Date: 2024-08-20Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के अन्तर्गत पात्र इकाई को स्वीकृत ब्याजमुक्त ऋण के वितरण हेतु रू0 16,42,07,000.00 की वित्तीय स्वीकृति जारी किए जाने के संबंध में।
यहां दिए गए दस्तावेज़ का सारांश है:
**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 2012 के अंतर्गत पात्र इकाइयों को स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण के वितरण के लिए 16,42,07,000.00 रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी करने के बारे में है। स्वीकृति उत्तर प्रदेश सरकार के उद्योग विभाग के संयुक्त सचिव द्वारा जारी की गई है और 20 अगस्त, 2024 की तारीख है। यह दस्तावेज़ प्रमुख हितधारकों को कार्रवाई के लिए विस्तृत शर्तों, प्रतिबंधों और निर्देशों को निर्दिष्ट करता है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*वित्तीय स्वीकृति:*
* औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत ब्याज-मुक्त ऋण के वितरण के लिए 16,42,07,000.00 रुपये की कुल वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
* स्वीकृत धनराशि वित्तीय वर्ष 2024-2025 के लिए उत्तर प्रदेश के बजट से योजनागत व्यय के लिए आवंटित 125.00 करोड़ रुपये के बजट से संबंधित है।
*वितरण की शर्तें और प्रतिबंध:*
* स्वीकृत राशि सीधे संबंधित इकाइयों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जाएगी।
* किसी भी स्थिति में धनराशि को पहले से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं रखा जाएगा।
* धनराशि का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए किया जाना चाहिए जिसके लिए इसे स्वीकृत किया गया था।
* स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा यूपीएफसी द्वारा रखा जाएगा।
* स्वीकृत धनराशि के उपयोग का प्रमाण पत्र प्रबन्ध निदेशक, यूपीएफसी द्वारा हस्ताक्षर करके आयुक्त और निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम से औद्योगिक विकास विभाग, अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 और सभी संबंधितों को तत्काल उपलब्ध कराया जाएगा।
* पात्र इकाइयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 (यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूरी तरह से पालन करती हैं।
*पात्र इकाइयाँ और वसूली:*
* पात्र इकाइयों को वितरित किए गए ऋण की वसूली का पूर्ण दायित्व यूपीएफसी का होगा। यूपीएफसी यह सुनिश्चित करेगा कि इकाइयां औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 के प्रावधानों के अनुसार समय पर ऋण चुकाएं।
* यूपीएफसी यह सुनिश्चित करेगा कि पात्र इकाइयों को अनुमन्य ब्याज मुक्त ऋण की धनराशि राज्य सरकार की नीति के प्रावधानों के अनुसार है। स्वीकृत धनराशि की शुद्धता यूपीएफसी द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम (यूपीएफसी):**
*प्रभाव:* वित्तीय स्वीकृति के तहत ऋणों के वितरण और वसूली के लिए जिम्मेदार है।
*आवश्यक कार्रवाई:* औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 के अनुसार इकाइयों की पात्रता और आंकड़ों की शुद्धता का सत्यापन करें, निधियों का वितरण करें, वसूली सुनिश्चित करें, उचित लेखा-जोखा बनाए रखें और शासन को उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रदान करें।
**आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर:**
*प्रभाव:* यूपीएफसी को फंड ट्रांसफर की निगरानी करने और अनुमोदन की तात्कालिकता का आकलन करने में शामिल।
*आवश्यक कार्रवाई:* यूपीएफसी से उपयोगिता प्रमाणपत्र प्राप्त करें और यह सुनिश्चित करें कि निधियां समय पर वितरित की जाएं।
**पात्र औद्योगिक इकाइयाँ (जैसे कनोडिया सीमेंट्स लिमिटेड):**
*प्रभाव:* औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत ब्याज-मुक्त ऋण प्राप्त करती हैं।
*आवश्यक कार्रवाई:* सुनिश्चित करें कि वे योजना के नियमों का पालन करें, धनराशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के लिए करें और समझौते के अनुसार ऋण चुकाएं।
**उत्तर प्रदेश सरकार (उद्योग विभाग, वित्त विभाग):**
*प्रभाव:* योजना के कार्यान्वयन और वित्तीय आवंटन के लिए उत्तरदायी।
*आवश्यक कार्रवाई:* यह सुनिश्चित करें कि यूपीएफसी उचित रूप से धनराशि वितरित करे और योजना दिशा-निर्देशों का पालन करे। योजना और इसके परिणामों की निगरानी और मूल्यांकन करें।
Key Entities Referenced
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक योजना, जिसके तहत पात्र इकाइयों को ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जाता है।
उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम (UPFC): उत्तर प्रदेश सरकार के स्वामित्व वाली एक वित्तीय संस्था जो राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ऋण और अन्य वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
उद्योग निदेशालय, कानपुर: उद्योग विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के अंतर्गत एक विभाग, जो राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार है।
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार।
WEAT-37/532/77-6-2024-77-6002(099)/9/202
प्रेषक,
ओम प्रकाश यादव,
संयुक्त सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन
सेवा में,
आयुक्त एवं निदेशक,
उद्योग,
उद्योग निदेशालय, कानपुर।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 20-08-2024
विषय:-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन Uote-20i2 & अन्तर्गत पात्र इकाई को स्वीकृत ब्याजमुक्त
ऋण के वितरण हेतु BO (6,42,07,000.00 की वित्तीय स्वीकृति जारी किए जाने के संबंध FI
महोदय,
उपर्युक्त विषयक उ0प्र0 वित्तीय निगम के. पत्रांक-64/विनि/वियोवि/2024-25 दिनांक
28.06.2023 द्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन Uetel-20i2 के अन्तर्गत पात्र इकाई को स्वीकृत
किए गए ब्याजमुक्त ऋण की 90 प्रतिशत धनराशि वितरित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 के
आय-व्ययक में योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि BO 25.00 करोड़ के सापेक्ष कुल रू0
6,42,07,000.00 (रूपया सोलह करोड़ बयालिस लाख सात हजार मात्र)की वित्तीय स्वीकृति जारी
किए जाने की संस्तुति सहित अनुरोध किया गया है। पात्र इकाईयों का उपलब्ध कराया गया विवरण
निम्नवत् है:-
(धनराशि रूपये में)
क्रमांक इकाई का नाम वित्तीय वर्ष स्वीकृत धनराशि अवमुक््त की जाने Alef
धनराशि (स्वीकृत राशि
का 90 प्रतिशत)
हर - AO कनोडिया सीमेन्ट TeafAes|20:7-208 350.86 35.77
यूनिट-3, जनपद-बुलन्दशहर
an -तदैव- 208-9 पी 04 978.28
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |हि -तदैव- pore20 9-20 ae 4 748.02
a 824.54 642.07
(रू0 सोलह करोड़
बयालिस. लाख :
हजार) मात्र
2- इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-
20i2 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 के आय-व्ययक मैं प्राविधिनित धनराशि %.425.00
करोड़ (रूपये एक सौ पच्चीस करोड़ मात्र) के सापेक्ष उपरोक्त इकाईयों को ब्याज मुक्त ऋण वितरित
किए जाने हेतु कुल FO 76,42,07,000.00 (रूपया सोलह करोड़ बयालिस लाख सात हजार मात्र) की
वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल
महोदया सहर्ष स्वीकृति प्रदान करती हैं:-
नियम व शर्ते/प्रतिबन्धों
. स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है उसके dh खाते में सीधे
अन्तरित कर जमा की जाएगी।
किसी भी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी
खातें में नहीं रखा जाएगा।
स्वीकृत धनराशि का व्यय hae उसी मद में किया जाएगा जिसके fore स्वीकृत किया गया
है।
स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा।
स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा
हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम से तत्काल शासन के
औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों
को उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वीकृत धनराशि उन पात्र इकाईयों को उपलब्ध करायी जाएगी, जो औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन नियमावल्ली-202(यथासंशोधित) A उल्लिखित शर्तों का. पूर्णतया अनुपालन
सुनिश्चित करती हो।
पात्र इकाईयों को वितरित ऋण की aac का पूर्ण उत्तरदायित्व उ0प्र0 वित्तीय निगम का
होगा। उ0प्र0 वित्तीय निगम दू्वारा इकाईयों को स्वीकृत किए गए ऋण की वापसी हेतु
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्ली-202 में दिए गए. प्राविधानों के अनुसार प्रभावी
व्यवस्था सुनिश्चित की. जाएगी तथा धनराशि की. सुरक्षा हेतु समस्त आवश्यक
अनुबन्ध/औपचारिकताएं पूर्ण की जाएगी।
यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |8. उ0प्र0 वित्तीय निगम gant यह सुनिश्चित करने का दायित्व होगा कि पात्र इकाईयों को
अनुमन्य ब्याज मुक्त ऋण की धनराशि राज्य सरकार की नीति के प्रावधानों के अनुसार है।
स्वीकृत की जा रही धनराशि की शुद्धता उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।
9. उ0प्र0 वित्तीय निगम gant भी सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित इकाई द्वारा ऋण
अदायगी किए जाने के 02-03 कार्यदिवसो के अन्दर धनराशि राजकोष में जमा करा दी जाए।
0. ऋण वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से age जाने वाली ब्याज (7.25 प्रतिशत
प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।
4.edipat धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया
जाएगा।
|2. स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का
आंकलन आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग,उद्योग निदेशालय, कानपुर द्वारा किया जाएगा।
|3. उ0प्र0 वित्तीय निगम gant वितरित ऋण की वसूली नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएगी।
वसूली में शिथिलता Ka जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही प्रशासकीय
विभाग GANT की जाएगी।
4. स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक)अनुभाग-। के कार्यालय AT
दिनांक 04.03.2024 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया
अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
|5. उ0प्र0 वित्तीय निगम दूवारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्ली-202 के प्रावधानों के
अनुसार इकाई की पात्रता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। इस बिन्दु पर भी संतुष्ट हो लेंगे
कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावत्ली-202 के अन्तर्गत उक्त इकाईयों को स्वीकृत
किये गए ऋण की वापसी हेतु प्रभावी व्यवस्था तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त
औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गयी हैं एवं इस आशय की आख्या उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा
आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग,उद्योग निदेशालय, कानपुर को उपलब्ध कराने के पश्चात ही
उनके CANT धनराशि अन्तरित की जाएगी।
6. किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए उ0प्र0 वित्तीय निगम उत्तरदायी होगा।
7. उ0प्र0 वित्तीय निगम धनराशि अवमुक्त करने के पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की
शुद्धता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे।
8. उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम शासनादेश §=AkAT-48/77-6-2024-6002(099)/9/202,
दिनांक 9.06.2024 का अनुपालन सुनिश्चित कराने का कष्ट करें।
3- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 46,42,07,000.00 (रूपया सोलह करोड़ बयालिस लाख
सात हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2024-2025 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 007 लेखा
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |शीर्षक 68850900700 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 20/2 मानक मद 30 निवेश/ऋण के
नामे डाला जायेगा।
4- यह आदेश कंप्यूटर CANT उत्पन्न संख्या E-6-62-X-2024-25, दिनांक- 30-07-2024 मे प्राप्त वित्त
विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
ओम प्रकाश यादव
संयुक्त सचिव।
WEA-37/532( )/77-6-2024-77-6002(099)/9/202i तद्दिनांक।
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
. महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दवितीय, उ०प्र०, प्रयागराज।
2. मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ/कानपुर।
3. अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, 3040
शासन।
4. नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन।
छा
on
प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0 वित्तीय निगम को उनके पत्रांक-64/विनि/वियोवि/2024-25 दिनांक
28.06.2023 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु।
9? संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ |
निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-/4
9. वित्त(व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
0. नियोजन अनुभाग-4/4
44. औद्योगिक विकास अनुभाग-2
2. गार्ड फाइल।
आज्ञा से,
ओम प्रकाश यादव
संयुक्त सचिव।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |