**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़, उद्योग निदेशालय, कानपुर को संबोधित उत्तर प्रदेश शासन का एक पत्र है। यह औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 को लागू करने के लिए 3538.61 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है। यह स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए है और उ.प्र. वित्तीय निगम द्वारा मथुरा, गौतमबुद्धनगर और कासगंज की पात्र इकाइयों को शून्य ब्याज पर ऋण के वितरण को कवर करती है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*वित्तीय स्वीकृति:*
* औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 को लागू करने के लिए 3538.61 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए है।
* स्वीकृत राशि का उपयोग मथुरा, गौतमबुद्धनगर और कासगंज स्थित इकाइयों को उ.प्र. वित्तीय निगम द्वारा स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण वितरित करने के लिए किया जाएगा।
*आवंटन विवरण:*
* मे0 सुरुचि फूडस प्रा०लि०, मथुरा को वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 1919.38 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
* मे0 पी0जी0 इलेक्टोप्लास्ट लि0, गौतमबुद्धनगर को वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 221.40 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
* मे0 स्टर्लिंग एग्रो इन्डस्ट्रीज लि0, जनपद कासगंज को वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 306.93 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
* मे0 स्टर्लिंग एग्रो इन्डस्ट्रीज लि0, जनपद कासगंज को वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 1090.90 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
*शर्तें और प्रतिबंध:*
* धनराशि का भुगतान सीधे लाभार्थी इकाइयों के बैंक खातों में किया जाएगा।
* स्वीकृत राशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र आयुक्त एवं निदेशक उद्योग के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराया जाएगा।
* उ.प्र. वित्तीय निगम को ऋण वितरण से पहले इकाइयों की पात्रता सत्यापित करनी होगी।
* स्वीकृत धनराशि का आहरण तात्कालिक आवश्यकतानुसार किया जाएगा।
* धनराशि सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से अन्तरित की जायेगी।
* स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वा रखा जाएगा।
* यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पात्र इकाइयों द्वारा नियमावली-2003 की शर्तों का पूर्ण अनुपालन किया जा रहा है।
* ऋण वसूली का उत्तरदायित्व उ.प्र. वित्तीय निगम पर होगा।
* ऋण वापसी में चूक होने पर प्रोत्साहन बंद कर दिया जाएगा।
* ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से 1.25 प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज राजकोष में जमा कराया जाएगा।
*विविध:*
* यह व्यय चालू वित्तीय वर्ष 2023-2024 के आय-व्ययक में किया जायेगा।
* यह आदेश वित्त विभाग की सहमति से जारी किया गया है।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**हितधारक:** पात्र इकाइयाँ (मे0 सुरुचि फूडस प्रा०लि०, मे0 पी0जी0 इलेक्टोप्लास्ट लि0, मे0 स्टर्लिंग एग्रो इन्डस्ट्रीज लि0)
**प्रभाव:**
इन इकाइयों को औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत अपने संचालन का समर्थन करने के लिए ब्याज मुक्त ऋण के रूप में वित्तीय सहायता मिलती है।
**आवश्यक कार्रवाई:**
उन्हें वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए सभी पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा, ऋण को नियमों के अनुसार उपयोग करना होगा और समय पर ऋण चुकाना होगा। उन्हें उ.प्र. वित्तीय निगम और उद्योग निदेशालय से अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।
**हितधारक:** उ.प्र. वित्तीय निगम
**प्रभाव:**
उ.प्र. वित्तीय निगम निधि के वितरण और प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है। उन्हें ऋण वितरण, निगरानी और ऋण वसूली पर स्पष्टीकरण सुनिश्चित करना चाहिए।
**आवश्यक कार्रवाई:**
उन्हें पात्र इकाइयों को ऋण वितरित करना होगा, निधि के उपयोग की निगरानी करनी होगी और ऋणों की समय पर वापसी सुनिश्चित करनी होगी। इसके अतिरिक्त, उन्हें नियमावली-2003 के अनुसार सभी प्रक्रियाओं/विधिक औपचारिकताओं का पालन करना होगा।
**हितधारक:** आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर
**प्रभाव:**
आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, को सुनिश्चित करना होगा कि निधि का उपयोग अच्छी तरह से किया गया है और वह क्षेत्र में विकास पर सकारात्मक प्रभाव डालती है।
**आवश्यक कार्रवाई:**
उन्हें निधि उपयोग की निगरानी करनी चाहिए, धन के सदुपयोग के बारे में जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए और आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग के माध्यम से समय पर उपयोगिता प्रमाणपत्र उपलब्ध कराना चाहिए।
Key Entities Referenced
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए एक योजना।
उ0प्र0 वित्तीय निगम: उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम, एक संस्था जो इस योजना के तहत ऋण वितरण में शामिल है।
उद्योग निदेशालय, कानपुर: औद्योगिक विकास को विनियमित करने और बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार विभाग।
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार (यह दस्तावेज़ उसी से है)।
WEAT-35/2023/857/77-6-2023-6002(099)/7/202(aTe-7)
मनोज कुमार मौर्य,
उप सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
आयुक्त एवं निदेशक,
उद्योग,
उद्योग निदेशालय, कानपुर।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 74 जून, 2023
विषय:- औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्यवन हेतु रू. 3538.6। लाख की वित्तीय
स्वीकृति के संबंध Fl
महोदय,
उपर्युक्त विषयक प्रभारी वि0यो0वि0, उ0प्र0 वित्तीय निगम के पत्रांक-78/विनि/वियोवि/2023-
24, दिनांक 72.05.2023 cant औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत पात्र इकाई
AO सुरुचि फूडस WOO मथुरा को वित्त वर्ष 2048-49, AO पी0जी0 इलेक्टोप्लास्ट लिए0,
गौतमबुदूधनगर को वित्त वर्ष 2048-9 एवं. AO स्टर्लिंग val इन्डस्ट्रीज लि0, जनपद कासगंज को
क्रमश: वित्त वर्ष 2078-49, 20'9-20 हेतु निगम द्वारा स्वीकृत ब्याजमुक्त ऋण को वितरित करने
हेतु चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि के सापेक्ष रू. 3538.64
