ज़रूर, नीचे दिया गया प्रारूप का उपयोग करके आपके नीति पाठ का सारांश दिया गया है।
**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़, संदर्भ संख्या-11/2019/334/77-6-19-3(बजट)/16टी.सी. के साथ, वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन के लिए 63,66,71,569.00 रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है। यह स्वीकृति 13 नवंबर, 2019 को जारी की गई है और इसमें निर्दिष्ट शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन 6 पात्र इकाइयों को ब्याज-मुक्त ऋण स्वीकृत करना शामिल है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
* **वित्तीय अनुमोदन:**
* औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन के लिए 63,66,71,569.00 रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।
* यह आवंटन वित्तीय वर्ष 2019-20 के आय-व्ययक में 1,20,00,00,000.00 रुपये के प्रावधान के सापेक्ष है।
* **धनराशि का वितरण:**
* धनराशि को पिकप को हस्तांतरित किया जाएगा, जिसके लिए उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रबंध निदेशक, पिकप द्वारा अपर आयुक्त उद्द्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ के माध्यम से औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4 को उपलब्ध कराया जाएगा।
* पिकप के द्वारा वितरित किए जाने वाले ऋण की पात्रता के बारे में स्पष्ट किया जाना चाहिए।
* धनराशि का आहरण राजकोष से किया जाना चाहिए और इसका लेखा-जोखा पिकप द्वारा रखा जाएगा।
* यह वितरण उन पात्र मेगा इकाइयों को किया जाएगा जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली 2003 (यथा संशोधित) का पालन करते हैं।
* **वसूली और ब्याज:**
* ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप का होगा।
* इकाइयों द्वारा ऋण वापसी में डिफ़ॉल्ट होने की स्थिति में आगे की धनराशि का भुगतान रोक दिया जाएगा।
* देरी से भुगतान करने वाली इकाइयों से वसूला जाने वाला ब्याज राजकोष में जमा किया जाएगा, जिसकी दर 1.25% प्रति माह साधारण ब्याज है।
* **विविध प्रावधान:**
* धनराशि का आहरण एक महीने की आवश्यकतानुसार किया जाएगा, जिसका मूल्यांकन अपर आयुक्त उद्योग, लखनऊ मण्डल द्वारा किया जाएगा।
* वितरण का अनुश्रवण अपर आयुक्त उद्योग द्वारा किया जाएगा, अगली किश्त का आहरण संतुष्ट होने के बाद ही किया जाएगा।
* वित्त विभाग के 22 मार्च 2019 के कार्यालय ज्ञाप में जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन किया जाएगा।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**पिकप (प्रादेशिक औद्योगिक एवं पूंजी निवेश निगम उत्तर प्रदेश):**
* **प्रभाव:** ऋण वितरित करने, वसूलने और खाते का प्रबंधन करने का प्रभारी। वे इस योजना के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
* **आवश्यक कार्रवाई:** धनराशि का वितरण, वसूली और लेखा जोखा रखना सुनिश्चित करें, पात्रता के संबंध में स्थिति स्पष्ट करें, और निर्देशों का पालन करें।
**पात्र औद्योगिक इकाइयाँ:**
* **प्रभाव:** प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्राप्त होती है, जो उन्हें अपने कार्यों को विस्तार करने या बनाए रखने में मदद करती है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** सुनिश्चित करें कि वे औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली 2003 (यथा संशोधित) में उल्लिखित पात्रता मानदंडों और शर्तों का पालन करते हैं।
**अपर आयुक्त उद्योग, लखनऊ मण्डल:**
* **प्रभाव:** आवंटन की निगरानी के लिए आवश्यक है और धन के उचित उपयोग की पुष्टि करने के बाद ही बाद की किस्त जारी की जाएगी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** वितरण की निगरानी करना और यह सुनिश्चित करना कि धन का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
Key Entities Referenced
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003: वित्तीय वर्ष 2019-20 में इसके क्रियान्वयन के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जा रही है।
पिकप (PICUP): प्राधिकरण जिसे औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत ऋण के वितरण और वसूली का काम सौंपा गया है।
लखनऊ मण्डल, लखनऊ: औद्योगिक विकास अनुभाग-6, लखनऊ मण्डल में आने वाले उद्योगों की वित्तीय स्वीकृति।
उ0प्र0 (उत्तर प्रदेश) शासन: उत्तर प्रदेश सरकार, जिसने औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत वित्तीय स्वीकृति जारी की है।
वित्त विभाग: उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग जिसकी सहमति से आदेश जारी किया गया है।
WEAT-/209/334/77-6-9-3(aTate)/6et.A.
बाबू राम,
उप सचिव,
उ0प्र0 शासन।
सेवा में,
अपर आयुक्त,
उद्योग,
लखनऊ मण्डल, लखनऊ।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 73 नवम्बर, 209
विषय- औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु रू0 63,66,77,569.00 की
वित्तीय स्वीकृति।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक प्रबन्धक (तकनीकी), पिकप के. पत्र संख्या-इन्स-आई0आईए0पी0
7a0/0/07-08/55 दिनांक 09-04-209 Ud संख्या-इन्स-आई0आई0एपी0एस0/0/07-08/29
दिनांक 23-04-20i9 cant औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु
वित्तीय वर्ष 209-20 में प्राविधानित बजट व्यवस्था के सापेक्ष पात्र 06 इकाईयों को ब्याज मुक्त
ऋण स्वीकृत किये जाने का अनुरोध किया गया है, जिनका विवरण निम्नवत् है:-
क्रमांक इकाई का नाम धनराशि (रूपया में)
। AO अम्बुजा सीमेंट्स लि0, गौतमबुद्नगर 8,46,70,384.00
2 AO सुयश पेपर fAed, बस्ती ,20,57,004.00
3 AO विसाका इंडस्ट्रीज लि0, रायबरेली 2,25,,65.00
4 AO जे0पी0चुनार सीमेंट प्रोडक्शन, चुनार मिर्जापुर 7,07,00,000.00
5 AO यू0ए0एल0-उत्तर प्रदेश, वाराणसी 6,46,46,34.00
6 AO HAA आटोज लि0, लखनऊ 9,20,86,432.00
योग- 63,66, 77,569.00
2. इस संदर्भ मैं मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-
2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 20:9-20 के आय-व्ययक A प्राविधानित धनराशि
रू0 ,20,00,00,000.00 (रू एक at बीस. करोड़ मात्र) के. सापेक्ष धनराशि
रू0 63,66,7,569.00 (रूपये तिरसठ करोड़ छाछठ लाख इकहत्तर हजार पांच Gl Select मात्र)
ds यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अतः इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री
राज्यपाल महोदय सहष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
{- उक्त धनराशि को आहरित करके पिकप को उपलब्ध कराया जाएगा जिसका
उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रबंध निदेशक, पिकप द्वारा हस्ताक्षरित कर अपर आयुक्त
उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ के माध्यम से शासन के औद्योगिक विकास
विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4 को उपलब्ध कराया जाएगा।
पिकप द्वारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध A अपने स्तर
से पात्रता के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट कर लेंगे।
इस धनराशि का आहरण वास्तविक आवश्यकता होने पर राजकोष से किया
जायेगा।
स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा पिकप CART रखा जाएगा।
यह धनराशि उन पात्र मेगा इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक
निवेश प्रोत्साहन नियमावली 2003(यथा संशोधित) मैं उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया
अनुपालन सुनिश्चित करती हों।
पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा।
वसूली A शिथिलता NA जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही
शासन ZIRT की जायेगी।
यदि इन इकाईयों GANT ऋण वापसी के सम्बन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो
डिफाल्ट की तिथि से आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया
जायेगा।
पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा।
पिकप दूवारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक
निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2003 (यथा संशोधित) में दिए गए प्राविधानों के
अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त
औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी।
ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (.25
प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष मैं जमा कराया जाएगा।
0- यदि पिकप cant किसी किश्त के भुगतान मैं डिफाल्ट किया जाता है तो पिकप
दूवारा शासन को .25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की
अवधि मे ब्याज का भुगतान किया जाना होगा।
- स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया. जाएगा।
आवश्यकता का आकलन अपर आयुक्त उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ CENT
किया जाएगा। पिकप को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप दृवारा ऋण
4d. OS शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है । - यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |वितरण का अनुश्रवण भी अपर आयुक्त उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ CANT
किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही
अगली किश्त का आहरण किया जाएगा।
I2- स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप
संख्या-|/209/बी-4-470/दस-209-23/209 दिनांक 22 मार्च 209 द्वारा
जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
3- उक्त के संबंध में होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 20:9-20 के आय-व्ययक में
उद्योग विभाग की अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक 6885-उद्योग तथा खनिज
के लिए अन्य कर्ज-04-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-90-सार्वजनिक क्षेत्र
के तथा अन्य somal को कर्ज-06-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-30-
निवेश/ऋण के नाम डाला जाएगा।
2- यह... आदेश. वित्त... fase hm Benet 8 संख्या-ई-6-696/दस-209
दिनांक- 07-4-209 A प्राप्त उनकी सहमति से जारी किये जा रहे ZI
भवदीय,
बाबू राम
उप सचिव।
संख्या-/209/334()/77-6-9-3(बजट)/6टी.सी.तददिनांक
उपर्युक्त की प्रतिल्रिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः-
l- - महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दवितीय, उ0प्र0, प्रयागराज |
2- ... मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ।
3- ... प्रबंध निदेशक, पिकप, लखनऊ।
4-.... आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर।
5- ... निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
6- ... वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4
7- ... वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग -6
8- नियोजन अनुभाग-/4
9-.... औद्योगिक विकास अनुभाग-2
0- गार्ड फाइल।
आज्ञा से,
बाबू राम
उप सचिव।
BS शासनादेश इलेक्ट्रानिकत्री जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |