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Date: 2026-02-04 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

अनुदान संख्या-16 (जिला योजना-सामान्य) के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में वर्तमान दुग्ध संघों के सुदृढ़ीकरण एवं पुनर्जीवित करने की योजनान्तर्गत दुग्ध संघों को अनुदान योजना में प्राविधानित धनराशि के सापेक्ष अंतिम किश्त की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति।

Issued by दुग्ध विकास विभाग · दुग्ध विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**Executive Summary** This document is a government order from the Uttar Pradesh (UP) government, specifically the Department of Milk Development, granting administrative and financial approval for the final installment of funds under Grant No. 16 (District Plan-General) for the financial year 2025-26. The funds are intended to strengthen and revive existing milk unions. The total amount approved for this installment is ₹2000.00 lakh to Kanpur and Gorakhpur milk producing cooperatives. **Key Points / Main Content** * **Financial Approval:** * The UP government approves the release of ₹2000.00 lakh as the final installment for strengthening and reviving existing milk unions under Grant No. 16. * **Fund Allocation (₹2000.00 lakh):** * **Kanpur Milk Cooperative:** * ₹32.60000 lakh for liabilities of PCDCF headquarters and units. * ₹100.00000 lakh for dues to the milk union's core employees. * ₹86.00000 lakh for electricity bill payments. * ₹401.47679 lakh for house tax to Kanpur Municipal Corporation. * ₹470.77071 lakh for water and sewer taxes to Kanpur Municipal Corporation. * ₹94.17000 lakh for Ganga Barrage water bill payments. * **Gorakhpur Milk Cooperative:** * ₹332.39250 lakh for milk price payments (pending from 2022 to 31.08.2025) and dues of milk unions. * ₹214.74000 lakh for salaries of milk union employees (active + retired). * ₹55.68000 lakh for transporter dues. * ₹151.50000 lakh for honorarium of the Mini Security Services in Gorakhpur. * ₹24.00000 lakh for Steam Placement & Consultant Services (supplier of laborers for operating the new plant, nominated by headquarters). * ₹17.00000 lakh for electricity dues. * ₹11.50000 lakh for other institution/party * ₹8.17000 lakh for Mr. Rajendra Kumar Tanker * **Conditions & Restrictions:** * Funds must not be kept in bank/post office accounts under any circumstances. * Expenditures must align with approved items, and no deviations are allowed. * The Milk Commissioner, Department of Milk Development is responsible for ensuring proper use of funds. * The expenditure of funds is subject to the directions/guidelines of the State Government. * Transparency must be maintained in the process of spending the money. **Impact Analysis** **Stakeholder: Milk Commissioner, Department of Milk Development, UP** * **Impact:** Responsible for ensuring proper use and management of funds. * **Action Required:** Ensure funds are spent on approved items and provide utilization certificates. Adhere to all listed conditions and restrictions. Collect utilization certificates for submittal to the government. **Stakeholder: Kanpur & Gorakhpur Milk Cooperatives** * **Impact:** Financial support for managing liabilities and improving operations. * **Action Required:** Utilize funds for approved purposes, maintain accurate records, and comply with transparent procurement processes. **Stakeholder: Drawing and Disbursing Officers** * **Impact:** Responsible for drawing and disbursing the approved funds. * **Action Required:** Ensure disbursement aligns with government orders and that all funds are used as directed, with the unit in charge being individually responsible for any irregularities. **Stakeholder: UP State Government** * **Impact:** Overseeing the financial health and operational efficiency of milk unions. * **Action Required:** Monitor fund utilization and compliance with regulations through the Department of Milk Development.

Key Entities Referenced

Uttar Pradesh: The Indian state to which this government order applies. Dugdh Vikas Vibhag (Dairy Development Department), Uttar Pradesh: The department responsible for implementing and overseeing dairy development initiatives. Anudan Sankhya-16 (Zila Yojana-Samanya) [Grant No. 16 (District Plan-General)]: The specific grant under which funds are being disbursed to dairy cooperatives for strengthening and revitalization. Kanpur Dugdh Utpadak Sahkari Sangh Ltd., Nirala Nagar Kanpur: One of the cooperative unions being allocated funds. Gorakhpur Dugdh Utpadak Sahkari Sangh Ltd., Gorakhpur: One of the cooperative unions being allocated funds.
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ACA-03/2026/32/005-53-2099-930-209 प्रेषक, राम सहाय यादव, विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, .Q7 आयुक्त, दुग्धशाला विकास उ0प्र0, लखनऊ। 2.दुग्धशाला विकास अधिकारी/उप दुग्धशाला विकास अधिकारी/आहरण वितरण अधिकारी, दुग्धशाल्ा विकास विभाग, उ0प्र0, गोरखपुर एवं कानपुर। दुग्ध विकास अनुभाग-2 लखनऊ : दिनांक 04-02-2026 विषय:- अनुदान संख्या-6 (जिला योजना-सामान्य) के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में वर्तमान दुग्ध संघों के Geary एवं पुनर्जीवित करने की योजनान्तर्गत दुग्ध संघों को अनुदान योजना में प्राविधानित धनराशि के सापेक्ष अंतिम किश्त की प्रशासकीय एवं वित्तीय Sipe महोदय, उपर्युक्त विषयक दुग्ध आयुक्त, दुग्धशाला विकास उ0प्र0, लखनऊ के पत्रांक-425/नियो0/दुग्ध-5/अनु0 मॉग नैबकान्स/2025-26, दिनांक 4 जनवरी, 2026 के सन्दर्भ में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में वर्तमान दुग्ध संघों के सुद्ृदीकरण एवं पुनर्जीवित करने की योजनान्तर्गत दुग्ध Heal को अनुदान (जिला योजना) अनुदान WBA-76 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि BO 8000.00 ara के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में शासनादेश AGA-I/2025/364/00I-53-2099-930-209, दिनांक 20-05-2025 द्वारा रू0 2000.00 लाख, द्वितीय किश्त के रूप में शासनादेश AEA-78/2025/54I/002-53-2099-930-20I9, दिनांक 07-08-2025 द्वारा रू0 2000.00 लाख, तृतीय किश्त के रूप में शासनादेश AKA-24/2025/772/003-53- 2099-930-20I9, दिनांक 04-!-2025 द्वारा BO 2000.00 लाख एवं चतुर्थ किश्त के रूप में शासनादेश संख्या- /2026/96/004-53-2099-930-20I9, दिनांक O8-0I-2026 द्वारा BO 2000.00 लाख की वित्तीय स्वीकृति निर्गत की जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रश्तगत मद हेतु अनुपूरक बजट में प्राविधानित धनराशि HO 2000.00 लाख के सापेक्ष निम्नवत्‌ मद में अंतिम fea के रूप में धनराशि रू0 2000.00 लाख (रूपये बीस करोड़ मात्र) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित नियम»शर्तों/प्रतिबन्धों केअधीन निर्गत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- कानपुर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि0, निराला नगर कानपुर। OHO मद स्वीकृत धनराशि (रू0 लाख में) | पी0सी0डी0एफ0 मुख्यालय एवं इकाईयों की देयता 32.60000 2 दुग्ध संघ के मूल कर्मचारियों की देयता 400.00000 3 विद्युत बिल की देयता 86.00000 4 हाउस टैक्स नगर निगम कानपुर (शासकीय देयता) 402.47679 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |5 जलकर, सीवरकर, जलकर विभाग नगर निगम शासकीय देयता (शासकीय 470.77072 देयता) [6 | गंगा बैराज पानी के बिल भुगतान (शासकीय देयता) 94.7000 योग: - 4485.04750 गोरखपुर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि0, गोरखपुर। OHO मद स्वीकृत धनराशि (रू0 लाख में) ] दुग्ध मूल्य भुगतान (वर्ष 2022 से 34.08.2025 तक बकाया) एवं दुग्ध संघों 332.39250 का बकाया 2 वेतन दुग्ध संघ कर्मचारी (कार्यरत+सेवानिवृत्त कर्मचारी) 244.74000 3 ट्रांसपोर्टर का बकाया 55.68000 4 Ho मिनी सिक्‍योरिटी सर्विसेज, गोरखपुर के कार्मिकों का मानदेय 54.50000 5 HO Cela प्लेसमेन्ट एण्ड Heteoced सर्विसेज (मुख्यालय द्वारा नामित फर्म 24.00000 जिनके कार्मिक स्काडा एवं नये प्लान्ट चलाने हेतु श्रामिकों का सप्लायर) [6 | बिजली बकाया 7.00000 7 अन्य संस्था०पार्टी 44.50000 8 | श्री राजेन्द्र कुमार टैंकर 8.47000 योग:- 844.98250 महायोग:- 2000.0000 नियम व शर्तें/प्रतिबन्धों (।) स्वीकृत की जा रही धनराशि को आहरित कर किसी भी दशा में बैंक/डाकघर में रखा नहीं जायेगा एवं पूर्व में स्वीकृत अवशेष धनराशि के उपभोगोपरान्त स्वीकृत की जा रही धनराशि का आहरण आवश्यकतानुसार किया जायेगा। (2) स्वीकृत की जा रही धनराशि के निर्धारित मद में व्यय कराने व उपयोगिता प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराये जाने का दायित्व दुग्ध आयुक्त, दुग्धशाला विकास, 50प्र0 का होगा। (3) प्रश्नगत वित्तीय स्वीकृति जिस कार्य/मद हेतु दी जा रही है, उसका उपयोग नियमानुसार उसी मद»कार्य हेतु किया जायेगा तथा मानक मद से विचलन किसी भी दशा में अनुमन्य नहीं होगा तथा निर्धारित मद से इतर किसी अन्य मद में किये जाने वाला व्यय वित्तीय अनियमितता माना जायेगा। (4) दुग्ध आयुक्त, दुग्धशाला विकास विभाग यह सुनिश्चित करेंगे कि स्वीकृत किये जा रहे कार्य/मद हेतु पूर्व में राज्य सरकार अथवा अन्य किसी Ga से धनराशि स्वीकृत नहीं की गयी है और न ही यह कार्य अन्य किसी योजना#कार्यक्रम में सम्मिलित है। (5) स्वीकृत की जा रही धनराशि का व्यय अनुमोदित परियोजना“प्रस्ताव पर राज्य सरकार के दिशा- निर्देशों /गाईड लाइन्स एवं संगत नियमों के अनुसार किया जायेगा। (6) प्रस्ताव में आकड़ों की शुद्धता का दायित्व दुग्ध आयुक्त, दुग्धशाला विकास, SoU का होगा। (7) वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने अथवा धनराशि को विभागाध्यक्ष /नियत्रंक अधिकारी के निवर्तन पर रखे जाने से पूर्व दुग्ध आयुक्त के स्तर पर की जाने वाली समस्त औपचारिकताओं की पूर्ति अनिवार्यत: I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |सुनिश्चित कर ली जाय। यह भी स्पष्ट किया जाता है कि धनराशि का विभागाध्यक्ष /नियंत्रक अधिकारी के निवर्तन पर रखे जाने मात्र से किसी प्रकार के व्यय का प्राधिकार नहीं देता है। (8) दुग्ध आयुक्त /अन्य नियंत्रक अधिकारियों द्वारा बजट आवंटन में इस बात का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाये कि आहरण एवं वितरण अधिकारियों द्वारा कोषागार से धनराशि का आहरण तत्काल आवश्यकता होने पर ही किया जाय। (9) स्वीकृत की जा रही धनराशि के सम्बन्ध में वित्त।आय-व्ययक) अनुभाग- 4, उ0प्र0 शासन के कार्यालय- जाप संख्या-6/2025/ H-2-352/GH-2025-23/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 एवं समय-समय पर fasta संगत शासनादेशों में उल्लिखित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (0) कोषागार से एक मुश्त धनराशि का आहरण न किया जाय, क्योंकि धनराशि के एकमुश्त आहरण से राज्य के कैश मैनेजमेंट पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। () व्यय प्रबन्धन एवं शासकीय व्यय में मितव्ययिता के सम्बन्ध में वित्त विभाग द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों का विशेष रूप से अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (i2) उक्त वित्तीय स्वीकृति उपलब्ध बजट प्राविधान की सीमा के अन्तर्गत रहेगी, यह दुग्ध आयुक्त, दुग्धशाला विकास, उ0प्र0 का उत्तरदायित्व रहेगा। (3) जिन मामलों में उत्तर प्रदेश बजट मैनुअल और वित्तीय नियम संग्रहों तथा स्थायी आदेशों के अन्तर्गत राज्य सरकार»केन्द्र सरकार अथवा अन्य सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति विभागाध्यक्ष “नियंत्रक अधिकारी द्वारा प्राप्त की जानी आवश्यक हो, उन मामलों में व्यय करने के पूर्व ऐसी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जाय। (4) दुग्ध आयुक्त द्वारा सम्भावित व्यय की फेजिंग विभाग के कार्य की प्रकृति एवं अवसर के अनुसार कर ली जायेंगी। (i5) अवमुक्त की जा रही धनराशि का व्यय नियमानुसार आवंटित परिव्यय सीमा तक ही किया जायेगा। (6) अतिरिक्त धनराशि की प्रत्याशा में अनधिकृत एवं अधिक व्यय किसी भी दशा में नहीं किया जायेगा। (7) अवमुक्त की जा रही धनराशि यदि किसी ऐसे खाते में रखी जाती है, जिससे ब्याज अर्जित हो, तो उक्त ब्याज की धनराशि राजकोष में जमा करायी जायेगी | (8) संबंधित दुग्धशाला विकास अधिकारी /उप दुग्धशाला विकास अधिकारी /आहरण एवं वितरण अधिकारी पूर्व स्वीकृत धनराशि की अवशेष धनराशि के समायोजन के उपरान्त स्वीकृत की जा रही धनराशि से व्यय सुनिश्चित करेंगें। (i9) स्वीकृत की जा रही धनराशि में से अनुरक्षण मद में कोई धनराशि व्यय नहीं की जायेगी। यदि किसी अनुरक्षण मद पर कोई व्यय आवश्यक हो तो दुग्ध संघ/समितियां अपने संसाधनों से वहन करेंगे। (20) परिव्यय की उपलब्धता दुग्ध आयुक्त, दुग्धशाल्रा विकास, soo द्वारा सुनिश्चित की जायेगी। स्वीकृत की जा रही धनराशि का आहरण जिला योजना अनुश्रवण समिति से अनुमोदित परिव्यय के अन्तर्गत ही किया जायेगा। उक्त धनराशि जिला योजना हेतु आवंटित परिव्यय में समायोजित होगी। (2i) स्वीकृत की जा रही धनराशि का उपयोग दुग्ध व्यवसाय को सुदृढ़ करने हैतु किया जायेगा तथा किसी भी दशा में अनुत्पादक मद में इसका व्यय/उपयोग नहीं किया जायेगा। I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(22) दुग्ध आयुक्त, दुग्धशाला विकास, उ0प्र0 द्वारा सम्बन्धित दुग्ध संघों से धनराशि का निर्धारित Heat में उपभोग सुनिश्चित कराते हुए, आगामी वित्तीय स्वीकृति के प्रस्ताव के पूर्व इसका उपयोगिता प्रमाण- पत्र संकलित कर शासन को उपलब्ध कराया जायेगा। यदि कोई धनराशि शेष बचती है तो उसे निर्धारित लेखाशीर्ष में जमा कराये जाने का दायित्व दुग्ध आयुक्त, दुग्धशाला विकास, उ0प्र0 का होगा। (23) स्वीकृत की जा रही धनराशि से किसी भी दशा में अधिक व्यय न किया जाय तथा समस्त व्यय सम्बन्धित शासनादेश/संगत नियमों में उल्लिखित शर्तों व प्रतिबन्धों के अधीन किया जायेगा। व्यय में किसी भी प्रकार की अनियमितता के लिये सम्बन्धित आहरण वितरण अधिकारी/धनराशि का उपयोग करने वाले इकाई प्रभारी व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे। किसी भी प्रकार की विचलन की स्थिति में भी वे स्वयं ही उत्तरदायी होंगे। (24) धनराशि का आहरण करने तथा सम्बन्धित दुग्ध संघ को उपलब्ध कराने के बाद स्वीकृत धनराशि का निर्धारित प्रयोजन में उपयोग सुनिश्चित कराकर उपयोगिता प्रमाण-पत्र दुग्ध आयुक्त को यथासमय उपलब्ध कराने का दायित्व सम्बन्धित प्रबन्धक“सामान्य प्रबन्धक, दुग्ध संघ एवं उप दुग्धशाला विकास अधिकारी का होगा। स्वीकृत धनराशि का आहरण तथा उसके उपयोग के सम्बंध में आहरण अधिकारी के लेखे-बही खाते एवं सम्बन्धित दुग्ध संघों के लेखे-बही खाते भारत के नियन्त्रक एवं महालेखापरीक्षक तथा उनके द्वारा प्राधिकृत अधिकारियों के अवलोकनार्थ/परीक्षणार्थ उपलब्ध रहेंगे। (25) वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये अनुपूरक अनुदानों की वित्तीय स्वीकृतियाँ निर्गत किये जाने के संबंध में वित्ततआय-व्ययक) अनुभाग- 2, 50प्र0 शासन के शासनादेश संख्या-/2026/बी-2-04/दस-2026- 244/2025, दिनांक 05 जनवरी, 2026 में उल्लिखित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (26) दुग्ध संघों (गोरखपुर एवं कानपुर) द्वारा नियमानुसार पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए एन0डी0डी0बी0 से किये गये एमओयू0 के Fost संख्या-5.7 के अनुसार देयकों के भुगतान की कार्यवाही सुनिश्चित करेंगें। 2- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 20,00,00,000 ( रुपये बीस करोड़ Ara) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक मे अनुदान ACA 06 लेखा शीर्षक 240400020400 वर्तमान दुग्ध संघों के सुदृढ़ीकरण एवं पुनर्जीवित करने की योजना के अन्तर्गत दुग्ध संघों को अनुदान (जिला योजना) मानक मद 20 सहायता अनुदान-सामान्य (गैर वेतन) के नामे डाला जायेगा। 3- यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न अशासकीय संख्या- E-4-207-X-2025-26, दिनांक-29 जनवरी, 2026 मे प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है। संलग्नक : यथोक्‍्त। भवदीय, राम सहाय यादव विशेष सचिव । I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |PCAT-03/2026/32()/005-53-2099-930-209, तददिनांक। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, उ50प्र0, प्रयागराज। महालेखाकार (लेखा परीक्षा) प्रथम /द्वितीय, लखनऊ /प्रयागराज। वरिष्ठ आडिट ऑफिसर (ऑडिट प्लानिंग) कार्यालय महालेखाकार, लेखा परीक्षा (प्रथम), सत्यनिष्ठा भवन, 5 थार्नहिल रोड, प्रयागराज। सम्बन्धित मण्डलायुक्त, उत्तर प्रदेश। प्रबन्ध निदेशक, पी0सी0डी0एफ0लि0, 29-पार्क रोड, लखनऊ। सम्बन्धित जिलाधिकारी /सम्बन्धित मुख्य विकास अधिकारी, उ0प्र0। सम्बन्धित वरिष्ठ कोषाधिकारी /कोषाधिकारी उ0प्र0। वित्त नियन्त्रक, दुग्धशाला विकास, उ0प्र0 लखनऊ ।| सम्बन्धित इकाई प्रभारी, दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ Feo, उ0प्र0। सम्बन्धित मण्डलीय उप निदेशक, अर्थ एवं संख्या प्रभाग, उत्तर प्रदेश। वित्त(व्यय-नियन्त्रण) अनुभाग-।/नियोजन अनुभाग-3/राज्य योजना आयोग-3, उ0प्र0, शासन। सम्बन्धित अर्थ एवं संख्याधिकारी उ0प्र0। वेबमास्टर, दुग्धशाला विकास विभाग, जवाहर भवन, लखनऊ को विभागीय वेबसाइट पर प्रदर्शित करने हेतु। गार्ड फाइल। आज्ञा से, राम आसरे राम संयुक्त सचिव। I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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