लाख (रूपये पैतीस करोड़ sascha लाख इकसठ हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति शीघ्र निर्गत किए
जाने की संस्तुति सहित अनुरोध किया गया है। पात्र इकाईयों का उपलब्ध कराया गया विवरण
निम्नवत है:-
° इकाई का नाम ऋण स्वीकृत की
धनराशि
(रूपये लाख में)
AO सुरूचि फूडस प्राघलि0, मथुरा (वित्त वर्ष 2078-9) 99.38
AO पी0जी0 इलेक्टोप्लास्ट लि0, गौतमबुद्धनगर (वित्त वर्ष 208-9) 22.40
AO स्टर्लिंग wat इन्डस्ट्रीज THO, जनपद कासगंज (वित्त वर्ष 208- 306.93
49)
4 | मे0 स्टर्लिंग vat इन्डस्ट्रीज लि0, जनपद कासगंज (वित्त वर्ष 2079- 4090.90
20)
TO - 3538.6 लाख (रूपये
पैतीस करोड़ अड़तीस
लाख इकसठ हजार
मात्र)
इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-
2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के आय-व्ययक में प्राविधिनित धनराशि %.50.00
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |करोड़ (रूपये एक सौ पचास करोड़ मात्र) के सापेक्ष कुल धनराशि रू. 3538.6 लाख (रूपये पैतीस
करोड़ ASA लाख इकसठ हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के
अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
नियम व शर्तें / प्रतिबन्धों
I- धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है उसके बैंक खाते में सीधे आहरित कर जमा
की जाएगी। स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबंध निदेशक, उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा
हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक
विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 को उपलब्ध कराया जाएगा।
2- उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध मैं अपने स्तर
से पात्रता के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर लेंगे कि. प्रस्तावित
ब्याजमुक्त ऋण स्वीकृत किये जाने सम्बन्धी प्रक्रियाओं/विधिक औपचारिकताओं का पालन कर लिया
गया है।
3- स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जायेगा।
4- किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में
नहीं रखा जाएगा।
5- स्वीकृत धनराशि सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से पात्र इकाई के बैंक खाते में
Seda की जायेगी।
6- स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा।
7- स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृत किया गया है।
8- यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन
नियमावल्ली-2003(यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो।
9- पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूत्री का पूर्ण उत्तरदायित्व उ0प्र0 वित्तीय निगम पर होगा।
वसूली में शिथिल्रता Ka जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन द्वारा की
जायेगी।
0- यदि इकाईयों cant ऋण वापसी के सम्बन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट की तिथि से
आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा।
W- पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उ0प्र0 वित्तीय निगम पर होगा।
उ०प्र० वित्तीय निगम cant इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन नियमावल्नी-2003(यथा संशोधित) में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की
जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी।
2- ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई A वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत
प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।
3- यदि उ0प्र0 वित्तीय निगम cant किसी किश्त के भुगतान मैं डिफाल्ट किया जाता है तो उ0प्र0
वित्तीय निगम द्वारा शासन को 7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की अवधि
में ब्याज का भुगतान किया जाना होगा।
4- स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का
आंकलन आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर द्वारा किया जाएगा। उ0प्र0 वित्तीय निगम को
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरण का अऊनुश्रवण भी
आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर द्वारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध मैं
संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा।
5- स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय ज्ञाप
दिनांक 7.03.2023 एवं अन्य संगत शासनादेशों cant जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन
सुनिश्चित किया जाएगा।
|6- उ0प्र0 वित्तीय निगम cant स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों
की शुद्धता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे।
2- इस संबंध A होने वाला व्यय रुपये 35,38,6000 (रूपये पैतीस करोड़ अड्तीस लाख इकसठ
हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2023-2024 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक
68850900600 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 2003 मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे
डाला जायेगा।
3- यह आदेश कंप्यूटर SANT उत्पन्न संख्या-६-6-8-3-2023-24 दिनांक 3.06.2023 में प्राप्त
वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे हैं।
भवदीय,
मनोज कमार मौर्य
उप सचिव।
संख्या-35/2023/857()/77-6-2023-6002(099)/7/202](पार्ट-4)तद्दिनांक-
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
l- महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दूवितीय, उ०प्र०, प्रयागराज।
2- मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर |
3- अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन।
4- नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन।
5-प्रभारी-वि0यो0एवि0, उ0प्र0 वित्तीय निगम को पत्रांक-78/विनि/वियोवि/2023-24, दिनांक 2.05.2023
के क्रम में अग्रेतर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु।
6- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर।
7- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
8- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4/4
9- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
I0- नियोजन अनुभाग-/4
tI- औद्योगिक विकास अनुभाग-2
{2- mS फाइल।
आज्ञा से,
मनोज कुमार मौर्य
उप सचिव।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |