ज़रूर, यहाँ मांगा गया सारांश है:
**कार्यकारी सारांश**
यह दस्तावेज़ आजमगढ़ जिले के रानी की सराय पुलिस स्टेशन के तहत टाइप-2 के 48 आवासों के निर्माण के लिए अवशेष धनराशि जारी करने से संबंधित है। 24.10.2024 को एक पूर्व शासकीय और वित्तीय स्वीकृति के तहत, 11,10,71,000/- रुपये (ग्यारह करोड़ दस लाख इकहत्तर हजार रुपये मात्र) के उपयोग के लिए मंजूरी दी गई है। स्वीकृत राशि 31.03.2026 तक उपयोग की जानी चाहिए।
**मुख्य बातें**
*सामान्य नियम और शर्तें*
* निर्माण कार्य समय पर पूरा किया जाना चाहिए और कार्य लागत में संशोधन से बचने के लिए कार्यदायी संस्था के साथ अनुबंध अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए।
* निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां और पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त करना अनिवार्य है।
* परियोजना शुरू करने से पहले, पुलिस मुख्यालय द्वारा स्थानीय विकास प्राधिकरणों/सक्षम स्थानीय अधिकारियों से मानचित्र स्वीकृत होने चाहिए।
* यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि परियोजना के कार्य पहले से स्वीकृत नहीं हैं या किसी अन्य योजना के अंतर्गत शामिल किए जाने प्रस्तावित नहीं हैं।
* सक्षम स्तर से पूर्व अनुमोदन के बिना नए कार्यों को जोड़ना, आकार/क्षेत्रफल बढ़ाना या उच्च विशिष्टताओं का उपयोग करना जैसे कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं किया जाना चाहिए।
* परियोजना के कार्यान्वयन के दौरान समय और लागत में होने वाली देरी को नियंत्रित किया जाना चाहिए और 21.06.2017 को जारी सरकारी आदेशों का पालन किया जाना चाहिए।
* स्वीकृत धन का उपयोग वित्तीय मैनुअल और सरकारी आदेशों के अनुसार होना चाहिए।
* धन का उपयोग केवल उसी कार्य के लिए किया जाना चाहिए जिसके लिए इसे स्वीकृत किया गया है।
* वित्तीय नियम और अनुमोदन *
* गणना में उल्लिखित श्रम उपकर का भुगतान श्रम विभाग को किया जाना चाहिए।
* उपकरणों की खरीद सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों पर जारी सरकारी आदेशों के अनुसार की जानी चाहिए।
* यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि काम में किसी अन्य कार्य योजना में भागीदारी शामिल नहीं है या पहले किसी अन्य स्रोत से धन स्वीकृत नहीं है।
* परियोजना को सक्षम प्राधिकारी से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करनी चाहिए, जिसकी जिम्मेदारी पुलिस मुख्यालय की होगी।
* कार्यदायी संस्था को गणना में अनुमोदित सीमा तक ही प्रतिशत भुगतान किया जाएगा।
* जीएसटी लागू होना चाहिए, और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि परियोजना में विभिन्न कार्यों में इसे शामिल न किया जाए।
* स्वीकृत राशि को बैंक/डाकघर/पीएलए खाते में जमा नहीं किया जाना चाहिए।
* यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि परियोजना का कार्य समय पर पूरा हो जाए।
* निर्माण लागत और वित्तीय स्वीकृतियों से संबंधित वित्तीय प्रबंधन से संबंधित सेंटेज शुल्क (प्रतिशत प्रभार) पर वित्तीय अनुमोदन प्राप्त किया जाना चाहिए।
* पोर्टल पर परियोजना की भौतिक प्रगति, जारी धन और दर्ज की गई जानकारी अपडेट की जानी चाहिए।
**प्रभाव विश्लेषण**
**हितधारक:** अपर पुलिस महानिदेशक, मुख्यालय, उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय, लखनऊ।
**प्रभाव:** कार्यालय ज्ञाप संख्या 6/2025/बी-1-352/दस-2025-231/2025, दिनांक 27.03.2025 में दी गई व्यवस्था के अंतर्गत कार्यदायी संस्था को धनराशि जारी की जाएगी। यह सुनिश्चित करें कि कार्यदायी संस्था के पास जरूरत से ज्यादा धन न हो। 2025-2026 के चालू वित्तीय वर्ष के आय-व्ययक में इस खर्च को मानक मद 24 वृहत् निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा।
**आवश्यक कार्रवाई:** निर्माण कार्य से संबंधित उपरोक्त नियमों और प्रतिबंधों का पालन करना सुनिश्चित करें। स्वीकृत धनराशि का उपयोग 31.03.2026 तक कर लें।
**हितधारक:** निर्माण कार्यों के लिए नामित कार्यदायी संस्थाएँ
**प्रभाव:** कार्यदायी संस्था को उत्कृष्ट श्रेणी की गुणवत्ता के साथ कार्य निर्धारित समयावधि में पूरा कराना होगा और कार्य लागत में पुनरीक्षण नहीं किया जा सकता।
**आवश्यक कार्रवाई:** निर्माण कार्यों हेतु नामित कार्यदायी संस्थाओं को उत्कृष्ट श्रेणी की गुणवत्ता के साथ कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराना होगा और कार्य लागत में पुनरीक्षण से बचने के लिए अनुबन्ध अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए।
Key Entities Referenced
उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय: एक संगठन जो उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के भीतर नीति और संचालन के लिए जिम्मेदार है।
जनपद आजमगढ़: उत्तर प्रदेश का एक जिला, जहां रानी की सराय में आवासों के निर्माण के लिए धन आवंटित किया जा रहा है।
रानी की सराय: आजमगढ़ जिले में एक थाना, जहाँ 48 टाइप-2 आवासों का निर्माण किया जा रहा है।
वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1: उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग जो परियोजनाओं के वित्तीय पहलुओं को नियंत्रित करता है।
कन्स्ट्रक्शन एण्ड डिजाइन सर्विसेज, उ०प्र० जल निगम: उत्तर प्रदेश में निर्माण कार्य करने वाली एक सरकारी एजेंसी।
AeAT-24/2026/I/254029/2026/00-CN-792368-6-7099-254-2024
प्रेषक,
अन्नावि दिनेशकुमार,
विशेष सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन |
सेवा में,
अपर पुलिस महानिदेशक, मुख्यालय
उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय,
लखनऊ।
गृह (पुलिस) अनुभाग-7 लखनऊ : दिनांक 28-02-2026
विषय:- जनपद आजमगढ़ के थाना रानी की सराय के अन्तर्गत टाईप-2 के 48 आवासों के निर्माण कार्य हेतु अवशेष धनराशि
अवमुक्त किये जाने के सम्बन्ध में ।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय के पत्र AeAT-TATTS-59-205, दिनांक 26.02.2026 के संबंध में मुझे यह
कहने का निदेश हुआ है कि जनपद आजमगढ़ के थाना रानी की सराय के अन्तर्गत टाईप-2 के 48 आवासों के निर्माण कार्य
हेतु शासनादेश ALAT-7 3/2024/-/00 -AtwA-972368-6-7099-254-2024, दिनांक 24.40.2024 द्वारा धनराशि रू0
2244.28 लाख की शासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सापेक्ष धनराशि BO ((22.(4 लाख व्यय हेतु अवमुक्त किया गया है,
जिसके सापेक्ष कार्यदायी संस्था को सम्पूर्ण भुगतान कर दिया गया। प्रश्नगत निर्माण कार्य की निरन्तरता बनाये रखने हेतु
उपलब्ध कराये गये उपयोगिता प्रमाण-पत्र एवं गुणवत्ता प्रमाण पत्र के आधार पर निविदा/अनुबन्ध की लागत धनराशि
रू0 2232.85 लाख में से कार्यदायी संस्था को भुगतान की गयी धनराशि रू0 (722.44 लाख को समायोजित करते
हुए वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल अवशेष धनराशि BO 77,40,77,000/-( रुपये ग्यारह करोड़ दस लाख इकह॒त्तर
हजार मात्र) व्यय हेतु अवमुक्त किये जाने की सहर्ष स्वीकृति श्री राज्यपाल महोदय निम्न शर्तों के अधीन प्रदान करते है-
नियम व शर्ते/प्रतिबन्धों-
q. निर्माण कार्यों हेतु नामित कार्यदायी संस्था से उत्कृष्ट श्रेणी की गुणवत्ता के साथ कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराये जाने
तथा कार्यदायी संस्था द्वारा किसी भी दशा में कार्यों की लागत में कोई पुनरीक्षण न किये जाने के संबंध में अनुबन्ध अनिवार्य रूप
से निष्पादित करा लिया जाय ।
2. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक अनापत्तियाँ एवं पर्यावरणीय क्लीयरेन्स सक्षम स्तर से
प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाय |
3. प्रायोजना का निर्माण कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व मानचित्रों को आवश्यकतानुरूप पुलिस मुख्यालय द्वारा स्थानीय विकास
प्राधिकरण/सक्षम लोकल अथारिटी से स्वीकृत कराया जायेगा।
4. प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति (डुप्लीकेसी) को रोकने की दृष्टि से पुलिस मुख्यालय द्वारा यह सुनिश्चित कर
लिया जाय कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य
योजना/क ार्यक्रम मaें आच्ae छादित ककििययाा जाना पप््ररसस््तताावविितत है |
5. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रायोजनान्तर्गत कोई उल्लेखनीय परिवर्तन जैसे-नये कार्य बढ़ाना, प्रस्तावित कार्यों के
आकारक्षेत्रफल में वृद्धि एवं अन्य उच्च विशिष्टियां इस्तेमाल करना इत्यादि पर सक्षम स्तर का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नही
किया जायेगा। प्रश्नगत कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व प्रायोजना पर सक्षम स्तर का अनुमोदन प्राप्त करने के उपरान्त ही कार्य कराया
जाएगा।
6. पुलिस मुख्यालय द्वारा यह सुनिश्चित कराया जायेगा कि कार्य निर्धारित समय सीमा अवधि में ही पूर्ण कराया जाय।
परियोजना के क्रियान्वयन में टाइम ओवर रन/कास्ट ओवर रन को नियंत्रित करने हेतु वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4 के
शासनादेश दिनांक 27.06.2077 का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।
7. स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिकाओं के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के
अनुरूप किया जायेगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता/आडिट आपत्ति हेतु उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय उत्तरदायी होंगे।
8. प्रश्नरत धनराशि जिस कार्य/मद के लिए स्वीकृत की जा रही है, उसका व्यय प्रत्येक दशा में उसी कार्य/मद में किया जाय।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |9. आगणन में वर्णित लेबर सेस की कुल धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का भुगतान किया
जायेगा।
0. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय/कार्यदायी संस्था द्वारा उपकरणों का क्रय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम अनुभाग-2 के शासनादेश
दिनांक 23.08.20i7 में दी गयी व्यवस्था के माध्यम से किया जाएगा।
7. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- के कार्यालय ज्ञाप संख्या-6/2025/बी-4-352/दस-2025-
23/2025, दिनांक 27.03.2025 में fated व्यवस्था के अन्तर्गत कार्यदायी संस्था को धनराशि अवमुक्त की जायेगी। SOTO
पुलिस मुख्यालय द्वारा इस बात का ध्यान रखा जायेगा कि कार्यदायी संस्था के पास कार्य की आवश्यकता से अधिक धनराशि न
at |
42. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा यह सुनिश्चित कर लिया जायेगा कि प्रश्नगत कार्य किसी अन्य कार्ययोजना में सम्मिलित नही है
तथा इस हेतु पूर्व मे किसी अन्य योजना/स्त्रोत से धनराशि स्वीकृत नही की गयी है। यह भी सुनिश्चित करेगें कि प्रस्तावित कार्यों
की द्विरावृत्ति नही हो रही है।
43. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा वित्तीय हस्तपुस्तिका खण्ड-6 के अध्याय-2 के WEAL-3.8 में वर्णित व्यवस्थानुसार प्रयोजना
का सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही कार्य कराया जायेगा। कार्य की गुणवत्ता, मानक एवं विशिष्टियों की
जिम्मेदारी उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय की होगी |
|4. कार्यदायी संस्था को आगणन में अनुमोदित सीमा तक ही सेंटेज देय होगा |
5. जी0एस0टी0 की धनराशि नियमानुसार देय होगी | SOTO पुलिस मुख्यालय द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि
प्रायोजनान्तर्गत विभिन्न कार्यमदों में जी0एस0टी0 सम्मिलित न हों |
6. स्वीकृत धनराशि को आहरित कर बैंक/डाकघर/पी0एल0ए0/डिपाजिट खाते में नही रखा जायेगा |
I7. कार्य की विशिष्टियां, मानक व गुणवत्ता की जिम्मेदारी उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय की होगी। प्रायोजना का निर्माण कार्य
ससमय पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित किया जाय।
8. स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिका से सुसंगत, प्राविधानों, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के
अनुरूप किया जायेगा।
49. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा सेंटेज चार्जेज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण लागत तथा वित्तीय स्वीकृतियों से संबंधित वित्तीय
प्रबन्धन के संबंध में वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के नवीनतम शासनादेश संख्या-0/2023/ए-2-60/दस-2023-47(4)/75 दिनांक
7.05.2023 एवं शासनादेश संख्या-02/2023/ए-2-66/दस-2023-47(4)/75 दिनांक 79.05.2023 का अनुपालन सुनिश्चित
किया जायेगा।
20. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रश्नगत प्रायोजना की भौतिक प्रगति, धनराशि अवमुक्त तथा सी0एम0आई0एस0 पोर्टल पर
दर्ज किये जाने आदि के संबंध में नियोजन AAT के शासनादेश दिनांक 07.06.2022 में निहित प्रतिबन्धों का अनुपालन
सुनिश्चित किया जायेगा।
2. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा स्वीकृत धनराशि का उपयोग दिनांक 37.03.2026 तक कर लिया जायेगा।
2- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये (,0,77,000 ( रुपये ग्यारह करोड़ दस लाख इकह॒त्तर हजार मात्र ) को चालू वित्तीय
वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 026 लेखा शीर्षक 40550020600 पुलिस विभाग के आवासीय भवनों का
निर्माण मानक मद 24 वृहत् निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा।
3- यह आदेश वित्त (आय - व्ययक ) अनुभाग - ( के कार्यालय ज्ञाप संख्या - 6/2025/at--352/ea-2025-23/2025,
दिनाँक- 27-मार्च, 2025 में प्रशासकीय विभाग को उक्तवत प्रतिनिधानित अधिकार के अंतर्गत निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
अन्नावि दिनेशकुमार
विशेष सचिव ।
@SAT-24/2026/I/254029/2026/00I-CN-792368-6-7099-254-2024, aq दिनांक।
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
. महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी), प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज |
2. महालेखाकार (लेखा परीक्षा), प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज |
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |3. पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ।
4. प्रबन्ध निदेशक, कन्स्ट्रक्शन एण्ड डिजाइन सर्विसिज, SOTO जल निगम, लखनऊ |
5. संबंधित जिलाधिकारी/वबरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक |
6. वित्त नियंत्रक, उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय, लखनऊ |
7. निदेशक, वित्तीय एवं सांख्यकीय निदेशालय जवाहर भवन लखनऊ।
8. मुख्य /वरिष्ठ कोषाधिकारी जवाहर भवन लखनऊ।
9. संबंधित मुख्य /वरिष्ठ कोषाधिकारी, TOW |
40. मुख्य कोषाधिकारी, आदर्श कोषागार कलेक्ट्रेट लखनऊ।
q. वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/वित्त (व्यय-नियंत्रण) AT ATT-2
2. गार्ड फाइल हेतु |
आज्ञा से,
दीपक पटेल
अनुसचिव ।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |