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संख्या-64 /2025/33/77-6-2025/678329
पीयूष वर्मा,
विशेष सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
आयुक्त एवं निदेशक,
उद्योग,
उद्योग निदेशालय, कानपुर।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 _ लखनऊ:25-08-2025
विषय:- औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियावन्यन हेतु वित्तीय वर्ष-2025-26 के आय-व्ययक
मैं _ प्राविधािनित धनराशि रू 3000.00 लाख के. सापेक्ष कुल. HO 3,97,87,000.00 (रू0 तीन
करोड, सन्तानबे लाख, सत्तासी हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निर्गत किये जाने के संबंध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक प्रभारी, वि०यो०वि०, उ०प्र० वित्तीय निगम, कानपुर के पत्र संख्या-65/विनि/वियोवि/
2025-26 दिनांक 9.06.2025 का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके द्वारा औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत पात्र इकाई को स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त ऋण की शत-प्रतिशत
धनराशि वितरित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि
रू0 3000.00 लाख के सापेक्ष कुल रू0 3,97,87,000.00 (रू0 तीन करोड, Heats लाख, सत्तासी
हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निर्गत किए जाने का अनुरोध किया गया el जिसका विवरण निम्नवत् है:-
धनराशि_(रू० लाख में)
रूस सं. इकाई का नाम वित्तीय वर्ष srt मुक्त ऋण की स्वीकृति हेतु प्रस्तावित शत प्रतिशत
धनराशि
"| ; AO भारत इन्फ्रासीमेन्ट 207-8 98.63
लिमिटेड, चन्दौली
है. | aad 20i8-9 09.6
| = ९ aad 2079-20 78.67
| WAN aad 2020-2 48.89
LN | aad 202-22 62.07
कुल योग 397.87
(रू0 तीन करोड सन्तानबे लाख सत्तासी हजार मात्र)
2- इस समूबनूध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-
2003 के fade हेतु facta वर्ष-2025-26 के. आय-व्ययक A प्राविधानित धनराशि रू0
3000.00 लाख के सापेक्ष उपरोक्त इकाई को सवीकृत ब्याज Abd ऋण वितरित किये जाने हेतु
कुल रू. 3,97,87,000.00 (रू0 तीन करोड, सन्तानबे लाख, सत्तासी हजार मात्र) की धनराशि आपके
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |निर्वतन पर रखने हेतु निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन वित्तीय सवीकृति fetal
अवमुक्त किए जाने की एतद्द्वारा श्री राज्यपाल सहर्ष सवीकृति प्रदान करते है:-
नियम व शर्तें/प्रतिबन्ध
. स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है, उसके बैंक खाते में सीधे
आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से अन्तरित की जाएगी।
2. स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र उ०प्र0 वित्तीय निगम दूवारा हस्ताक्षरित कर
आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग निदेशालय, कानपुर के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक
विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया
जाएगा।
3. उ०प्र० वित्तीय निगम ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध में अपने स्तर से
पात्रता के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर लेंगे कि प्रस्तावित
व्याजमुक्त ऋण स्वीकृत किये जाने सम्बन्धी प्रक्रियाओं/विधिक औपचारिकताओं का पालन कर
लिया गया है।
4. स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया
जायेगा।
5. किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में
नहीं रखा जाएगा।
6. स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा।
7. स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा, जिसके लिए स्वीकृत किया गया
है।
8. यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन
योजना-2003 (यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो।
9. पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम पर
होगा। वसूली A शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन द्वारा
की जायेगी।
0. यदि इन इकाईयों GANT ऋण वापसी के सम्बन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट की
तिथि से आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा।
4. वितृतीय निगम दूवारा इकाईयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन योजना-2003 मैं दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि
की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी।
i2. ऋण की वापसी A विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत
प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।
3. किसी भी वितीय अनियमितता के लिए उ०प्र० वित्तीय निगम उत्तरदायी होगा।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |4. स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय AT
दिनांक 27.03.2025 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन
सुनिश्चित किया जाएगा।
5. उ0प्र0 वित्तीय निगम cant स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं
आंकड़ों की शुदूधता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे।
3- इस संबंध में होने वाला व्यय AO 3,97,87,000.00 (रू0 तीन करोड, सन्तानबे लाख, सत्तासी
हजार मात्र) को. चालू वितीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या 007 लेखा
शीर्षक 68850900600 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003-मानक मद 30 निवेश/ऋण
मद के नामे डाला जायेगा।
4- यह... आदेश. कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न अशासकीय . संख्या- £-6-23-X-2025-26, दिनांक
9.08.2025 में प्राप्त faa विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
पीयूष वर्मा
विशेष सचिव।
संखया- 64 /2025/433 (4)/77-6-2025/678329 तद्दिनांक। दिनां [कि
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचना एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित :-
. महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दवितीय, उ०प्र०, प्रयागराज।
2. निजी सचिव, प्रमुख सचिव, सूक्षम, एवं लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन
विभाग, SAAT प्रदेश शासन।
3. मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर/लखनऊ |
4. नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ०प्र० शासन।
5. प्रभारी, वि०यो०वि०, उ०प्र० वित्तीय निगम, कानपुर के पत्र संख्या-65/विनि/वियोवि/2025-
26 दिनांक 9.06.2025 के क्रम मैं अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु |
6. संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ/कानपुर।
7. निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
8. वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4/4
9. वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
0. नियोजन अनुभाग-4/4
44. औद्योगिक विकास अनुभाग-2
2. गार्ड फाइल।
आज्ञा से,
रामध्यान रावत
उप सचिव |
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |