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Date: 2020-03-25 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीेय स्वीकृति।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**Executive Summary:** This document, issued by the Government of Uttar Pradesh on March 25, 2020, grants financial approval of Rs. 9207.77 lakh for the implementation of the Industrial Investment Promotion Scheme-2003. The approval allows for the distribution of interest-free loans to eligible units for the financial year 2019-20. This sanction is made against the provisioned budget for FY 2019-20. **Key Points / Main Content:** * **Financial Allocation:** Approves the disbursement of Rs. 9207.77 lakh to eligible units under the Industrial Investment Promotion Scheme-2003. * **Budget Source:** The funding is sourced from two components: * Rs. 56,33,28,431.00 from the unspent balance of Rs. 120 crore allocated for FY 2019-20. * Rs. 3574.49 lakh from the re-appropriation under grant number-7, head-6885 of the Industrial Investment Promotion Scheme-2012. * **Disbursement Conditions:** * UP Financial Corporation (UPFC) will ensure the eligibility of the recipient units. * Funds will be disbursed via RTGS/NEFT directly to the unit's account. * The UPFC is responsible for maintaining records of the disbursed funds. * Recipient units must comply with the conditions of the Industrial Investment Promotion Rules 2003. * **Loan Recovery:** * UPFC bears full responsibility for recovering the distributed loans. * Defaulted loans will result in the suspension of further disbursements. * Effective mechanisms will be put in place by UPFC for the recovery of loans as per the Industrial Investment Promotion Rules-2003. * Late payments will incur an interest of 1.25% per month which is to be deposited into the treasury. * If UPFC defaults in paying any installment, it will pay the government 1.25% per month. * **Utilization and Monitoring:** * Withdrawal of the approved amount should be done based on monthly needs. * The Commissioner and Director of Industries, Kanpur, will assess the needs. * The Commissioner and Director of Industries, Kanpur, will also monitor the loan distribution. * The release of subsequent installments is contingent on the satisfactory utilization of previous installments. * **Compliance:** Expenditure must adhere to the guidelines issued on March 22, 2019, by the Finance Department. **Impact Analysis:** **Stakeholder:** UP Financial Corporation (UPFC) **Impact:** Responsible for verifying unit eligibility, disbursing funds, maintaining records, and ensuring loan recovery. **Action Required:** Clear the eligibility of the recipient units, Disburse funds via RTGS/NEFT directly to the unit's account, Keep records of the disbursed funds, Put in place an effective mechanism for recovery of loans as per the Industrial Investment Promotion Rules-2003, Withdraw the amount based on monthly requirements. **Stakeholder:** Eligible Industrial Units **Impact:** Recipients of interest-free loans to promote industrial investment. **Action Required:** Comply with the conditions of the Industrial Investment Promotion Rules 2003, Ensure timely repayment of the loan. **Stakeholder:** Commissioner and Director of Industries, Kanpur **Impact:** Responsible for assessing funding needs, monitoring loan distribution, and ensuring fund utilization. **Action Required:** Assess the needs, Monitor the loan distribution, Ensure fund utilization. **Stakeholder:** Finance Department **Impact:** Source of Funds **Action Required:** Ensure Compliance with the guidelines issued on March 22, 2019.

Key Entities Referenced

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003: Industrial Investment Promotion Scheme-2003, which this document discusses the disbursal of funds for. उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम: UP Financial Corporation, responsible for disbursing the funds under the scheme. Kanpur: Location of the Commissioner and Director of Industries, involved in the oversight.
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संख्या-09/2020/754/77-6-2020-3(बजट)/6टी.सी. प्रेषक, रजनी led पाण्डेय, अनु सचिव, उ0प्र0 शासन। सेवा में, आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक: 25 मार्च, 2020 विषय- औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय स्वीकृति। महोदय, उपर्युक्त विषयक प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0वित्तीय निगम के पत्र संख्या- |754/विनि/वियोवि/209-20 दिनांक 24-0-2020 एवं पत्रांक ।203/विनि/वि.यो.नि./मु0। 209-20 दिनांक 74-70-20i9 gant औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत वर्ष 20I6-7, 207-8 एवं 209-20 हेतु योजनान्तर्गत पात्र इकाईयों को स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण की धनराशि वितरित किये जाने हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 20:9-20 में प्राविधािनित बजट व्यवस्था के सापेक्ष समेकित रूप से रू. 9207.77 लाख की वित्तीय स्वीकृति निर्गत किये जाने का अनुरोध किया गया है। पात्र इकाई का विवरण निम्नवत्‌ क्रमांक | इकाई का नाम धनराशि (रू0लाख में) AO सुरूचि फूड WO लि0, मथुरा (वित्तीय वर्ष 205-6) 764.33 2 AO सूर्या फूड ws vat लि0 नोयडा(वित्तीय वर्ष 223.09 205-6) अवशेष 3 AO कनोडिया Wace लि0 बुलन्दशहर(वित्तीय वर्ष 220.62 203-4), 4 AO कनोडिया WAce लि0 बुलन्दशहर (वित्तीय वर्ष 232.39 204-5), 5 मे0मा्डन पैकेंजिंग WOO गोरखपुर(वित्तीय वर्ष 76.27 206-7), व AO माँ महामाया एलाएज प्रा्लि0मिर्जापुर(वित्तीय वर्ष 2.99 204-5), ds यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अतः इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |7 AO Al महामाया एलाएज प्रालि0मिर्जापुर(वित्तीय वर्ष 323.96 205-6), a AO Al महामाया एलाएज प्रा0एलि0मिर्जापुर (वित्तीय 305.06 वर्ष 206-7), a मे0आरएलजे कॉनकास्ट WOO मिर्जापुर(वित्तीय वर्ष |4.99 205-6) 0 मे0एस0एन0मिलल्‍्क प्रोडक्ट्स प्राललि0,हाथरस(वित्तीय 45.70 वर्ष 206-7) 4 मे0शामली स्टील WOO AoA (fads वर्ष 99.43 205-6) 2 मे0शामली स्टील WOTHO मुजफ्फरनगर (वित्तीय वर्ष 32.84 206-7) I3 | मे0भागेश्वरी पेपर्स WOO, मुजफ्फरनगर (वित्तीय 5.43 वर्ष 206-47) |4 | मे0पी0जी0 इलेक्ट्रोप्लास्ट =O गौतमबुदूधनगर 336.52 (वित्तीय वर्ष 206-7) 6 मे0स्टालिंग Vat इण्ड0लि0,कांशीरामनगर (वित्तीय वर्ष 672.5 206-7) 7.... | मे0सूर्या फूड एण्ड vat लि0 गौतमबुदू्धनगर (वित्तीय 2900.00 वर्ष 206-47) योग- 9207.77 2. इस संदर्भ A मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय ay 209-20 के आय-व्ययक में प्राविधािनित धनराशि BOI20.00RIS (रू0 एक at बीस करोड़ मात्र) में अवशेष धनराशि BO 56,33,28,437.00 (रूपये छप्पन करोड़ तैतीस लाख अटठाइस हजार चार सौ इकतिस मात्र) तथा पुनर्वियोग( औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 हेतु अनुदान संख्या-7 के अन्तर्गत लेखाशी्षक-6885- उद्योग तथा खनिजों के लिए कर्ज- Ol- औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-90-सार्वजनिक क्षेत्र तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-07-औदृ्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-30-निवेश ऋण) के माध्यम से प्राप्त धनराशि रूपये 35,74.49 लाख (रूपये पैतीस करोड़ चौहतर लाख उनचास हजार मात्र) अर्थात कुल धनराशि रूपये 9207.77 लाख(रूपये बानवे करोड़ सात लाख सतहत्तर हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- BS शासनादेश इलेक्ट्रानिकत्री जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |उक्त धनराशि को आहरित करके उ0प्र0 वित्तीय निगम को उपलब्ध कराया जाएगा जिसका उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबंध निदेशक, उ0प्र0वित्तीय निगम CART हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम से शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय- व्ययक) अनुभाग-4 को उपलब्ध कराया जाएगा। उ0प्र0वित्तीय निगम दूवारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध में अपने स्तर से पात्रता के सम्बन्ध मैं स्थिति स्पष्ट कर लेंगे। इस धनराशि का आहरण वास्तविक आवश्यकता होने पर राजकोष से किया जायेगा। स्वीकृत धनराशि सीधे आर.टी.जी.एस./ एन.एफ.टी. के माध्यम से पात्र इकाई के खाते A भेजी जायेगी। स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा उ0प्र0वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा। यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावत्ली 2003(यथा संशोधित) A उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उ0प्र0वित्तीय निगम पर होगा। वसूली में शिथिलता NA जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन GANT की जायेगी। यदि इन इकाईयों cant ऋण वापसी के सम्बन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट की तिथि से आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा। पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उ0प्र0वित्तीय निगम पर होगा। उ0प्र0वित्तीय निगम दूवारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावलत्री-2003 (यथा संशोधित) मैं दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। 0- ऋण की वापसी मैं विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (4.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष मैं जमा कराया जाएगा। - यदि उ0प्र0वित्तीय निगम cant किसी किश्त के भुगतान में डिफाल्ट किया जाता है तो उ0प्र0वित्तीय निगम द्वारा शासन को 7.25 प्रतिशत 4d. OS शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है । - यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की अवधि मे ब्याज का भुगतान किया जाना होगा। | 2- स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का. आकलन आयुक्त Va निदेशक, उद्योग, कानपुर द्वारा किया जाएगा। उ0प्र0वित्तीय निगम को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष उ0प्र0वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर द्वारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध A संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगल्ली किश्त का आहरण किया जाएगा। स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप AeA-7/209/s-4-70/48-209-23/20i9 दिनांक 22 मार्च 209 दूवारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। 4- उक्त के संबंध में होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 209-20 के आय-व्ययक में उद्योग विभाग की अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक 6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य कर्ज-0-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-90-सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-06-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-30-निवेश/ऋण के नाम डाला जाएगा। 2- यह... आदेश fad fase के. अशाएसंख्या-ई-6-234/दस-2020 दिनांक 25-03-2020 में प्राप्त उनकी सहमति से जारी किये जा रहे हैं। भवदीय, रजनी कान्त पाण्डेय अनु सचिव। संख्या- 09/2020/754() /77-6-2020-3(aae)/ 6a. Al. daleetten उपर्युक्त की प्रतिल्रिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः- महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दवितीय, उ0प्र0, प्रयागराज | मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर । प्रबंध निदेशक, यूपीएफसी, कानपुर । आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर । निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4/4 वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग -6 4. OS शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है । - इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट hitp://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |8- नियोजन अनुभाग-/4 9-.... औद्योगिक विकास अनुभाग-2 0- गार्ड फाइल। आज्ञा से, रजनी कान्त पाण्डेय अनु सचिव। BS शासनादेश इलेक्ट्रानिकत्री जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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