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Date: 2025-08-01 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के अंतर्गत पात्र औद्योगिक इकाई मे0 एस0 डी0 इन्टरनेशनल प्रा0 लि0, जनपद गोरखपुर को ब्याज मुक्त ऋण वितरित किये जाने हेतु वित्तीय स्वीकृति निर्गत करने के संबंध में।

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Executive Summary & Key Takeaways

This document, reference number 62/2025/1200/77-6-2025/1937892, dated August 1, 2025, from Piyush Verma, Special Secretary of the Uttar Pradesh Government, to the Commissioner and Director of Industries in Kanpur, concerns the issuance of financial approval for the distribution of interest-free loans under the Industrial Investment Promotion Scheme-2012 to the eligible industrial unit M/s SD International Pvt. Ltd. in Janpad Gorakhpur. Based on a letter from the Uttar Pradesh Financial Corporation (UPFC), Kanpur, number 136/Vini/Viyovi/2025-26 dated June 3, 2025, a financial approval of ₹6,37,38,000.00 (Six Crore Thirty Seven Lakh Thirty Eight Thousand only) is being issued against the allocated budget of ₹125.00 Crore for the financial year 2025-26. The amounts approved for M/s SD International Pvt. Ltd., Janpad Gorakhpur, across financial years are as follows: * 2017-18: ₹60.45 Lakh * 2018-19: ₹12.89 Lakh * 2019-20: ₹142.21 Lakh * 2020-21: ₹68.08 Lakh * 2021-22: ₹175.08 Lakh * 2022-23: ₹178.72 Lakh The total approved amount is ₹6,37,38,000.00. The document outlines several terms and conditions for the release of these funds, including direct transfer to the beneficiary's bank account, restrictions on advance withdrawal, designated use of funds, audit responsibilities of the UPFC, and adherence to the Industrial Investment Promotion Rules-2012. The UPFC is responsible for recovering the distributed loans and ensuring effective arrangements are in place according to the Industrial Investment Promotion Rules-2012, including completing all necessary formalities to protect the funds. Additionally, the UPFC is responsible for ensuring the eligibility of the beneficiary units and the accuracy of data before releasing the funds and for preventing any duplication. Delay in loan repayment will incur interest at 1.25% per month. The UPFC is also tasked with monitoring the loan distribution and ensuring proper utilization of funds. The expenditure will be charged to Grant Number 007, Ledger Heading 6885011900700, Industrial Investment Promotion Scheme, 2012, Standard Head 30, Investments/Loans in the current financial year 2025-2026. Copies of the document are being forwarded to various departments and officials for information and necessary action, including the Managing Director of UPFC Kanpur for further action based on their letter number 136/Vini/Viyovi/2025-26 dated June 3, 2025.

Key Entities Referenced

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: Industrial investment promotion scheme - 2012, the governing policy under which interest-free loans are sanctioned. उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम: Uttar Pradesh Financial Corporation, the entity responsible for disbursement and recovery of loans under the scheme. मे0 एस0 डी0 इन्टरनेशनल प्रा0 लि0, जनपद गोरखपुर: M/s SD International Private Limited, Gorakhpur district, the beneficiary company. Kanpur: Location of the commissioner and director, Industries Directorate. उत्तर प्रदेश शासन: Uttar Pradesh Government, the governing body issuing the order.
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° सख्या- 62/2025/200/77-6-2025/937892 प्रेषक, पीयूष वर्मा, विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन सेवा में, Wha एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर | औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ :दिनांक 04-08-2025 विषय:-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के अंतर्गत पात्र औद्योगिक इकाई AO एस0 डी0 इन्‌टरनेशनल प्रा लि0, जनपद गोरखपुर को ब्याज मुक्त ऋण वितरित किये जाने हेतु वित्तीय स्वीकृति निर्गत करने के संबंध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक उत्तर प्रदेश वितृतीय निगम कानपुर, & पत्र संख्या- 36/विनि/वियोवि/2025-26 दिनांक 03.06.2025 (छायाप्रति संलग्न) द्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के अन्तर्गत पात्र इकाई HO एस0 डी0 इनटरनेशनल प्रा0 लि0, जनपद गोरखपुर को स्वीकृत किए गए ब्याज मुक्त ऋण की धनराशि वितरित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि रू0 25.00 करोड़ के सापेक्ष कुल रू. 6,37,38,000.00 (रू. छः करोड़ सैंतीस लाख अड़तीस हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति जारी किए जाने का अनुरोध किया गया है। पात्र इकाई द्वारा उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत्‌ है- (धनराशि लाख में) e इकाई का नाम fader वर्ष | स्वीकृत ऋण की शतप्रतिशत धनराशि 4. | AO एस0 डी0 इन्‌टरनेशनल प्रा0 लि0, 207-8 60.45 जनपद गोरखपुर 2. तदैव- 208-9 2.89 3. तदैव- 209-20 42.2 4. | तदैव- 2020-2] 68.08 5. तदैव- 202-22 |75.08 I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |तदैव- 2022-23 78.72 कुल रू0. 6,37,38000.00 (रू0 &: करोड सैतीस लाख अडतीस हजार) मात्र 2- अत: इस सम्बन्ध मैं मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि रू.25.00 करोड़ (रूपया एक अरब पच्चीस करोड़ मात्र) के सापेक्ष कुलरू. 6,37,38,000.00 (रू. छ: करोड़ सैंतीस लाख अड़तीस हजार मात्र) की धनराशि आपके निर्वतन पर रखने हेतु निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन वित्तीय स्वीकृति निर्गत/अवमुक्त किए जाने की एतद्द्वारा श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- नियम व शर्तें/प्रतिबन्धों स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है उसके बैंक खाते A सीधे . Heda की जाएगी। किसी भी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं रखा जाएगा। स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद मैं किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा SACK प्रदेश वितृतीय निगम द्वारा रखा जाएगा। स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रबन्ध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम दूवारा हस्ताक्षरित कर आयुक्‌त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर के माध्यम से तत्काल शासन को औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा। स्वीकृत धनराशि उन पात्र इकाईयों को उपलब्ध करायी जाएगी, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्नी-202(यथासंशोधित) A उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। पात्र इकाईयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम का होगा। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम cant इकाईयों को स्वीकृत किए गए ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2042 मैं दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त आवश्यक अनुबन्ध/औपचारिकताएं पूर्ण की जाएगी। यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | - इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in A सत्यापित की जा सकती है |SAR प्रदेश वित्तीय निगम gant यह सुनिश्चित करने का दायित्व होगा कि पात्र इकाईयों को अनुमन्य ब्याज मुक्त ऋण की धनराशि राज्य सरकार की नीति के प्रावधानों के अनुसार है। स्वीकृत की जा रही धनराशि की शुदूधता उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम gant सुनिश्चित की जाएगी। उत्तर प्रदेश वितृतीय निगम cant भी सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित इकाई दूवारा ऋण अदायगी किए जाने के 02-03 कार्यदिवसो के अन्दर धनराशि राजकोष मैं जमा करा दी जाए। ऋण वापसी मैं विलम्ब करने वाली इकाई से वसूली जाने वाली ब्याज (7.25 प्रतिशत 0. प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। . स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही 4 किया जाएगा। स्वीकृत धनराशि का. आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया. जाएगा। 2. आवश्यकता का आंकलन ZAHA एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर CORT किया जाएगा। उत्तर प्रदेश Tada निगम दूवारा उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष उत्तर प्रदेश facia निगम दूवारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी आयुक्‌त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर द्वारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरांत ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। उत्तर प्रदेश वितृतीय निगम cant वितरित ऋण की वसूली नियमित रूप से 3. सुनिश्चित की जाएगी। वसूली में शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही प्रशासकीय विभाग दृवारा की जाएगी। स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक)अनुभाग-। के 4. कार्यालय AM दिनांक 27.03.2025 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा- निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम उत्तरदायी होगा। 5. उत्‌तर प्रदेश वितृतीय निगम cant औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्ली-202 के 6. प्रावधानों के अनुसार इकाई की पात्रता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। इस बिन्दु पर भी संतुष्ट हो लेंगे कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्ली-2042 के अन्तर्गत उक्त इकाईयों को स्वीकृत किये गए ऋण की वापसी हेतु प्रभावी व्यवस्था तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गयी हैं एवं इस आशय यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |की आख्या उत्तर प्रदेश वितृतीय निगम द्वारा आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर को उपलब्ध कराने के पश्चात ही उनके द्वारा धनराशि अन्तरित की जाएगी। 7. उतृतर प्रदेश वितृतीय निगम धनराशि अवमुक्त करने के पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की शुदूधता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। 8. उत्तर प्रदेश वितृतीय निगम द्वारा किसी प्रकार की दूविरावृत्ति (डपूलीकेसी) पर रोक लगायी जा सके | 3- इस संबंध में होने वाला व्यय रूपया 6,37,38,000.00 (रू. & करोड़ सैंतीस लाख अड़तीस हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-2026 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 68850900700 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 20i2 मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा। 4- यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न संख्या-£-6-20-2(-2025-26 दिनांक 8.07.2025 4 प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है। संलग्नक : यथोक्त। भवदीय, पीयूष वर्मा विशेष faa WSAl-_62/2025/200()/77-6-2025/88785 तद्दिनांक। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- l. महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दवितीय, उ०प्र०, प्रयागराज। 2. निजी सचिव, अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन। उपायुकृत उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर। “BQ निदेशक, कोषागार, उत्तर प्रदेश। मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर/लखनऊ। नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन। प्रबन्ध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम कानपुर, के. पत्र संख्या- |36/विनि/वियोवि/2025-26 दिनांक 03.06.2025 के क्रम A अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु। 8. निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ । uP WW 9. वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-/4 0. वित्त(व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |. नियोजन अनुभाग-/4 2. औद्योगिक विकास अनुभाग-2 3. गार्ड फाइल।| आजा से, रामध्यान रावत उप सचिव। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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