Home India औद्योगिक विकास विभाग औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्‍वयन हेतु रू...
Date: 2023-03-03 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्‍वयन हेतु रू. 419.55 लाख की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

ज़रूर, नीचे सारांश दिया गया है: **कार्यकारी सारांश:** दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी एक पत्र है जिसमें औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के कार्यान्वयन के लिए 419.55 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति का उल्लेख है। यह स्वीकृति वर्ष 2022-23 के लिए पात्र इकाइयों को ऋण वितरण का समर्थन करने के लिए है, जिसमें उल्लिखित नियम और शर्तें लागू हैं। यह पत्र 03 मार्च 2023 को जारी किया गया था, जिसमें आवश्यक कार्रवाई और वितरण के लिए विभिन्न विभागों को प्रतियां भेजी गईं। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** *वित्तीय स्वीकृति:* * योजना-2003 के तहत ऋण वितरण के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए कुल 419.55 लाख रुपये (4.19 करोड़) की स्वीकृति। *स्वीकृति राज्यपाल द्वारा नियमों और शर्तों के अधीन प्रदान की जाती है। *नियम और शर्तें:* * धनराशि को सीधे पात्र इकाई के बैंक खाते में वितरित किया जाना है। उपयोगिता प्रमाणपत्र अनिवार्य है। * ऋण वितरित करने से पहले पात्र इकाईयों की पात्रता और वैधता सुनिश्चित की जानी चाहिए। * वितरण तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर होना चाहिए। पूर्व में आहरित धन को एकमुश्त रूप से बैंक खाते में नहीं रखा जाना चाहिए। * धन का हस्तांतरण आरटीजीएस/एनईएफटी के माध्यम से पात्र इकाई के खाते में किया जाना चाहिए। * धनराशि का लेखा-जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम (यूपीएफसी) द्वारा रखा जाना चाहिए और केवल स्वीकृत मदों के लिए ही व्यय किया जाना चाहिए। * वितरित इकाइयां योजना-2003 के नियमों का पालन करना चाहिए। यूपीएफसी वसूली के लिए जिम्मेदार है; ढिलाई पर कार्रवाई होगी। *अतिरिक्त शर्तें:* * चूक होने पर भुगतान बंद कर दिए जाएंगे। इकाईयों की ऋण वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व यूपीएफसी पर होगा। * विलंब होने पर 1.25% प्रति माह साधारण ब्याज वसूला जाएगा और राजकोष में जमा किया जाएगा। * यूपीएफसी द्वारा भुगतान में चूक होने पर 1.25% प्रति माह का ब्याज शासन को देय होगा। * धन का आहरण आवश्यकतानुसार किया जाए, आकलन आयुक्त और निदेशक, उद्योग, कानपुर द्वारा किया जाएगा। * धन के उपयोग के बारे में संतुष्ट होने के बाद ही अगली किस्त का आहरण किया जाएगा। * वित्त के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। **प्रभाव विश्लेषण:** **हितधारक:** उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम (यूपीएफसी) *प्रभाव:* * स्वीकृत धनराशि वितरित करने और रिकॉर्ड रखने का उत्तरदायित्व। * चूक होने पर वसूली सुनिश्चित करने और उत्तरदायित्व निर्धारित करने के लिए जिम्मेदार। * धन को गलत तरीके से खर्च करने की निगरानी और अनुश्रवण। *आवश्यक कार्रवाई:* * धन वितरित करने से पहले पात्रता और कानूनी अनुपालन की पुष्टि करें। * समय पर वसूली सुनिश्चित करें और नियमों के अनुपालन में विफल रहने पर कार्रवाई करें। **हितधारक:** पात्र औद्योगिक इकाईयाँ *प्रभाव:* * प्रोत्साहन योजना के तहत ऋण प्राप्त करके अपने संचालन का विस्तार करने और वित्तीय सहायता प्राप्त करने का अवसर। *आवश्यक कार्रवाई:* * नियम और शर्तों का पालन करें, समय पर भुगतान करें, और पारदर्शी वित्तीय रिकॉर्ड बनाए रखें। **हितधारक:** आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर *प्रभाव:* * आकलन का नेतृत्व करना और धन का वितरण करना। *आवश्यक कार्रवाई:* * धन का हस्तांतरण आवश्यकतानुसार करें। **हितधारक:** औद्योगिक विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार *प्रभाव:* * योजना की निगरानी और समग्र सफलता का दायित्व। *आवश्यक कार्रवाई:* * धन के विवेकपूर्ण उपयोग को सुनिश्चित करें, अनुपालन की निगरानी करें और यदि आवश्यक हो तो सुधारात्मक कार्रवाई करें।

Key Entities Referenced

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003: एक योजना जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना है। उ0प्र0 वित्तीय निगम: एक वित्तीय निगम जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत पात्र इकाइयों को ब्याज मुक्त ऋण वितरित करने में शामिल है। उद्योग निदेशालय, कानपुर: आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर को संबोधित किया गया पत्र। औद्योगिक विकास अनुभाग-6: उत्तर प्रदेश सरकार का वह अनुभाग जो औद्योगिक विकास से संबंधित मामलों को संभालता है। उत्तर प्रदेश: पॉलिसी का भौगोलिक क्षेत्र।
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संख्या-09/2023/3089/77-6-2022-6002(099)/7/202 मनोज कुमार मौर्य, उप सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर | औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 03 मार्च, 2023 विषय:-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रिन्यान्वयन हेतु रू. 449.55 लाख की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक उ0प्र0 वित्तीय निगम के पत्रांक-क23/विनि/वियोवि/2022-23 दिनांक 37.0.2022 vd पत्रांक-5670/विनि/वियोवि/2022-23 दिनांक 02.42.2022 द्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत वित्त वर्ष 207-48, 2078-79, 209-20 एवं 2020- 2। के लिए पात्र इकाईयों को निगम द्वारा स्वीकृत ब्याजमुक्त ऋण की धनराशि वितरित किये जाने हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में प्राविधानित बजट व्यवस्था के सापेक्ष कुल धनराशि रू.330.29 लाख (रुपये तीन करोड़ तीस लाख SrA हजार मात्र ) एवं BO 89.26 लाख (रूपये नवासी लाख छब्बीस हजार मात्र) अर्थात कुल धनराशि रू0 449.55 लाख (रूपये चार करोड़ उन्‍नीस लाख पचपन हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निर्गत किए जाने की संस्तुति सहित अनुरोध किया गया है। पात्र इकाईयाँ का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत क्र0 | इकाई का नाम वित्त वर्ष ऋण . स्वीकृत |आहरित की जाने वाली धनराशि की धनराशि (स्वीकृत धनराशि का 90प्रतिशत) (रू.लाख में) | AOMaAcH Eclea प्रालि0, | 2047-78 80.59 72.53 जनपद-शामली - dda- 208-9 286.4 257.76 AO श्री भागेश्वरी पेपर्स प्रातलि0, | 2047-78 23.86 2.47 जनपद-मुजफ्फरनगर(यूनिट- |) -तदैव- 208-49 3.96 28.76 -तदैव- 209-20 7.79 6.07 -तदैव- 2020-2 25.9 23.02 I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |कुल योग- 49.55 (रूपये चार करोड़ उननीस लाख पचपन हजार मात्र) 2. इस सम्बन्ध मैं मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 के आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि रू.00.00 करोड़ (रूपये एक सौ करोड़ मात्र) मैं से अवशेष धनराशि के सापेक्ष कुल धनराशि रू.49.55 लाख (रूपये चार करोड़ उन्‍नीस लाख पचपन हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- नियम व शर्ते / प्रतिबन्धों 4- धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है उसके बैंक खाते A सीधे आहरित कर जमा की जाएगी। स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबंध निदेशक, उ0प्र0 वित्तीय निगम CART हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 को उपलब्ध कराया जाएगा। उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध में अपने स्तर से पात्रता के सम्बन्ध मैं स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर लेंगे fe प्रस्तावित ब्याजमुक्त ऋण स्वीकृत किये. जाने सम्बन्धी प्रक्रियाओं/विधिक औपचारिकताओं का पालन कर लिया गया है। 3- स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जायेगा। 4- किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं रखा जाएगा। 5- स्वीकृत धनराशि सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से पात्र इकाई के बैंक खाते में अन्तरित की जायेगी। 6- स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा। 7- स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। 8- यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्ली-2003 (यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उ0प्र0 वित्तीय निगम पर होगा। वसूली में शिथिलरता NA जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन GaN की जायेगी। - यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |40-यदि इकाईयों gant ऋण वापसी के सम्बन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट की तिथि से आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा। -44 इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उ0प्र0 वित्तीय निगम पर होगा। उ०प्र० वित्तीय निगम द्‌वारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावत्ली-2003 (यथा संशोधित) A दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। 2-ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। 3-यदि उ0प्र0 वित्तीय निगम cant किसी fred के भुगतान में डिफाल्ट किया जाता है तो उ0प्र0 वित्तीय निगम दूवारा शासन को 7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की अवधि में ब्याज का भुगतान किया जाना होगा। |4-स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आंकलन आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर द्वारा किया जाएगा। उ0प्र0 वित्तीय निगम को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर द्वारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। |5-स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त(आय-व्ययक)अनुभाग-। के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 07.06.2022 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। 6-3040 वित्तीय निगम दूवारा स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की शुदूधता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। 2- 38 संबंध में होने वाला व्यय रुपये 4,955,000 (रूपये चार करोड़ soca लाख पचपन हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2022-2023 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 68850i7900600 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 2003 मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा। 3- UE आदेश कंप्यूटर GANT उत्पन्न संख्या £-6-36-3-2022-23, दिनांक 7-4-2023 में प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है। भवदीय, मनोज कुमार मौर्य उप सचिव। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |UAT-_09/2023/3089/77-6-2022-6002(099)/7/202 ,dateaie | दिनांक । प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- - महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दृवितीय, उ०प्र०, प्रयागराज। 2- मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर | 3- अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन। 4- नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन। 5- प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0 वित्तीय निगम को. पत्रांक-क23/विनि/वियोवि/2022-23 दिनांक 3-0-2022 एवं पत्रांक-670/विनि/वियोवि/2022-23 दिनांक 02-2-2022 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु। 6- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर | 7- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। 8- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4 9- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 I0- नियोजन अनुभाग-/4 II- औद्योगिक विकास अनुभाग-2 {2- गार्ड फाइल। आज्ञा से, मनोज कुमार मौर्य उप सचिव। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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