**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के कार्यान्वयन के लिए 1128.15 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने के लिए जारी किया गया है। यह धनराशि वर्ष 2015-16 और 2016-17 के लिए बुलन्दशहर में स्थित मेसर्स कनोडिया सीमेंट लिमिटेड (यूनिट-1) को ऋण वितरित करने के लिए है, जिसे यू.पी. वित्तीय निगम द्वारा मंज़ूर किया गया है। इस स्वीकृति के साथ संबंधित नियम और शर्तें भी शामिल हैं, जिसके लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए एक निश्चित समय सीमा है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*वित्तीय स्वीकृति और आवंटन:*
* कुल 1128.15 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति बुलन्दशहर स्थित मेसर्स कनोडिया सीमेंट लिमिटेड (यूनिट-1) को वितरित करने के लिए स्वीकृत किए गए हैं।
* वर्ष 2015-16 के लिए 249.79 लाख रुपये।
* वर्ष 2016-17 के लिए 878.36 लाख रुपये।
* यह स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2023-24 के आय-व्ययक में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अंतर्गत आवंटित 150.00 करोड़ रुपये में से है।
*नियम और शर्तें:*
* धनराशि सीधे संबंधित इकाइयों के बैंक खातों में जमा की जाएगी, और उपयोगिता प्रमाण पत्र यू.पी. वित्तीय निगम के प्रबंध निदेशक द्वारा दिए जाएंगे।
* वित्तीय निगम प्रस्तावित ब्याज मुक्त ऋण के अनुमोदन से पहले पात्रता संबंधी सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए इकाई की पात्रता की पुष्टि करेगा।
* धनराशि का आहरण कोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर किया जाएगा और उसे पहले से आहरित करके किसी भी बैंक खाते में नहीं रखा जाना चाहिए।
* यह धनराशि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2003 के तहत शर्तों का पूरी तरह से पालन करने वाली पात्र इकाइयों को ही उपलब्ध कराई जाएगी।
* यू.पी. वित्तीय निगम को ऋण वसूली का पूरा उत्तरदायित्व होगा।
* डिफ़ॉल्ट की स्थिति में आगे की धनराशि का भुगतान रोक दिया जाएगा।
* ऋण की वसूली में विलंब करने वाली इकाइयों पर लगने वाले ब्याज (1.25% प्रतिमाह) को कोष में जमा कराना होगा।
* स्वीकृत धनराशि का आहरण आयुक्त और निदेशक, उद्योग, कानपुर द्वारा तैयार एक महीने की आवश्यकता के अनुसार किया जाएगा।
* स्वीकृत धनराशि का उपयोग करने से पहले वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 17.03.2023 और अन्य लागू सरकारी आदेशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
* वित्तीय निगम द्वारा धनराशि वितरित करने से पहले इकाई की पात्रता और डेटा की शुद्धता को सुनिश्चित किया जाएगा।
*अनुपालन और रिपोर्टिंग:*
* आयुक्त और निदेशक, उद्योग, कानपुर द्वारा यू.पी. वित्तीय निगम को उपलब्ध कराए गए ऋण के संबंध में ऋण वितरण की निगरानी की जाएगी।
* आयुक्त और निदेशक, उद्योग, कानपुर को धन के सदुपयोग से संतुष्ट होने के बाद ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा।
* आयुक्त और निदेशक, उद्योग, कानपुर द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र के माध्यम से औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 को तत्काल अवगत कराया जाएगा।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**प्रमुख हितधारक:** यू.पी. वित्तीय निगम
**प्रभाव:** पात्र इकाइयों की ऋण स्वीकृति और वितरण की निगरानी के लिए जिम्मेदार है।
**आवश्यक कार्रवाई:** ऋण वितरण से पहले पात्रता संबंधी औपचारिकताओं का पालन करें, ऋण वसूली सुनिश्चित करें और यह सुनिश्चित करें कि इकाई औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2003 के तहत शर्तों का अनुपालन करे।
**प्रमुख हितधारक:** मेसर्स कनोडिया सीमेंट लिमिटेड (यूनिट-1), बुलन्दशहर
**प्रभाव:** ऋण प्राप्तकर्ता, औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अनुसार शर्तों का पालन करने के लिए बाध्य है।
**आवश्यक कार्रवाई:** औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2003 के अनुसार सभी शर्तों का अनुपालन, धन का उचित उपयोग और ऋण वापसी सुनिश्चित करना।
**प्रमुख हितधारक:** आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर
**प्रभाव:** ऋण वितरण, धन के उपयोग की निगरानी, और यू.पी. वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण।
**आवश्यक कार्रवाई:** एक महीने की आवश्यकता के अनुसार आकलन करें और धनराशि का आहरण करें, यू.पी. वित्तीय निगम से धन वितरण की निगरानी करें, धन के सदुपयोग को प्रमाणित करें और औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 को रिपोर्ट करें।
**प्रमुख हितधारक:** उत्तर प्रदेश सरकार (औद्योगिक विकास विभाग और वित्त विभाग)
**प्रभाव:** औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के सफल कार्यान्वयन की समग्र निगरानी, बजट आवंटन और अनुपालन का पर्यवेक्षण।
**आवश्यक कार्रवाई:** नीतियों का अनुपालन सुनिश्चित करना, निधि का सही ढंग से आवंटन करना और इस कार्यक्रम के अंतर्गत समग्र प्रगति और प्रभाव का पर्यवेक्षण करना।
Key Entities Referenced
