Date: 2015-02-25Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
श्री यादव सिंह (निलम्बित), तत्कालीन मुख्य अभियन्ता, नौएडा, एवं तत्कालीन महाप्रबंधक, ग्रेटर नौएडा एवं यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण के विरूद्ध एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग के नियुक्त के संबंध में।
उत्तर प्रदेश सरकार ने 25 फरवरी 2015 के एक कार्यालय-ज्ञाप में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अमर नाथ वर्मा को यादव सिंह (निलंबित) के विरुद्ध अनियमितताओं की जांच के लिए एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग के रूप में नियुक्त किया है। न्यायमूर्ति वर्मा के अनुरोध पर, श्री ज्ञान चंद्रा को पूर्णकालिक सचिव नियुक्त किया गया है। श्री चंद्रा का कार्यकाल जांच आयोग की अवधि तक रहेगा और उनके वेतन का निर्धारण बाद में किया जाएगा। अवधि परिवर्तन से संबंधित सभी संशोधन उत्तर प्रदेश शासन द्वारा अधिकृत किए जाएंगे। इस ज्ञापन की प्रतियां विभिन्न अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं।
Key Entities Referenced
जांच आयोग अधिनियम, 1952: एक केंद्रीय कानून जो जांच आयोगों की स्थापना और शक्तियों को नियंत्रित करता है, इस मामले में उत्तर प्रदेश में यादव सिंह मामले में अनियमितताओं की जांच के लिए एक आयोग की स्थापना के लिए लागू किया गया।
यादव सिंह: तत्कालीन मुख्य अभियंता, नोएडा, जिसके खिलाफ यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की जा रही है, इस मामले में प्रमुख विषय है।
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार, आदेश जारी करने वाली और जांच आयोग की स्थापना करने वाली शासकीय इकाई।
अमर नाथ वर्मा: इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यादव सिंह मामले में अनियमितताओं की जांच के लिए गठित एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग के प्रमुख।
नौएडा, ग्रेटर नौएडा, यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण: सरकारी प्राधिकरण जहां कथित अनियमितताएं हुईं और जांच के अधीन हैं।
उत्तर प्रदेश शासन
औद्योगिक विकास अनुभाग-4
AEAM-I2/205/460()/77-4-5-l000./4
लखनऊ: दिनांक 25 फरवरी, 20i5
कार्यालय-ज्ञाप
श्री यादव सिंह (निलम्बित), तत्कालीन मुख्य अभियन्ता, नौएडा, एवं तत्कालीन महाप्रबंधक, ग्रेटर नौएडा
एवं यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण के विरूद्ध उपर्युक्त कथित अनियमितताओं की विश्वसनीय एवं निष्पक्ष जांच हेतु,
जांच आयोग अधिनियम, 952 (अधिनियम संख्या-60 सन् 952) की धारा-3 द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते
हुए राज्य सरकार द्वारा, अधिसूचना संख्या: Re.45/77-4-74-I000e/74 दिनांक 0.02.20i5 के माध्यम से
मा0 इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मा0 न्यायमूर्ति श्री अमर नाथ वर्मा, निवासी ए0पी0 सेन रोड,
लखनऊ को एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग के रूप में नियुक्त किया गया है।
2 न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्री अमर नाथ वर्मा के पत्र दिनांक 20.02.205 की संस्तुति पर श्री ज्ञान चन्द्रा,
एच0जे0एस0 (रिटा0) स्थानीय पता-सी-849 सेक्टर सी, महानगर, लखनऊ, को एकल सदस्यीय जांच आयोग का
पूर्ण कालिक सचिव नियुक्त किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।
3; एकल सदस्यीय जांच आयोग के पूर्णकालिक सचिव के रूप में श्री ज्ञान चन्द्रा का कार्यकाल जांच आयोग
की कार्य-अवधि तक होगा।
4. परिलब्धियों का निर्धारण कर बाद में सूचित कर दिया जायेगा।
5. अवधि परिवर्तन के संबंध में उत्तर प्रदेश शासन अधिकृत होगा।
ant से,
(महेश कुमार TAT)
प्रमुख सचिव।
Wea-_460(2)/77-4-5 तदिनांक
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः-
न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्री अमर नाथ वर्मा, US. 0/2, ए0पी0सेन रोड, लखनऊ।
छा श्री ज्ञान चन्द्र, एच0जे0एस0 (रिटा0), सी-849 सेक्टर सी, महानगर, लखनऊ।
प्रमुख सचिव, न्याय एवं विधि परामर्शी, उ0प्र0 शासन।
आहरण वितरण अधिकारी, सूक्ष्म लधु एवं मध्यम उद्यम अनुभाग-3 उ0प्र0शासन।
महालेखाकार, उ0प्र0, इलाहाबाद।
के wnआयुक्त, लखनऊ मण्डल, लखनऊ।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी, नोएडा, गौतमबुद्धनगर।
जिलाधिकारी, लखनऊ एवं गौतमबुद्धनगर।
कोषाधिकारी, जवाहर भवन, लखनऊ।
वित्त (सामान्य )अनुभाग-/2
वित्त (व्यय नियंत्रण) अनुभाग-6
ams wise
आज़ा से,
(ओम प्रकाश पाठक)
विशेष सचिव।