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Date: 2021-03-26 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

कोविड-19 महामारी के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश के आर्थिक रूप से पिछडे़ क्षेत्रों के लिए त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के अन्तर्गत प्रदेश के मध्यांचल, पूर्वांचल एवं बुन्देलखण्ड क्षेत्रों में मेगा परियोजनाओं की स्थापना को प्रोत्सहन देने के उद्देश्य से दी जाने वाली विशेष सुविधाओं एवं रियायतों के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश:** दस्तावेज़ में COVID-19 महामारी के संबंध में उत्तर प्रदेश में आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के तहत मेगा परियोजनाओं की स्थापना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दी जाने वाली विशिष्ट सुविधाओं और रियायतों का विवरण दिया गया है। यह आदेश 26 मार्च, 2021 को जारी किया गया था और इसमें नीति नियमों और शर्तों का पालन करते हुए विभिन्न औद्योगिक इकाइयों को विशेष रियायतें प्रदान करने के निर्णय शामिल हैं। इसमें 14 अगस्त, 2020 को जारी पिछली नीतियों का संदर्भ दिया गया है। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** * **अनुमोदन और निवेश:** * मेसर्स ब्रिटैनिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड, मेसर्स जेकेसेम (सेंट्रल) लिमिटेड और मेसर्स बर्जर पेंट्स इंडिया लिमिटेड सहित विभिन्न इकाइयों को पूंजी निवेश और खाद्य प्रसंस्करण या सीमेंट उत्पादन इकाइयों की स्थापना के लिए अनुमोदन दिए गए। * यह अनुमोदन त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के नियमों और शर्तों के अधीन है। * **प्रोत्साहन और रियायतें:** * नेट एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति: पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्रों में 15 वर्षों के लिए शुद्ध जीएसटी के 70% तक प्रतिपूर्ति। मध्यांचल क्षेत्रों में कुछ इकाइयों के लिए अलग-अलग प्रतिपूर्ति दरें (12 वर्ष)। * स्टाम्प शुल्क छूट: पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्रों में स्टाम्प शुल्क पर 100% छूट। * पूंजीगत ब्याज सब्सिडी: संयंत्र और मशीनरी के लिए सावधि ऋण पर दिए गए वास्तविक ब्याज या 5% ब्याज दर में से जो भी कम हो, 5 वर्ष तक की सब्सिडी। वार्षिक सब्सिडी सीमा 50 लाख रुपये है। * बुनियादी ढांचा ब्याज सब्सिडी: इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए ऋण पर वास्तविक ब्याज या 5% ब्याज दर में से जो भी कम हो, 5 वर्ष तक की सब्सिडी। कुल सब्सिडी की सीमा 1 करोड़ रुपये है। * विद्युत शुल्क में छूट: नए औद्योगिक उपक्रमों को इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में 10 वर्षों के लिए 50% तक की छूट दी जाएगी। स्व-उपभोग कैप्टिव बिजली संयंत्रों के लिए यह लागू नहीं है। * **विशिष्ट शर्तें और सीमाएं:** * भूमि की लागत को पात्र पूंजी निवेश के 10% से अधिक नहीं होना चाहिए। * साइट के विकास की लागत को भूमि की लागत में शामिल नहीं किया जाएगा। * प्रोत्साहन नीति-2020 के खंड 4.2 के अनुसार पूंजी निवेश के प्रत्येक घटक की पुष्टि की जाएगी। * रियायतें केवल निर्धारित शर्तों के भीतर और निर्धारित सीमा तक ही दी जाएंगी। * जमा की गई जानकारी/रिकॉर्ड असत्य पाए जाने पर स्वीकृति निरस्त कर दी जाएगी। * **सामान्य दिशानिर्देश:** * राज्य सरकार द्वारा मेगा परियोजनाओं को प्रोत्साहन आवंटित करने के निर्णय को संबंधित शासनादेशों के अनुसार प्राधिकृत संस्था द्वारा प्रशासित किया जाएगा। * संबंधित विभाग नई इकाइयों के लिए अनुमोदित सुविधाओं को आवंटित करने के लिए जनादेश जारी करेंगे। * किसी भी प्रक्रिया को स्थापित करने के लिए, इम्पावर्ड कमेटी की मंजूरी आवश्यक है। * नोडल एजेंसियां यह सुनिश्चित करने के लिए बाहरी समीक्षा कर सकती हैं कि परियोजना में कोई भी परिवर्तन निवेश प्रोत्साहन नियमों के अनुसार हो। **प्रभाव विश्लेषण:** **हितधारक:** उत्तर प्रदेश सरकार (विभिन्न विभाग जैसे औद्योगिक विकास, वित्त, और राजस्व), औद्योगिक इकाइयां (मेसर्स ब्रिटैनिया इंडस्ट्रीज लि., मेसर्स जेकेसेम (सेंट्रल) लि., मेसर्स बर्जर पेंट्स इंडिया लि. और मेसर्स गैलेंट इंडस्ट्री प्रा. लि.), और उत्तर प्रदेश के आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्र (पूर्वांचल, बुंदेलखंड और मध्यांचल)। * **हितधारक:** उत्तर प्रदेश सरकार * **प्रभाव:** नीति के अनुसार निवेश को प्रोत्साहित करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित उद्योगों को अनुमोदन, रियायतें और सहायता प्रदान करना। सरकार से क्षेत्रीय विकास और रोजगार सृजन की पहल पर इस दस्तावेज़ में उल्लिखित दिशा-निर्देशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने की अपेक्षा की जाती है। * **आवश्यक कार्रवाई:** * विभिन्न विभागों को संबंधित इकाइयों को अनुमोदित सुविधाओं को आवंटित करने के लिए शासनादेश जारी करने चाहिए। * यह सुनिश्चित करें कि मेगा परियोजनाओं को दी जाने वाली सभी सुविधाएं संबंधित शासनादेशों के प्रावधानों के अनुसार वितरित की जाएं। * औद्योगिक उपक्रमों की परियोजनाओं की प्रकृति और निवेश में परिवर्तन के लिए लागू होने वाले नियमों के अनुसार अनुमोदन की समीक्षा की जानी चाहिए। * **हितधारक:** औद्योगिक इकाइयां (मेसर्स ब्रिटैनिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड, मेसर्स जेकेसेम (सेंट्रल) लिमिटेड, मेसर्स बर्जर पेंट्स इंडिया लिमिटेड और मेसर्स गैलेंट इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड) * **प्रभाव:** त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के तहत विभिन्न वित्तीय प्रोत्साहन, कर छूट और सब्सिडी प्राप्त करके अपनी परियोजनाओं पर आने वाली लागत को कम किया जा सकता है। पात्रता शर्तों को पूरा करना और अनुमोदन, रियायतें और सहायता प्राप्त करना। * **आवश्यक कार्रवाई:** * सुनिश्चित करें कि परियोजनाएं त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के पात्रता मानदंडों को पूरा करती हैं। * संबंधित प्राधिकरणों से सुविधाओं और प्रोत्साहनों के लिए आवेदन करें। * निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी नीति और शर्तों का अनुपालन करें। * यह सुनिश्चित करें कि दी गई जानकारी सटीक और सत्य है। * **हितधारक:** उत्तर प्रदेश के आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्र (पूर्वांचल, बुंदेलखंड और मध्यांचल) * **प्रभाव:** इन क्षेत्रों में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास के माध्यम से इन क्षेत्रों को लाभ होगा। * **आवश्यक कार्रवाई:** * इस क्षेत्र के नागरिक उद्योगों की वृद्धि के लिए अनुकूल वातावरण को बनाए रखते हुए, विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ाएँ।

Key Entities Referenced

उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार औ‌द्योगिक विकास अनुभाग-6: औद्योगिक विकास विभाग का एक अनुभाग त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020: कोविड-19 महामारी के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश के आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों के लिए त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति पूर्वांचल, बुन्देलखण्ड, मध्यांचल: उत्तर प्रदेश के आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों के अंतर्गत क्षेत्र मेसर्स ब्रिटैनिया इण्डस्ट्रीज लि०, मेसर्स जेकेसेम (सेन्ट्रल) लि०, मेसर्स बर्जर पेन्टस इण्डिया लि०, मेसर्स गैलेन्ट इण्डस्ट्री प्रा० लि०: उत्तर प्रदेश में स्थापित होने वाली इकाइयाँ
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WEAT-4/202/283/77-6-202-5(UH)/2043et..(AaT)- प्रेषक, अरविन्द कुमार, अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, |. समस्त संबन्धित अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, उ0प्र0 शासन। 2. समस्त संबन्धित मण्डलायुक्त/जिलाधिकारी, उ0प्र0| 3. आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग निदेशालय कानपुर। 4. प्रबन्ध निदेशक, पिकप, पिकप भवन, गोमतीनगर, लखनऊ। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 26 मार्च, 2024 विषयः- कोविड-9 महामारी के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश के आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों के लिए त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के अन्तर्गत प्रदेश के मध्यांचल, पूर्वांचल एवं बुन्देलखण्ड क्षेत्रों में मेगा परियोजनाओं की स्थापना को प्रोत्सहन देने के उद्देश्य से दी जाने वाली विशेष सुविधाओं एवं रियायतों के संबंध में। महोदय, उपर्युक्त विषय के संबंध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि. शासनादेश AATI-26/2020/2 80/77-6-2020-5(taA)/2072r.47.5 दिनांक 44.08.2020 द्वारा निर्गत aplfas-9 महामारी के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश के आर्थिक रूप से पिछडे क्षेत्रों के लिए त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के अन्तर्गत राज्य सरकार adn निम्नांकित इकाइयों को मेगा परियोजनान्तर्गत विशेष सुविधायें vd रियायतें, नीति में उल्लिखित परिभाषाओं तथा शर्तों के अनुसार निर्धारित की गयी सीमा तक ही प्रदान करने का निर्णय लिया गया हैः- (). Feet ब्रिटैनिया इण्डस्ट्रीज feo द्वारा जिला बाराबंकी (पूर्वांचल क्षेत्र) Aaa ब्रिटैनिया इण्डस्ट्रीज लि0 द्वारा जिला बाराबंकी (पूर्वांचल) A बिस्किट्स, केक, पेस्ट्रीज, Wh एवं अन्य बेकरी उत्पाद के उत्पादन हेतु रू0 34.20 करोड़ पूंजी निवेश (स्थायी पूँजी निवेश रू0 300.00 करोड़ एवं त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के प्रख्यापन की तिथि 4.08.2020 के पश्चात आह पूँजी निवेश रू0 300.00 करोड़) के माध्यम से एक नई खाद्य प्रसंस्करण इकाई की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है जिसकी परियोजना लागत निम्नवत है:- परियोजना लागत (रू0 करोड़ में) विवरण a कुल... | भूमि एवं साइट विकास 52.00° सिविल 83.00 यंत्र एवं संयत्र 65.00 I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |उप जोड़ (क) 300.00** कन्टिनजेन्सी 0.00 निर्माण कार्य के दौरान ब्याज 5.90 प्रि-आपरेटिव खर्चे 3.00 मार्जिन मनी 2.30 उप जोड़ (ख) N20 .20 कल जोड़ (क+ख) 34.20 *त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 (नीति-2020) के अनुसार भूमि की लागत पात्र पूँजी निवेश के 0 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी। साइट विकास की लागत भूमि के मद में सम्मिलित नहीं की जायेगी। इसकी लागत "अन्य निर्माण" के मद के अन्तर्गत अनुमन्य भाग हेतु पूँजी निवेश के सत्यापन के समय की जायेगी। “doit निवेश के प्रत्येक मद के अन्तर्गत वर्णित विवरण एवं नीति-2020 के प्रस्तर 4.2 के अनुसार सत्यापन के अधीन। कम्पनी GANT निवेश प्रारम्भ करने की तिथि दिनांक 3 मार्च, 202। दर्शायी गयी है। उपलब्ध कराये गये प्रमाण-पत्र के अनुसार कम्पनी दूवारा प्रस्तावित परियोजना में शून्य निवेश किया गया है। सन्दर्भ तिथि (74.08.2020) के पश्चात कम्पनी दूवारा 00 प्रतिशत निवेश प्रभावी अवधि में किया जाना प्रस्तावित है। साथ ही परियोजना का वाणिज्यिक उत्पादन 3। जनवरी, 2023 से किया जाना प्रस्तावित है। इस प्रकार इकाई द्वारा उपरोक्त इंगित WERT के प्राविधानों का अनुपालन किया जाना प्रस्तावित है। इस परियोजना के स्थापित होने से कुल 000 व्यक्तियों (प्रत्यक्ष-225 एवं अप्रत्यक्ष-775) के लिए रोजगार सृजित होने की सम्भावना है। उक्त परियोजना हेतु कम्पनी द्वारा त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 (नीति-2020) के अन्तर्गत निम्नलिखित सुविधाओं हेतु आवेदन किया गया है:- क्र0सं0 आवेदित सुविधा नियमावली के अन्तर्गत सुविधाओं की अनुमन्यता (. जमा किये. गये ग्रास | नीति-2020 के प्रस्तर 5.2 के अनसार नुसार जमा किये गये नेट एस0जी0एस0टी = की | जी0एस0टी0 70 प्रतिशत प्रतिपूर्ति पूर्वचल एवं बुन्देलखण्ड क्षेत्र मैं 00 प्रतिशत प्रतिपूर्ति | (5 वर्षों हेतु अनुमन्य है। 5 वर्षों हेतु। 2. स्टाम्प शुल्क में छूट। | नीति-2020 के प्रस्तर 5.। के अनुसार पूर्वांचल एवं बुन्देलखण्ड क्षेत्र मैं स्टाम्प शुल्क में 00 प्रतिशत छूट HAA है। 3. फपूँजीगत ब्याज उपादान | नीति-2020 के प्रस्तर 5.3 के अनुसार प्लांट एवं मशीनरी के लिए की प्रतिपूर्ति। वितरित सावधिक ऋण पर भुगतान किये गये वास्तविक ब्याज अथवा 5 प्रतिशत की ब्याज दर से किया गया भुगतान, जो भी कम हो, 5 वर्ष तक पूँजी ब्याज उपादान प्रतिपूर्ति की सुविधा इस I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |Widder के साथ अनुमन्य है कि सुविधा की अधिकतम वार्षिक सीमा रू0 50 लाख से अधिक नहीं होगी। अवस्थापना ब्याज नीति-2020 के प्रस्तर 5.4 के अनुसार अवस्थापना सुविधाओं के उपादान की प्रतिपूर्ति। विकास हेतु लिये गये ऋण पर भुगतान किये गये वास्तविक ब्याज अथवा 5 प्रतिशत की ब्याज दर से किया गया भुगतान, जो भी कम हो, 5 वर्ष तक अवस्थापना ब्याज उपादान प्रतिपूर्ति की सुविधा इस प्रतिबन्ध के साथ अनुमन्य है कि सुविधा की अधिकतम सम्पूर्ण सीमा रू0 । करोड़ से अधिक नही होगी। औद्योगिक अनुसंधान, नीति-2020 के प्रस्तर 5.5 के अनुसार औद्योगिक अनुसंधान, उत्पाद की... गुणवत्ता सुधार एवं विकास के लिए औद्योगिक संगठनों, .... उत्पाद की गुणवत्ता सुधार एवं विकास के लिए औद्योगिक संगठनों, औद्योगिक इकाइयों के समूह द्वारा टेस्टिंग लैब, क्वॉलिटी सर्टिफिकेशन लैब एवं टूलरूम स्थापित करने हेतु प्लांट, मशीनरी औद्योगिक एवं इक्यूपमेण्ट्स पर किये जाने वाले व्यय हेतु लिये गये ऋण पर इकाइयों के समूह द्वारा भुगतान किये गये वास्तविक ब्याज अथवा 5 प्रतिशत की ब्याज टेस्टिंग लैब, क्वालिटी दर से किया गया भुगतान, जो भी कम हो, 5 वर्ष तक ब्याज सर्टिफिकेशन लैब एवं प्रतिपूर्ति की सुविधा इस प्रतिबन्ध के साथ उपलब्ध करायी जायेगी CASA स्थापित करने कि सुविधा की अधिकतम सम्पूर्ण सीमा रू0 । करोड़ से अधिक हेतु प्लांट, मशीनरी एवं नहीं होगी। इक्यूपमेण्ट्स पर किये यह सुविधा इकाई को स्टैंडएलोन होने के कारण अनुमन्य नहीं है। जाने. वाले व्यय हेतु लिए गये ऋण पर ब्याज उपादान की प्रतिपूर्ति | स्वयं... उपभोग हेतु | नीति-2020 के प्रस्तर 5.7 के अनुसार इस नीति में स्थापित होने कैप्टिव Wat पर | वाले नये औद्योगिक उपक्रमों दूवारा स्वयं प्रयोग हेतु कैप्टिव पावर विद्युत शुल्क से 50 | प्लान्ट A उत्पादित विद्युत को 0 वर्ष हेतु 50 प्रतिशत प्रतिशत की 0 वर्ष हेतु इलेक्ट्रिसिटी इयूटी से मुक्त रखा जायेगा। BC विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के अनुसार कैप्टिव पावर प्लांट की स्थापना का कोई प्रस्ताव नहीं है। अतः यह सुविधा इकाई को अनुमोदित नहीं की जा सकती है। पावर कम्पनियों से नीति-2020 के प्रस्तर 5.6 के अनुसार इस नीति मैं स्थापित होने विद्युत. क्रय. पर वाले सभी नये औद्योगिक उपक्रमों को इलेक्ट्रिसिटी इयूटी में 0 विद्युत शुल्क A 50 वर्श हेतु 50 प्रतिशत की छूट अनुमन्य होगी। प्रतिशत की 0 वर्ष हेतु छूट। यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |अतः कम्पनी CANT औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन aAlia-20:7 के क्रियान्वयन सम्बन्धी Atal के अन्तर्गत उनके निवेश मित्र पोर्टल पर त्रुटिवश प्रस्तुत/लम्वबित प्रस्तावों को निरस्त किए जाने तथा कम्पनी को निम्नलिखित शर्तों के अधीन लेटर आफ HEH निर्गत किये जाने की अनुमति प्रदान की जाती है:- |. कम्पनी को त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के अन्तर्गत शर्तों के अधीन तथा निर्धारित सीमा के भीतर मांगी गयी सुविधाओं (एजेण्डा नोट में इंगित तालिका-सी एवं उपरोक्त तालिका में उल्लिखित HOO (, 2, 3, 4, एवं 7) के लिये लेटर आफ कम्प्फर्ट निर्गत किया जाए। 2. भूमि के क्रय के विषय में सुसंगत शर्त लेटर ऑफ कम्फफर्ट में सम्मिलित की जाए। (2) मेसर्स जेकेसेम(सेन्ट्रल) feo, जिला हमीरपुर(बुन्देलखण्ड क्षेत्र) मेसर्स जेकेसेम(सेन्ट्रल) लि0 cant जिला हमीरपुर (बुन्देलखण्ड क्षेत्र) में 2.0 मिलियन मैट्रिक टन प्रतिवर्ष क्षमता के साथ पोर्टलैण्ड Mace, एल्युमिनस सीमेन्ट, teh Wace एवं समान हाइड्रोलिक सीमेन्ट के उत्पादन हेतु FO 387.22 करोड़ पूँजी निवेश (स्थायी पूँजी निवेश रू0 38.48 करोड़ एवं त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के प्रख्यापन की तिथि 74.08.2020 के पश्चात Be पूँजी निवेश BO 378.48 करोड़) के माध्यम से एक नई सीमेन्ट इकाई की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है जिसकी परियोजना लागत निम्नवत है:- परियोजना लागत (रू0 करोड़ में) विवरण |... कुल भूमि एवं साइट विकास 22.70° सिविल are, बिल्डिग्स एण्ड स्ट्रक्चर्स 82.05 यंत्र एवं संयत्र 2.63 विविध स्थायी परिसम्पत्तियों 2.0 उप जोड़ (क) 38.48”* तकनीकी जानकारी एवं परीक्षण पर व्यय 4.50 प्रिलिमिनरी एवं प्रि-औआपरेटिव खर्चे 29.32 कन्टिनजेन्सी 25.09 कार्यशालर पूँजी हेतु मार्जिन मनी 3.83 उप जोड़ (ख) 62.74 कल जोड़ (क+ख) 38.22 यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |* भूमि की लागत रू0 9 करोड़ है। साइट विकास की लागत भूमि के मद में सम्मिलित नहीं की जायेगी। इसकी लागत "अन्य निर्माण" के मद के अन्तर्गत अनुमन्य भाग हेतु पूंजी निवेश के सत्यापन के समय की जायेगी। * पूँजी निवेश के प्रत्येक मद के अन्तर्गत वर्णित विवरण एवं नीति-2020 के प्रस्तर 4.2 के अनुसार सत्यापन के अधीन। कम्पनी GANT निवेश प्रारम्भ करने की तिथि दिनांक 20.0.2020 दर्शायी गयी है। उपलब्ध कराये गये प्रमाण-पत्र के अनुसार कम्पनी द्वारा प्रस्तावित परियोजना में BO 7.57 करोड़ का निवेश किया गया है। सन्दर्भ तिथि (4.08.2020) के पश्चात कम्पनी दूवारा i00 प्रतिशत निवेश प्रभावी अवधि में किया जाना प्रस्तावित है। साथ ही परियोजना का वाणिज्यिक उत्पादन । फरवरी 2023 से किया जाना प्रस्तावित है। इस प्रकार इकाई द्वारा उपरोक्त इंगित प्रस्तरों के प्राविधानों का अनुपालन किया जाना प्रस्तावित है। इस परियोजना के स्थापित होने से कुल 204 व्यक्तियों के लिए रोजगार सृजित होने की सम्भावना है। उक्त परियोजना हेतु कम्पनी द्वारा त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 (नीति-2020) के अन्तर्गत निम्नलिखित सुविधाओं हेतु आवेदन किया गया है:- क्र0सं0 आवेदित सुविधा नियमावली के अन्तर्गत सुविधाओं की अनुमन्यता . saat किये... गये... नेट | नीति-2020 के प्रस्तर 5.2 के अनुसार जमा किये गये नेट एस0जी0एस0टी0 की | जी0एस0टी0 की. 70 प्रतिशत प्रतिपूर्ति पूर्वांचल एवं प्रतिपूर्ति बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 5 वर्षों हेतु अनुमन्य है। 2. स्टाम्प शुल्क मैं छूट। नीति-2020 के प्रस्तर 5.. के अनुसार पूर्वांचल एवं बुन्देलखण्ड क्षेत्र मैं स्टाम्प शुल्क में 00 प्रतिशत छूट HATHA है। 3. पूँजीगत ब्याज उपादान HY | नीति-2020 के प्रस्तर 5.3 के अनुसार प्लांट एवं मशीनरी प्रतिपूर्ति । के लिए वितरित सावधिक ऋण पर भुगतान किये गये वास्तविक ब्याज अथवा 5 प्रतिशत की ब्याज दर से किया गया भुगतान, जो भी कम हो, 5 वर्ष तक पूँजी ब्याज उपादान प्रतिपूर्ति की सुविधा इस प्रतिबन्ध के साथ अनुमन्य है कि सुविधा की अधिकतम वार्षिक सीमा रू0 50 लाख से अधिक नही होगी। 4. पावर कम्पनियों से विद्युत | नीति-2020 के प्रस्तर 5.6 के अनुसार इस नीति में क्रय पर विद्युत शुल्क से स्थापित होने वाले सभी नये औद्योगिक somal को 50 प्रतिशत की 0 वर्ष हेतु इललेक्ट्रिसिटी इयूटी में 0 वर्ष हेतु 50 प्रतिशत की छूट BC | अनुमन्य होगी। - यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |कम्पनी की उपरोक्त परियोजना हेतु कम्पनी की इकाई को लेटर आफ कम्फर्ट इस प्रतिबन्ध के साथ जारी किया जायेगा कि इकाई को दी जाने वाली सुविधाएं (उपरोक्त ताल्रिका में उल्लिखित HOMO I, 2, 3 एवं 4) नीति के अन्तर्गत प्राविधानित सीमाओं के भीतर Ud शर्तों के अनुसार उपलब्ध करायी जायेंगी। की अनुमति प्रदान की जाती है। (3) मेसर्स बर्जर पेन्टस इण्डिया लि0, जिला हरदोई(मध्यांचल क्षेत्र) AGH बर्जर Yeca इण्डिया लि0 द्वारा सण्डीला, जिला हरदोई (मध्यांचल क्षेत्र) में निम्न उत्पादों के उत्पादन हेतु BO 725.80 करोड़ Yoh निवेश के माध्यम से एक नई Wea उत्पादन इकाई स्थापित किया जाना प्रस्तावित हैः- उत्पाद |... क्षमता... | वाटर बेस पेन्ट्स ,80,000 के.एल./एम.टी. पालिमर इमल्शन 72,000 एम.टी. कान्सट्रशन कैमिकल 72,000 एम.टी. सालवेन्ट बेस पेन्टस 57,600 के.एल. पुट्टी 84,000 एम.टी. रेसिन 24,000 एम.टी. मेसर्स बर्जर Ueca इण्डिया ल्रि0 द्वारा सण्डीला, जिला हरदोई (मध्यांचल क्षेत्र) में उपरोक्त उत्पादों के उत्पादन हेतु FO 725.80 करोड़ पूँजी निवेश (स्थायी पूँजी निवेश रू0 690.80 करोड़ एवं त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के प्रख्यापन की तिथि 4.08.2020 के पश्चात अहँ पूँजी निवेश BO 660.37 करोड़) के माध्यम से एक नई Weed इकाई की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है जिसकी परियोजना लागत निम्नवत है:- परियोजना लागत (रू0 करोड़ में) विवरण |... कुल... | भूमि एवं साइट विकास 25.00° बिल्डिंग्स एण्ड सिविल्र ara 295.00 यंत्र एवं संयत्र 369.70 विविध स्थायी परिसम्पत्तियों .0 उप जोड़ (क) 690.80** कास्ट एस्कालेशन एवं कन्टिनजेन्सी हेतु प्राविधान 30.00 कन्सल्टिंग चार्जेस 5.00 उप जोड़ (ख) 35.00 कल जोड़ (क+ख) 725.80 I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |* साइट विकास की लागत भूमि के मद में सम्मिलित नहीं की जायेगी। इसकी लागत "अन्य निर्माण" के मद के अन्तर्गत अनुमन्य भाग हेतु पूँजी निवेश के सत्यापन के समय की जायेगी। * पूँजी निवेश के प्रत्येक मद के अन्तर्गत वर्णित विवरण एवं नीति-2020 के प्रस्तर 4.2 के अनुसार सत्यापन के अधीन। इसके अतिरिक्त नीति-2020 के प्रावधानों के अनुसार संदर्भ तिथि से पूर्व किए गए निवेश रू0 30.34 करोड़ को स्थायी पूँजी निवेश के मद से घटा कर पात्र स्थायी पूँजी निवेश की गणना की जायेगी। कम्पनी GANT निवेश प्रारम्भ करने की तिथि दिनांक 5.02.208 दर्शायी गयी है। उपलब्ध कराये गये प्रमाण-पत्र के अनुसार कम्पनी द्वारा प्रस्तावित परियोजना में सन्दर्भ तिथि (4.08.2020) के पूर्व रू0 30.43 करोड़ (4.4 प्रतिशत) का निवेश किया गया है। सन्दर्भ तिथि (44.08.2020) के पश्चात कम्पनी द्वारा 95.59 प्रतिशत निवेश प्रभावी अवधि में किया जाना प्रस्तावित है। साथ ही परियोजना का वाणिज्यिक उत्पादन 28 मार्च 2022 से किया जाना प्रस्तावित है। इस प्रकार इकाई द्वारा उपरोक्त इंगित प्रस्तरों के प्राविधानों का अनुपालन किया जाना प्रस्तावित है। इस परियोजना के स्थापित होने से कुल (50 व्यक्तियों के लिए रोजगार सृजित होने की सम्भावना है। उक्त परियोजना हेतु कम्पनी द्वारा त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 (नीति-2020) के अन्तर्गत निम्नलिखित सुविधाओं हेतु आवेदन किया गया है:- क्र0स0 आवेदित सुविधा नियमावली के अन्तर्गत सुविधाओं की अनुमन्यता . जमा किये गये | नीति-2020 के प्रस्तर 5.2 के अनुसार जमा किये गये नेट जी0एस0टी0 की प्रतिपूर्ति । जी0एस0टी0 की 70 प्रतिशत प्रतिपूर्ति मध्यॉचल क्षेत्र मैं 2 वर्षों हेतु अनुमन्य है। 2. स्टाम्प शुल्क मैं छूट। नीति-2020 के WER 5.4 के अनुसार मध्याँचल क्षेत्र मैं स्टाम्प शुल्क मैं 75 प्रतिशत छूट अनुमन्य है। चूंकि इकाई द्वारा भूमि के मद में सन्दर्भ तिथि के पूर्व निवेश किया जा चुका है। अतः यह सुविधा इकाई को HAH नही होगी। 3. पावर कम्पनियों... से | नीति-2020 के प्रस्तर 5.6 के अनुसार इस नीति में स्थापित विद्युत क्रय पर विद्युत | होने वाले सभी नये औद्योगिक उपक्रमों को इलेक्ट्रिसिटी शुल्क से 50 प्रतिशत की | इयूटी में 0 वर्ष हेतु 50 प्रतिशत की छूट अनुमन्य होगी। 0 वर्ष हेतु Bel अतः कम्पनी की प्रस्तावित परियोजना उ0प्र0 शासन दूवारा घोषित त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के प्रावधानों के अनुसार अहँता के मापदण्डों को पूर्ण करती है एवं उपरोक्त परियोजना हेतु कम्पनी की इकाई लेटर आफ Hee हेतु अरह Sl प्रतिबन्ध यह होगा कि इकाई को दी जाने वाली सुविधाएँ (एजेण्डा नोट की ताल्रिका-सी एवं उपरोक्त तालिका में उल्लिखित I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |HOMO 7 एवं 3) नीति के अन्तर्गत प्राविधानित सीमाओं के भीतर एवं शर्तों के अनुसार उपलब्ध करायी जायेंगी। तदनुसार कम्पनी को लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत किये जाने की अनुमति प्रदान की जाती है। (4) मेसर्स गैलेन्ट इण्डस्ट्री प्रा0 feo, जिला गोरखपुर(पूर्वांचल क्षेत्र) मेसर्स detec इण्डस्ट्री WO लि0 द्वारा जिला गोरखपुर (पूर्वांचल aa) A 600000 मैट्रिक टन प्रतिवर्ष क्षमता के साथ पोर्टलैण्ड सीमेन्ट, एल्युमिनस सीमेन्ट, telat सीमेन्ट एवं समान हाइड्रोलिक सीमेन्ट के उत्पादन हेतु BO 34.74 करोड़ पूंजी निवेश (स्थायी Yo निवेश रू0 4.66 करोड़ एवं त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के प्रख्यापन की तिथि 74.08.2020 के पश्चात Be पूँजी निवेश BO (7.66 करोड़) के माध्यम से एक नई सीमेन्ट इकाई की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है जिसकी परियोजना लागत निम्नवत है:- परियोजना लागत (रू0 करोड़ में) विवरण a कुल... | भूमि 7.00 सिविल वर्क्स एण्ड बिल्डिंग्स 4.25 यंत्र एवं संयत्र 80.90 विविध स्थायी परिसम्पत्तियाँ 5.57 उप जोड़ (क) 94.66" | .66° कन्टिनजेन्सी 2.38 प्रि-आपरेटिव खर्चे 2.38 कार्यशाल st हेतु मार्जिन मनी 8.32 उप जोड़ (ख) 23.08 कल जोड़ (क+ख) 34.74 * फूँजी निवेश के प्रत्येक मद के अन्तर्गत वर्णित विवरण एवं नीति-2020 के WER 4.2 के अनुसार सत्यापन के अधीन। कम्पनी GANT निवेश प्रारम्भ करने की तिथि दिनांक 24.44.2020 दर्शायी गयी है। उपलब्ध कराये गये प्रमाण-पत्र के अनुसार कम्पनी CANT प्रस्तावित परियोजना में सन्दर्भ तिथि (4.08.2020) के पूर्व कोई निवेश नहीं किया गया है। सन्दर्भ तिथि (74.08.2020) के पश्चात कम्पनी द्वारा 00 प्रतिशत निवेश प्रभावी अवधि में किया जाना प्रस्तावित है। साथ ही परियोजना का वाणिज्यिक उत्पादन । अप्रैल 2022 से किया जाना प्रस्तावित है। इस प्रकार इकाई द्वारा उपरोक्त इंगित प्रस्तरों के प्राविधानों का अनुपालन किया जाना प्रस्तावित sl कम्पनी द्वारा निवेश प्रारम्भ करने की तिथि दिनांक 24.4.2020 से 34.0.202 तक रू0 23.5 करोड़ का I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |निवेश किया गया है। इस परियोजना के स्थापित होने से कुल 240 व्यक्तियों के लिए रोजगार सृजित होने की सम्भावना है। उक्त परियोजना हेतु कम्पनी द्वारा त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 (नीति-2020) के अन्तर्गत निम्नलिखित सुविधाओं हेतु आवेदन किया गया है:- क्र0सं0 आवेदित सुविधा नियमावल्री के अन्तर्गत सुविधाओं की अनुमन्यता . जमा... fy गये... नेट | नीति-2020 के प्रस्तर 5.2 के अनुसार जमा किये गये नेट एस0जी0एस0टी0 की | जी0एस0टी0 की. 70 प्रतिशत प्रतिपूर्ति data एवं प्रतिपूर्ति | बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 5 वर्षों हेतु अनुमन्य है। 2. स्टाम्प शुल्क में छूट। नीति-2020 के WER 5. के अनुसार पूर्वांचल एवं बुन्देलखण्ड क्षेत्र A स्टाम्प शुल्क में (00 प्रतिशत छूट HATHA है। 3. पूँजीगत ब्याज उपादान की. | नीति-2020 के प्रस्तर 5.3 के अनुसार प्लांट एवं मशीनरी प्रतिपूर्ति | के लिए वितरित सावधिक ऋण पर भुगतान किये गये वास्तविक ब्याज अथवा 5 प्रतिशत की ब्याज दर से किया गया भुगतान, जो भी कम हो, 5 वर्ष तक पूँजी ब्याज उपादान प्रतिपूर्ति की सुविधा इस प्रतिबन्ध के साथ अनुमन्य है कि सुविधा की अधिकतम वार्षिक सीमा रू0 50 लाख से अधिक नही होगी। 4. अवस्थापना ब्याज उपादान | नीति-2020 के Wet 54 के अनुसार अवस्थापना की प्रतिपूर्ति। सुविधाओं के विकास हेतु लिये गये ऋण पर भुगतान किये गये वास्तविक ब्याज अथवा 5 प्रतिशत की ब्याज दर से किया गया भुगतान, जो भी कम हो, 5 वर्ष तक अवस्थापना ब्याज उपादान प्रतिपूर्ति की सुविधा इस प्रतिबन्ध के साथ अनुमन्य है कि सुविधा की अधिकतम सम्पूर्ण सीमा रू0 । करोड़ से अधिक नही होगी। 5. औद्योगिक अनुसंधान, | नीति-2020 के प्रस्तर 5.5 के अनुसार औद्योगिक उत्पाद की. गुणवत्ता सुधार | अनुसंधान, उत्पाद की गुणवत्ता सुधार एवं विकास के लिए ve विकास... & लिए | औद्योगिक संगठनों, औद्योगिक इकाइयों के समूह द्वारा औद्योगिक संगठनों, | टेस्टिंग लैब, क्वॉलिटी सर्टिफिकेशन लैब Ud टरलरूम औद्योगिक इकाइयों. के | स्थापित करने हेतु प्लांट, मशीनरी एवं इक्यूपमेण्ट्स पर समूह cant efter लैब, | किये जाने वाले व्यय हेतु लिये गये ऋण पर भुगतान क्लॉलिटी सर्टिफिकेशन लैब किये गये वास्तविक ब्याज अथवा 5 प्रतिशत की ब्याज Ud टूलरूम स्थापित करने दर से किया गया भुगतान, जो भी कम हो, 5 वर्ष तक हेतु प्लांट, मशीनरी एवं ब्याज प्रतिपूर्ति की सुविधा इस प्रतिबन्ध के साथ उपलब्ध इक्यूपमेण्ट्स पर किये जाने करायी जायेगी कि सुविधा की अधिकतम सम्पूर्ण सीमा वाले व्यय हेतु लिए गये रू0। करोड़ से अधिक नही होगी। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |ऋण पर ब्याज उपादान की प्रतिपूर्ति यह सुविधा इकाई को स्टैंडएलोन होने के कारण HAT | नहीं है। है . स्वयं उपभोग हेतु केप्टिव नीति-2020 के प्रस्तर-5.7 के अनुसार इस नीति मैं पावर पर विद्युत शुल्क से स्थापित होने वाले नये औद्योगिक उपक्रमों दूवारा स्वयं 50 प्रतिशत की Bel प्रयोग हेतु कैप्टिव पावर coe से उत्पादित विद्युत को 0 वर्ष हेतु 50 प्रतिशत इलेक्ट्रिसिटी इयूटी से मुक्त रखा जायेगा। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के अनुसार कैप्टिव पावर प्लांट की स्थापना का कोई प्रस्ताव नहीं है। अतः यह सुविधा इकाई को अनुमोदित नहीं की जा सकती है। 7. पावर कम्पनियों से विद्युत नीति-2020 के प्रस्तर 5.6 के अनुसार इस नीति में क्रय पर विद्युत शुल्क से स्थापित होने वाले सभी नये औद्योगिक उपक्रमों को 50 प्रतिशत की i0 वर्ष हेतु इलेक्ट्रिसिटी इयूटी में 0 वर्ष हेतु 50 प्रतिशत की छूट OC! अनुमन्य होगी। अतः कम्पनी की प्रस्तावित परियोजना उ0प्र0 शासन दूवारा घोषित त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के प्रावधानों के अनुसार Heal के मापदण्डों को पूर्ण करती है एवं उपरोक्त परियोजना हेतु कम्पनी की इकाई लेटर आफ कम्फर्ट हेतु He है। प्रतिबन्ध यह होगा कि इकाई को दी जाने वाली सुविधाएँ (एजेण्डा नोट में इंगित तालिका-सी एवं उपरोक्त तालिका में उल्लिखित क्र0सं0 , 2, 3, 4 एवं 7) नीति के अन्तर्गत प्राविधानित सीमाओं के भीतर एवं शर्तों के अनुसार उपलब्ध करायी जायेंगी। तदनुसार कम्पनी की प्रस्तावित परियोजना हेतु लेटर ऑफ कम्फफर्ट fasta किये जाने की अनुमति प्रदान की जाती है। 2. राज्य सरकार दूवारा इस शासनादेश एवं शासनादेश ALA-26/2020/280/77-6-2020- 5(VA)/2077¢r..5 दिनांक 4.08.2020 की व्यवस्था के अन्तर्गत जिन मेगा परियोजनाओं को विशेष सुविधायें एवं रियायतें प्रदान करने पर अनुमोदन प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है उनको प्रश्नगत सभी प्रकार की सुविधायें प्राधिकृत संस्था द्वारा संबंधित शासनादेशों के प्राविधानों का अनुपालन करते हुए वितरित की जाएगी। 3. संबंधित विभागों द्वारा संदर्भित नई इकाइयों हेतु अनुमोदित सुविधाओं को निर्णीत सीमा तक उपलब्ध कराये जाने हेतु शासनादेश जारी किये जाएंगे। A. किसी भी प्रकार की प्रक्रिया के निर्धारण हेतु प्राधिकृत संस्था द्वारा इम्पावर्ड कमेटी से अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा। 5. औद्योगिक somal gant परियोजना की. प्रकृति अथवा परियोजना लागत में परिवर्तन/बदलाव जिससे इसकी श्रेणी में परिवंतन उत्पन्न हो, लैटर ऑफ कम्फर्ट की शर्तों में परिवर्तन, इत्यादि हेतु दिये गये आवेदन का नोडल संस्था द्वारा स्वयं अथवा बाह्य सक्षम संस्था के माध्यम से परीक्षण कर स्वीकृति प्राधिकारी के विचार हेतु प्रस्तुत किया जाएगा, जिनका निर्णय अन्तिम होगा। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |6. सुविधाओं की निर्धारित सीमा (मात्रा/अवधि) पूरी होने पर अथवा नियमों एवं शर्तों का उल्लंघन होने पर Hex ऑफ Hee स्वतः निरस्त समझा जाएगा। 7..... यदि औद्योगिक उपक्रमों cant दी गयी जानकारी/अभिलेख असत्य पाये जाते हैं अथवा भौतिक तथ्यों को छिपाकर सुविधाएं प्राप्त की जाती है तो ऐसी दशा A लैटर ऑफ कम्फर्ट/स्वीकृति पत्र निरस्त किये जायेंगे एवं औद्योगिक उपक्रम को वितरित की गयी सभी सुविधाओं की राशि प्रदेश में प्रचलित अधिनियमों के अन्तर्गत भूमि राजस्व के बकायों के रूप मैं वसूली योग्य होगी। भवदीय, अरविन्द कुमार अपर मुख्य सचिव। USA- 4/202 /4283(7)/77-6-202-5(wa)/20 3a. et. (AaM)- ara eats उपर्युक्त की प्रति निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित है:- ५ अध्यक्ष, उ.प्र. राजस्व परिषद, लखनऊ। मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, उ0प्र0| अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री, उ.प्र. शासन। अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग, उ.प्र. शासन। प्रमुख सचिव, न्याय विभाग, उ.प्र. शासन। स्टाफ ऑफीसर, मुख्य सचिव, उ.प्र. शासन। महालेखाकार, लेखा परीक्षा (प्रथम एवं द्वितीय) उ.प्र., इलाहाबाद। औद्योगिक विकास विभाग के नियंत्रणाधीन समस्त विभागाध्यक्ष/निगमों के प्रबन्ध निदेशक एवं औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के मुख्य कार्यपालक अधिकारी। 0. मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इनवेस्ट यू0पी0 को इस आशयसे प्रेषित कि शासनादेश state यूपी की बेवससाइट पर तत्काल अपलोड कराने का कष्ट करें। W4. felt, मुद्रण एवं लेखन सामग्री, ऐशबाग, उ.प्र. लखनऊ को इस अनुरोध के साथ प्रेषित कि. शासनादेश की 000 प्रतियां मुद्रित कराकर औद्योगिक विकास अनुभाग-6 को उपलब्ध कराने एवं समस्त मण्डलायुक्त/जिलाधिकारी, उत्तर प्रदेश को मुद्रित प्रति प्रेषित करने का कष्ट करें। 2. . नियोजन अनुभाग-4, उ.प्र. शासन, लखनऊ। 3. ... वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4/वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 4. गार्ड फाइल। 9.५4 9 छा पे wn = आज्ञा से, रजनी led पाण्डेय अनु सचिव। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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