**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के कार्यान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए ₹20,14,33,390 की वित्तीय मंजूरी प्रदान करता है। यह मंजूरी पिकप के पत्र के जवाब में है और इसका उद्देश्य पात्र इकाइयों को स्वीकृत ब्याज-मुक्त ऋण का 90% वितरित करना है। इस दस्तावेज़ में चार पात्र इकाइयों के लिए स्वीकृत धनराशि का विवरण दिया गया है। यह 1 मार्च, 2023 को जारी किया गया था।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*वित्तीय मंजूरी:*
* वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए ₹20,14,33,390 की कुल राशि को मंजूरी दी गई है।
* यह राशि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत पात्र इकाइयों को स्वीकृत ब्याज-मुक्त ऋण का 90% वितरित करने के लिए है।
*धनराशि का वितरण:*
* धनराशि का भुगतान सीधे पात्र इकाई के बैंक खाते में किया जाना चाहिए।
* स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबंध निदेशक, पिकप द्वारा हस्ताक्षरित करके आयुक्त और निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम से औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 और सभी संबंधित विभागों को प्रदान किया जाना चाहिए।
* ऋण वितरण से पहले, पिकप को इकाई की पात्रता सत्यापित करनी होगी और सुनिश्चित करना होगा कि सभी कानूनी औपचारिकताओं का पालन किया गया है।
*अनुपालन और जवाबदेही:*
* पिकप पर वितरित ऋणों की वसूली की पूरी जिम्मेदारी होगी।
* धनराशि का उपयोग स्वीकृत मद में ही किया जाना चाहिए।
* धनराशि का वितरण उन इकाइयों को किया जाएगा जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2003 का पूरी तरह से पालन करती हैं।
*डिफ़ॉल्ट और ब्याज:*
* डिफ़ॉल्ट के मामले में, आगे की किश्तों का भुगतान रोक दिया जाएगा।
* देर से भुगतान करने वाली इकाइयों से 1.25% प्रति माह की दर से ब्याज वसूला जाएगा।
* किश्तों के भुगतान में पिकप द्वारा डिफ़ॉल्ट के मामले में, पिकप को सरकार को 1.25% प्रति माह की दर से ब्याज का भुगतान करना होगा।
*अन्य शर्तें:*
* धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाना है।
* उचित उपयोग के लिए धन के अनुश्रवण की जिम्मेदारी संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल लखनऊ पर है।
* धनराशि के आहरण से पहले वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 07.06.2022 एवं अन्य संगत शासनादेशों में उल्लिखित दिशा-निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए।
**प्रभाव विश्लेषण:**
*उत्तर प्रदेश सरकार:*
**प्रभाव:** वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के सफल कार्यान्वयन और स्वीकृत धनराशि के कुशल वितरण को सुनिश्चित करता है।
**आवश्यक कार्रवाई:** पिकप और अन्य संबंधित अधिकारियों के माध्यम से वितरण प्रक्रिया की निगरानी और योजना के दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करें।
*औद्योगिक इकाइयां (मे० सुयश पेपर मिल्स, मे0 देवयानी फूड, मे0यू0ए0एल0-उत्तर प्रदेश, मे० विसाका इण्डस्ट्रीज):*
**प्रभाव:** वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत स्वीकृत ब्याज-मुक्त ऋण का 90% प्राप्त करना है।
**आवश्यक कार्रवाई:** पिकप के साथ आवश्यक दस्तावेज़ और जानकारी प्रदान करें और यह सुनिश्चित करें कि धन को स्वीकृत उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाए और नियमों और विनियमों का पालन किया जाए।
*पिकप (उत्तर प्रदेश के उद्योग के लिए वित्त निगम):*
**प्रभाव:** ब्याज-मुक्त ऋण का 90% पात्र इकाइयों को वितरित करने, धन के उचित उपयोग को सुनिश्चित करने और ऋण की वसूली को प्रबंधित करने के लिए जिम्मेदार।
**आवश्यक कार्रवाई:** लाभार्थी इकाइयों की पात्रता का सत्यापन करें, धन का वितरण करें, उपयोगिता प्रमाणपत्र प्राप्त करें, ऋण की वसूली की निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि सभी कानूनी और नियामक आवश्यकताओं का पालन किया जाए।
*उद्योग निदेशालय, कानपुर:*
**प्रभाव:** अनुमोदन और समन्वय प्रक्रिया के माध्यम से औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के कार्यान्वयन में शामिल।
**आवश्यक कार्रवाई:** योजना के क्रियान्वयन में पिकप और औद्योगिक इकाइयों के साथ समन्वय करें।
Key Entities Referenced
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003: औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक योजना।
पिकप (PICUP): उ.प्र. राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत स्वीकृत ऋण के वितरण और वसूली के लिए जिम्मेदार है।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6: उत्तर प्रदेश सरकार का वह विभाग जो औद्योगिक विकास नीतियों और योजनाओं को संभालता है।
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश राज्य सरकार।
लखनऊ मण्डल, लखनऊ: लखनऊ मंडल में उद्योग विभाग
WEAT-8/2023/355/77-6-2022-6002(099)/7/202(aTe-3)
प्रेषक,
मनोज कुमार मौर्य,
उप सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
संयुक्त निदेशक,
उद्योग,
लखनऊ मण्डल, लखनऊ।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 07 मार्च, 2023
विषय-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु रू. 20,4.33,390.00
की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक पिकप के पत्रांक-आई.आई.पी.एस./0/07-08/४०.४/489 दिनांक
2.2.2022 cant औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत पात्र इकाइयों को
स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त ऋण की 90 प्रतिशत धनराशि वितरित किए करने हेतु वित्तीय
वर्ष 2022-23 & लिए. योजनान्तर्गत. आवंटित बजट धनराशि के सापेक्ष कुल
रू0 20,4,33,390.00 (रूपये बीस करोड़ चौदह लाख तैंतीस हजार तीन at नब्बे मात्र) की
वित्तीय स्वीकृति शीघ्र जारी किए जाने की संस्तुति सहित अनुरोध किया गया है। पात्र
इकाईयां का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत है:-
(धनराशि रूपये में)
क्रमांक इकाई का नाम वित्तीय वर्ष स्वीकृत धनराशि आहरित की. जाने
वाली धनराशि
(स्वीकृत राशि का
90 प्रतिशत)
{ AO सुयश पेपर few, |208-79 2,59,85,84.00 |2,33,86,666.00
(यूनिट ऑफ सुयश
केमिकल्स एण्ड
फर्टिलाइजर ... प्राघलि0)
बस्ती लिमिटेड जनपद-
मथुरा
2... मे0 . देवयानी... wel 209-20 6,66,0,09.00 /5,99,40,982.00
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |इण्डिस्ट्रज लि0 मथुरा
3 .मे0्यूएए0एल0-उत्तर 207-48 4,99,38,83.00 4,49,44,948.00
प्रदेश(यू0ए0एल0
इण्डस्ट्रीज Fl इकाई)
जौनपुर |
4 AO विसाका इण्डस्ट्रीज 207-48 8,2,89.,774.00 7,3,60,794.00
लि0, रायबरेली |
योग- 22,38,4,877.00 20,4,33,390.00
(रूपये बीस करोड़
चौदह लाख तैंतीस
हजार तीन सौ नब्बे
मात्र)
2. इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन
योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 के आय-व्ययक में प्राविधानित
धनराशि &.00.00 करोड़ (रूपये एक सौ करोड़ मात्र) A से अवशेष धनराशि के सापेक्ष
उपरोक्त इकाईयों को वितरित किए जाने हेतु कुल धनराशि BO 20,74,33,390.00 (रूपये
बीस करोड़ चौदह लाख तैंतीस हजार तीन at नब्बे मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित
शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन fasta किए जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते
नियम व शर्ते / प्रतिबन्धों
I- स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है उसके बैंक खाते में सीधे
आहरित कर जमा की जाएगी। स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबंध
निदेशक, पिकप CART हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम
से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक)
अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा।
2- Tony दूवारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध में अपने स्तर से
पात्रता के सम्बन्ध मैं स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर लेंगे कि प्रस्तावित
ब्याजमुक्त ऋण स्वीकृत किये जाने सम्बन्धी प्रक्रियाओं/विधिक औपचारिकताओं का
पालन कर लिया गया है।
3- स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया
जायेगा।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |4- किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी
खाते में नहीं रखा जाएगा।
5- स्वीकृत धनराशि सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से पात्र इकाई के बैंक खाते
में अन्तरित की जायेगी।
6- स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा पिकप द्वारा रखा जाएगा।
7- स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृत किया
गया है।
8- यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन नियमावल्ली-2003(यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन
सुनिश्चित करती हो।
9- पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा। वसूली
में शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन GANT
की जायेगी।
0- यदि इन इकाईयों cant ऋण वापसी के सम्बन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट
की तिथि से आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा।
- पिकप दूवारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन नियमावलत्ली-2003(यथा संशोधित) में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी
व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की
जाएंगी।
2- ऋण की वापसी A विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (7.25
प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।
3- यदि पिकप cant किसी किश्त के भुगतान मैं डिफाल्ट किया जाता है तो पिकप cant
शासन को 7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की अवधि में
ब्याज का भुगतान किया जाना होगा।
I4- स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता
का. आंकलन संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल लखनऊ GaRT किया जाएगा।
पिकप को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप दूवारा ऋण वितरण का अनुश्रवण
भी संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल लखनऊ FART किया जाएगा तथा धनराशि
के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया
जाएगा।
5- स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय
wy दिनांक 07.06.2022 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का
पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |6- पिकप दूवारा स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की
शुद्धता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे।
2- 38 संबंध में होने वाला व्यय रुपये 20,44,33,390 (रुपये बीस करोड़ alae लाख
तैंतीस हजार तीन सौ aed मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2022-2023 के आय-व्ययक मे
अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 6885074900600 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना,
2003 मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा।
3- ... यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न संख्या ६-6-423-2-2022-23 दिनांक 0--2023
में प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
मनोज कुमार मौर्य,
उप सचिव।
संख्या-8/2023/355()/77-6-2022-6002(099)/7/202(पार्ट-3),तदुदिनांक। पार्ट-3),तद्दिना ical
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
- महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दृवितीय, उ०प्र०, प्रयागराज।
2- मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ।
3- अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0
शासन।
4- alsa अधिकारी, बजट एलाटमैंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन।
5- प्रबन्ध निदेशक, पिकप को. पत्रांक-आई.आई.पी.एस./0/07-08/५०ण.४/89 दिनांक
2-2-2022 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु।
6- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर |
7- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
8- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4
9- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
I0- नियोजन अनुभाग-/4
tI- औद्योगिक विकास अनुभाग-2
{2- गार्ड फाइल।
आजा से,
मनोज कुमार मौर्य,
उप सचिव।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |