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Date: 2022-03-03 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु रू.10,15,53,000.00 की वित्तीय स्वीकृति।

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Executive Summary & Key Takeaways

On March 3, 2022, Rajni Kant Pandey, Additional Secretary, issued an order (number 13/2022/3641/77-6-2021-6002(099)/7/2021) approving ₹10,15,53,000.00 for the implementation of the Industrial Investment Promotion Scheme-2003. The order refers to Uttar Pradesh Financial Corporation (IIPS/10/07.08/vol-IV/1361 dated 27-12-2021) and relates to the distribution of interest-free loans to three eligible units under the Industrial Investment Promotion Scheme-2003 for the financial year 2021-22. The beneficiaries and approved amounts are: 1. P0P0A0P0 Automotive Ltd., Gautam Buddha Nagar (Financial Year 2017-18): Approved ₹1,21,65,732.00, with ₹1,09,49,159.00 to be withdrawn (90% of the approved amount). 2. Suyash Paper Mills, Unit of Suyash Chemicals and Fertilizers Pvt. Ltd., Basti (Financial Year 2017-18): Approved ₹3,03,71,478.00, with ₹2,73,34,330.00 to be withdrawn. 3. M/s Devyani Food Industries Ltd., Mathura: Approved ₹7,02,99,720.00, with ₹6,32,69,748.00 to be withdrawn. The total approved amount is ₹11,28,36,930.00, and the total amount to be withdrawn is ₹10,15,53,237.00. The order specifies various conditions for the disbursement and utilization of funds, including direct transfer to the unit accounts, submission of utilization certificates, compliance with relevant regulations, and adherence to accounting and expenditure guidelines. Defaulting units will have their payments stopped, and delayed payments will incur interest charges. Joint Commissioner Industries, Lucknow Division, Lucknow is required to assess needs. The source document's website is http://shasanadesh.up.gov.in.

Key Entities Referenced

औ‌द्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003: Industrial Investment Promotion Scheme-2003, a scheme to promote investment in Uttar Pradesh PICUP: Pradeshiya Industrial & Investment Corporation of UP, responsible for disbursement and recovery of loan under the scheme लखनऊ: Lucknow, location relevant to the policy applicability औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6: Industrial Development Section-6, the department administering the scheme
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ह संख्या- 3/2022/364/77-6-202-6002(099)/7/2024 Wa, रजनी कान्त पाण्डेय, अनु सचिव, उ0प्र0 शासन। सेवा में, संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल,लखनऊ। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक: 03 मार्च, 2022 विषय:-औद्योगिक निवेश. प्रोत्साहन. योजना-2003 के. क्रियान्वयन हेतु रू.0,5,53,000.00 की वित्तीय स्वीकृति। महोदय, उपर्युक्त विषयक उ0प्र0वित्तीय निगम के Valch-3Tg. 3S. 4.7a./0/07.08/vol-IV /36। दिनांक 27-42-202। cant औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत 03 पात्र इकाईयों को स्वीकृत ब्याजमुक्त ऋण की धनराशि वितरित किये जाने हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 202-22 मैं प्राविधानित बजट व्यवस्था के सापेक्ष कुल धनराशि &.0,5,53,237.00(eIa दस करोड़ पन्‍्द्रह लाख तिरपन हजार दो सौ सैंतीस मात्र) की वित्तीय स्वीकृति fasta किये जाने का अनुरोध किया गया है। पात्र इकाईयों का विवरण निम्नवत्‌ हैं:- F इकाई का नाम वीकृत धनराशि वितरण हेतु आहरित F (रूपये में) जाने. वाली. धनराशि (स्वीकृत धनराशि व 90 प्रतिशत) पी0पी0ए0पी0 ऑटोमोटिव लिए, 7,27,65,732.00 7,09,49,759.00 गौतमबुदूधनगर (वित्तीय वर्ष 207-8) 2 mer पेपर face, यूनिट ऑप 3,03,7,478.00 2,73,34,330.00 पुयश केमिकलल्‍्स एण्ड we प्रा्लि0, बस्ती (वित्तीय वर्ष 207-8) I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |3 मे0देवयानी फूड sustclat लि0 7,02,99, 720.00 6,32,69, 748.00 मथुरा 7,28,36,930.00 0,75,53,237.00 योग- (रूपया दस करोड़ पन्‍्द्रह लाख तिरपन हजार दो at सैंतीस मात्र) 2. इस संदर्भ में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 202(-22 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-7 के लेखाशीर्षक-6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य कर्ज-04-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-490-सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कजै-06- औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003-30-निवेश/ऋण में प्राविधानित धनराशि रू.94.00करोड़(रूपया... चौरानवे. करोड़ AM) A अवशेष धनराशि A से ¥.0,5,53,000.00(e9aT दस करोड़ पन्द्रह लाख तिरपन हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल महोदय सहष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- . स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है उसके खाते मैं सीधे आहरित कर जमा की जाएगी। स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबंध निदेशक, पिकप द्वारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त(आय- व्ययक)अनुभाग-4 को उपलब्ध कराया जाएगा। . पिकप दूवारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध में अपने स्तर से पात्रता के सम्बन्ध मैं स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर लेंगे कि प्रस्तावित ब्याजमुक्त ऋण स्वीकृत किये जाने सम्बन्धी समस्त प्रक्रियाओं/विधिक औपचारिकताओं का पालन कर लिया गया है। . स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया. जायेगा। . किसी. परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते मैं नहीं रखा जाएगा। . स्वीकृत धनराशि सीधे आर.टी.जी.एस./ एन.एफ.टी. के माध्यम से पात्र इकाड़े के बैंक खाते में अन्तरित की जायेगी। स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा पिकप दूवारा रखा जाएगा। . स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद मैं किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |3 8. यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2003(यथासंशोधित) A उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हों। 9. पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा। वसूली A शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन ZIRT की जायेगी। |0.यदि इन इकाईयों दवारा ऋण वापसी के सम्बन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट की तिथि से आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा। 4.fHo द्वारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्नी-2003(यथासंशोधित) में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। 2.ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला SAlsi(.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष मैं जमा कराया जाएगा। 3.यदि पिकप दूवारा किसी किश्त के भुगतान में डिफाल्ट किया जाता है तो पिकप दूवारा शासन को 7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की अवधि मे ब्याज का भुगतान किया जाना होगा। |4.स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आंकलन संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल लखनऊ द्वारा किया जाएगा। पिकप को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल लखनऊ FART किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध A संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। |5.स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त(आय-व्ययक)अनुभाग-। के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 22.03.202 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। |6.पिकप cant स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की शुदूधता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। |7.उक्त के संबंध में होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 2024-22 के आय-व्ययक में उद्योग विभाग की अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक 6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य कर्ज-0-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-490- सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-06-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003-30-निवेश/ऋण के नामे डाला जाएगा। l- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |4 3- Ue आदेश वित्त विभाग ch 37em0AeA-S-6-3442-caq-202-22 दिनांक 28.02.2022 में प्राप्त उनकी सहमति से जारी किये जा रहे हैं। भवदीय, रजनी कान्त पाण्डेय अनु सचिव। UEAI-_3/2022/364()/77-6-202-6002(099)/7/202 ,aafectin- उपर्युक्त की प्रतिल्रिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः- . 2. 3. > oOo TMN महालेखाकार,(लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दवितीय, उ0प्र0, प्रयागराज। मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ। अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, Aq एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग,उ0प्र0शासन। नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग,उ0प्र0शासन। . प्रबन्ध निदेशक, पिकप को. पत्रांक-आई.आई.पी.एस./0/07.08//0-%//36 दिनांक 27-42-202। के क्रम मैंअग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने ed © आयुक्त Ud निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर। निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-4/4 9. वित्त(व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 0.नियोजन अनुभाग-/4 44.3eaifetes विकास अनुभाग-2 |2.गार्ड Wise आज्ञा से, रजनी कान्त पाण्डेय अनु सचिव। I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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