**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किया गया एक शासनादेश है, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत दो पात्र इकाइयों को 2022-23 वित्तीय वर्ष के लिए 188.85 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है। यह स्वीकृति उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम के अनुरोध पर ब्याज मुक्त ऋण की शेष 10% धनराशि के वितरण के लिए है। दस्तावेज़ में विशिष्ट नियम, शर्तें और प्रक्रियाएं शामिल हैं जिनका पालन इस धनराशि के वितरण और उपयोग के लिए किया जाना है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*वित्तीय स्वीकृति और राशि*
* औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 188.85 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
* यह स्वीकृति योजना के अंतर्गत आवंटित बजट से है और ब्याज मुक्त ऋण की शेष 10% धनराशि का प्रतिनिधित्व करती है।
*वितरण की शर्तें*
* धनराशि सीधे पात्र इकाई के बैंक खाते में जमा की जानी चाहिए।
* वितरित धन के उपयोग के प्रमाण पत्र आयुक्त और उद्योग निदेशक द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे, औद्योगिक विकास विभाग को भेजे जाएंगे।
* उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को पात्रता की स्थिति स्पष्ट करने और ब्याज मुक्त ऋण के लिए कानूनी औपचारिकताओं का पालन करने की आवश्यकता है।
* स्वीकृत धनराशि का आहरण तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जाएगा और इसे किसी अन्य खाते में स्थानांतरित नहीं किया जाना चाहिए।
* धनराशि आरटीजीएस/एनईएफटी के माध्यम से पात्र इकाई के बैंक खाते में स्थानांतरित की जानी चाहिए।
* स्वीकृत राशि का रिकॉर्ड उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा और इसका उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्य के लिए किया जाएगा।
* यह धन पात्र इकाइयों को केवल तभी उपलब्ध कराया जाएगा जब वे औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन विनियम 2003 की शर्तों का पूरी तरह से पालन करते हैं।
*वसूली और ब्याज*
* वितरित ऋण की वसूली का पूरा उत्तरदायित्व उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम पर होगा, और वसूली में शिथिलता के लिए शासन द्वारा कार्रवाई की जा सकती है।
* यदि कोई इकाई ऋण वापसी में चूक करती है, तो आगे दी जाने वाली धनराशि बंद कर दी जाएगी।
* विलम्ब से भुगतान पर 1.25% प्रतिमाह साधारण ब्याज लगाया जाएगा, जिसे राजकोष में जमा करना होगा। यदि उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम किश्तों के भुगतान में चूक करता है, तो उसे भी शासन को 1.25% प्रतिमाह की दर से साधारण ब्याज का भुगतान करना होगा।
*अनुश्रवण और अनुमोदन*
* आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर द्वारा आवश्यकतानुसार स्वीकृत धनराशि का आहरण किया जाएगा।
* उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा धन के वितरण पर आयुक्त और निदेशक, उद्योग, कानपुर द्वारा निगरानी की जाएगी।
* धन खर्च करने से पहले, वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के कार्यालय ज्ञापन दिनांक 07.06.2022 और अन्य प्रासंगिक सरकारी आदेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
*व्यय का आवंटन*
* इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 1,88,85,000 (रुपये एक करोड़ अट्ठासी लाख पच्चासी हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2022-2023 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 6885011900600 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 2003 मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम (यूपीएफसी):**
* **प्रभाव:** इकाइयों की पात्रता सुनिश्चित करने, कानूनी औपचारिकताओं का पालन करने और वितरित ऋण की वसूली के लिए जिम्मेदार है। यह चूक के मामले में ऋण की वसूली और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन विनियम 2003 के अनुसार प्रभावी तंत्र लागू करने के लिए भी जिम्मेदार है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** पात्र इकाइयों को धन का वितरण करें, वितरण रिकॉर्ड बनाए रखें, और दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार वसूली प्रक्रिया का पालन करें।
**पात्र औद्योगिक इकाइयां (मे० सुरुचि फूडस प्रा० लिमिटेड और मे0 स्टर्लिंग एग्रो इन्डस्ट्रीज लिमिटेड):**
* **प्रभाव:** प्रोत्साहन योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करें और अपनी परियोजनाओं के विकास के लिए धनराशि का उपयोग कर सकते हैं।
* **आवश्यक कार्रवाई:** औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन विनियम 2003 का पालन करें, धन के उपयोग पर रिपोर्ट प्रदान करें, समय पर ऋण का भुगतान करें, और चूक से बचें ताकि आगे के वितरण को रोका जा सके।
**आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर:**
* **प्रभाव:** निधि उपयोग की निगरानी के लिए जिम्मेदार हैं और वे यूपीएफसी को उपलब्ध कराए गए ऋण से संतुष्ट हैं।
* **आवश्यक कार्रवाई:** धनराशि के सदुपयोग को सुनिश्चित करें।
**उत्तर प्रदेश सरकार (औद्योगिक विकास विभाग और वित्त विभाग):**
* **प्रभाव:** वित्तीय अनुमोदन प्रदान करता है और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** यूपीएफसी और अन्य हितधारकों द्वारा अनुपालन की निगरानी करें, और आवश्यक होने पर सुधारात्मक कार्रवाई करें।
Key Entities Referenced
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003: औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक योजना।
उ०प्र० वित्तीय निगम: उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत ऋण वितरण और वसूली के लिए ज़िम्मेदार है।
उद्योग निदेशालय, कानपुर: उद्योग निदेशालय, कानपुर, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के कार्यान्वयन की निगरानी और आकलन के लिए ज़िम्मेदार है।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6: औद्योगिक विकास विभाग का अनुभाग जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 से संबंधित है।
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार।
WEAT-I /2023/336/77-6-2022-6002(099)/7/202(4Te-7)
प्रेषक,
जय वीर सिंह,
संयुक्त सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
आयुक्त एवं निदेशक,
उद्योग,
उद्योग निदेशालय, कानपुर।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 2 मार्च, 2023
विषय: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रिन्यान्वयन हेतु ¥.(88.85 लाख की वित्तीय
स्वीकृति के संबंध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक उ0प्र0 वित्तीय निगम & पत्रांक-70|/विनि/वियोवि/2022-23 दिनांक
08.2.2022 cant औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत पात्र इकाइयों को स्वीकृत
किए गए ब्याजमुक्त ऋण की शेष (0 प्रतिशत धनराशि को वितरित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 के
लिए योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि से कुल BO (88.85 लाख(रूपये एक करोड़ अट्ठासी लाख
पच्चासी हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति शीघ्र जारी किए जाने की संस्तुति सहित अनुरोध किया गया
है। पात्र इकाईयाँ का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत् है:-
थी काई का नाम ण स्वीकृत की Ra की जाने are धनराशि
धनराशि (स्वीकृत धनराशि व
0प्रतिशत) (रू.लाख मैं)
| AO सुरूचि Hse प्रा0 लिमिटेड, जनपद- 634.54 63.46
मथु (वित्त वर्ष 2047-8)
2 WO स्टर्लिंग vat इन्डस्ट्रीज लिमिटेड, 7253.89 25.39
नपद- कासगंज
(वित्त वर्ष 207-8)
कल योग- 888.43 88.85
की (रूपये एक करोड़ अटठासी लाख
पच्चासी हजार मात्र)
2. इस सम्बन्ध मैं मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003
के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 के आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि रू.00.00 करोड़(रूपये
एक सौ करोड़ मात्र) में से अवशेष धनराशि के सापेक्ष कुल धनराशि &.88.85 लाख(रूपये एक करोड़
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |अटठासी लाख पच्चासी हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन
निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
नियम व शर्तें / प्रतिबन्धों
I- धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है उसके बैंक खाते में सीधे आहरित कर जमा की
जाएगी। स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबंध निदेशक, उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा
हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक
विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 को उपलब्ध कराया जाएगा।
2- उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध में अपने स्तर
से पात्रता के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर लेंगे कि प्रस्तावित
ब्याजमुक्त ऋण स्वीकृत किये जाने सम्बन्धी प्रक्रियाओं/विधिक औपचारिकताओं का पालन कर
लिया गया है।
3- स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जायेगा।
4- किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं
रखा जाएगा।
5- स्वीकृत धनराशि सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से पात्र इकाई के बैंक खाते में
Seda की जायेगी।
6- स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा।
7- स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृत किया गया है।
8- यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन
नियमावली-2003 (यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो।
9- पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूत्री का पूर्ण उत्तरदायित्व उ0प्र0 वित्तीय निगम पर होगा।
वसूली में शिथिलता Ka जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन द्वारा की
जायेगी।
l0-afe इकाईयों दूवारा ऋण वापसी के सम्बन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट की तिथि से
आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा।
i4-44 इकाइयों को वितरित ऋण की age का पूर्ण उत्तरदायित्व उ0प्र0 वित्तीय निगम पर होगा।
उ०प्र० वित्तीय निगम cant इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन नियमावली-2003(यथा संशोधित) में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की
जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी।
|2-ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (.25 प्रतिशत प्रतिमाह
साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।
3-यदि उ0प्र0 वित्तीय निगम cant किसी किश्त के भुगतान A Hee किया जाता है तो उ0प्र0
वित्तीय निगम दूवारा शासन को .25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की
अवधि में ब्याज का भुगतान किया जाना होगा।
|4-स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आंकलन
आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर द्वारा किया जाएगा। उ0प्र0 वित्तीय निगम को उपलब्ध कराए
गए ऋण के सापेक्ष उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी आयुक्त एवं
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |निदेशक, उद्योग, कानपुर GANT किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के
उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा।
|5-स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय AT
दिनांक 07.06.2022 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन
सुनिश्चित किया जाएगा।
6-3040 वित्तीय निगम दूवारा स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की
शुद्धता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे।
2- Sa संबंध में होने वाला व्यय रुपये (,88,85,000(e0a एक करोड़ अट्ठासी लाख पच्चासी हजार
मात्र) को adel वित्तीय वर्ष 2022-2023 के आय-व्ययक A अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक
68850900600 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 2003 मानक मद 30 निवेश/ऋण के ATA डाला
जायेगा।
3- यह आदेश कंप्यूटर GANT उत्पन्न संख्या-£-6-487-3(-2022-23, दिनांक 03.03.2023 A प्राप्त
वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे हैं।
भवदीय,
जय वीर सिंह
संयुक्त सचिव।
AAT-//2023/336/7 7-6-2022-6002(099)/7/202(aTe-)
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
l- महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, उ०प्र०, प्रयागराज।
2- मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर |
3- अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन।
4- नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन।
5- प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0 वित्तीय निगम को पत्रांक-70/विनि/वियोवि/2022-23 दिनांक 08-42-2022 के
क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु।
6- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर।
7- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
8- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4/4
9- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
I0- नियोजन अनुभाग-/4
tI- औद्योगिक विकास अनुभाग-2
{2- mS Wesel
आजा से,
जय वीर सिंह
संयुक्त सचिव।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |