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Official TranscriptPREAT-9/2026//26667/2026/ 23-6099/8॥/2026 प्रेषक, सुबास राम, उप सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 लखनऊ। लोक निर्माण अनुभाग-6 लखनऊ: दिनांक 5 मार्च 2026 विषय:- राज्य योजनान्तर्गत (ग्रामीण) के आगरा क्षेत्र के कुल 3 लघु सेतुओं के निर्माण कार्य की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के संबंध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक कायलिय प्रमुख...
PREAT-9/2026//26667/2026/ 23-6099/8॥/2026 प्रेषक, सुबास राम, उप सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 लखनऊ। लोक निर्माण अनुभाग-6 लखनऊ: दिनांक 5 मार्च 2026 विषय:- राज्य योजनान्तर्गत (ग्रामीण) के आगरा क्षेत्र के कुल 3 लघु सेतुओं के निर्माण कार्य की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के संबंध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक कायलिय प्रमुख अभियन्ता (सेतु विंग), उ0प्र0 लोक निर्माण विभाग, लखनऊ के कतिपय पत्रांक (तालिका के कॉलम-2 में अंकित) के संदर्भ में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि वित्तीय वर्ष 2025-2026 में आगरा क्षेत्र के कुल 23 लघु सेतुओं के निर्माण कार्य हेतु कुल रू0
999.4 लाख (रूपये GAN करोड़ Hurd ake इकतालिस हजार मात्र) की प्रशासकीय एवं वित्तीय baal ति प्रदान करते हुये अनुदान सं0-57 से रू0 375.09 लाख Ud अनुदान सं0-83 से रू0 84.80 लाख अर्थात कुल SO 399.89 लाख (रूपये तीन करोड़ निन्यान्वे लाख नवासी हजार मात्र) की धनराशि चालू वित्तीय वर्ष 2025-2026 में निम्न विवरणानुसार तथा निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों सहित अवमुक्त किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैः- (धनराशि लाख रूए में) क्र0| मुख्य अभियन्ता। जनपद कार्य का नाम लागत [वित्तीय वर्ष 2025-26 में आवंटन। कार्यदायी सं0| सेतु विंग का (लाख रू0| अनुदान |अनुदान |कुलयोग। संस्था पत्रांक में) | सं0-57 | सं0-83 | (6+7) ] 2 3 4 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 7 | 453335/26 | अआगरा जनपद आगरा में बहरामपुर से aR 480.23 | 75.68 20.37 | 96.05 0नि0वि0 Dt-06.02.26 सम्पर्क मार्ग से करवन नदी पर सेतु एवं पहुंच मार्ग का निर्माण का कार्य। 2 |453339/2026 | आगरा जनपद आगरा में एन0एच0-3 दिगनेर | 98.65 | 3.30 8.43 39.73 0नि0वि0 Dt-06.02.26 पटरी से गुतिला गंगरौआ मार्ग के कि०0मी0-9 से सुजगाई वाया बौधिक अक्षम बच्चो के स्कूल व बनु माता मन्दिर मार्ग पर लघु सेतु, पहुँच मार्ग तथा अतिरिक्त पहुँच मार्ग का निर्माण कार्य 3 | 453324/2026 | आगरा जनपद आगरा में फिशोजाबाद- | 775.55 | 27.66 #.45 35.॥ 0नि0वि0 Dt-06.02.26 फतेहाबाद-सैंया-खैरागढ-किरावरी भरतपुर बोर्डर मार्ग (एस0एच0-43) के festio-t06 (चैनेज-05.250) पर लघु Td (Ie कलवर्ट) का निर्माण कार्य। 4 | 453329/2026 | आगरा जनपद आगरा में फतेहाबाद रिहावली | 64.2: | 40.2 | 272 | 284 लि0नि0वि0 Dt-06.02.26 मार्ग से नगला Has मार्ग & feaio-7 में 6 मी0 स्पान की पुलिया का निर्माण कार्य। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |5 | 453344/2026 | फिरोजाबाद | जनपद फिरोजाबाद में ब्लॉक नारखी ग्राम | 8278 | 2887 | 7.75 [36.56 लिएनिएवि0 Dt-06.02.26 कनवारा से रैमजा मार्ग पर ay सेतु का निर्माण कार्य | , 453356/2026 | फिरोजाबाद | जनपद फिरोजाबाद में एका वसुंधरा | 6228 | 9.82 2.64 | 2.46 Ielomordo Dt-06.02.26 नगला नेकराम मंदिर से नगला हरजू कमले फरेंदा मार्ग पर क्षतिग्रस्त रपटा के स्थान पर बॉक्स कलवर्ट का निर्माण कार्य। 7 | 453347/2026 | फिरोजाबाद | जनपद फिरोजाबाद में उवटी रजवाह से |[29.22 | 2036 | 5.48 | 25.84 लि0०नि0वि0 Dt-.02.2026 Tel मार्ग के किमी0-4 से 2x6 मी0 स्पान के लघु सेतु एवं पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य। ् 453377/2026 ~ जनपद मैनपुरी में मे सौंज बम्बा से | [2926 | 2037 [5.48 | 25.85 लि0निएवि0 Dt-06.02.26 कृपालपुर मार्ग पर 2 A0(Ix6) मी0 स्पान आर0सी0सी0 ay सेतु का निर्माण। । 453369/2026 रे जनपद मौनपुरी में जरियानीम ws मार्ग से 209.92 | 33.08 [8.90 | 4:98 लि0नि0वि0 Dt-06.02.26 आनईया नदी होते हुए सड़ मार्ग तक 3»5.00 Ho UA का लघु सेतु निर्माण पहुंच मार्ग तथा अतिरिक्त पहुंच मार्ग के नवनिर्माण का कार्य। 0 | 453045/2026 | मथुरा जनपद मथुरा में गिरोह से बठेनकलों मार्ग | 68.43 | 0.74 | 289 | 3.63 0नि0वि0 Dt-06.02.26 के किमी0- में स्थित रजवाहा पर ay सेतु का निर्माण कार्य का प्रारम्भिक आगणन। 7I | 45335/2026 | मथुरा जनपद मथुरा में नशीटी से गढ़ी हुलासी | 97.39 «4 5.35 | 473 | 9.48 लि0नि0वि0 Dt-06.02.26 नगला उमराला मार्ग & feaio-7 मे लघु सेतु निर्माण का कार्य। 72 | 453394/2026| मथुरा जनपद मथुरा में वीएसी0आर0 से सिहाना | 4.66 | 2232 |6.0। | 2833 लिोएनि0वि0 Dt-06.02.26 art & ferio-ceat 0.950) में स्थित Ud डेन पर लघु सेतु के नव निर्माण कार्य | 43 | 453308/2026 | मथुरा जनपद मथुरा में नगला काछी सम्पर्क मार्ग 6073 | 9.48 | 255 | 2.03 लिो0नि0वि0 Dt-06.02.26 कीठम Wael oe पर लघु सेतु का निर्माण कार्य | कुल योग 7999.4 | 35.09 | 84.80 | 399.89 नियम शर्ते/प्रतिबन्धों 4- प्रश्नगत कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6 के अध्याय-2 के प्रस्तर-348 में वर्णित व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जाय तथा सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ किया जाय। 2- प्रायोजनान्तर्गत विभाग द्वारा सर्वप्रथम भूमि अधिग्रहण एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण किया जाये तदोपरान्त ही निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जाये। 3- प्रयोजनान्तर्गत स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्त-पुस्तिका के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जायेगा। 4- स्वीकृत धनराशि कार्य की आवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय की जायेगी तथा आहरित धनराशि बैंक/डाकघर में नहीं रखी जायेगी। प्रश्नगत स्वीकृति जिस कार्य/मद के लिये है, उसी कार्य/मद पर व्यय Wel दशा में किया जायेगा। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |5- अधिष्ठान व्यय की धनराशि समय-समय पर स्वीकृत/आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष जमा की जायेगी। निर्माण कार्य की लागत पर अधिष्ठान व्यय की धनराशि वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश सं0- ए-2-23/दस-20॥-77(4)/75 दिनांक 25-0-20 के साथ पठित शासनादेश FO-U-2-606/4a-2024- 7(4)/75 दिनांक ॥ नवम्बर 204 द्वारा जारी विस्तृत दिशा निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी तथा Sad शासनादेश दिनांक 25-0:-200 के संलग्नक में प्रदर्शित सम्बन्धित विभाग के प्राप्ति लेखाशीर्षक 054-सड़क तथा सेतु-800-अन्य प्राप्तियां-0 प्रतिशतता प्रभारों की वसूली में ट्रान्सफर इन्ट्री द्वारा क्रेडिट कर जमा की जायेगी। 6- लेबर सेस की धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को Sad धनराशि का नियमानुसार भुगतान किया जायेगा। 7- मूल्य हास निधि की धनराशि सुसंगत लेखाशीर्षक में नियमानुसार जमा करायी जायेगी। 8- व्यय वित्त समिति द्वारा लगायी गयी शर्तों का पूर्णतय: अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। 9- वित्त विभाग के शासनादेश GA-0/2027/aI-2-96/44H-202-0/99, दिनांक 22 मार्च, 202। के अनुसार अनुमोदित प्रायोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के उपरान्त इसकी डी0पी0आर0 गठित करने के उपरान्त ही तकनीकी स्वीकृति निर्गत की जाय। यदि इस प्रक्रिया में यह परिलक्षित होता है कि प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सापेक्ष तकनीकी स्वीकृति की लागत 0 प्रतिशत से अधिककी वृद्धि हो रही है, तो प्रायोजना का पुनरीक्षित आगणन गठन करते हुए 03 माह के भीतर पुनरीक्षित आगणन पर व्यय वित्त समिति का अनुमोदन प्राप्त किया जाय, अन्यथा की स्थिति में पुनरीक्षित प्रायोजना पर व्यय वित्त समिति द्वारा विचार नहीं किया जायेगा। 0- वित्त विभाग के शासनादेश GAM-07/2023/U-2-60/4H-2023-7(4)/75, दिनांक ॥77 मई,2023 के अनुसार परियोजना की वित्तीय स्वीकृति व प्रथम किश्त मूल्यांकित लागत पर जारी की जाये, किन्तु द्वितीय किश्त जारी करने से पूर्व परियोजना की लागत को निविदा में प्राप्त मूल्य (टेण्डर GRE) के अनुसार विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए पुनरीक्षित करा लिया जाये। परियोजना की अनुवर्ती किश्तें पुनरीक्षित लागत के आधार पर ही जारी की जायें ताकि कार्यदायी संस्था को कार्य की वास्तविक लागत से अधिक धनराशि HaHa न हो सके। यदि निविदा के बाद कार्यो की लागत में कमी आती है तो बचत की धनराशि को सुसंगत वित्तीय नियमों के अन्तर्गत राजकोष में जमा किया जाये। H- प्रायोजना प्रस्ताव/आगणन में प्रस्तावित Scot मद में प्रावधानित धनराशि का व्यय सक्षम स्तर के अनुमोदन के उपरान्त वित्तीय हस्तपुस्तिका में उल्लिखित कार्यमदों में ही किया जायेगा। 2- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित आकस्मिक व्यय मद में प्रस्तावित धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिका में अनुमन्य मदों पर ही नियमानुसार सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करने के उपरान्त ही किया जायेगा। 3- प्रायोजनान्तर्गत 8 प्रतिशत की दर से जी0एस0टी0 की धनराशि सम्मिलित की गयी है। विभाग का दायित्व होगा कि भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जी0एस0टी0 का भुगतान सुनिश्चित किया जाये। साथ ही विभाग का यह भी दायित्र होगा कि प्रायोजना के निर्माण कार्यों में वास्तविक खपत
(CONSUMED) हुई मुख्य सामग्री (सीमेन्ट व स्टील, ग्रिट, बिटुमिन इत्यादि) की मात्राओं का अनुपातिक/मानक मिलान करते हुए जी0एस0टी0 भुगतान किया जाये। 44- लोक निर्माण विभाग द्वारा यूटिलिटी शिफ्टिंग कार्य मद के अन्तर्गत प्रस्तावित कार्यों के विभाग के मुख्य अभियन्ता स्तर से अनुमोदित एवं परीक्षित भी हो। उक्त के आधार पर ही यूटिलिटी शिफ्टिंग से सम्बन्धित कार्य Hal में धनराशि अनुमन्य की जायेगी। 5- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यो की मात्राओं को यथावत मानते हुए मात्र दरों का परीक्षण किया गया है। मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण उत्तरदायित्र कार्यदायी संस्था/विभाग का होगा। I6- यह सुनिश्चत किया जाय कि परियोजना में प्रस्तावित कार्य विभागीय नियमों/मानक के अन्तर्गत है। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |॥7- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित मार्ग की लेपित चौड़ाई Ud फारमेशन चौड़ाई इत्यादि पक्के स्ट्रक्चर्स यथा पुल, पुलिया, ड्रेन salad का निर्माण आई0आर0सी0/विभागीय मानकों (Standards) के अनुसार कराये जाने का उत्तरदायित्व विभाग/कार्यदायी संस्था का होगा। 8- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित पुल/पुलियों का इक्सटेंशन-तथा-नाला-नाली आदि का निर्माण का निर्माण का प्राविधान किया गया है। भविष्य में मार्ग के चौड़ीकरण की सम्भावना के दृष्टिगत मार्ग के सरेखण में आने वाले पक्के स्ट्रक्चर (पुल/पुलिया/नाली इत्यादि) का निर्माण आई0आर0सी0/विभागीय मानकों में पूर्व निर्धारित फारमेशन विड्थ (चौड़ाई) के अनुसार ही कराया जाय। 9- परियोजना को निश्चित समयान्तर्गत पूर्ण कर लिया जाये तथा टाइम ओवर रन एवं क्रास्ट ओवर रन इत्यादि के कारण प्रायोजना का पुनरीक्षण भविष्य में नहीं किया जायेगा। 20- नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक आपत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेन्स सक्षम स्तर सै प्राप्त करने के उपरान्त ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाय। 24- प्रायोजना प्रस्ताव/आगणन में प्रस्तावित विशिष्टशियों एवं कार्य प्राविधानों को यथावत मानते हुये लागत का आंकलन किया गया है। मार्ग निर्माण की लम्बाई/चौड़ाई में परिवर्तन, प्रस्तावित Hee डिजाइन में संशोधन, स्वीकृत प्रायोजना के स्कोप में परिवर्तन आदि व्यय वित्त समिति का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा। 22- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्य की द्विरावृत्ति (डुप्लकेसी) को रोकने की दृष्टि से प्रायोजना की तकनीकी स्वीकृति से पूर्व कार्यदायी संस्था/विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अंतर्गत न तो स्वीकृत है और न ही वर्तमान में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। 23- परियोजना पूर्ण होने में विलम्ब की स्थिति उत्पन्न होने अथवा परियोजना की लागत में वृद्धि की दशा में इसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्र प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग एवं मुख्य अभियन्ता (मु0-) एवं सम्बशच्थित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता का होगा तथा भविष्य में यदि परियोजना की लागत में वृद्धि होती है तो ऐसी दशा में लागत में बढोत्तरी की कुल धनराशि की वसूली सम्बच्चित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता आदि के वेतन से की जायेगी। 24- परियोजना से सम्बन्धित समस्त तकनीकी पक्षों/तथ्यों व उनके परीक्षण/सत्यापन तथा इस परियोजना के निर्धारित मानकों के अनुरूप होने का पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग का होगा। 25- प्रायोजना का सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही निर्माण प्रारम्भ कराया जाय। 26- परियोजना की लागत व समय सीमा में बढोत्तरी न हो, इस हेतु परियोजना के निर्माण कार्य की साप्ताहिक समीक्षा सम्बश्चित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता द्वारा एवं माह में कम से कम एक बार समीक्षा विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग के स्तर पर सुनिश्चित की जायेगी। 27- वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप PVAM-6/2025/S-7-352/4H-2025-237/2025, दिनांक 27-03-2025 में निहित प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। 28- लोक निर्माण विभाग में सी0सी0एल0 प्रणाली समाप्त किए जाने के फलस्वरूप aay से सम्बन्धित बजट के ऑन लाइन आवंटन किए जाने हेतु डी0डी0ओ0 कोड आवंटन विषयक fact (आय-व्ययक) अनुभाग-। के शासनादेश GAT-70/2022/a--345/aa-2022, दिनांक 04-05-2022 तथा कार्यमदों के व्यय को सी0सी0एल0 प्रणाली से मुक्त रखते हुए सामान्य कोषागार प्रणाली से आच्छादित किए जाने के सम्बन्ध में वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के कार्यालय ज्ञाप GWA-3/2022/8-2-76/4H-2022-0(9)/95, दिनांक 3-04-2022 F निहित व्यवस्था/शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |29- सेन््टेज चार्जेज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण लागत तथा वित्तीय स्वीकृति से सम्बन्धित वित्तीय प्रबंधन विषयक वित्त विभाग के शासनादेश संख्या-0॥/2023/ए-2-60/दस-2023-7(4)/75, दिनांक 47-05-2023 Ud शासनादेश संख्या-02/2023/ए-2-66/दस-2023-7(4)/75, दिनांक 79-05-2023 A निर्धारित प्रक्रिया एवं निहित शर्तों का अक्षरश: अनुपालपन सुनिश्चित किया जायेगा। 30- उपरिलिखित सभी शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करने का दायित्र प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग एवं मुख्य अभियन्ता (सेतु) एवं सम्बच्चित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता का होगा। 2-. इस संबंध में होने वाला व्यय (7) रुपये 3,5,09,000 ( रुपये तीन करोड़ Ute लाख नौ हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या 057 लेखा शीर्षक 50540400403 ग्रामीण सैतुओं का निर्माण मानक मद 24 ged निर्माण कार्य (2) रुपये 84,80,000 ( रुपये चौरासी लाख अस्सी हजार मात्र ) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 083 लेखा शीर्षक 5054047892000 ग्रामीण सेतुओं का निर्माण कार्य मानक मद 24 वृहत् निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा। 3- यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न TOAM-E-8-020-X-2025-26 दिनांक 06-3-2026 मे प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है। भवदीय, (सुबास राम) उप सचिव। संख्या एवं दिनांक तदैव प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- |- महालेखाकार, प्रथम (निर्माण), उ0प्र0, प्रयागराज। 2- मण्डलायुक्त सम्बन्धित मण्डल/ जिलाधिकारी, सम्बन्धित जनपद। 3- मुख्य अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग, Safe क्षेत्र। 4- मुख्य अभियन्ता (सेतु) लोक निर्माण विभाग, लखनऊ | 5- प्रबंध निदेशक, उ0प्र0 राज्य सेतु निगम लि0, लखनऊ | 6- वित्त नियंत्रक, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ | 7- संबंधित कोषाधिकारी | 8- मुख्य कोषाधिकारी, आदर्श कोषागार, कलेक्ट्रे, लखनऊ | 9- वित्त (व्यय नियंत्रण) अनुभाग-8 | I0- समाज कल्याण (बजट प्रकोष्ठ)/राज्य योजना आयोग अनुभाग-/2 | N- बजट आवंटन अधिकारी/नोडल अधिकारी, लो0नि0वि0, उ0प्र0 शासन। 2- गार्ड फाइल। आज्ञा से, (सुबास राम) उप सचिव। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |