Date: 2025-03-31Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के अंतर्गत पात्र औद्योगिक इकाईयों को ब्याज मुक्त ऋण वितरित किये जाने हेतु रू0 31,94,95,057.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।
यहाँ अनुरोधित नीति पाठ का सारांश दिया गया है:
**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के अंतर्गत योग्य औद्योगिक इकाइयों को ब्याज मुक्त ऋण वितरित करने के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 31,94,95,057.00 रुपये की राशि को मंजूरी देता है। अनुमोदन औद्योगिक विकास अनुभाग-6 द्वारा जारी किया गया है और इसमें वितरण के लिए आवश्यक नियम और शर्तें शामिल हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं कि वितरण वित्तीय वर्ष में आवंटित बजट के अनुरूप हो और पात्र इकाइयों द्वारा धन का उपयोग सही ढंग से किया जाए।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
* **वित्तीय मंजूरी:**
* कुल स्वीकृत राशि: 31,94,95,057.00 रुपये
* वित्तीय वर्ष: 2024-25
* **धन का आवंटन:**
* मेसर्स मंगलम सीमेंट लिमिटेड, अलीगढ़: 25,40,33,875.00 रुपये
* मेसर्स वरुण बेवरेजेज लिमिटेड, ग्रेटर नोएडा: 6,54,61,182.00 रुपये
* **वितरण की शर्तें:**
* धन सीधे संबंधित इकाई के बैंक खाते में जमा किया जाएगा।
* धन का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए किया जाना चाहिए जिसके लिए इसे स्वीकृत किया गया है।
* औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 के अनुरूप पात्रता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
* **जिम्मेदारियां और अनुपालन:**
* पिकप को निधि के उपयोग के प्रमाण पत्र की निगरानी, धन की वसूली और शासन के साथ अनुपालन सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया है।
* धनराशि का उपयोग करने से पहले औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 में दिए गए प्रावधानों के अनुसार इकाई की पात्रता का सत्यापन।
* विलंबित भुगतान के लिए 1.25 प्रतिशत प्रति माह साधारण ब्याज लगाया जाएगा।
* **बजट और खर्च:**
* व्यय को बजट शीर्षक 6885011900700 के तहत डाला जाना है।
* अनुदान संख्या 007 के तहत व्यय का वहन किया जाएगा।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**हितधारक:** संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मंडल, लखनऊ
* **प्रभाव:** धन के उपयोग की निगरानी करना और अगली किस्त के वितरण से पहले संतुष्ट होना कि धनराशि का उपयोग सही तरीके से हुआ है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** सुनिश्चित करें कि पिकप वितरित ऋण की नियमित रूप से वसूली करे और वसूली में किसी भी ढिलाई के लिए जिम्मेदारी तय करे।
**हितधारक:** पिकप (पिकप)
* **प्रभाव:** धन के उपयोग का प्रमाण पत्र तैयार करना, ऋण के वितरण और वसूली की निगरानी करना और सरकार को रिपोर्ट करना। पात्र इकाइयों को धन का हस्तांतरण करना सुनिश्चित करना और पात्रता नियमों का अनुपालन करना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** सुनिश्चित करें कि इकाइयां औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 (यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूरी तरह से अनुपालन करें। इकाइयों से स्वीकृत ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप का होगा और यह सुनिश्चित करें कि धनराशि राजकोष में जमा की जाए।
**हितधारक:** योग्य औद्योगिक इकाइयां (मेसर्स मंगलम सीमेंट लिमिटेड और मेसर्स वरुण बेवरेजेज लिमिटेड)
* **प्रभाव:** औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के माध्यम से ब्याज मुक्त ऋण तक पहुंच।
* **आवश्यक कार्रवाई:** धनराशि प्राप्त करने के लिए सभी पात्रता मानदंडों को पूरा करना सुनिश्चित करें, धन का उपयोग स्वीकृत उद्देश्यों के लिए करें और सहमत शर्तों के अनुसार ऋण चुकाएं।
**हितधारक:** औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4
* **प्रभाव:** औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 की प्रगति और प्रभावशीलता पर असर डालना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** धन के उपयोग का प्रमाण पत्र पिकप से प्राप्त करना, औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध करना और इकाइयों को धन के संवितरण की निगरानी करना।
Key Entities Referenced
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: उत्तर प्रदेश सरकार की एक योजना है जिसके तहत पात्र औद्योगिक इकाइयों को ब्याज मुक्त ऋण वितरित किया जाता है।
पीयूष वर्मा, विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन: यह दस्तावेज़ पीयूष वर्मा द्वारा जारी किया गया है, जो उत्तर प्रदेश शासन में विशेष सचिव हैं।
संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ: यह संस्था इस दस्तावेज़ का रिसीवर है और लखनऊ क्षेत्र में उद्योगों के संयुक्त आयुक्त हैं।
पिकप (PICUP): उत्तर प्रदेश की एक संस्था जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना के तहत स्वीकृत धनराशि के वितरण और वसूली के लिए जिम्मेदार है।
मेसर्स मंगलम सीमेन्ट लि०, अलीगढ: एक औद्योगिक इकाई जिसे औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा।
संख्या- 34/2025/590/77-6-2025-50099//2025-887854
प्रेषक,
पीयूष वर्मा,
विशेष सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन
सेवा में,
Hard आयुक्त,
दि दि
उद्योग,
लखनऊ मण्डल, लखनऊ।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 34-03-2025
विषय:-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन Ulste-20i2 के अंतर्गत पात्र औद्योगिक इकाईयों को ब्याज
मुक्त ऋण वितरित किये जाने हेतु BO 34,94,95,057.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक पिकप bh Gt संख्या-इन्स-40-4/आई.आई.पी.एस.-202/2023-
24/Vol.VII/476 दिनांक 2.03.2025 (छायाप्रति संलग्न) एवं संख्या-इन्स-0-9/आई.आई.पी.एस.-
202/2022-23/Vol.XV/359 feet 9.02.2025 (छायाप्रति संलग्न) द्वारा औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन योजना-202 के अन्तर्गत 02 पात्र इकाइयों को स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त ऋण की
धनराशि वितरित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 के आय-व्ययक में योजनान्तर्गत आवंटित बजट
धनराशि BO 765.00 करोड़ के सापेक्ष कुल रू. 3,94,95,057.00 ( रूपया इकत्तीस करोड़ चौरानवे
लाख पंचानवे हजार सत्तावन मात्र) की वित्तीय स्वीकृति जारी किए जाने की संस्तुति सहित अनुरोध
किया गया है। पात्र इकाईयों का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत है-
(धनराशि रूपये में)
कक इकाई का नाम
वित्तीय वर्ष ब्याज मुक्तऋण की इकाइयों को वितरित की
सुवीकृत धनराशि जाने वाली धनराशि
| मेसर्स मंगलम सीमेन्ट| 2023-24 25,40,33,875.00 25,40 33,875.00
लि0, अलीगठ
2 मेसर्स वरूण बेवरेजज | 2022-23 6,54,6,82.00 6,54,6,82.00
लि0 ग्रेटर नोएडा
Ba 3,94,95,057.00 3,94,95,057.00
2- अत: इस सम्बन्ध A मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन
योजना-202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 के आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि
रू.65.00 करोड़ (रूपये एक अरब पैंसठ करोड़ मात्र) के सापेक्ष उपरोक्त इकाईयों को ब्याज मुक्त
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |ऋण वितरित किए जाने हेतु कुल रू. 34,94,95,057.00 (रूपया इकत्तीस करोड़ चौरानवे लाख
पंचानवे हजार सत्तावन मात्र) की धनराशि आपके निर्वतन पर रखने हेतु निम्नलिखित शर्तों एवं
प्रतिबन्धों के अधीन वित्तीय स्वीकृति निर्गत/अवमुक्त किए जाने की एतद्द्वारा श्री राज्यपाल Fey
स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
नियम व शर्तें/प्रतिबन्धों
स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है उसके बैंक खाते में सीधे
.
