा करें।
**वित्त नियंत्रक, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ:**
* **प्रभाव:** परियोजना के वित्तीय प्रबंधन के लिए जिम्मेदार।
* **आवश्यक कार्रवाई:** परियोजना के लिए धन आवंटित करें और वित्तीय नियमों के अनुसार धन का उपयोग सुनिश्चित करें।
**राज्य योजना आयोग:**
* **प्रभाव:** परियोजना की निगरानी और मूल्यांकन के लिए जिम्मेदार।
* **आवश्यक कार्रवाई:** परियोजना की प्रगति की निगरानी करें और परियोजना के उद्देश्यों को पूरा करने में मदद करें।
**अधीक्षण अभियन्ता नियोजन/परियोजना, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ:**
* **प्रभाव:** परियोजना के नियोजन और डिजाइन के लिए जिम्मेदार।
* **आवश्यक कार्रवाई:** परियोजना के लिए योजना और डिजाइन तैयार करें और परियोजना के उद्देश्यों को पूरा करने में मदद करें।
Key Entities Referenced
लोक निर्माण विभाग, उ०प्र०: उत्तर प्रदेश का लोक निर्माण विभाग, जो सड़क और बुनियादी ढाँचे के निर्माण, रखरखाव और सुधार के लिए जिम्मेदार है।
जनपद बाराबंकी: उत्तर प्रदेश का एक जिला जहाँ भेलसर-टिकैतनगर-रामनगर-फतेहपुर मार्ग (राज्य मार्ग 127) स्थित है और प्रस्तावित निर्माण कार्य होगा।
भेलसर-टिकैतनगर-रामनगर-फतेहपुर मार्ग (राज्य मार्ग 127): बाराबंकी जिले में एक राज्य राजमार्ग, जिसके खंड के चौड़ीकरण और सुदृढीकरण (widening and strengthening) के लिए यह नीति दस्तावेज़ प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है।
व्यय वित्त समिति: वह समिति जिसने 5 वर्षीय रखरखाव सहित लागत को अनुमोदित किया।
एकमुश्त व्यवस्था योजना: राज्य राजमार्गों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के नए कार्यों के लिए उपयोग की जाने वाली एक योजना।
EEAI-96/ 2026//(25499/2026/ 23-099(099)/45/2025
प्रेषक,
अभय प्रताप श्रीवास्तव,
अनु सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष,
लोक निर्माण विभाग,
उ0प्र0 लखनऊ।
लोक निर्माण HepHTT-4_ लखनऊ: दिनांक 28-02-2026
विषय:- जनपद बाराबंकी में भेलसर-टिकैतनगर-रामनगर-फतेहपुर मार्ग (राज्य मार्ग 27) के चैनेज
8.000 से 35.000 तक भाग में चौड़ीकरण एवं सुद्दटीकरण का कार्य (लम्बाई 27.00 किमी0) की
प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सम्बन्ध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक मुख्य अभियन्ता (HO-i) लोक निर्माण विभाग, लखनऊ के पत्र
UEA-4827A0/42-OfA0/ 25-26, दिनांक i2-0-2026 के सन्दर्भ में मुझे यह कहने का निदेश
हुआ है कि राज्य राजमार्गों के चौड़ीकरण एवं सुद्ृढ़ीकरण के नये कार्यो हेतु एकमुश्त व्यवस्था
योजनान्तर्गत जनपद बाराबंकी में भेलसर-टिकैतनगर-रामनगर-फतेहपुर मार्ग (राज्य मार्ग 27) के
चैनेज 8.000 से 35.000 तक भाग में चौड़ीकरण एवं सुद्ददीकरण का कार्य (लम्बाई 27.00 किमी0)
की व्यय वित्त समिति द्वारा 05 वर्षीय अनुरक्षण सहित व्यय वित्त समिति द्वारा अनुमोदित लागत
BO 986.76 लाख (रूपये इक्यानबे करोड़ छियासी लाख छियत्तर हजार मात्र) की प्रशासकीय
एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए लागत के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल
BO 3245.36 लाख (रूपये बत्तीस करोड़ पन्द्रह लाख छत्तीस हजार मात्र) व्यय हेतु निम्नलिखित
विवरणानुसार तथा शर्तों/प्रतिबन्धों सहित अवमुक्त किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान
करते हैः -
(धनराशि रूपये लाख में)
क्र0। जनपद/ कार्य का विवरण स्वीकृत अवमुक्त धनराशि
WO | खण्ड का लागत | अनु0-58 |अनु0-83| योग
नाम
t] 2 3 4 5 | 6 | 7
है बाराबंकी जनपद बाराबंकी में भेलसर-टिकैतनगर-
TA0W@0-| रामनगर-फतेहपुर मार्ग (राज्य मार्ग
27) के चैनेज 8.000 से 35.000 तक| 986.76 2533.38 | 68I.98 | 325.36
भाग A चौड़ीकरण एवं सुद्ृढीकरण Hy
कार्य (लम्बाई 27.00 किमी0)।
नियम शर्ते /प्रतिबन्धों
+- प्रश्नगत कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6 के अध्याय-2 के WEAL-38
में वर्णित व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली
जाय तथा सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ किया जाय।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |2- प्रायोजनान्तर्गत विभाग द्वारा सर्वप्रथम भूमि अधिग्रहण एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण
किया जाये तदोपरान्त ही मार्ग का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जाये।
3- प्रायोजनान्तर्गत स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्त-पुस्तिका के सुसंगत प्राविधानों, समय-
समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जायेगा।
4- स्वीकृत धनराशि कार्य की आवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय की जायेगी तथा आहरित धनराशि
बैंक/डाकघर में नहीं रखी जायेगी। प्रश्नगत स्वीकृति जिस कार्य/मद के लिये है, उसी कार्य /मद पर
व्यय प्रत्येक दशा में किया जायेगा।
5- अधिष्ठान व्यय की धनराशि समय-समय पर स्वीकृत/आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष
जमा की जायेगी। निर्माण कार्य की लागत पर अधिषूठान व्यय की धनराशि वित्त (लेखा) अनुभाग-
2 के शासनादेश Ao-V-2-23/qa-20-7(4)/75 दिनांक 25-0i-20l के साथ पठित शासनादेश
Ho-U-2-606/aa-20I4-7(4)/75 दिनांक ] नवम्बर 20i4 द्वारा जारी विस्तृत दिशा निर्देशों के
अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी तथा उक्त शासनादेश दिनांक 25-0i-20il के संत्रगनक में
प्रदर्शित सम्बन्धित विभाग के Ui लेखाशीर्षक :054-ash तथा सेतु-800-अन्य wfaai-or
प्रतिशतता WANT की वसूली A cleat sect द्वारा क्रेडिट कर जमा की जायेगी।
6- लेबर सेस की धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का नियमानुसार
भुगतान किया जायेगा।
7- मूल्य ae निधि की धनराशि सुसंगत लेखाशीर्षक में नियमानुसार जमा करायी जायेगी।
8- व्यय वित्त समिति द्वारा लगायी गयी शर्तों का पूर्णतयः अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।
9- वित्त विभाग के शासनादेश AEA-0/202/al-2-96/GA-202-0/99, दिनांक 22 मार्च, 202'
के अनुसार अनुमोदित प्रायोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के उपरान्त इसकी डी०पी०आर०
गठित करने के उपरान्त ही तकनीकी स्वीकृति festa की जाय। यदि इस प्रक्रिया में यह परिलक्षित
होता है कि प्रशासकीय एवं fads स्वीकृति के सापेक्ष तकनीकी स्वीकृति की लागत ॥0 प्रतिशत
से अधिक की वृद्धि हो रही है, तो प्रायोजना का पुनरीक्षित आगणन गठन करते हुए 03 माह के
भीतर पुनरीक्षित आगणन पर व्यय वित्त समिति का अनुमोदन प्राप्त किया जाय, अन्यथा की स्थिति
में पुनरीक्षित प्रायोजना पर व्यय वित्त समिति द्वारा विचार नहीं किया जायेगा।
0- वित्त विभाग के शासनादेश AEAT-0l/2023/U-2-60/GA-2023-7(4)/75, दिनांक i7 मई,
2023 के अनुसार परियोजना की वित्तीय स्वीकृति व प्रथम किश्त मूल्यांकित लागत पर जारी की
जाये, किन्तु द्वितीय किश्त जारी करने से पूर्व परियोजना की लागत को निविदा में प्राप्त मूल्य (टेण्डर
IEC) के अनुसार fated प्रक्रिया का पालन करते हुए पुनरीक्षित करा लिया जाये। परियोजना की
अनुवर्ती किश्तें पुनरीक्षित लागत के आधार पर ही जारी की जायें ताकि कार्यदायी संस्था को कार्य
की वास्तविक लागत से अधिक धनराशि अवमुक्त न हो Uh! यदि निविदा के बाद कार्यों की लागत
में कमी आती है तो बचत की धनराशि को सुसंगत वित्तीय नियमों के अन्तर्गत राजकोष में जमा
किया जाये।
i- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कन्टिनजेन्सी मद में प्रावधानित धनराशि का व्यय सक्षम स्तर से
अनुमोदन के उपरान्त वित्तीय हस्तपुस्तिका में उल्लिखित कार्यमदों में ही किया जायेगा।
(2- प्रायोजनान्तर्गत 8 प्रतिशत की दर से जी०एस०ण्टी० की धनराशि सम्मिलित की गयी है। विभाग
का दायित्व होगा कि भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जी०एसण्टी०
का भुगतान सुनिश्चित किया जाये। साथ ही विभाग का यह भी दायित्व होगा कि प्रायोजना के
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |निर्माण कार्यों में वास्तविक खपत (CONSUMED) हुई मुख्य सामग्री (Mace व स्टील, ग्रिट, बिटुमिन
इत्यादि) की मात्राओं का अनुपातिक/मानक मिलान करते हुए जी०एस०्टी० भुगतान किया जाये।
(3- प्रायोजनान्तर्गत विद्युत विभाग की यूटिलिटी शिफ्टिंग हेतु BO 580.06 लाख एवं वन विभाग
की लागत रू0 276.75 लाख की लागत सम्मिलित की गयी है। विभाग द्वारा यूटिलिटी शिफ्टिंग से
सम्बन्धित HAT HI Verification & revalidation TAA करते हुए न्यूनतम आवश्यकता एवं वास्तविक
व्यय के आधार पर सुनिश्चित किया जाय।
4- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की मात्राओं को यथावत मानते हुए मात्र दरों का परीक्षण
किया गया है। मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यदायी
संस्था /विभाग का होगा।
I5- प्रायोजना प्रस्ताव में 2.50 प्रतिशत की दर से मेन््टीनेन्स चार्ज अनुमन्य किया गया FI
विभाग/लोक निर्माण विभाग द्वारा समस्त मार्गों के अनुबन्धों में 5 वर्षीय अनुरक्षण हेतु भुगतान
प्रक्रिया का मानकीकरण से सम्बन्धित लोक निर्माण विभाग के पत्र संख्या-3689सी-ओ0पी0एम0
आर0०0सी0/मूल 23-24, दिनांक 7-02-2024 में दी गयी मदों/व्यवस्थानुसार मेन््टीनेन्स चार्ज
इत्यादि पर जी0एस0टी0 का नियमानुसार भुगतान विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा।
6- प्रायोजना की तकनीकी स्वीकृति निर्गत के समय विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जाय कि
मार्ग की प्रस्तावित HEC डिजाइन एवं क्रस्ट कम्पोजीशन सुसंगत आई0आर0सी0 व लोक निर्माण
विभाग के मानकों के अनुरूप है।
i7- यह सुनिश्चत किया जाय कि परियोजना में प्रस्तावित कार्य विभागीय नियमों /मानक के
अन्तर्गत हैं।
8- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित मार्ग की लेपित चौड़ाई एवं फारमेशन चौड़ाई इत्यादि पक्के tera
यथा पुल, पुल्रिया, St इत्यादित का निर्माण आई०आरण्सी०/विभागीय मानकों (Standards) के अनुसार
कराये जाने का उत्तरदायित्व विभाग/कार्यदायी संस्था का होगा।
I9- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित पुल/पुत्रियों का एक्सटेंशन तथा नाला-नाली आदि का निर्माण का
प्राविधान किया गया है। भविष्य में मार्ग के चौड़ीकरण की सम्भावना के eed मार्ग के संरेखण
में आने वाले पक्के सट्रक्चर (पुल/पुलिया/नाली इत्यादि) का निर्माण आई०आरण्सी०/विभागीय
मानकों में पूर्व निर्धारित फारमेशन fase (चौड़ाई) के अनुसार ही कराया जाय।
20- परियोजना को ॥8 माह के अन्दर पूर्ण कर लिया जाये तथा टाइम ओवर रन एवं कास्ट ओवर
रन इत्यादि के कारण प्रायोजना का पुनरीक्षण भविष्य में नहीं किया जायेगा।
2I- नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक आपत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेन्स सक्षम स्तर से
प्राप्त करने के उपरान्त ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाय।
22- प्रायोजना प्रस्ताव/आगणन में प्रस्तावित विशिष्टियों एवं कार्य प्राविधानों को यथावत मानते हुये
लागत का आंकलन किया गया है। मार्ग निर्माण की लम्बाई/चौडाई में परिवर्तन, प्रस्तावित Hee
डिजाइन में संशोधन, स्वीकृत प्रायोजना के TH में परिवर्तन आदि व्यय वित्त समिति का पूर्व
अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा।
23- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्य की द्विरावृत्ति (इप्लीकेसी) को रोकने की दृष्टि से प्रायोजना की
तकनीकी स्वीकृति से पूर्व कार्यदायी संस्था/विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य
पूर्व में किसी अन्य योजना#/कार्यक्रम के अंतर्गत न तो स्वीकृत है और न ही वर्तमान में किसी
अन्य योजना#कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |24- परियोजना पूर्ण होने में वित्॒म्ब की स्थिति उत्पन्न होने अथवा परियोजना की लागत में वृद्धि
की दशा में इसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण
विभाग एवं मुख्य अभियन्ता (मु०-) एवं सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता का होगा तथा भविष्य
में यदि परियोजना की लागत में वृद्धि होती है तो ऐसी दशा में लागत में बढोत्तरी की कुल धनराशि
की वसूली सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता आदि के वेतन से की जायेगी।
25- परियोजना से सम्बन्धित समस्त तकनीकी पक्षों/तथ्यों व उनके परीक्षण/सत्यापन तथा इस
परियोजना के निर्धारित मानकों के अनुरूप होने का पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता (विकास)
एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग का होगा।
26- प्रायोजना का सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही निर्माण प्रारम्भ कराया
जाय।
27- परियोजना की लागत व समय सीमा में बढोत्तरी न हो, इस हेतु परियोजना के निर्माण कार्य
की सापूताहिक समीक्षा सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता द्वारा एवं माह में कम से कम एक बार
समीक्षा विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग के स्तर पर सुनिश्चित की जायेगी।
28- वित्त विभाग के कार्यालय जाप संख्या 6/2025 /A-I-352/GH-2025-23/2025, दिनॉक 27-
03-2025 में निहित प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
29- लोक निर्माण विभाग में सी०्सी०एल० प्रणाली समाप्त किए जाने के फलस्वरूप aba से
सम्बन्धित बजट के ऑनलाइन आवंटन किए जाने हेतु डी०ण्डी०ओ० कोड आवंटन विषयक वित्त
(आय-व्ययक) अनुभाग-। के शासनादेश AEA-0/2022/al--345/GH-2022, दिनांक 04-05-
2022 तथा कार्यमदों के व्यय को सी०सी०एल० प्रणाल्री से मुक्त रखते हुए सामान्य कोषागार प्रणाली
से आचूछादित किए जाने के सम्बन्ध में वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के HAs जाप संख्या-
3/2022/U-2-76/Ga-2022-0(9)/95, दिनांक ॥3-04-2022 में निहित व्यवसथा/शर्तों का
अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
30- Geta चार्जेज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण लागत तथा वित्तीय स्वीकृति से सम्बन्धित वित॒तीय
प्रबंधन विषयक वित्त विभाग के शासनादेश AGAT-0l / 2023 /W-2-60/GH-2023-7(4)/75, दिनांक
7-05-2023 एवं शासनादेश AEA-02/2023/V-2-66/GA-2023-7(4)/75, दिनांक 9-05-
2023 में निर्धारित प्रक्रिया एवं निहित शर्तों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
3I- उपरिलिखित सभी शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करने का दायित्व प्रमुख अभियन्ता (विकास)
एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग एवं मुख्य अभियन्ता (Ho-i) एवं सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य
अभियन्ता का होगा।
32- प्रश्नगत परियोजना को सी०एम०आई०एस० पोर्टल पर पंजीकृत कर दिया गया है, जिसका
पंजीकरण WEAT-202600003i0062 है।
2- इस सम्बन्ध में होने वाला व्यय रूपये 25,33,38,000 (रूपये पच्चीस करोड़ तैतीस लाख
अड़तिस हजार मात्र) को चाल्रू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या-58 लेखा
शीर्षक 5054033370306 राज्य मार्गों के चौड़ीकरण एवं Yeti के नये कार्यो हेतु एकमुश्त
व्यवस्था मानक मद 24 Jed निर्माण कार्य (2) रूपये 6,8,98,000 (रूपये छ: करोड़ इक्यासी
लाख अट्ठानबे हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-83
लेखा शीर्षक 5054037890600 राज्य मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुद्ृढीकरण के नये कार्यो हेतु
एकमुश्त व्यवस्था मानक मद 24 वृहत निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |3- यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न AGAI-E-8-960-X-2025-26- दिनांक: 20-02-2026 में प्राप्त
वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
(अभय प्रताप श्रीवास्तव)
अनु सचिव।
संख्या व दिनांक तदैव
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक Harel Sq प्रेषित:-
\- निजी सचिव, मा0 मुख्यमंत्री, 50प्र0 शासन।
2- निजी सचिव, मा0 राज्यमंत्री, लोक निर्माण विभाग, S00 शासन।
3- महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम /द्वितीय, 50प्र0 प्रयागराज।
4- महालेखाकार (लेखा-परीक्षा) प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज।
5- सम्बन्धित मण्डलायुक्त /जिलाधिकारी।
6- मुख्य अभियन्ता (HO-i) लोक निर्माण विभाग लखनऊ।
7- वित्त नियंत्रक, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ ।
8- सम्बन्धित मुख्य Heal, लोक निर्माण विभाग।
9- सम्बन्धित वरिष्ठ कोषाधिकारी /कोषाधिकारी।
l0- संबंधित अधिशासी अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग।
li- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनु0-8/वित्त (आय-व्ययक) 37JO-i, उ0प्र0 शासन।
i2- राज्य योजना 37AT-/2, SOUO शासन।
3- अधीक्षण अभियन्ता नियोजन/परियोजना, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ।
I4- लोक निर्माण 3tef8TeT-/9/I0/2 एवं 4, SOWO शासन।
5- नोडल अधिकारी (आनलाईन बजट एलॉटमेन्ट सिस्टम), लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 शासन।
6- TS फाइल।
आज्ञा से,
(अभय प्रताप श्रीवास्तव)
अनु सचिव।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |