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Date: 2023-06-15 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के क्रिन्यान्वयन हेतु रू0 23,33,09,498.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

This document, numbered 38/2023/1664/77-6-2023-6003/67/2019(Part-3) and dated June 15, 2023, is a letter from Manoj Kumar Maurya, Deputy Secretary of the Uttar Pradesh Government, to the Joint Commissioner of Industries in Lucknow, concerning financial approval for the implementation of the Industrial Investment Promotion Scheme-2012. The letter approves a total of ₹23,33,09,498.00 (Twenty-three Crore Thirty-three Lakh Nine Thousand Four Hundred Ninety-eight Rupees only) for disbursal as interest-free loans. This amount is to cover 90% of the sanctioned interest-free loans for two eligible units under the scheme for the financial year 2023-24, against the allocated budget. The approved amounts for each unit are as follows: 1. M/s Grasim Industries Ltd, Chemical Division, Renukoot, Sonbhadra (Financial Year 2017-18): Sanctioned amount ₹10,05,88,704.00, Withdrawable Amount (90%) ₹9,05,29,834.00 2. M/s Varun Beverages Ltd, District Gautam Buddha Nagar (Financial Year 2018-19): Sanctioned amount ₹8,66,86,382.00, Withdrawable Amount (90%) ₹7,80,17,744.00 3. M/s Varun Beverages Ltd, District Gautam Buddha Nagar (Financial Year 2019-20): Sanctioned amount ₹7,19,57,689.00, Withdrawable Amount (90%) ₹6,47,61,920.00 The total sanctioned amount is ₹25,92,32,775.00 with a total withdrawable amount of ₹23,33,09,498.00. The letter specifies terms and conditions for disbursal, including: * Direct transfer to the unit's bank account. * Expenditure limited to the approved purpose. * Maintenance of accounts by PICUP (Pradeshiya Industrial & Investment Corporation of UP). * Submission of utilization certificates. * Adherence to the Industrial Investment Promotion Rules-2012. * PICUP is responsible for loan recovery and securing the funds. * Verification of interest-free loan amounts to eligible units. * PICUP will ensure that loan repayments are deposited in the treasury within 2-3 working days. * Delayed payments will incur interest at 1.25% per month. The order is computer-generated (Number E-6-24-X-2023-24 Dated 15.06.2023) and issued with the concurrence of the Finance Department. Copies are forwarded to various officials, including accountants general, treasury officers, and directors of industries, among others. For verification, the authenticity of the order can be checked on the website http://shasanadesh.up.gov.in.

Key Entities Referenced

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: Industrial Investment Promotion Scheme 2012: provides interest-free loans to eligible units. पिकप (PICUP): Pradeshiya Industrial & Investment Corporation of UP. Ltd: responsible for managing and monitoring loan disbursements under the scheme, ensuring compliance, and recovering disbursed funds. लखनऊ मण्डल, लखनऊ: Lucknow Division, Lucknow: responsible for assessing the needs of units and monitoring the utilization of funds. उत्तर प्रदेश: State where policy is applicable.
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संख्या-38/2023/664/77-6-2023-6003/67/209(पार्ट-3) प्रेषक, मनोज कुमार मौर्य, उप सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 75 जून, 2023 विषय: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के क्रिन्यान्वयन हेतु BO 23,33,09,498.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध a महोदय, उपर्युक्त विषयक पिकप के. पत्रांक-इन्स-40-49आई.आई.पी.एस.-202/४/0.॥/345 दिनांक 27.04.2023 cant औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के अन्तर्गत दो पात्र इकाइयों को स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त ऋण की 90 प्रतिशत धनराशि वितरित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के आय-व्ययक में योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि के सापेक्ष कुल रू0 23,33,09,498.00 (रूपया aga करोड़ तैतीस लाख al हजार चार सौ अठ॒ठानवे मात्र) की वित्तीय स्वीकृति जारी किए जाने की संस्तुति सहित अनुरोध किया गया है। पात्र इकाईयों का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत है:- (धनराशि रूपये मैं) थी इकाई का नाम वित्तीय वर्ष स्वीकृत धनराशि Ra की जाने वाली धनराशि (स्वीकृत रा का 90 प्रतिशत) AO ग्रासिम इण्डस्ट्रीज fe0,)207-78 0,05,88,704.00 9,05,29,834.00 केमिकल डिवीजन, HC, पोनभैद्र 2 AO वरूण बेवरेजेस लि0, जिला।208-9 8,66,86,382.00 7,80,7,744.00 गौतमबुदूध नगर AO वरूण बेवरेजेस लि0, fere]209-20 7,9,57,689.00 6,47,6,920.00 गौतमबुदूध नगर व 25,92,32,775.00 23,33,09,498.00 (रूपया asa करोड़ तैंतीस लाख नौ हजार चार स ठठानबे मात्र) I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |2-... इस सम्बन्ध मैं मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि &.725.00 करोड़(रूपये एक सौ पच्चीस करोड़ मात्र) के सापेक्ष उपरोक्त इकाईयों को ब्याज मुक्त ऋण वितरित किए जाने हेतु कुल BO 23,33,09,498.00 (रूपया asa करोड़ तैतीस लाख at हजार चार सौ अठुठानवे मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल Best स्वीकृति प्रदान करते हैं:- नियम व शर्तें/प्रतिबन्धों . स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है उसके बैंक खाते में सीधे अन्तरित कर जमा की जाएगी। 2. किसी भी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खातें में नहीं रखा जाएगा। 3. स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद A किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। 4. स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा पिकप द्वारा रखा जाएगा 5. स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबन्ध निदेशक, पिकप दूवारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा। 6. स्वीकृत धनराशि उन पात्र इकाईयों को उपलब्ध करायी जाएगी, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-202(यथासंशोधित) A उल्लिखित शर्तों का. पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। 7. पात्र इकाईयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप का होगा। पिकप दूवारा इकाईयों को स्वीकृत किए गए ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्ली-202 में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त आवश्यक अनुबन्ध/औपचारिकताएं पूर्ण की जाएगी। 8. पिकप दूवारा यह सुनिश्चित करने का दायित्व होगा कि पात्र इकाईयों को अनुमन्य ब्याज मुक्त ऋण की धनराशि राज्य सरकार की नीति के प्रावधानों के अनुसार है। स्वीकृत की जा रही धनराशि की शुदूधता पिकप gant सुनिश्चित की जाएगी। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |9. पिकप gant भी सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित इकाई दूवारा ऋण अदायगी किए जाने के 02-03 कार्यदिवसो के अन्दर धनराशि राजकोष में जमा करा दी जाए। 0. ऋण वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूली जाने वाली ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। 7. स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जाएगा। 2. स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानसार नुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आंकलन संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ द्वारा किया जाएगा। पिकप उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ दूवारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध मैं संतुष्ट होने के उपरांत ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। 3. पिकप द्वारा वितरित ऋण की वसूली नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएगी। वसूली में शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही प्रशासकीय विभाग द्वारा की जाएगी। 4. स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक)अनुभाग-। के कार्यालय ay दिनांक 7.03.2023 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। 5. पिकप द्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-202 के प्रावधानों के अनुसार इकाई की पात्रता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। इस बिन्दु पर भी संतुष्ट हो लेंगे कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्ली-202 के अन्तर्गत उक्त इकाईयों को स्वीकृत किये गए ऋण की वापसी हेतु प्रभावी व्यवस्था तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर of गयी हैँ एवं इस आशय की आख्या पिकप दूवारा संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ को उपलब्ध कराने के पश्चात ही उनके द्वारा धनराशि Heda की जाएगी। 6. पिकप धनराशि sara करने के पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की wea का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। 3- «= Sa संबंध में होने वाला व्यय रुपये 23,33,09,498.00 (रूपया asa करोड़ तैतीस लाख at हजार चार सौ Hoots मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2023-2024 के आय-व्ययक मे I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 6885074900700 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 20I2 मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा। 4- यह आदेश कंप्यूटर SANT उत्पन्न ALAT-E-6-24-X-2023-24 दिनांक 5.06.2023 में प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है। भवदीय, मनोज कुमार मौर्य उप सचिव। WSAI-38/2023/664()/77-6-2023-6003/67/20i9(ae-3) तदुदिनांक। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- - महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दृवितीय, उ०प्र०, प्रयागराज। 2- मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ। 3- अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 Maat | 4- नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन। 5- प्रबन्ध निदेशक, Tag को. vatH-3ed-0-79/38.378.c7.0G.-202/Vol.|I/345 दिनांक 27-04-2023 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु। 6- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर। 7- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। 8- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4 9- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 I0- नियोजन अनुभाग-/4 II- औद्योगिक विकास अनुभाग-2 {2- गार्ड फाइल। आजा से, मनोज कमार मौर्य उप सचिव | I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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