This document, dated September 27, 2018, from Ankit Kumar Agarwal, Special Secretary, Government of Uttar Pradesh, grants financial approval for the implementation of the Industrial Investment Promotion Scheme-2003.
**Key Details:**
* **Recipient:** Additional Commissioner, Industries, Lucknow Mandal, Lucknow
* **Subject:** Financial Approval for the implementation of the Industrial Investment Promotion Scheme-2003.
* **Approved Amount:** INR 85,00,00,000.00 (Rupees Eighty Five Crore Only) is approved against the provision of INR 1,20,00,00,000.00 (Rupees One Arab Twenty Crore Only) in the budget for the financial year 2018-19.
* **Conditions:**
* PIICUP (Pradeshiya Industrial & Investment Corporation of UP) will maintain the account of the approved amount.
* The funds will be provided to eligible mega units that fully comply with the conditions outlined in the Industrial Investment Promotion Rules 2003 (as amended).
* The funds will be provided to eligible new mega units, whose representations are received or will be received in PIICUP, in order of priority, after completing all necessary formalities and agreements.
* PIICUP will be responsible for the recovery of loans distributed to eligible units.
* Delays in repayment will incur a penalty of 1.25% per month as simple interest, to be deposited in the treasury.
* If PIICUP defaults on an installment, PIICUP will pay the government 1.25% per month as simple interest for the delay period.
* Funds will be withdrawn based on monthly requirements, assessed by the Additional Commissioner of Industries, Lucknow Mandal, Lucknow.
* **Fund Usage:** The expenditure for this will be accounted for under the budget for the financial year 2018-19 under the Department of Industry, Grant Number-7, planned side, under the head 6885-Industries and Minerals, Other Loans -01-Loans to Industrial Financial Institutions -190-Loans to Public Sector and other Enterprises -06-Industrial Investment Promotion Scheme -30-Investment/Loan.
The order is issued with the consent of the Finance Department as per letter number E-6-703/Das-18, dated 20-09-18.
Key Entities Referenced
PICUP: Pradeshiya Industrial & Investment Corporation of UP; responsible for loan disbursement and recovery under the scheme
Audyogik Nivesh Protsahan Yojna-2003: Industrial Investment Promotion Scheme 2003, the subject of the sanction.
Lucknow: The relevant division of the Industries Department, and office of the Additional Commissioner Industries, located in Lucknow.
Audyogik Vikas Anubhag-6: Industrial Development Section-6, the department issuing the order.
WEAT-30/208/76/77-6-8-3(aate)/6e.Ht.
अंकित कुमार अग्रवाल,
विशेष सचिव,
उ0प्र0 शासन।
सेवा में,
अपर आयुक्त,
उद्योग,
लखनऊ मण्डल, लखनऊ।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ:दिनांक 27 सितम्बर, 208
विषय- औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय स्वीकृति।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक प्रबन्धक (तकनीकी), पिकप के पत्र संख्या-इन्स-आई0आईए0पी0
एस0/0/07-08/४०.0/200 दिनांक 26-04-20I8 के संबंध में मुझे यह कहने का निदेश
हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष
208-9 के आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि BO 7,20,00,00,000.00 (रू0 एक अरब
बीस करोड़ मात्र) के सापेक्ष धनराशि BO 85,00,00,000.00 (रूपये पचासी करोड मात्र) की
वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री
राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
I- ... स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा पिकप दूवारा रखा जाएगा।
2- Ue धनराशि उन पात्र मेगा इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली 2003(यथा संशोधित) में उल्लिखित
शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो।
3- ... यह धनराशि ऐसी पात्र नई मेगा इकाइयों, जिनके प्रत्यावेदन पिकप में प्राप्त
हो या आगे प्राप्त होंगे को उनके प्राप्त प्रत्यावेदनों के यथाक्रम में
वरीयतानुसार समस्त आवश्यक औपचारिकताएं एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हुए
उपलब्ध करायी जाएगी।
4- Ua इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर
होगा। पिकप दूवारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावत्नली-2003 (यथा संशोधित) में दिए गए
प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु
समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |ऋण की वापसी A विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज
(.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।
यदि पिकप cant किसी किश्त के भुगतान में डिफाल्ट किया जाता है तो
पिकप दूवारा शासन को 7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से
विलम्ब की अवधि मे ब्याज का भुगतान किया जाना होगा।
स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा।
आवश्यकता का आकलन अपर आयुक्त उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ
द्वारा किया जाएगा। पिकप को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप
दूवारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी अपर आयुक्त उद्योग, लखनऊ मण्डल,
लखनऊ GANT किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध A संतुष्ट
होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा।
स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग के कार्यालय aT
संख्या-।/208/बी--375/दस-208-23/208दिनांक + 30-03-20i8 द्वारा
जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
उक्त धनराशि को आहरित करके पिकप को उपलब्ध कराया जाएगा जिसका
उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबंध निदेशक, पिकप द्वारा हस्ताक्षरित कर अपर
आयुक्त उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ के माध्यम से शासन के
औद्योगिक विकास विभाग (अनुभाग-6/वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4 को
उपलब्ध कराया जाएगा। पिकप दूवारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र
इकाइयों के संबंध में अपने स्तर से स्थिति स्पष्ट कर लेंगे।
0- उक्त के संबंध में होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 20(8-9 के आय-व्ययक में
उद्योग विभाग की अनुदान संख्या-7 के आयोजनागत पक्ष में लेखा शीर्षक
6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य कर्ज-0-औद्योगिक वित्तीय
संस्थाओं को कर्ज-90-सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-06-
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-30-निवेश/ऋण के नाम डाला जाएगा।
2- यह आदेश वित्त विभाग के संख्या-ई-6-703/दस-48, दिनांक 20-09-8 में प्राप्त
उनकी सहमति से जारी किये जा रहे हैं।
भवदीय,
(अंकित कुमार अग्रवाल)
विशेष सचिव।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |WSAT-30/208/7764(4)/77-6-8-3(TaHe Vi6EL. A. तदुदिनांक
उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः-
महालेखाकार, प्रथम/दूवितीय, उ.प्र., इलाहाबाद।
मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ।
प्रबंध निदेशक, पिकप, लखनऊ को उनके. पत्र संख्या इन्से-आई0आईए0पी0
एस0/0/07-08/४०./200 दिनांक 26-04-20i8 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही
सुनिश्चित करने हेतु VV
आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर।
निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4
वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग -6
नियोजन अनुभाग-4/4
औद्योगिक विकास अनुभाग-2
गार्ड फाइल।|
आजा से,
(बाबू राम)
उप सचिव।
- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |