Date: 2026-01-28Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
आदर्श कारागार लखनऊ में निरूद्ध सिद्धदोष बन्दी रामस्वरूप पुत्र श्री कन्धईलाल, निवासी जनपद-पीलीभीत की 14 वर्षीय नामिनल रोल के आधार पर समयपूर्व रिहाई के सम्बन्ध में।
**Executive Summary**
This document, issued by the Uttar Pradesh government on January 28, 2026, addresses the premature release of Ramswaroop, a prisoner convicted in Lucknow's Ideal Prison, based on his 14-year nominal role. The letter informs the Police Director General/Inspector General of Prisons Administration and Reform Services, Uttar Pradesh, Lucknow, that the Governor has rejected Ramswaroop's early release due to the severity and heinous nature of his crime.
**Key Points / Main Content**
* **Background:** Ramswaroop, a resident of Pilibhit district, was convicted in connection with a 2001 incident stemming from a political rivalry where five people were killed and seven injured.
* **Legal Process:**
* Initially sentenced to death in 2004, the sentence was commuted to life imprisonment in 2005.
* As of December 25, 2022, Ramswaroop has served 20 years, 3 months, and 4 days of unavoidable punishment and 25 years, 3 months and 27 days of avoidable punishment.
* **Recommendations and Opinions:**
* The Superintendent of Police and the District Magistrate of Pilibhit did not recommend his early release.
* The advisory committee also advised against release, citing the gravity of the crime.
* **Decision:** The Governor has rejected the premature release of Ramswaroop under Section 180 of the UP Jail Manual.
**Impact Analysis**
**Impact: Prisoner Ramswaroop**
* **Impact**: Prisoner Ramswaroop will remain incarcerated as his request for premature release has been rejected.
* **Action Required**: The prison administration must inform Ramswaroop of the Governor's decision.
**Impact: Jail Administration (Lucknow Ideal Prison)**
* **Impact**: Must continue to incarcerate prisoner Ramswaroop
* **Action Required**: Must inform prisoner Ramswaroop of the Governor's decision.
**Impact: District Magistrate, Pilibhit.**
* **Impact**: Required to share information relating to legal orders passed by the Courts.
* **Action Required**: None.
Key Entities Referenced
Uttar Pradesh Jail Manual, paragraph 180: Cited as the rule under which the premature release of the prisoner was considered.
Lucknow: Location of the Model Prison (Adarsh Karagar) where the prisoner is confined.
Pilibhit: The district of the prisoner's residence and where the original crime occurred.
Ram Swaroop: The prisoner whose premature release is under consideration.
HM-0/2026/088/22-2-2024-7(758)/207
प्रेषक,
कमलेश कुमार
उप सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक,
कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें,
उत्तर प्रदेश, लखनऊ।
कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2_ लखनऊ दिनांक 28 जनवरी, 2026
विषय:- आदर्श कारागार लखनऊ में निरूद्ध सिद्धदोष act रामस्वरूप पुत्र श्री कन्धईलाल, निवासी जनपद-
पीलीभीत की 4 वर्षीय नामिनल रोल के आधार पर समय पूर्व रिहाई के सम्बन्ध Fl
महोदय,
उपर्युक्त विषयक उप महानिरीक्षक (मु0), कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश के पत्र संख्या-
205 3/H03T0(2)-24/2023(don feeth-24.0.2023), दिनांक 09.07.2024 का कृपया संदर्भ ग्रहण करें।
2-. उक्त पत्र द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्तावानुसार आदर्श कारागार लखनऊ में निरूद्थ सिद्धदोष aed}
रामस्वरूप पुत्र श्री Heise, मोहम्मदगंज रम्पुरा, थाना-बरखेड़ा, जनपद-पीलीभीत का निवासी है। बन्दी के सह
अभियुक्त रामस्वरूप की पत्नी प्रधानी का चुनाव हार गयी थी, रामस्वरूप ने लालता प्रसाद को सपरिवार धमकी
दी, तुम लोगों ने वोट नहीं दिया इसका नुकसान तुम्हे भुगतना पड़ेगा। इसी चुनावी रंजिश में दिनांक-
0-03-2004 को सायंकाल 5-00 बजे 34 सहअभियुक्तों के साथ मिल्रकर होली मिलन के अवसर पर बन्दूक,
देसी तमंचा, बांका, सूजा, लाठी, बलल्लम से हमला कर दिया जिसमें 05 लोगों की मृत्यु हो गयी तथा 07 अन्य
घायल हो गये। उक्त अपराध हेतु Sod को सत्र परीक्षण AeaA-272/2002,23/2002 में भा0द0वि0 की धारा-
48, 436/49, 307/49, 302/49, 506, 7 सी0आर0एल0ए0 एक्ट, 4/25ए एक्ट के अन्तर्गत AO स्पेशल
जज एस0सी0/ एस0टी0एक्ट, पीलीभीत के आदेश दिनांक 23.0:.2004 द्वारा मृत्युदण्ड की सजा से दण्डित
किया गया। मा0 उच्च न्यायालय के आदेश दिनांक-23-09-2005 द्वारा sect की मृत्युठण्ड की सजा को लघुकृत
कर आजीवन कारावास की सजा मेँ परिवर्तित कर दिया गया। बन्दी द्वारा दिनांक 25.42.2022 तक 20 वर्ष,
03 माह, 04 दिन की अपरिहार सजा तथा 25 वर्ष 03 माह 27 दिन की BUREN सजा भोगी गयी है। बन्दी की
आयु 46 वर्ष, 09 माह, 9 दिन है।
3- पुलिस अधीक्षक एवं जिला मजिस्ट्रेट, पीलीभीत द्वारा मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा fafése 05
बिन्दुओं की आख्या में अंकन करते हुए बंदी की समयपूर्व रिहाई की संस्तुति नहीं की गयी क्रिमिनल Re याचिका
TEM-48/204 भारत संघ बनाम AO श्रीहरन उर्फ मुर्गन व अन्य A मा0 उच्चतम् न्यायालय, नई दिल्ली cant
पारित आदेश दिनांक 02.(2.20i5 के अनुपालन में मा0 दण्डन न्यायालय के पीठासीन अधिकारी निर्गत अभिमत
दिनांक 04-05-2024 में प्रश्नगत बंदी की जेल मैनुअल के अनुसार (4 वर्षीय नामिनल रोल हेतु समयपूर्व रिहाई
के संबंध में विधिक seat रखता है तो प्रशासन इस हेतु जेल मैनुअल तथा सुसंगत विधिक प्राविधानों के अधीन
कार्यवाही करने के लिए स्वतंत्र है।
4- सलाहकार समिति का अभिमत है कि बंदी के सहअभियुकत रामस्वरूप की पत्नी प्रधानी का चुनाव हार गयी
थी, रामस्वरूप ने लालता प्रसाद को सपरिवार धमकी दी तुम लोगों ने वोट नहीं दिया इसका नुकसान तुम्हे
भुगतना पड़ेगा। इसी चुनावी रंजिश में दिनांक 0.03.200i को सांयकाल 5:00 बजे 34 सहअभियुकतों के साथ
मित्रकर होली मित्रन के अवसर पर बंदूक देसी तमंचा, बांका, सूजा, aS, बल््लम से हमला कर 05 व्यक्तियों
की हत्या कर 07 लोगों को गम्भीर रूप से घायल कर दिया गया। जिला मजिस्ट्रेट व पुलिस अधीक्षक द्वारा मा0
उच्चतम न्यायात्रय द्वारा निर्दिष्ट 05 बिन्दुओं की आख्या A अंकन करते हुए बंदी की समयपूर्व रिहाई की
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |संसतुति नहीं की गयी। इस प्रकार बंदी द्वारा किये गये अपराध की गम्भीरता एवं जघन्यता के दृष्टिगत
सी0आर0पी0सी0 की धारा-432 के अर्न्तगत सिद्धदोष बंदी रामस्वरूप पुत्र कन््धईलाल को उ0प्र0 जेल मैनुअल
प्रस्तर-80 के अन्तर्गत (4 वर्षीय नामिनल रोल के आधार पर समय पूर्व रिहा किये जाने की Atala नहीं की
गयी है।
5- उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि आदर्श कारागार लखनऊ में
निरूद्ध सिद्धदोष बन्दी रामस्वरूप (बन्दी WO-5595) Ga श्री कन्धईलाल, निवासी जनपद-पीलीभीत की जेल
मैनुअल के WER-80 के अन्तर्गत 4 वर्षीय नामिनल रोल के आधार पर समयपूर्व रिहाई सम्यक् विचारोपरान्त
श्री राज्यपाल द्वारा अस्वीकार कर दी गयी है।
कृपया उपरोक्त निर्णय से बन्दी को भी अवगत कराने का कष्ट करे।
भवदीय,
कमलेश कुमार
उप सचिव।
AAT-0/2026/088()/22-2-2024 तटदिनांक...
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
|- जिला मजिस्ट्रेट, पीलीभीत।
2- वरिष्ठ अधीक्षक, आदर्श कारागार लखनऊ।
3- नोडल अधिकारी/अधीक्षक जिला कारागार, गाजियाबाद को विशेष अनुज्ञा याचिका (क्रिमि0) संख्या-
529/202 सोनाधर बनाम छत्तीसगढ़ राज्य तथा सुओ मोटो Re पिटीशन (क्रिमि0) Wea-04/202
पॉलिसी स्ट्रेटजी फार Mec ऑफ बेल में AO उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली cant पारित आदेश
दिनांक 0.09.2024 के सन्दर्भ में।
4- निजी सचिव, माए0 मंत्री कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 शासन को माए0 मंत्री जी के
सूचनार्थ।
5- निजी सचिव, AN राज्यमंत्री, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उ0प्र0 शासन को AIO
राज्यमंत्री जी के सूचनार्थ।
6- कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-3, उत्तर प्रदेश शासन।
7- गार्ड फाइल्र।
आज्ञा से,
ममता श्रीवास्तव
अनु सचिव।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |