Home India औद्योगिक विकास विभाग औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु रू....
Date: 2020-11-25 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु रू.8,79,16,330.00 की वित्तीय स्वीकृति।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश:** यह दस्तावेज़, दिनांक 25 नवंबर, 2020 का एक सरकारी आदेश है, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में 8,79,16,330.00 रुपये (आठ करोड़ उन्यासी लाख सोलह हजार तीन सौ तीस मात्र) की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है। यह धनराशि दो पात्र इकाइयों, मे0 यू०ए०एल०-उत्तर प्रदेश, वाराणसी और मे0 सुयश पेपर मिल्स, बस्ती को ब्याज मुक्त ऋण वितरित करने के लिए है। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** *स्वीकृति और उद्देश्य:* * औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 8,79,16,330.00 रुपये की वित्तीय स्वीकृति दो पात्र इकाइयों को ऋण देने के लिए। * यह धनराशि वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण के वितरण के लिए है। *वित्तीय वितरण और उपयोग:* * स्वीकृत धनराशि सीधे पात्र संस्थाओं के बैंक खातों में जमा की जाएगी। * उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबंध निदेशक, पिकप द्वारा हस्ताक्षरित होकर शासन को प्रस्तुत किया जाएगा। * धनराशि की निकासी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार की जाएगी और इसे पहले से आहरित करके किसी बैंक खाते में नहीं रखा जाएगा। *अनुपालन और उत्तरदायित्व:* * यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पात्र इकाइयाँ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली, 2003 (यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पालन करें। * ऋण वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा, और वसूली में शिथिलता के लिए शासन द्वारा कार्यवाही की जाएगी। * यदि इकाइयाँ ऋण वापसी में डिफ़ॉल्ट करती हैं, तो आगे की धनराशि का भुगतान बंद कर दिया जाएगा। *ब्याज और दंड:* * ऋण वापसी में देरी करने वाली इकाइयों से साधारण ब्याज (1.25 प्रतिशत प्रतिमाह) राजकोष में जमा कराया जाएगा। * यदि पिकप किसी किस्त के भुगतान में डिफ़ॉल्ट करता है, तो उसे भी विलंब अवधि के लिए ब्याज देना होगा। *अनुश्रवण और दिशा-निर्देश:* * संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल द्वारा आवश्यकता का आकलन किया जाएगा और ऋण वितरण का अनुश्रवण किया जाएगा। * धनराशि का व्यय वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या-1/2020/बी-1-149/दस-2020-231/2020 दिनांक 24-03-2020 द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन के अधीन होगा। *लेखा शीर्षक:* * उक्त के संबंध में होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 2020-21 के आय-व्ययक में उद्योग विभाग की अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक 6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य कर्ज-01-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-190-सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-06-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003-30-निवेश/ऋण के नामे डाला जाएगा। *अनुमोदन:* * यह आदेश वित्त विभाग की सहमति से जारी किया जा रहा है। **प्रभाव विश्लेषण:** **हितधारक:** संयुक्त आयुक्त उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ। **प्रभाव:** उन्हें औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के कार्यान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में दो पात्र इकाइयों को ब्याज मुक्त ऋण वितरित करने के लिए निर्देशित किया गया है। **आवश्यक कार्रवाई:** संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ को आवश्यकता का आकलन करना है और पिकप द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण करना है। वे यह सुनिश्चित करने के लिए भी जिम्मेदार हैं कि लाभार्थियों द्वारा धन का उचित उपयोग किया जाए। **हितधारक:** पिकप (उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम)। **प्रभाव:** पिकप को लाभार्थियों को स्वीकृत धन वितरित करना होगा। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि इकाइयाँ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली, 2003 (यथा संशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पालन करें। **आवश्यक कार्रवाई:** पिकप को ऋण वितरण से पहले पात्र इकाइयों के बारे में आवश्यक जाँच करनी चाहिए। उन्हें ऋण की वसूली का भी ध्यान रखना होगा और डिफ़ॉल्ट के मामले में उचित कार्रवाई करनी होगी।

Key Entities Referenced

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003: औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की एक योजना। पिकप: उत्तर प्रदेश में एक संस्था जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत पात्र इकाइयों को ऋण वितरित करने के लिए जिम्मेदार है। औद्योगिक विकास विभाग, उ०प्र०शासन: उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग जो औद्योगिक विकास और निवेश प्रोत्साहन के लिए जिम्मेदार है। वाराणसी: एक शहर जहाँ योजना के तहत एक पात्र इकाई स्थित है। बस्ती: एक शहर जहाँ योजना के तहत एक पात्र इकाई स्थित है।
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संख्या-33/2020 /2865/77-6-2020-3(बजट) /6टी.सी. Wa, सुजाता शर्मा, विशेष सचिव, SOU शासन। सेवा में, संयुक्त आयुक्त उद्योग, लखनऊ मण्डल,लखनऊ। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 25 नवम्बर, 2020 विषय- औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु &.8,79,6,330.00 की वित्तीय स्वीकृति। महोदय, उपर्युक्त विषयक पिकप के इन्स-आई.आई.पी.एस./0/07-08/ Vol.lVv/50 दिनांक 06-08-2020 द्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत वर्ष 206-7, हेतु योजनान्तर्गत पात्र 02 इकाईयों को स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण की धनराशि वितरित किये जाने हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन-2003 के अन्तर्गत्त वित्तीय वर्ष 2020-2 में प्राविधानित बजट व्यवस्था के सापेक्ष समेकित रूप से रू. 8,79,6,330.00 (रूपये आठ करोड़ GAR लाख सोलह हजार तीन सौ पीस मा मारे] की वित्तीय स्वीकृति निर्गत किये जाने का अनुरोध किया गया है। पात्र इकाईयों का विवरण | 6:- क्रमांक | इकाई का नाम धनराशि (रूपये में) HO यू0ए0एल0-उत्तर प्रदेश, वाराणसी 6,23,74,807.00 (वित्तीय वर्ष 206-7) 2 HO सुयश पेपर face, बस्ती 2,55,47,529.00 (वित्तीय वर्ष 206-7) अवशेष योग- | 8,79,6,330.00 (रूपये आठ करोड़ उन्यासी लाख सोलह हजार तीन सौ तीस मात्र) 2. इस संदर्भ में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2020-2 के आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि &0720.00 करोड़ (रू0 एक सौ बीस करोड़ मात्र) के सापेक्ष कुल धनराशि 8,79, 6,330.000eUd आठ करोड़ SURI लाख सोलह हजार तीन सौ तीस मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- t- यह धनराशि सीधे जिस संस्था को भुगतान किया जाना है उसके खाते में आहरित कर जमा की जाएगी। जिसका उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबंध निदेशक, पिकप द्वारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम से शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4 को उपलब्ध कराया जाएगा। 2- पिकप द्वारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध में अपने स्तर से पात्रता के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट कर लेंगे। 3- इस धनराशि का आहरण वास्तविक आवश्यकता होने पर राजकोष से किया जायेगा। 4- किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त/बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं रखा जायेगा। I- Fe शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हसू्‌ताक्षर की आवशूयकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in 4 सत्यापित की जा सकती है ।स्वीकृत धनराशि सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से पात्र इकाई के खाते में भेजी जायेगी। स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा पिकप द्वारा रखा जाएगा। यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली 2003(यथा संशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हों। पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा। वसूली में शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन द्वारा की जायेगी। यदि इन इकाईयों द्वारा ऋण वापसी के सम्बन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट की तिथि से आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा। पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा। पिकप द्वारा 0- इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2003 (यथा संशोधित) में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि को सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (.25 प्रतिशत प्रतिमाह - साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। यदि पिकप द्वारा किसी किश्त के भुगतान में डिफाल्ट किया जाता है तो पिकप द्वारा शासन को 2- .25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज Ht दर से विलम्ब की अवधि मे ब्याज का भुगतान किया जाना होगा। स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का 3- आंकलन संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल द्वारा किया जाएगा। पिकप को उपलब्ध कराए गए BU के सापेक्ष पिकप द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी संयुक्त आयुक्त, उद्योग 4- 5- 3- el MT, लखनऊ मण्डल, लखनऊ द्वारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या-/2020/बी-- |49/दस-2020-23/2020 दिनांक 24-03-2020 द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। उक्त के संबंध में होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 2020-2। के आय-व्ययक में उद्योग विभाग की अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक 6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य कर्ज-0-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-90-सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-06-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003-30-निवेश/कऋण के ATA डाला जाएगा। यह आदेश वित्त विभाग के अशा0संख्या-ई-6-622/दस-2020 दिनांक 20--2020 में प्राप्त उनकी सहमति से जारी किये जा रहे हैं। १भवदीया, सुजाता शर्मा विशेष सचिव। संख्या-33/2020 /2865()/77-6-2020-3 (Fie) /6¢L. Ml. dle ih उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ Ud आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः- महालेखाकार, (लेखा Ud हकदारी) प्रथम/द्वितीय, Zoo, प्रयागराज | - अपर मुख्य सचिव, Yew, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग,उ0प्र0्शासन। 2- मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ। 3- I- Fe शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हसू्‌ताक्षर की आवशूयकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in 4 सत्यापित की जा सकती है ।4- प्रबंध निदेशक, पिकप,को पत्रांक-इन्स-आई.आई.पी.एस./0/07-08/ Vol.IV/50 दिनांक 06-08-2020 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु। 5५- ... आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर | 6- ..... निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। 7-..... वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4 8- .... वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 9- ... नियोजन अनुभाग-/4 0- .. औद्योगिक विकास अनुभाग-2 M- गार्ड फाइल। आज्ञा से, रजनी Hrd पाण्डेय अनु सचिव। I- Fe शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हसू्‌ताक्षर की आवशूयकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in 4 सत्यापित की जा सकती है ।

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