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003: औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की एक योजना, जिसका उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना है।
उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम (U.P. Financial Corporation): यह संगठन औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत पात्र इकाइयों को ऋण वितरित करता है और योजना के तहत वितरित ऋणों की वसूली के लिए उत्तरदायी है।
उद्योग निदेशालय, कानपुर: यह विभाग औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत जारी धनराशि के उपयोग और सदुपयोग की निगरानी करता है।
कनोडिया सीमेन्ट लि0 (यूनिट-1), बुलन्दशहर: यह औद्योगिक इकाई औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण की प्राप्तकर्ता है।
संख्या-4/2023/84/77-6-2023-6002(099)/7/202-पार्ट(2)
प्रेषक,
मनोज कुमार मौर्य,
उप सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
आयुक्त एवं निदेशक,
उद्योग,
उद्योग निदेशालय, कानपुर।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 28 जून, 2023
विषय: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु &.728.5 लाख की वित्तीय
स्वीकृति के संबंध Fl
महोदय,
उपर्युक्त विषयक उ0प्र0 वित्तीय निगम के. पत्रांक-4/विनि/वियोवि/2023-24, दिनांक
8.04.2023, पत्रांक-3/विनि/ वि.यो.वि./2022-23 दिनांक 05.04.2023 एवं पत्रांक-840/विनि/वियोवि/
2022-23 दिनांक 02-02-2023 cant औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत पात्र
इकाई AO कनोडिया सीमेन्ट लि0(यूनिट-), बुलन्दशहर को वित्त वर्ष 205-6 एवं वित्त वर्ष 206-
7 हेतु निगम द्वारा स्वीकृत ब्याजमुक्त ऋण को वितरित करने हेतु चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 के
लिए योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि के सापेक्ष BO 28.5 लाख(रूपये ग्यारह करोड़
अटठाइस लाख Was हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति शीघ्र feta किए जाने की संस्तुति सहित
अनुरोध किया गया Sl पात्र इकाईयों का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत है:-
दी इकाई का नाम ऋण स्वीकृत की
धनराशि
(रूपये लाख में)
AO कनोडिया सीमेन्ट लि0(यूनिट ), बुलन्दशहर(वित्त वर्ष 205-76) 249.79
2 | मे0 कनोडिया सीमेन्ट लि0(यूनिट ), बुलन्दशहर(वित्त वर्ष 2046-7) 878.36
कर - 28.5
(रूपये ग्यारह करोड़
अटठाइस लाख Ine
हजार मात्र)
इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-
2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के आय-व्ययक में प्राविधिनित धनराशि %.50.00
करोड़ (रूपये एक सौ पचास करोड़ मात्र) के सापेक्ष कुल धनराशि BO (428.45 लाख (रूपये ग्यारह
करोड़ अटठाइस लाख पनन््द्रह हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के
अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
नियम व शर्ते / प्रतिबन्धों
I- धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है उसके बैंक खाते में सीधे आहरित कर जमा
की जाएगी। स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबंध निदेशक, उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक
विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 को उपलब्ध कराया जाएगा।
2- 3040 वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध में अपने स्तर
से पात्रता के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर लेंगे कि प्रस्तावित
ब्याजमुक्त ऋण स्वीकृत किये जाने सम्बन्धी प्रक्रियाओं/विधिक औपचारिकताओं का पालन कर लिया
गया है।
3- स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जायेगा।
4- किसी परिस्थिति A धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते A
नहीं रखा जाएगा।
5- स्वीकृत धनराशि सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से पात्र इकाई के बैंक खाते में
Seda की जायेगी।
6- स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा।
7- स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा जिसके few स्वीकृत किया गया Fl
8- यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन
नियमावली-2003(यथासंशोधित) A उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो।
9- पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उ0प्र0 वित्तीय निगम पर होगा।
वसूली में शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन ant की
जायेगी।
0- यदि इकाईयों द्वारा ऋण वापसी के सम्बन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट की तिथि से
आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा।
4- पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उ0प्र0 वित्तीय निगम पर होगा।
उ०प्र० वित्तीय निगम cant इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन नियमावल्नी-2003(यथा संशोधित) में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की
जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं yor की जाएंगी।
2- ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत
प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।
3- यदि उ0प्र0 वित्तीय निगम gant किसी किश्त के भुगतान मैं डिफाल्ट किया जाता है तो SOO
वित्तीय निगम Gant शासन को 7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की अवधि
में ब्याज का भुगतान किया जाना होगा।
4- संबंधित निवेश नीति/नियमावल्ली/संगत शासनादेशों के प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया
जायेगा।
5- स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का
आंकलन आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर द्वारा किया जाएगा। उ0प्र0 वित्तीय निगम को
उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरण का अऊनुश्रवण भी
आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर द्वारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध A
संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |6- स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय ज्ञाप
दिनांक 7.03.2023 एवं अन्य संगत शासनादेशों cant जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन
सुनिश्चित किया जाएगा।
7- उ0प्र0 वित्तीय निगम दूवारा स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों
की शुद्धता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे।
2- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 7,28,45,000 (रुपये ग्यारह करोड़ अटठाइस लाख पंद्रह
हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2023-2024 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक
68850900600 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 2003 मानक मद 30 निवेश/ऋण के aA
डाला जायेगा।
3-.... यह आदेश कंप्यूटर SANT उत्पन्न AEA-E-6-47-X-2023-24 दिनांक 27.06.2023 में प्राप्त
वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
मनोज कुमार मौर्य
उप सचिव।
WEAI-4 /2023/84/77-6-2023-6002(099)/7/202-4e( 2), aaieate|
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
I- महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, उ०प्र०, प्रयागराज।
2- मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर।
3- अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन।
4- नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन।
5-प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0 वित्तीय निगम को Gath-4/Tate/faaita/2023-24, दिनांक 8.04.2023,
पत्रांक-3/विनि/वि.यो.वि./2022-23 दिनांक 05.04.2023 wd पत्रांक-840/विनि/वियोवि/2022-23
दिनांक 02-02-2023 के क्रम में अग्रेतर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु।
6- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर।
7- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
8- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4/4
9- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
0- नियोजन अनुभाग-/4
II- औद्योगिक विकास अनुभाग-2
{2- mS फाइल।
आज्ञा से,
मनोज कुमार मौर्य
उप सचिव।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |