Home India सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग जनपद कुशीनगर एवं गोरखपुर में बसन्तपुर राजवाहा के 20 अदद क्ष...
Date: 2026-01-12 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

जनपद कुशीनगर एवं गोरखपुर में बसन्तपुर राजवाहा के 20 अदद क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण खडण्जा एवं विभागीय भूमि में बाउण्ड्री पिलर लगाने के कार्य की परियोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति ।

Issued by सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग · सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**Executive Summary** This document details the administrative and financial approval for a project involving the reconstruction of 20 damaged bridges of Basantpur Rajwaha and the installation of boundary pillars on departmental land in Kushinagar and Gorakhpur districts. Financial approval is granted for the project. An initial installment of ₹25,000,000 is released from the allocated budget for the fiscal year 2025-26, subject to specific terms and conditions. **Key Points / Main Content** * **Project Approval and Funding:** * Administrative and financial approval granted for the project at a cost of ₹16,183,800. * ₹25,000,000 is approved as the first installment from the budget of the fiscal year 2025-26, under budget number 94, account number 4700-36-051-10-14-24. * **Terms and Conditions:** * Technical approval must be obtained from the competent authority before starting the project, according to Financial Handbook Volume-6, Chapter-12, Paragraph-318. * The executing agency (Irrigation and Water Resources Department) is responsible for ensuring the accuracy of quantities during construction. * The project construction work must be completed on time. * Expenditure must comply with financial regulations, handbooks, and government orders issued periodically. * The approved amount can only be used for the approved project, with full responsibility for any irregularities falling on the Irrigation and Water Resources Department. * Funds should be withdrawn from the treasury as needed and not kept in bulk in banks or post offices. * All statutory clearances, including environmental clearances, must be obtained before starting construction. * Duplication of work should be avoided by the Chief Engineer, ensuring the work isn't already approved or covered under other plans. * Actions should follow guidelines in Finance (Accounts) Section-2 orders regarding percentage charges and financial management. * Deposit of Establishment Expenditure/Sentry Amount of Money will be made as per the amount approved/released from time to time. * 1% of the project work should be used for Labor cess, subject to payment of the said amount to the Labour Department. * The amount to be released to the working organizations should be as per the requirement of the work. The financial controller posted in the Head of the Department office will be responsible for withdrawing the amount from the treasury as per the requirement. * **Specific Requirements:** * Detailed specifications and quality standards for the included tasks are the responsibility of the concerned Chief Engineer, Principal Engineer, and other regional engineers. * Site inspections by the Chief Engineer should be conducted for already done work before the next demand, along with photographs and evidence that the earlier released funds have been withdrawn from the treasury. This must comply with G.O. No. 3504 of 10.12.2020. * **Reporting:** * Audited accounts and expenditure details should be provided to the Finance Department monthly in the format specified in the Budget Manual (BM-8). **Impact Analysis** **Irrigation and Water Resources Department** * **Impact:** Responsible for executing the project according to the specified guidelines and within the approved budget. Responsible for the quality of work, financial accountability, and compliance with regulations. * **Action Required:** Ensure adherence to all terms and conditions, obtain necessary approvals, monitor construction progress, and submit required reports to the Finance Department. **Chief Engineer, Principal Engineer, Regional Engineers** * **Impact:** Responsible for the quality, standard and schedule of the construction * **Action Required:** Site inspections, submitting photographs and evidence that the earlier released funds have been withdrawn from the treasury before the next demand. **Finance Department** * **Impact:** Oversees the financial aspects of the project and ensures proper utilization of funds. * **Action Required:** Review and approve expenditure reports, monitor adherence to financial regulations, and address any irregularities.

Key Entities Referenced

बसन्तपुर राजवाहा: Irrigation canal in Kushinagar and Gorakhpur districts of Uttar Pradesh. Subject of damaged bridge reconstruction. सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ०प्र०, लखनऊ: Irrigation and Water Resources Department, Uttar Pradesh, Lucknow. Responsible for implementing the project. वित्तीय हस्तपुस्तिका खण्ड-6: Financial Handbook Volume 6 - referenced for guidelines on project implementation. कुशीनगर एवं गोरखपुर: Districts in Uttar Pradesh where the project is located. अनुदान संख्या-94: Grant number within the financial budget for the fiscal year 2025-26, allocated for this project.
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संख्या-20/2026/5447/25-27-सिं ०-4-004-0|4-4968502 TA कान्त वर्मा, संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन | सेवा में, प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, ऊ०प्र०ग, लखनऊ | सिंचाई एवं जल संसाधन अनुभाग-4 लखनऊ: दिनांक 2-04-2026 विषय: जनपद कुशीनगर एवं गोरखपुर A aed राजवाहा के 20 अदद क्षतिग्रस्त पुलों के पघुनर्निर्माण खडण्जा एवं विभागीय भूमि A बाउण्ड्री ext लगाने के कार्य की परियोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति | महोदय, उपयुक्त विषयक प्रमुख अभियन्ता (परियोजना), सिंचाई एवं sel संसाथज्ष विभाग, Soyo, लखनऊ के पत्र संख्या-378/945/परियोजना / कैम्प/बजट, दिनांक 29.08.2025 के प्रस्ताव के क्रम में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि “ जनपद कुशीनगर एवं गोरखपुर A Wed राजवाहां के॥ 20,अदद क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण खडण्जा एवं विभागीय भूमि में बाउण्ड्री पिलर लगाने के कार्य की परियोजना ” लागत धनराशि रू० 4648.38 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति तथा वित्तीय av 2025-26 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-94 के लेखाशीर्षक-4700-36-054-40-44-24 के अन्तर्गत उक्त परियोजना हेतु प्राविधानित बजट धनराशि रू० 300.00 लाख में से धनराशि Wo 2,50,00,000 ( रुपये दो करोड़ Uae लाख मात्र ) को प्रथम fra के रूप में चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में परियोजना के कार्यों पर व्यय #करनेंश्हेतु अवमुक्त किये जाने के लिए निम्नलिखित शर्तों/प्रतिबन्धों के अधीन श्री राज्यपाल सहर्ष वित्तीय स्वीकृति प्रदान, करते हैं :- नियम व शर्तें / प्रतिबन्ध 4. प्रश्नगत परियोजना के कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय हस्तपुस्तिका खण्ड-6 के अध्याय-2 के WEAN-38 में वर्णित व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य Wa कर ली जाएगी तथा सक्षम EAH तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ किया जाएगा | 2. प्रायोजना पर ait को निर्माण के समय सुनिश्चित किए जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यदायी संस्था&सिंचोई एबं जल संसाधन विभाग का होगा | 3. Wale का: निर्माण कार्य ससमय पूर्ण करा लिया जाना सुनिश्चित किया जाएगा | 4. <परियोजना हेतु स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिकाओं के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों में निहित प्राविधानों का अनुपालन करते हुए समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जाएगा | 5. स्वीकृत धनराशि का उपयोग स्वीकृत परियोजना पर ही किया जाएगा, अन्यथा की स्थिति में किसी प्रकार की अनियमितता के लिए इसका समस्त उत्तयरदायित्व सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग का होगा | 6. स्वीकृत धनराशि कोषागार से एकमुश्त आहरित न कर आवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय की जाएगी तथा आहरित धनराशि बैंक/डाकघर /»डिपाजिट में नहीं रखी जाएगी | 7. परियोजना पर नियमानुसार समस्त वैधानिक अनापत्तियाँ एवं पर्यावरण क्लीयरनेस सक्षम Fat A Wa करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाएगा | -2- I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति (इप्लीकेसी) को रोकने की ef से प्रायोजना की स्वीकृति से 8. पूर्व प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, 50प्र0, लखनऊ द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना»कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य योजना“कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है | प्रशासकीय विभाग द्वारा सेन्टेज चार्जेज (प्रतिशत प्रभार),निर्माण लागत तथा वित्तीय स्वीकृत्ति से सम्बन्धित वित्तीय प्रबन्धन के सम्बन्ध में fad (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश संख्या-04/2023/ए-2-60/दस-2023- 47(4)75 दिनांक 7.05.2023 तथा शासनादेश ACA-02/2023/U-2-66/ZH-2023-77(4)75 दिनांक 49.05.2023 में निहित दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी | 40. परियोजनान्तर्गत अधिष्ठान व्यय/सेन्टेज की धनराशि समय-समय पर स्वीकृत“अवंमुक्त्की जा रही धनराशि के सापेक्ष जमा की जायेगी। अधिष्ठान व्यय वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के<शासनादेश संख्या-ए-2-23/दस- 20i-7(4)/75, दिनांक 25 जनवरी, 20॥! के साथ पठित शासनादेश AeaAT-V-2-606/qa-20I4- 7(4)/75, दिनांक i] नवम्बर, 20i4 में निहित दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी | परियोजना के अन्तर्गत कराये जाने वाले कार्यों पर ॥ प्रतिशतश्लेबर Sa की धनराशि इस शर्त के अधीन l. होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का भुगतान किया (जाएगा | 2. प्रश्तगत निर्माण कार्य हेतु कार्यदायी संस्थाओं, aa धनराशि अवमुक्त की जायेगी वह कार्य की आवश्यकता के अनुसार होनी चाहिए | विभागाध्यक्ष Hates में तैनात वित्त नियंत्रक का यह उत्तरदायित्व होगा कि धनराशि का कोषागार से आहरण आबश्येकता' के अनुसार ही कराया जायें। उक्त परियोजना हेतु waged की जा रही धनराशि का व्ययहूब्रित विभाग (आय-व्ययक) अनुभाग-4 के कार्यात्रय-ज्ञाप संख्या- 6/2025/ बी-4-352/दस-2025-234/2025, दितांके 27 मार्च, 2025 में एवं वित्तीय हस्तपुस्तिकाओं के सुसंगत प्राविधानों तथा समय-समय पर Mea Eat निर्गत शासनादेशों के दिशा-निर्देशों के I3. I4, 5. अनुरूप किया जायेगा | परियोजना के अन्तर्गत सम्मिल्नित..कार्यों की विशिष्टियोँ, मानक/गुणवत्ता का दायित्व सम्बन्धित मुख्य अभियन्ता, प्रमुख AME एबं: अन्य क्षेत्रीय अभियन्ताओं का होगा। उनके द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि ort ana gaara के अन्तर्गत गुणवत्ता के साथ पूर्ण कर लिए जाएं। परियोजना हेतु आगामी मांग के FHT Gd में अवमुक्त की गयी धनराशि से कराये गये कार्यों का मुख्य अभियन्ता द्वारा स्थलीय निरीक्षणे. HL AT पत्र के साथ निरीक्षण आख्या»कार्यों के फोटोग्राफ तथा मांग से पूर्व परियोजना हेतु अवमैुक्ते, की(.गयी धनराशि राजकोष से आहरित किये जाने का प्रमाण कोषवाणी सहित सिंचाई एवं जल संसाधन अनुभाग-4 के शासनादेश WEAT-3504/20-27-A0-4-2 (SeeA)UHO/ 2079, दिनांक 0.2.2020 मै दिये निर्देशानुसार प्रस्तुत किये जायेंगे। किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता का समस्त उत्तरदायित्व विभाग के संबंधित अधिकारियो का होगा | कार्य पूर्ण होने पर कार्य के सम्परीक्षित लेखे तथा प्रश्नगत परियोजना हेतु अवमुक्त की गयी धनराशि के व्यय का विवरण बजट मैनुअल मेँ वर्णित प्राविधानों के अन्तर्गत निर्धारित प्रपत्र बीएएम0-8 पर वित्त विभाग एवं शासन को प्रतिमाह निश्चित रूप से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा। I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।-3- 2- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 2,50,00,000 ( रुपये दो करोड़ पचास लाख मात्र) को चाल्रू वित्तीय वर्ष 2025- 26 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 094 लेखा शीर्षक 470036050I4 सम्बद्ध कार्य मानक मद 24 वृहत्‌ निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा। 3- यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न संख्या-5-8-690-%-2025-26-दिनांक: 6-2-2025 A we faa fast की सहमति से निर्गत किये जा रहे है। भवदीय, रमा कान्‍त वर्मा संयुक्त सचिव | संख्या-20()/2026/5447/25-27-सिं०-4-004-2८।५-4968502, तद्दिनांक प्रतिल्रेपि-निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित्न:- (- महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी प्रथम»द्वितीय), 500, प्रयागरांज | महालेखाकार (लेखा परीक्षा) प्रथम “द्वितीय, उ0प्र0, प्रयागरोज्ज॑ प्रमुख अभियन्ता (परि0 एवं नियो0), सिंचाई एवं ooh संसाधन विभाग, 50प्र0, लखनऊ | प्रमुख sea (परियोजना), सिंचाई एवं Se HAT विभाग, उ0प्र0, लखनऊ | मुख्य अभियन्ता (बजट), सिंचाई एवं जल संसोधन विभाग, 50प्र0, लखनऊ | मुख्य अभियन्ता (अग्रिम नियोजन), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र0, लखनऊ | मुख्य अभियन्ता स्तर- (पूर्वी )गोरखेषुर/ मुख्य अभियन्ता (गण्डक), गोरखपुर, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र0 | मुख्य/वरिष्ठ (कोषाधिकारी, गोरखपुर, उ०प्र०। वित्त नियंत्रक, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र0, लखनऊ | वित्त व्यय TSA अनुभाग-8/ नियोजन अनुभाग-3/सिंचाई एवं जल संसाधन अनुभाग-9 नोडल अधिकारी,»/अनुसचिव (लेखा), सिंचाई एवं set संसाधन विभाग, 50प्र0 शासन, लखनऊ। गार्ड फाईल। आज्ञा से, रमेश चन्द्र अनु सचिव | यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।

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