The Uttar Pradesh government, via letter number 32/2022/1448/77-6-2022-6002(099)/7/2021(Part-1) dated July 15, 2022, has approved a financial sanction of ₹18,69,16,000.00 for the implementation of the Industrial Investment Promotion Scheme-2003.
The letter references communications from the Uttar Pradesh Financial Corporation (UPFC) dated April 8, 2022, and June 14, 2022, recommending the sanction for the distribution of interest-free loans approved by the corporation to eligible units for the financial years 2017-18 and 2013-14. The sanction is within the budgetary provisions for the financial year 2022-23.
The details of the eligible units and the sanctioned loan amounts are as follows:
1. M/s Suruchi Foods Pvt. Ltd., Mathura (FY 2017-18): Sanctioned ₹634.54 lakhs, with ₹571.08 lakhs to be disbursed.
2. M/s Sterling Agro Industries Ltd., Kasganj (FY 2017-18): Sanctioned ₹1253.89 lakhs, with ₹1128.50 lakhs to be disbursed.
3. M/s Maa Mahamaya Alloys Pvt. Ltd., Chunar, Mirzapur (FY 2013-14): Sanctioned and to be disbursed ₹169.58 lakhs.
The total sanctioned amount is ₹1869.16 lakhs, against an allocated budget of ₹100.00 crore for the financial year 2022-23. The financial approval is subject to specific terms and conditions, including direct transfer of funds to the unit's bank account, submission of utilization certificates, and adherence to the Industrial Investment Promotion Rules 2003 (as amended).
The UPFC bears full responsibility for loan recovery, and delays in repayment will attract a penalty of 1.25% per month. The Commissioner and Director of Industries, Kanpur, will assess the need for funds and monitor their utilization.
The order, generated via computer (E-6-29-X-2022-23-dated: 13-7-2022), is issued with the consent of the Finance Department and is addressed to the Commissioner and Director of Industries, Kanpur, among other officials.
Contact person: Rajani Kant Pandey, Additional Secretary.
Key Entities Referenced
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003: Industrial Investment Promotion Scheme 2003, provides financial support and incentives to eligible industrial units in Uttar Pradesh.
उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम: Uttar Pradesh Financial Corporation, a state-level financial institution responsible for providing loans and financial assistance to industrial units.
उद्योग निदेशालय, कानपुर: Directorate of Industries, Kanpur, the department responsible for overseeing and regulating industrial activities in Uttar Pradesh.
लखनऊ: Lucknow, the capital city of Uttar Pradesh, where the order was issued.
W°EAT-32/2022/(448/77-6-2022-6002(099)/7/202(Part-)
प्रेषक,
रजनी कान्त पाण्डेय,
अनु सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
आयुक्त एवं निदेशक,
उद्योग,
उद्योग निदेशालय, कानपुर।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 45 जुलाई, 2022
विषय: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रिन्यान्वयन हेतु ¥.78,69,6,000.00
की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक उ0प्र0 वित्तीय निगम के पत्रांक-32/विनि/वियोवि/2022-23 दिनांक
08.04.2022 एवं पत्रांक-222/विनि/वियोवि/2022-23 दिनांक 4.06.2022 दूवारा औद्योगिक
निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत वित्त वर्ष 2047-48 के लिए पात्र 02 इकाईयों हेतु
एवं. वित्त वर्ष 20:3-4 हेतु पात्र 0 इकाई को निगम द्वारा स्वीकृत ब्याजमुक्त ऋण की
धनराशि वितरित किये जाने हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत
वित्तीय वर्ष 2022-23 में प्राविधानित बजट व्यवस्था के सापेक्ष कुल धनराशि &.869.6
लाख (रुपये अठारह करोड़ उनहत्तर लाख सोलह हजार मात्र ) की वित्तीय स्वीकृति निर्गत किए
जाने की संस्तुति सहित अनुरोध किया गया है। पात्र इकाईयाँ का उपलब्ध कराया गया
विवरण निम्नवत है:-
क्र0 | इकाई का नाम ऋण स्वीकृत की आहरित की. जाने
सं0 धनराशि वाली धनराशि
(रू.लाख में)
।. | मे0सुरूचि फूइस प्रावस्लिमिटेड, जनपद- 634.54 57.08
FART
(वित्त वर्ष 207-8)
2 | मे0 स्टर्लिंग vat इन्डस्ट्रीज लिमिटेड, 253.89 728.50
जनपद-कासगंज को (वित्त वर्ष 2077-8)
3 AO माँ महामाया एलायज प्रा0लि0 : युनार, 69.58 69.58
मिर्जापुर को वित्त वर्ष 2073-74
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |“सं योग- 869.6
(रूपये अटठारह
करोड़ उन्हत्तर लाख
सोलह हजार मात्र)
3. इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन
योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 के आय-व्ययक में प्राविधानित
धनराशि &.00.00 करोड़ (रूपये सौ करोड़ मात्र) के सापेक्ष कुल धनराशि %.7869.46 लाख
(रूपये अटठारह करोड़ उन्हत्तर लाख सोलह हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित
शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वीकृति
प्रदान करते हैं:-
नियम व ad / प्रतिबन्धों
I- धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है उसके बैंक खाते में सीधे
आहरित कर जमा की जाएगी। स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रबंध
निदेशक, उ0प्र0 वित्तीय निगम cant . हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक
उद्योग, कानपुर के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास विभाग
अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 को उपलब्ध कराया जाएगा।
2- उ0प्र0 वित्तीय निगम दूवारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध
मैं अपने स्तर से पात्रता के सम्बन्ध मैं स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित
कर लेंगे कि प्रस्तावित ब्याजमुक्त ऋण स्वीकृत किये जाने सम्बन्धी प्रक्रियाओं/
विधिक औपचारिकताओं का पालन कर लिया गया है।
3- स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही
किया जायेगा।
4- किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य
किसी खाते मैं नहीं रखा जाएगा।
5- स्वीकृत धनराशि सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से पात्र इकाई के बैंक
खाते मैं अन्तरित की जायेगी।
6- स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा उ0प्र0 वित्तीय निगम दूवारा रखा जाएगा।
7- स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद A किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृत
किया गया है।
8- यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन नियमावली 2003 (यथासंशोधित) A उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया
अनुपालन सुनिश्चित करती हो।
- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |9- पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उ0प्र0 वित्तीय निगम
पर होगा। वसूत्री में शिथिलता KA जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर
कार्यवाही शासन द्वारा की जायेगी।
0- यदि इकाईयों द्वारा ऋण वापसी के सम्बन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट
की तिथि से आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा।
W4- पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उ0प्र0 वित्तीय
निगम पर होगा। उ०प्र० वित्तीय निगम CaN इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण
की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2003 (यथा संशोधित) में
दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा
हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी।
2- ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (.25
प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।
3- यदि उ0प्र0 वित्तीय निगम cant किसी किश्त के भुगतान में डिफाल्ट किया जाता
है तो उ0प्र0 वित्तीय निगम cant शासन को .25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज
की दर से विलम्ब की अवधि में ब्याज का भुगतान किया जाना होगा।
4- स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह Al आवश्यकतानसार
2-
नुसार किया जाएगा।
आवश्यकता का. आंकलन आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर द्वारा किया
जाएगा। उ0प्र0 वित्तीय निगम को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष उ0प्र0 वित्तीय
निगम SORT ऋण वितरण का अनुश्रवण भी आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर
दवारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त
ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा।
5- स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के
कार्यालय ज्ञाप दिनांक 07.06.2022 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-
निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
6- उ0प्र0 वित्तीय निगम दूवारा स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की
पात्रता एवं आंकड़ों की शुद्धता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे।
इस संबंध मैं होने वाला व्यय रुपये (8,69,/6,000(e0a अठारह करोड़ उनहत्तर लाख
सोलह हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2022-2023 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 007
लेखा शीर्षक 68850900600 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 2003 मानक मद 30
निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |3- यह आदेश कंप्यूटर GANT उत्पन्न संख्या £-6-29-20-2022-23-दिनांक:3-7-2022 A
प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
रजनी Sled पाण्डेय
अनु सचिव।
WEA-32/2022/448(4)/77-6-2022-6002(099)/7/202i(Part-), तद्दिनांक।
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
- महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दृवितीय, उ०प्र०, प्रयागराज।
2- मुख्य कोषाधिकारी, HAT |
3- अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0
शासन।
4- नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन।
5- प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0 वित्तीय निगम को पत्रांक-32/विनि/वियोवि/2022-23 दिनांक
08-04-2022 एवं पत्रांक-222/ विनि/वियोवि/ 2022-23 दिनांक 4-06-2022 के क्रम मैं
अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु।
6- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, HTT |
7- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
8- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4
9- वित (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
I0- नियोजन अनुभाग-/4
II- औद्योगिक विकास अनुभाग-2
{2- गार्ड फाइल।
आज्ञा से,
रजनी Sled पाण्डेय
अनु सचिव।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |