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Date: 2023-06-14 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

चिल्ला रेगुलेटर, दिल्ली (निकट मयूर विहार), सेक्टर-14ए से एम0पी0-3 रोड (महामाया फ्लाई ओवर) नोएडा को जोडने हेतु शाहदरा ड्रेन के किनारे रोड के कार्य हेतु प्रस्तावित परियोजना/वित्तीय स्वीकृति पर अनुमोदन के सम्बन्ध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

ज़रूर, नीति पाठ का सारांश निम्नलिखित है: **कार्यकारी सारांश:** यह दस्तावेज़ चिल्ला रेगुलेटर, दिल्ली से सेक्टर-14ए से एम0पी0-3 रोड, नोएडा को जोड़ने के लिए शाहदरा ड्रेन के किनारे रोड के कार्य के लिए प्रस्तावित परियोजना के लिए वित्तीय स्वीकृति को संबोधित करता है। इसमें कुल ₹78731.82 लाख की परियोजना लागत में से ₹39365.91 लाख की मंजूरी शामिल है। भारत सरकार की 'स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट 2023-24' के तहत आवंटित धन के अनुपात में परियोजना का वित्तपोषण किया जाएगा, शेष 50% लागत नोएडा द्वारा वहन की जाएगी। यह पत्र राज्य सेतु निगम को टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से परियोजना को निष्पादित करने का निर्देश देता है। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** * **वित्तीय स्वीकृति:** * चिल्ला रेगुलेटर से सेक्टर-14ए से एमपी-3 रोड, नोएडा को जोड़ने के लिए शाहदरा ड्रेन के किनारे रोड के कार्य के लिए प्रस्तावित परियोजना के लिए ₹78731.82 लाख की राशि स्वीकृत की गई है। * कुल लागत का 50%, जो कि ₹39365.91 लाख है, भारत सरकार की 'स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट 2023-24' के तहत आवंटित धन के अनुपात में प्रदान किया जाएगा। * शेष 50% निधि नोएडा द्वारा प्रदान की जाएगी। * **कार्यान्वयन और निरीक्षण:** * नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण समग्र परियोजना की निगरानी करेगा। * उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम (यूपीएसएसएन) निविदा प्रक्रिया के माध्यम से परियोजना को निष्पादित करेगा। * यूपीएसएसएन डीसीयू पैटर्न के तहत इस परियोजना को नहीं चलाएगा। * **अनिवार्य अनुपालन:** * आवश्यक वैधानिक और पर्यावरणीय मंजूरी निर्माण शुरू करने से पहले सक्षम प्राधिकारियों से प्राप्त की जानी चाहिए। * परियोजना के लिए अनुमत जीएसटी 18% है, लेकिन नोएडा विभाग/कार्यान्वयन एजेंसी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह परियोजना के तहत विभिन्न मदों में शामिल न हो। * प्रस्तावित कार्यों की मात्रा को अंतिम रूप देने के लिए कार्यान्वयन संगठन/नोएडा पूरी तरह से जिम्मेदार होगा। * निर्माण केवल सक्षम प्राधिकारी द्वारा तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने के बाद ही शुरू होना चाहिए। * **संशोधन और अनुमोदन:** * आरओबी निर्माण के लिए जीएडी, लंबाई/चौड़ाई में बदलाव या आरई दीवार के लिए, पूर्व व्यय वित्त समिति की मंजूरी के बिना कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। * **डुप्लिकेशन से बचना:** * यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि परियोजना के तहत काम पहले से ही किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के तहत स्वीकृत न हो। **प्रभाव विश्लेषण** **प्रमुख हितधारक:** अनिल कुमार सागर, प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार; मुख्य कार्यपालक अधिकारी, नोएडा, गौतमबुद्धनगर; और प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निर्माण निगम, लखनऊ। **अनिल कुमार सागर, प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन:** * **प्रभाव:** मंजूरी और कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए दस्तावेज़ से प्रभावित। * **आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करना है कि परियोजना आगे बढ़े और उपरोक्त उल्लिखित नीति के अनुसार की जाए। **मुख्य कार्यपालक अधिकारी, नोएडा, गौतमबुद्धनगर:** * **प्रभाव:** उन्हें परियोजना के लिए धनराशि का योगदान करने और परियोजना की समग्र निगरानी करने की आवश्यकता है। * **आवश्यक कार्रवाई:** लागत के अपने हिस्से का योगदान करना और यह सुनिश्चित करना कि नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण परियोजना की ठीक से निगरानी कर रहा है। **प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निर्माण निगम, लखनऊ:** * **प्रभाव:** उन्हें निष्पादन के लिए निविदा प्रक्रिया के माध्यम से परियोजना को निष्पादित करने की आवश्यकता है। * **आवश्यक कार्रवाई:** टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से परियोजना को निष्पादित करना और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना।

Key Entities Referenced

नोएडा (Noida): गौतमबुद्धनगर में स्थित एक शहर, जो चिल्ला रेगुलेटर से एम0पी0-3 रोड को जोड़ने वाली परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उत्तर प्रदेश शासन (Uttar Pradesh Shasan): राज्य सरकार, जो चिल्ला रेगुलेटर रोड परियोजना के लिए अनुमोदन और वित्तीय सहायता प्रदान करने में शामिल है। उ०प्र० राज्य सेतु निर्माण निगम (U.P. Rajya Setu Nirman Nigam): एजेंसी जो चिल्ला रेगुलेटर रोड परियोजना के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया का प्रबंधन करेगी और कार्य का निष्पादन करेगी। Scheme for Special Assistance to States for Capital Investment 2023-24: भारत सरकार की योजना जिसके तहत चिल्ला रेगुलेटर रोड परियोजना के लिए 50% धनराशि प्रदान की जाएगी। चिल्ला रेगुलेटर, दिल्ली (Chilla Regulator, Delhi): दिल्ली में एक स्थान जहाँ से एम0पी0-3 रोड, नोएडा को जोड़ने वाली सड़क परियोजना शुरू होती है।
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शीर्ष प्राथमिकता संख्या: 200} /77-4-23-22एन/20 प्रेषक, अनिल कुमार सागर, प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, ।. मुख्य कार्यपालक अधिकारी, 2 प्रबन्ध निदेशक, नोएडा, गौतमबुद्धनगर। उ0प्र0 राज्य सेतु निर्माण निगम, लखनऊ औद्योगिक विकास अनुभाग-4 लखनऊ: दिनांक |4 जून, 2023 विषय:-चिल्ला रेगुलेटर, दिल्‍ली (निकट मयूर विहार), Arex-40 से एम0पी0-3 रोड (महामाया फ्लाई* ओवर) नोएडा को जोडने हेतु शाहदरा ड्रेन के किनारे रोड के कार्य हेतु प्रस्तावित परियोजना/वित्तीय स्वीकृति पर अनुमोदन के सम्बन्ध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक नौएडा के पत्र संख्याः:-नौएडा/मु.का.अ./2023/783, दिनांक 3.02.2023 का कृपया संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके माध्यम से उक्त परियोजना का. आगणन/डी.पी.आर. उपलब्ध कराते हुए आगणित धनराशि का 50 प्रतिशत नोएडा द्वारा वहन किए जाने तथा शेष 50 प्रतिशत की धनराशि राज्य सरकार से नोएडा के पक्ष में अवमुक्त किए जाने का अनुरोध किया गया है। 2. इस सम्बन्ध में चिल्ला रेगुलेटर, दिल्‍ली (निकट मयूर विहार), Arev-l40 से एम0पी0-3 रोड (महामाया फ्लाई ओवर) नोएडा को जोडने हेतु शाहदरा Sat के किनारे रोड के कार्य हेतु प्रस्तावित परियोजना हेतु धनराशि रू0 7873.82 लाख पर अनुमोदन प्रदान करते हुए उक्त आगणन के सापेक्ष एम0ओए0यू0 की शर्तों के अनुसार उक्त परियोजना के निर्माण हेतु 50 प्रतिशत धनराशि रू0 39365.9। लाख (तीन at तिरानवे करोड़ पैंसठ लाख इक्यानवे हजार) का प्राविधान भारत सरकार की 'Scheme for Special Assistance to States for Capital Investment 2023-24 के भाग-। के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि के सापेक्ष कराए जाने का निर्णय लिया गया el शेष 50 प्रतिशत धनराशि का वहन नोएडा द्वारा किया जाएगा। 3. ... प्रायोजना का ओवरआल सुपरविजन नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण का होगा तथा प्रायोजना का कार्य उ०प्र० राज्य सेतु निगम द्वारा निविदा आमंत्रित करते हुए निष्पादित कराया जायेगा तथा सेतु निगम द्वारा यह कार्य डी०सी०यू० पैटर्न पर नहीं किया जायेगा।4. नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक अनापत्तियाँ एवं. पर्यावरणीय क्लियरेन्स सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। 5. .... प्रायोजनान्तर्गत (8 प्रतिशत जी०एस०टी० की धनराशि अनुमन्य कर दी गयी है। नोएडा विभाग/कार्यदायी संस्था द्वारा अपने स्तर से सुनिश्चित किया जाय कि प्रायोजनान्तर्गत विभिन्‍न कार्यमदों में जी०एस०टी० सम्मिलित न हो। 6. .... प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यदायी संस्था/नौएडा का होगा। 7. .... प्रायोजना का सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात्‌ ही निर्माण प्रारम्भ कराया जाय | 8... आर०ओग्बी० निर्माण की जी०ए०डी०, लम्बाई / चौड़ाई में परिवर्तन, आर०ई० वाल एबेटमेन्ट आदि में परिवर्धन / परिवर्तन, स्वीकृत प्रायोजना के स्कोप में परिवर्तन आदि व्यय वित्त समिति का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा। 9. .... प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति (इप्लीकेसी) को रोकने की दृष्टि से प्रायोजना की स्वीकृति से पूर्व यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना / कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान मैं किसी अन्य योजना / कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। कृपया उपरोक्तानुसार आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें। We (अनिल BH APR) प्रमुख सचिव।

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