Date: 2024-08-06Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 के अंतर्गत मेसर्स पतंजलि आयुर्वेद लि0 एवं मेसर्स पतंजलि फूड एवं हर्बल पार्क नोएडा प्रा0लि0 को दी जाने वाली विशेष सुविधाओं एवं रियायतों के संबंध में।
**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ पतंजलि आयुर्वेद लि० एवं पतंजलि फूड एवं हर्बल पार्क नोएडा प्रा०लि० को अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 के तहत प्रदान की जाने वाली विशेष सुविधाओं और रियायतों से संबंधित है। यह 6 अगस्त, 2024 को जारी किया गया है और 2 नवंबर, 2016 के पूर्ववर्ती शासनादेश के संशोधनों को रेखांकित करता है। महत्वपूर्ण निर्णयों में भूमि के पट्टे पर देने से जुड़ी समयसीमा और शर्तों का संशोधन शामिल है, जिसका उद्देश्य कोविड-19 के कारण हुई देरी को समायोजित करना और परियोजना को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करना है।
**मुख्य बातें/मुख्य सामग्री:**
**भूमि का आवंटन और सबलीज:**
* यीडा क्षेत्र में 455 एकड़ जमीन पतंजलि को आवंटित की गई है, जिसमें 20 प्रतिशत तक भूमि को उप-किराए पर देने की अनुमति है।
* उप-किराए की अनुमति आवंटन की तारीख से 7 साल के लिए वैध है।
* कोविड-19 के मद्देनजर, इस अवधि को बढ़ाकर 9 वर्ष करने का अनुरोध किया गया, लेकिन अंततः इसे संशोधित एलओसी जारी होने की तिथि से दो वर्ष के लिए ही स्वीकृत किया गया।
**वित्तीय पहलू और निवेश:**
* 1000 करोड़ रुपये या उससे अधिक के निवेश वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए कटऑफ तिथि को परिभाषित किया गया है।
* यह स्पष्ट किया गया है कि बुन्देलखंड में कंपनी का निवेश रद्द होने पर एलओसी को संशोधित किया जाएगा और नीति के तहत दिए जाने वाले वित्तीय प्रोत्साहन में तदनुसार बदलाव किया जाएगा।
**उप-किराए के लिए अतिरिक्त शर्तें:**
* उप-किराए की भूमि के लिए, उप-पट्टाधारियों को यीडा की प्रचलित आवंटन दर का भुगतान सीधे यीडा को करना होगा।
* उप-किराए वाली भूमि के आंतरिक विकास की लागत का भुगतान कंपनी को करना होगा।
* उप-किराए पर देने का फैसला भूमि पर विज्ञापन के माध्यम से आवेदन आमंत्रित करने के बाद तय किया जाएगा।
**अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:**
* पतंजलि द्वारा टैक्सटाइल/सोलर यूनिट लगाने का प्रस्ताव अस्वीकृत कर दिया गया है। आवंटित भूमि का उपयोग केवल मूल एलओसी में उल्लिखित कार्यों के लिए ही किया जा सकता है।
* यीडा को पतंजलि द्वारा पहले से ही 20 प्रतिशत उप-किराए की भूमि के भीतर किए गए आंतरिक विकास कार्यों की राशि वापस की जाएगी।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**हितधारक:** पतंजलि आयुर्वेद लि० और पतंजलि फूड एवं हर्बल पार्क नोएडा प्रा०लि०
* **प्रभाव:** कंपनी को जमीन के उपयोग, उप-किराए, समयसीमा में विस्तार और वित्तीय प्रोत्साहन से जुड़ी शर्तों में संशोधन से प्रभावित किया गया है।
* **आवश्यक कार्रवाई:**
* संशोधित एलओसी प्राप्त करने के लिए यीडा के साथ समन्वय करें।
* यह सुनिश्चित करें कि उप-किराए के समझौते वर्तमान नियमों का पालन करते हैं और सभी भुगतान यीडा को सीधे किए जाते हैं।
* नई समयसीमाओं के भीतर परियोजना को पूरा करने के लिए अपनी योजनाएं समायोजित करें।
**हितधारक:** यीडा (यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण)
* **प्रभाव:** उप-किराए की मंजूरी और भूमि आवंटन से संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं को लागू करने के लिए जिम्मेदार।
* **आवश्यक कार्रवाई:**
* पतंजलि के साथ समन्वय करके संशोधित एलओसी जारी करें।
* उप-किराए वाली गतिविधि का प्रबंधन करने के लिए एक समिति स्थापित करें।
* उप-किराए के समझौते के तहत सभी वित्तीय लेनदेन की निगरानी और निष्पादन सुनिश्चित करें।
**हितधारक:** उत्तर प्रदेश सरकार (विभिन्न विभाग)
* **प्रभाव:** इस परियोजना के विकास की निगरानी और औद्योगिक निवेश नीति-2012 का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार।
* **आवश्यक कार्रवाई:**
* यीडा और पतंजलि से नियमित अपडेट प्राप्त करें।
* यह सुनिश्चित करें कि परियोजनाएँ राज्य की नीतियों और विनियमों के अनुरूप हों।
Key Entities Referenced
अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012: उत्तर प्रदेश सरकार की एक नीति जो औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देती है।
पतंजलि आयुर्वेद लि0: एक कंपनी जो औद्योगिक नीति के तहत विशेष सुविधाओं और रियायतों का विषय है।
यीडा (YEIDA): यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण।
शासनादेश संख्या-2052/77-6-16-5(एम)/13टीसी, दिनांक 2.11.2016: मेगा परियोजनाओं के लिए प्रोत्साहन से संबंधित मूल शासनादेश।
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार।
WEAT-34/2024/890/77-6-24-5(0A)/i3ER( AAT)
प्रेषक,
अनिल कुमार सागर,
प्रमुख सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
. समस्त संबंधित अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव,
उ0प्र0 शासन।
समस्त संबंधित मण्डलायुक्त/जिलाधिकारी, उ0प्र0 |
आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उत्त्तर प्रदेश।
प्रबंध निदेशक, पिकप।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी, arse!
औद्योगिक
ae
विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 06 अगस्त, 2024
विषय: अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश AfA-20I2 के अंतर्गत मेसर्स पतंजलि. आयुर्वेद
लि0 एवं AGA पतंजलि फूड एवं Stet पार्क नोएडा WTO को दी जाने वाली विशेष
सुविधाओं एवं रियायतों के संबंध में |
महोदय,
कृपया उपर्युक्त विषयक शासनादेश संख्या-2052/77-6-46-5(एम)/3टीसी, दिनांक
2..206 का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके द्वारा मेगा परियोजना की स्थापना
हेतु केस-टू-केस आधार पर दिये जाने वाले प्रोत्साहन विषयक शासनादेशों में संशोधन किया
गया है।
2- ... उक्त शासनादेश दिनांक 02.(7.206 के प्रस्तर-3 में राज्य सरकार GaN केस-टू-केस
आधार पर सर्वश्री मेसर्स पतंजलि आयुर्वेद लि0, हरिद्वार की प्रस्तावित मेगा/सुपर मेगा
परियोजना को विशेष सुविधायें व रियायतैं प्रदान करने पर अनुमोदन प्रदान किया गया है।
AAA सुविधाओं का विवरण उक्त शासनादेश के अनुलग्नक-2 में विस्तृत रूप से वर्णित
है। अनुलग्नक- 2 के प्रस्तर-4 के अनुसार इकाई द्वारा विभिन्न प्रकार के कृषि, Tew,
eae, आयुर्वेद, पशु आहार, St उत्पाद एवं एफएमसीजी के प्रसंस्करण, विनिर्माण एवं
उत्पादन हेतु इकाईयों की स्थापना की जाएगी। उक्त अनुलग्नक-2 के प्रस्तर-3 में इकाई को
दी जाने वाली 455 एकड़ भूमि यीडा क्षेत्र में आरक्षित करते हुए भूमि के उपयोग की शर्तों
का विस्तृत उल्लेख किया गया है। इकाई हेतु आरक्षित भूमि/उपलब्ध भूमि का 20 प्रतिशत
सबलीज किये जाने की अनुमति प्रदान की गई Bl उक्त अनुलग्नक के प्रस्तर-3.3 में
निम्नवत प्राविधान है:-
सबलीज की अनुमति आवंटन की तिथि से 7 वर्ष के लिए मान्य होगी।
WON
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |3- ... मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यीडा के पत्रांक-£।0/8/उद्योग/2024/4335, दिनांक
2.02.2024 दूवारा शासन को अवगत कराया गया कि यीडा बोर्ड की 79वीं बैठक दिनांक
29.0.2024 को सम्पन्न es! बैठक A मद संख्या-50 पर पारित प्रस्ताव के क्रम मैं कोविड
I9 के इृष्टिगत उक्त अनुलग्नक-2 के प्रस्तर-3.3 में अनुमन्य अवधि 7 वर्ष से बढ़ाकर
9 वर्ष किये जाने का अनुरोध किया गया है।
4- ... उपर्युक्तानुसार ast द्वारा किये गये अनुरोध के क्रम में शासन के पत्र संख्या-
553/77-6-24-5(एम)/|3टीसी(मेगा), दिनांक 02.04.2024 cant नोडल संस्था पिकप से
सुस्पष्ट प्रस्ताव मांगा aa] पिकप के पत्र दिनांक 02.05.2024 द्वारा अवगत कराया
गया कि शासनादेश दिनांक 02.44.20i6 के क्रम A मेसर्स पतंजलि आयुर्वेद लि0 को
अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति 20I2 के अंतर्गत सुपर मेगा श्रेणी हेतु लेटर ऑफ
कम्फर्ट दिनांक 29.(2.20I6 निर्गत किया गया। शासनादेश दिनांक 02.44..20I6 के प्रस्तर-
.2 में कटऑफ डेट को परिभाषित करते हुए लिखा गया है कि कटऑफ डेट का तात्पर्य
दिनांक 23.07.20i3 से एल.ओ.सी. जारी किये जाने की तिथि तक की अवधि में इकाई
द्वारा निवेश प्रारम्भ किये जाने की जिस तिथि का विकल्प चुना जाएगा उस तिथि से रू.
000.00 करोड़ एवं उससे अधिक निवेश वाली औद्योगिक इकाई हेतु 7 वर्ष की अवधि,
निर्धारित निवेश कर अंतिम चरण का वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ करने हेतु He होगी।
एल.ओ.सी. के आवेदन के समय कम्पनी दूवारा परियोजना में निवेश प्रारम्भ करने की तिथि
से अवगत नहीं कराया गया था। तात्पर्य यह है कि कटऑफ तिथि का. निर्धारण नहीं हुआ
है, जिससे कि 7 वर्ष पूर्ण होने की तिथि जात की जा सके। यद्यपि कम्पनी cant नोडल
संस्था को अवगत कराया गया कि यीडा को प्रथम भुगतान दिनांक 75.47.20i6 को किया
गया Ml भूमि हेतु आवंटन पत्र दिनांक 06.02.207 को जारी किया गया था, cet Ss
दिनांक 08.07.2022 at सम्पादित की गई। भूमि पर कब्जा क्रमश: दिनांक 70.47.2022
एवं 77.04.2023 को उपलब्ध कराया गया है। उक्त तथ्यों के इष्टिगत पिकप द्वारा Aaa
पतंजलि आयुर्वेद लि0 द्वारा निर्धारित 07 वर्ष की अवधि में परियोजना पूर्ण न किये जाने के
इृष्टिगत अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति 20i2 A प्राविधानित शर्तों के अधीन यीडा
के प्रस्ताव पर विचार किये जाने की संस्तुति की गई है।
5- .... उपर्युक्तानुसार यीडा एवं पिकप can उपलब्ध कराये गये प्रस्ताव पर विचार-विमर्श
किये जाने हेतु मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में इम्पाव्ड कमेटी की बैठक
सम्पन्न हुई जिसका कार्यवृत्त शासन के पत्र संख्या-4460/77-6099/85/2022 पार्ट-
दिनांक 25.6.2024 को निर्गत किया गया है।
6- sed के क्रम मैं Beam विचारोपरान्त शासनादेश. AkA-2052/77-6-6-
5(एम)/।3टीसी, दिनांक 2.4.206 के अनुलग्नक-2 A मेसर्स पतंजलि आयुर्वेद लि0,
हरिद्वार को राज्य सरकार द्वारा केस-टू-केस आधार पर मेगा/सुपर मेगा परियोजनाओं को
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |अनुमोदित विशेष सुविधायें एवं रियायतें के संबंध में शासन दूवारा निम्नवत निर्णय लिया
गया है-
. चूंकि कम्पनी दूवारा बुन्देलखण्ड का निवेश ड्राप कर दिया गया है अत: तदनुसार
एल0ओएसी0 दिनांक 29.2.20i6 संशोधित की जाए। इसके आधार पर इनका
परिणामी प्रभाव सस्था को नीति के अनुसार देय वित्तीय प्रोत्साहन में भी कर
लिया जाए।
. शासनादेश दिनांक 02.4.20I6 के अनुलग्नक-2 GANT अनुमन्य सुविधाओं को
जारी रखते हुए परियोजना पूर्ण किये जाने की अवधि संशोधित एलओसी जारी
होने की तिथि 02 वर्ष होगी। इसी प्रकार सबलीज भी संशोधित एल0ओएसी0
जारी होने की तिथि से 02 वर्ष में ही की जा सकेगी
भूमि सबलीज किये जाने के संबंध A मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यीडा की
अध्यक्षता में एक समिति, जिसमें पतंजलि आयुर्वेद के प्रतिनिधि एवं शासन के
प्रतिनिधि शामिल होगे, का गठन किया जाएगा। कम्पनी द्वारा संस्तुत इकाईयों
को कमेटी GARI उक्त भमि निम्न शर्तों के अधीन सबलीज की जा सकेगी -
i. भूमि की सबलीज सबलेसी को citer की तिथि पर यीडा की प्रचलित
आवंटन दर पर की जाएगी। आवंटन दर की धनराशि सबलेसी द्वारा
सीधे यीडा को भुगतान की जाएगी।
ii. सबलीज की गई भूमि के आंतरिक विकास की धनराशि की गणना
जो वर्तमान भूमि दर में शामिल है, कम्पनी को भुगतान किया
जाएगा।
. भूमि एलओसी में वर्णित कार्यों A प्रयोग की जा सकेगी जिस कार्य के लिए
आवंटित की गई थी। कम्पनी द्वारा टेक्सटाइल/सोलर यूनिट लगाने का प्रस्ताव
किया गया है, जो कि मान्य नहीं है।
. मेसर्स पतंजलि आयुर्वेद लि0 के प्रस्ताव के संबंध में शासन के पूर्व निर्णय के
अनुसार भूमि दोनों कम्पनियों मेसर्स पतंजलि आयुर्वेद लि0 तथा मेसर्स पतंजलि
हबर्ल फूड WOO के नाम आवंटित किया गया है। अत: सबलीज से इन दोनों
कम्पनियों द्वारा संयुक्त रूप से किया जा सकेगा। सबलेसी से प्राप्त धनराशि
यीडा में जमा करने का पूर्व में शासन का निर्णय है। दिनांक 24.06.2024 के
इम्पावर्ड कमेटी की बैठक में इस बिन्दु पर यह संयुक्त करने का निर्णय लिया
गया है कि सबल्लीज करने हेतु प्राधिकरण वर्तमान आवंटन दर पर विज्ञापन के
माध्यम से आवेदन किये जाएंगे। सबलेसी को आवंटित किए जाने वाले भूमि दर
(औद्योगिक) A इन्टरनल डेवलेपमेन्ट चार्जेज के रूप में आगणित धनराशि
प्राधिकरण GANT AO पतंजलि आयुर्वेद लि0/मे0 पतंजलि हर्बल फूड प्रा0 लि0 को
- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |20 प्रतिशत सबलीज किए जाने वाले क्षेत्र के आन्तरिक विकास कार्यों के लिए
वापस की जाएगी।
7- .... शासनदेश AEAT-2052/77-6—-6-5 (VA) 3A, fea 2.4.206 का अनुलग्नक2,
उपरोक्त प्रस्तर-6 A अंकित निर्णय की सीमा तक संशोधित समझा जाए।
8-.. अत: इस संबंध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि कृपया उपर्युक्तानुसार
अवगत होते हुए नियमानुसार आवश्यक अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित करने का कष्ट He
भवदीय,
अनिल कुमार सागर
प्रमुख सचिव।
WEAI-34/2024/890()/77-6-24-5(wa)/ 38H Aa) aafeara|
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ vd आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः-
ar महालेखाकार, लेखा परीक्षा प्रथम एवं द्वितीय उ0प्र0, प्रयागराज।
निजी सचिव, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश Meet |
निजी सचिव, अपर मुख्य सचिव, मा (मुख्यमंत्री |
निजी सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, उ0प्र0 weet |
निजी सचिव, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/वित्त, न्याय, नियोजन, एमएसएमई,
स्टाम्प एवं निबन्धन, राज्यकर विभाग, उत्तर प्रदेश शासन।
WN =
6. मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इन्वेस्ट यू0पी0|
7. मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीसीडा/गीडा/ग्रेटर नोएडा/नोएडा/बीडा/यूपीडा/सीडा
8. वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-4
9. गार्ड फाइल।
आजा से,
पीयूष वर्मा
विशेष सचिव।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |