Home India औद्योगिक विकास विभाग रिट याचिका संख्‍या-1760(एम.बी.)/2011 दि सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ ट्...
Date: 2018-11-02 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

रिट याचिका संख्‍या-1760(एम.बी.)/2011 दि सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज इम्पलाइज प्राविडेन्ट फण्ड बनाम उ0प्र0 राज्य) व अन्य में मा0 उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 27.07.2018 के अनुपालन हेतु रू0 27.60 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति निर्गत करने के सम्बन्ध में।

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Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश** दस्तावेज़ में दिनांक 27.07.2018 के उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में रू. 27.60 करोड़ की वित्तीय मंजूरी जारी करने से संबंधित है। इस स्वीकृति का उद्देश्य उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को ब्याज मुक्त ऋण के रूप में धनराशि प्रदान करना है ताकि राज्य सरकार द्वारा प्रत्याभूतित एसएलआर बांड पर ब्याज का भुगतान किया जा सके। यह पत्र 02 नवंबर, 2018 को जारी किया गया है और कई शर्तों और आवश्यकताओं के अधीन है, जिसमें उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना और उच्च न्यायालय को भुगतान के बाद की स्थिति से अवगत कराना शामिल है। **मुख्य बातें** *स्वीकृति की शर्तें और प्रतिबंध:* * स्वीकृत धनराशि उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को उपलब्ध करायी जाएगी। * उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम (यूपीएफसी) को धनराशि का उपयोग राज्य सरकार द्वारा प्रत्याभूतित एसएलआर बांड पर ब्याज का भुगतान करने के लिए तुरंत करना चाहिए। * यूपीएफसी के प्रबंध निदेशक द्वारा हस्ताक्षरित एक उपयोगिता प्रमाण पत्र औद्योगिक विकास विभाग और वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग के माध्यम से सरकार को प्रस्तुत किया जाना चाहिए। * भुगतान के बाद की वस्तुस्थिति से उच्च न्यायालय को तुरंत अवगत कराया जाए। * स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा रखा जाना चाहिए। * धनराशि के उपयोग से पहले वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप का पालन किया जाना चाहिए। * इस मामले में जारी किए गए अन्य सभी सरकारी आदेशों का पालन किया जाना चाहिए। *वित्तीय आवश्यकताएँ:* * व्यय वित्तीय वर्ष 2018-19 के आय-व्ययक में वित्त विभाग की अनुदान संख्या-61 के लेखा शीर्षक 6075 के तहत समायोजित किया जाएगा। * यह धनराशि ब्याज मुक्त ऋण के रूप में उपलब्ध करायी जाएगी, जिसकी अधिकतम अवधि 7 वर्ष होगी, जिसमें गुण-दोष के आधार पर 2 वर्ष की मोहलत शामिल है। **प्रभाव विश्लेषण** **हितधारक:** उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम (यूपीएफसी) * **प्रभाव:** यूपीएफसी को राज्य सरकार से 27.60 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण प्राप्त होगा ताकि वे राज्य सरकार द्वारा प्रत्याभूत एसएलआर बांड पर ब्याज का भुगतान कर सकें। * **आवश्यक कार्रवाई:** प्राप्त धनराशि का उपयोग तुरंत एसएलआर बांड पर ब्याज का भुगतान करने के लिए करें, उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करें, वित्तीय रिकॉर्ड बनाए रखें, उच्च न्यायालय को भुगतान के बाद की स्थिति से अवगत कराएं, और वित्त विभाग और जारी किए गए अन्य सरकारी आदेशों के अनुपालन को सुनिश्चित करें। **हितधारक:** उत्तर प्रदेश सरकार * **प्रभाव:** राज्य सरकार को उच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन करने, यूपीएफसी को वित्तीय सहायता प्रदान करने और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि सार्वजनिक निधियों का उचित उपयोग किया जाए। * **आवश्यक कार्रवाई:** यूपीएफसी को धनराशि का वितरण करें, उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त करें, निधि के उपयोग की निगरानी करें और उच्च न्यायालय को मामले की स्थिति से अवगत कराएं। **हितधारक:** औद्योगिक विकास विभाग और वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग * **प्रभाव:** धनराशि के वितरण, उपयोग और अनुपालन का निरीक्षण और निगरानी करने की आवश्यकता है। * **आवश्यक कार्रवाई:** यूपीएफसी से उपयोगिता प्रमाण पत्र की समीक्षा और प्रक्रिया करें, भुगतान के बाद की स्थिति को उच्च न्यायालय को अवगत कराएं और यह सुनिश्चित करें कि वित्त विभाग द्वारा आवश्यक सभी नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया जाए।

Key Entities Referenced

उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम: उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम, जिसे रू27.60 करोड़ की धनराशि राज्य सरकार द्वारा प्रत्याभूतित एस.एल.आर. बन्ध पत्र के ब्याज के भुगतान हेतु दी जा रही है। रिट याचिका संख्या-1760 (एम.बी.)/2011 दि सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज इम्पलाइज प्राविडेन्ट फण्ड बनाम उ0प्र0 राज्य व अन्य: उच्च न्यायालय में लंबित एक रिट याचिका, जिसके अनुपालन के लिए यह वित्तीय स्वीकृति जारी की जा रही है। वित्त विभाग, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग जिसकी स्वीकृति से यह आदेश जारी किया गया है और जिसके बजट से व्यय किया जाएगा। औद्योगिक विकास अनुभाग-6: औद्योगिक विकास विभाग का अनुभाग जो इस आदेश को जारी करने से संबंधित है। उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार
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संख्या : 36/208/3735/77-6-8-8 (SKY) /i प्रेषक , अंकित कुमार अग्रवाल, विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन | सेवा में, आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ: दिनांक 02 नवम्बर, 208 विषय: Re याचिका GeA-760@4..)/20 fe Gea बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज इम्पलाइज प्राविडेन्ट फण्ड बनाम उ0प्र0 राज्य व अन्य में मा0 उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 27.07.208 के अनुपालन हेतु रू0 27.60 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति निर्गत करने के सम्बन्ध A महोदय, उपर्युक्त विषयक प्रबन्धक निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम, कानपुर के पत्र संख्या-82/विनि/लेखा/208-9 दिनांक 47-09-208, के संदर्भ में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि Re याचिका संख्या-।760(एम.बी.)/20 दि deal बोर्ड आफ ट्रस्टीज इम्पलाइज प्राविडेन्ट फण्ड बनाम Gouo राज्य व अन्य में Alo उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 27.07.208 के अनुपालन में राज्य सरकार द्वारा Wadd एस.एल.आर. बन्ध पत्र के ब्याज की धनराशि के भुगतान हेतु रू0 27. 60 करोड़ (रू0 सत्ताईस करोड़ साठ लाख मात्र) की धनराशि उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को ब्याज रहित ऋण के रूप में निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन स्वीकृत करने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं- i उक्त धनराशि आहरित कर Govo वित्तीय निगम को उपलब्ध करायी जाएगी। ii उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा उक्त धनराशि से राज्य सरकार द्वारा प्रत्याभ्ूतित उपर्युक्त एस.एल.आर. FY पत्र के ब्याज की धनराशि का भुगतान तत्काल करते हुए उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबंध निदेशक, ovo वित्तीय निगम द्वारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग के माध्यम से शासन के औद्योगिक विकास विभाग (अनुभाग- 6) / वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4 को उपलब्ध कराया जाएगा। iii भुगतान के पश्चात्‌ तत्काल वस्तुस्थिति से मा. उच्च न्यायालय को अवगत कराया जाएगा। iv स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा। v स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या-]/2078/बी--375/दस-2078-23]/2078 दिनांक 30-03-2078 एवं I- Fe शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है ।इस सम्बन्ध में जारी अन्य शासनादेश/कार्यालय wo में दिये गये दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। 2- उक्त के संबंध में होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 20:8-9 के आय-व्ययक में वित्त विभाग की अनुदान संख्या-6। के लेखा शीर्षक 6075-विविध सामान्य सेवाओं के लिए कर्ज-800-अन्य कर्ज-03-सार्वजनिक उपक्रमों/निगमों/स्वायत्तशासी संस्थाओं के वित्तीय पुनर्गठन के लिये ऋण सहायता-30-निवेश/क्रण के नामे डाला जाएगा। 3- यह धनराशि ब्याज रहित ऋण के रूप में उपलब्ध करायी जायेगी। ऋण की वापसी अधिकतम 07 (सात) वर्षों में की जायेगी, जिसमें 02 (दो) वर्ष का मारेटोरियम भी गुणदोष के आधार पर दिया जा सकता है। 4A यह आदेश fad विभाग की. अशासकीय Aeq-al-4-708/x/20:8 दिनांक 02..208 में प्राप्त उनकी सहमति से जारी किये जा रहे हैं। yada, (अंकित PAR अग्रवाल ) विशेष सचिव। संख्या : 36/208/3735/77-6-8-8 (SKY) /4तद़ दिनांक : 36/2048/3735/77-6-8-8 (SY) /33 तद॒ दिनांक उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित: - l- महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम, उ.प्र. , इलाहाबाद | 2- मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर/लखनऊ। 3- प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम, कानपुर। 4- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग निदेशालय, PARI 5-... निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। 6- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-7/4 7- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग -6 g- नियोजन ऊअनुभाग-५/4 9- औद्योगिक विकास अनुभाग-2 ]0-. गार्ड फाइल। आज्ञा से, (अंकित कुमार अग्रवाल ) विशेष सचिव। I- Fe शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है ।

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