अन्तरित कर जमा की जाएगी।
किसी भी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी
खातें में नहीं रखा जाएगा।
स्वीकृत धनराशि का व्यय hae उसी मद में किया जाएगा जिसके fore स्वीकृत किया गया
है।
स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा पिकप द्वारा रखा जाएगा।
स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रबन्ध निदेशक, पिकप द्वारा हस्ताक्षरित कर
संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ के माध्यम से तत्काल शासन को
औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों
को उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वीकृत धनराशि उन पात्र इकाईयों को उपलब्ध करायी जाएगी, जो औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन नियमावल्ली-202(यथासंशोधित) A उल्लिखित शर्तों का. पूर्णतया अनुपालन
सुनिश्चित करती हो।
पात्र इकाईयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप का होगा। पिकप द्वारा
इकाईयों को स्वीकृत किए गए ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्नी-
20I2 में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी तथा धनराशि
की सुरक्षा हेतु समस्त आवश्यक अनुबन्ध/औपचारिकताएं पूर्ण की जाएगी।
पिकप दूवारा यह सुनिश्चित करने का दायित्व होगा कि पात्र इकाईयों को अनुमन्य ब्याज
मुक्त ऋण की धनराशि राज्य सरकार की नीति के प्रावधानों के अनुसार है। स्वीकृत की जा
रही धनराशि की शुद्धता पिकप द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।
पिकप दूवारा भी सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित इकाई द्वारा ऋण अदायगी किए जाने
के 02-03 कार्यदिवसो के अन्दर धनराशि राजकोष में जमा करा दी जाए।
ऋण वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूली जाने वाली ब्याज (4.25 प्रतिशत
0.
प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।
स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया
7.
जाएगा।
2. स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का
आंकलन संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ द्वारा किया जाएगा। पिकप
उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप can ऋण वितरण का अनुश्रवण भी संयुक्त
यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ CART किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग
के संबंध में संतुष्ट होने के उपरांत ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा।
पिकप द्वारा वितरित ऋण की वसूली नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएगी। वसूली मैं
3.
शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही प्रशासकीय विभाग द्वारा
की जाएगी।
स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक)अनुभाग-। के कार्यालय ज्ञाप
4.
दिनांक 04.03.2024 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया
अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
|5. किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए पिकप उत्तरदायी होगा।
पिकप द्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्नी-202 के प्रावधानों के अनुसार इकाई
6.
की पात्रता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। इस बिन्दु पर भी संतुष्ट हो लेंगे कि औद्योगिक
निवेश प्रोत्साहन नियमावल्नी-202 के अन्तर्गत उक्त इकाईयों को स्वीकृत किये गए ऋण की
वापसी हेतु प्रभावी व्यवस्था तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर ली
गयी हैं एवं इस आशय की आख्या पिकप दूवारा संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल,
लखनऊ को उपलब्ध कराने के पश्चात ही उनके CANT धनराशि अन्तरित की जाएगी।
पिकप धनराशि SAHA करने के पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की शुद्धता का परीक्षण
7.
कर संतुष्ट हो लेंगे।
पिकप द्वारा किसी प्रकार की दूविरावृत्ति (डुप्लीकेसी) पर रोक लगायी जा सके |
8.
9. पिकप शासनादेश संख्या-448/77-6-2024-6002(099)/9/202, दिनांक 9.06.2024 का
अनुपालन सुनिश्चित कराने का कष्ट करें।
3- इस संबंध में होने वाला व्यय रूपये 34,94,95,057.00 ( रूपया इकत्तीस करोड़ चौरानवे लाख
पंचानवे हजार सत्तावन मात्र) Hl चालू वित्तीय वर्ष 2024-2025 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या
007 लेखा शीर्षक 68850900700 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 20i2 मानक मद 30
निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा।
4- यह आदेश कंप्यूटर GAN उत्पन्न ALA-E-6-292-X-2024-25, दिनांक 30.03.2025 में प्राप्त
वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है।
संलग्नक : यथोक्त।
भवदीय,
पीयूष वर्मा
विशेष सचिव।
संख्या- 34/2025/590( )/77-6-2025-50099/7/2025-88785i तद्दिनांक।
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दवितीय, उ०प्र०, प्रयागराज।
.
निजी सचिव, अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन
2.
विभाग, उ0प्र0 शासन।
आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर।
यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |NO हा
निदेशक, कोषागार, उत्तर प्रदेश।
कि
मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ।
नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन।
प्रबन्ध निदेशक, Tao को... पत्र. संख्या-इन्स-0-4/आई.आई.पी.एस.-202/2023-
24/VolVIII476 = दिनांक... 2.03.2025 Ud संख्या-इन्स-0-9/आई.आई.पी.एस.-
202/2022-23/Vol.XI/359 दिनांक 9.02.2025 के क्रम A अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित
किये जाने हेतु।
8. निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
9. वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-/4
0. वित्त(व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
4. नियोजन अनुभाग-/4
2. औद्योगिक विकास अनुभाग-2
3. गार्ड फाइल।
आज्ञा से,
रामध्यान रावत
उप सचिव।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |